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  • 5 months ago

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00:00अफ्रीका में एक बहुत बड़ा क्रैक देखा गया है। ये क्रैक कीनिया, एथियोपिया और तंजानिया में देखा गया।
00:08विडियो फुटिजेज और ड्रोन शॉट्स में देखा गया कि पूरी की पूरी कंट्रीज को एक बहुत बड़े क्रेक ने डिवाइड कर दिया है।
00:16इस क्रेक ने ना रोड देखे ना फसलें ना घर देखे ना शहर।
00:20इसके कुछ हिसे 10 मिटर तक चौड़े हैं और कुछ 2 मिली मिटर जितने पतलें।
00:26कहीं पर लोगों ने इसको मट्टी से भरना शुरू कर दिया तो कहीं पर इसके उपर टेंपररी ब्रिज बनाए जाने लगे।
00:33लोगों का खयाल था कि शायद नरम मिटी किसी वज़ा से बैठ गई है।
00:38जेम टीवी की वीडियोज में एक बार फिर से खुशाम दीद।
00:41नाजरीन अफरीकन कॉंटिनेंट का नाम सुनते ही हमारे जहन में आता है कि ये सबसे गरम कॉंटिनेंट होगा।
00:48लेकिन ऐसा नहीं है।
00:49अफरीका की लोकेशन अर्थ के ठीक सेंटर में आती है।
00:53यानि प्राइम मेरेडियन और एक्वेटर की लाइन्स जहां आपस में मिलती हैं ठीक उसी जगा पर अफरीकन कॉंटिनेंट मौजूद है।
01:01अब क्यूंके एक्वेटर सूरज से ज़्यादा करीब है इसी वज़ा से अफरीका सबसे गरम तरीन कॉंटिनेंट है।
01:08लेकिन अगर हाइस्ट टेंपरिचर की बात की जाए तो वो युएसे में रिकॉर्ड किया गया था।
01:13अफरीका गरम तरीन कॉंटिनेंट है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अफरीका में सर्दी नहीं पड़ती।
01:19यहां इफरान के मकाम पर माइनस 23 डिगरी सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा चुका है।
01:24बात की जाए रंगों की तो अफरीकन कॉंटिनेंट यहां भी अनोखा मनजर पेश करता है।
01:30ना सिर्फ रंग बलके हर मामले में अफरीका एक तरफ काफी एक्स्ट्रीम है तो वहीं उसका हलका मिजाज भी मौजूद है।
01:38मिसाल की तोर पे दुनिया के दस सबसे गरीब मुलक भी अफरीका में ही मौजूद हैं।
01:44और इन्ही की वज़ा से अफरीका दुनिया का गरीब तरीन कॉंटिनेंट एहलाया जाता है।
01:49लेकिन वो अफरीका ही है जहां दुनिया के सबसे ज्यादा कीमती मिनरल्स पाए जाते हैं।
01:55वही अफरीका जो दुनिया का गरीब तरीन कॉंटिनेंट है।
01:58यहां पर गबोन के कैपिटल लिबरविल को एर 2000 में दुनिया का सबसे महंगा तरीन शहर डिकलेर किया गया था।
02:06पैरिस, नियू जॉक और सिंगापूर से भी महंगा।
02:09यह सब सुनने के बाद काफी अजीब सा लगता है लेकिन अफरीका में सुमालिया का कैपिटल मुगा डिशू दुनिया का सबसे खतरनाक शहर माना जाता है।
02:19अफरीका की टोटल पॉपूलेशन डेड़ अरब है लेकिन बदकिसमती से यहां की 40% आबादी इलिटरेट है।
02:28यानि ना उनको पढ़ना आता है ना ही लिखना।
02:30पर दूसरी साइड पे दुनिया की सबसे पुरानी युनिवरस्टी भी वेस्ट अफरीका में ही पाई जाती है।
02:37माली की शहर टिमबक्टू में मौझूद ये युनिवरस्टी 800-900 साल पहले बनी थी और अपने अरूज पर इसमें 25,000 स्टूडेंट्स पढ़ते थे जबके उस वक्त यहां की टोटल पॉपुलेशन ही 1,000,000 थी।
02:50हैरानी की बात है कि दुनिया में सबसे ज्यादा टूइन बर्थ रेट भी अफरीका में ही पाया जाता है।
02:58यहां एक हजार में से 50 बर्थ टूइन बेबीज की होती हैं।
03:02यह इंटरनेशनल टूइन बर्थ रेशो से कई ज्यादा है लेकिन अभी तक साइंस इस बात से लाइलिम है कि अफरीका में ही ऐसा क्यूं होता है।
03:11दूसरी तरफ यहां पैदा होने वाले हर 14 में से एक बच्चा पैदा होने के बाद घर पहुँचने से पहले ही मर जाता है।
03:19चाइल्ड मॉर्टैलिटी का ये रेशो भी दुनिया में सबसे ज्यादा अफरीका में ही पाया जाता है।
03:25इस्ट अफरीका में केनिया अपने रनर्स की वज़ा से खासा मशूर है।
03:302010 में केनिया के रनर्स ने 156 में से 126 इंटरनेशनल मेराथौन्स जीते थे।
03:38इन में से ज्यादा तर चेंपियन्स कलिंजी नामी कभीले से तालुक रखते हैं।
03:43पर साइन्टिस अभी तक इस राज से परदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
03:48कि आखिर इस कभीले में ऐसी कौन सी खास बात है।
03:52दुनिया की सबसे जल्दी खतम होने वाली जंग भी अफरीका में ही लड़ी गई थी।
03:57सिर्फ 38 मिनिट्स की जंग।
04:0027 आउगस्ट 1896 को ये जंग जंजीबार और ग्रेड ब्रिटेन के दर्मयान लड़ी गई थी।
04:06हुआ कुछ यू था कि 25 आउगस्ट 1896 को जंजीबार के सुल्तान हमाद बिन थोएनी की अचानक मौत हो गई।
04:15इनको इनके ही कजन खालिद बिन बर्गश ने जहर दे कर मारा और जंजीबार का नया सुल्तान बनकर बैठ गया।
04:22इस नय सुल्तान को जर्मनी की सपोर्ट हासिल थी जबके ब्रिटिशर्स चाहते थे कि उनकी पसंद का नया सुल्तान बने।
04:30लहाजा ब्रिटिश मिलिटरी ने नय सुल्तान को अल्टिमेटम दिया कि वो जंजीबार के तख्त को सुबह नौ बज़े तक खाली कर दे।
04:38खालिद बिन बर्गश ने ग्रेट ब्रिटेन का हुकम मानने से इंकार किया और अपने 2800 फौजी आईलैंड पर अपने महल के बाहर खड़े कर दिये।
04:48सुबह नौ बज़े जब अल्टिमेटम खतम हुआ तो ब्रिटिश रॉयल नेवी की शिप्स ने आओ देखा नताओ सुल्तान के महल पे गोलों की बारिश कर दी।
04:57और नौ बज़ कर 37 मिनिट्स पे महल का जंडा उकार दिया।
05:0338 मिन्टों तक चलने वाली इस जंग में जहां सुल्तान के 2800 में से 500 फोजी मारे गए वहीं ब्रिटिश नेवी का सिर्फ एक सेलर जखमी हुआ था।
05:14अफरीका की बात हो और एजिप्ट के पेरिमिड्स की ना हो ऐसा कैसे मुमकिन है।
05:19लेकिन क्या आपको मालुम है कि एजिप्ट से दो गुना ज्यादा पेरिमिड्स सुडान में मौजूद है।
05:24और ये भी एक अफरीकन कंट्री ही है।
05:27एस्टिमेट्स के मताबिक सुडान में 200 से ज्यादा पेरिमिड्स हैं जबके इनकी साइज काफी चोटी है।
05:34इसी वज़ा से ये टूरिस्ट के बीच ज्यादा फेमिस नहीं।
05:38इतना सब कुछ अफरीका में हो रहा है तो जाहिर है ये काफी बड़ा भी होगा।
05:43पर ये क्या वर्ल्ल मैप पे ये इतना चोटा क्यों दिख रहा है।
05:47इस वर्ल्ल मैप पे अफरीकन कॉंटिनेंट को देखें और फिर यूएसे के इस कॉंटिनेंट को देखें।
05:53देखने में अफरीकन कॉंटिनेंट अमेरिकन कॉंटिनेंट से काफी चोटा लग रहा है।
05:57लेकिन हकिकत में अफरीका जितना मैप्स पे दिखता है उससे कही ज़्यादा बढ़ा है।
06:03नमबर्स की तरफ देखा जाए तो अफरीका लगबग 3 करोड स्कॉयर किलो मिटर बढ़ा है।
06:08अगर मैप पे दिखने वाला अफरीका इतना बढ़ा है तो यकीनन अमेरिकन कॉंटिनेंट चार या पांच करोड स्कॉयर किलो मिटर बढ़ा होगा।
06:17पर असल में अमेरिका का एरिया सिर्फ 90 लाक स्कॉयर किलो मिटर है।
06:22जी हाँ अफरीका से भी 3 टाइम्स छोटा।
06:25असल में जो वर्ल मैप हम इस्तमाल करते हैं ये हमारे अर्थ का एक आसान वर्जन है ना के असल वर्जन।
06:32दुनिया का सही मैप मौजूद ही नहीं है और ना ही इसको परफेटली बनाया जा सकता है क्योंके हमारी दुनिया गोल है।
06:41और फ्लैट मैप पे कॉंटिनेंट्स और इनकी साइस को सही से बयान करना पॉसिबल नहीं है।
06:46इसकी एक टेनिस बॉल की है जिस पर टेप चड़ी हो।
06:50अगर हम उसकी टेप उतार कर उसको फ्लैट सर्फेस पे रखने की कोशिश करें तो कहीं न कहीं से वो उठी ही रहेगी।
06:58अगर उसको बिलकुल फ्लैट करना हो तो हम इसको स्ट्रेच करेंगे जिससे वो बिलकुल सीधी तो हो जाएगी लेकिन अब उसका एरिया बदल जाएगा।
07:08ठीक इसी तरहां जब गोल दुनिया को टूडी मैप में कनवर्ट किया जाता है तो पोल्स के करीब वाले कॉंटिनेंट्स जरूरत से ज्यादा बड़े स्ट्रेच होने की वज़ा से लगते हैं।
07:19इसी मैप में ग्रीन लेंड को देखें कितना बड़ा लग रहा है। लेकिन असल में ये अफरीका तो दूर यहां की कंट्री कॉंगो से भी छोटा है।
07:28अफरीका क्योंके एक्वेटर के बिलकुल करीब है इसी वज़ा से टूरी मैप पे ये स्ट्रेच नहीं बलके शिरिंग या फिर सुकड़ा हुआ लगता है।
07:37हकीकत में ये इतना बड़ा है कि इसके अंदर पूरा USA, चाइना, इंडिया और एवन यॉरोप का भी काफी सारा हिस्सा फिट आ सकता है।
07:47जियोग्राफी की बात हो ही रही है तो हम थोड़ा इसकी और गहराई में जाकर ये जानने की कोशिश करते हैं कि क्या अफरीका हमेशा से ही ऐसा था जैसा आज दिखता है।
07:57क्या कोई ऐसा टाइम भी था जब अफरीका बिलकुल ही अलग दिखता था।
08:02साइसदानों का कहना है कि हर 50 करोड सालों के बाद हमारे अर्थ की टेक्टोनिक प्लेट्स सारे कॉंटिनेंट्स को आपस में जोड देती हैं जिससे एक ही बड़ा सुपर कॉंटिनेंट बन जाता है।
08:14आखरी बार ये सुपर कॉंटिनेंट 20 करोर साल पहले तूटना शुरू हुआ था जिसको आज पैंजिया कहा जाता है।
08:22इस एनिमेशन में आप देख सकते हैं कि कैसे एक ही सुपर कॉंटिनेंट तूट कर अलग-अलग छोटे कॉंटिनेंट्स में बढ़ गया।
08:30साइंसदानों का दावा आज प्रूव भी होता है क्योंकि एस्टरन साउथ अमेरिका की शेप वेस्टरन अफरीका के साथ एक बजल पीस की तरहां मैच करती है।
08:40पेंजिया की इस थियोरी को मजीद साबित करने के लिए साउथ अमेरिका और अफरीका में मीजोसोरस के फॉसिल्स मिले हैं जिस से ये जाहर होता है कि ये दोनों कॉंटिनेंट्स जो आज समंदर पार हैं ये असल में कभी एक ही हुआ करते थे।
08:56और साउथ अमेरिका में एमेजोन रेन फॉरस्ट में पाई जाने वाली काफी स्पीशीज ऐसी हैं जो वेस्ट अफरीका के इन जंगलात में भी पाई जाती हैं।
09:05गूगल अर्थ पर भी आप अफरीका के इस हिस्से को ऐसा ही हरा भरा देख पाएंगे जैसा के साउथ अमेरिका है।
09:13पर क्या अफरीकन कॉंटिनेंट हमेशा ही ऐसा रहेगा।
09:17कॉंटिनेंट्स के जुदा होने का ये प्रोसेस करोडों सालों से चलता आ रहा है और अभी तर चल रहा है।
09:242018 में खबरें गर्दिश करने लगी कि अफरीका में एक बहुत बड़ा क्रैक देखा गया है।
09:30ये क्रैक कीनिया, इथियोपिया और तंजानिया में देखा गया।
09:34विडियो फुटिजेज और ड्रोन शॉट्स में देखा गया के पूरी की पूरी कंट्रीज को एक बहुत बड़े क्रैक ने डिवाइड कर दिया है।
09:42इस क्रैक ने ना रोड देखे ना फसलें ना घर देखे ना शहर्ड।
09:47इसके कुछ हिसे 10 मिटर तक चौड़े हैं और कुछ 2 मिली मिटर जितने पतले।
09:52कहीं पर लोगों ने इसको मट्टी से भरना शुरू कर दिया तो कहीं पर इसके उपर टेंपररी ब्रिज बनाए जाने लगे।
10:00लोगों का खयाल था कि शायद नरम मिटी किसी वज़ा से बैठ गई है।
10:04पर असल में साइंटिस का कहना है कि अफरीकन कॉंटिनेंट दो हिस्सों में बट रहा है।
10:10पहले ऐसा समझा जाता था कि अफरीका एक ही टेक्टॉनिक प्लेट के उपर खड़ा है।
10:15लेकिन 1970 में कुछ ऐसे सबूत मिले जिस से ये पता चला कि अफरीकन प्लेट टूट रही है।
10:22जियो लॉजर्स को पहले से इसकी खबर थी लेकिन उनको ये मालूम नहीं था कि ये इतना जल्दी हो जाएगा।
10:29तो अब सवाल उठता है कि क्या अफरीका वाकई में दो हिस्सों में तक्सीम हो रहा है जैसा के करोडो साल पहले साउथ अमेरिका इस से अलग हुआ था।
10:39इसका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है।
10:42इसमें कोई शक नहीं कि इस्ट अफरीका की टेक्टोनिक प्लेट का बहुत पड़ा हिस्सा तूट चुका है।
10:48रेड जी जे लेकर मुजमबीक तक और ये हर साल करीब 6 मिली मिटर्स तक अफरीकन कॉंटिनेंट से दूर हो रहा है।
10:56ये भी हो सकता है कि ये पूरा हिस्सा अलग होकर एक आइलेंड बन जाए या फिर इसके बीच रेड सी की तरहां कोई नया ओशन नमुदार हो जाए।
11:05या फिर ये प्रोसेस यहीं पर ही रुक जाए।
11:08साइंटिस का ख्याल है कि जो कुछ भी होगा इसको करीब 5 करूर साल लग जाएंगे।
11:15आगे चलकर जो भी हो पर आज हम इस प्रोसेस के यानि कॉंटिनेंटल रिफ्ट को देख सकते हैं और इसके आई विटनेस भी हैं।
11:24ये हमारे लिए एक याद दिहानी भी हो सकती है उन तभाकुन टाकतों की जो जमीन के नीचे चुपकर अपना काम कर रही हैं।
11:32अफरीका की गहराई में सिर्फ तभाकुन टाकते ही नहीं बलके पूरी दुनिया में पाए जाने वाले नेचरल रिसोर्स का एक तिहाई हिस्सा भी मौझूद है।
11:42यहां तक के दुनिया में जब भी किसी नायाब मिनरल की तलाश करनी हो तो साइंटिस्ट सबसे पहले अफरीका की जमीन को चुनते हैं।
11:52क्योंकि उनको पक्का यकीन होता है कि यह कहीं और मिले ना मिले अफरीका में जरूर मिलेगा।
11:58मिसाल के तोर पे कॉलमबाइट टेंटलाइट एक ऐसा मेटल है जो आजकल अलेक्टरोनिक्स को बनाने में काम आता है।
12:06इसको अकसर कॉल्टन भी कहा जाता है।
12:08इसकी खास बात यह है कि इसको जंग नहीं लगता और इसका मेल्टिंग पॉइंट भी काफी ज्यादा होता है।
12:15इस मेटल से कैपेसिटर्स बनाए जाते हैं जो आजकल हर अलेक्टरोनिक डिवाइसेज में इस्तमाल होते हैं।
12:21अंदाजा किया जाता है कि इस मेटल के 80% रिजर्वस अफरीका में ही पाय जाते हैं।
12:28इसी तरह अलमुनिम की प्रोडक्शन में इस्तमाल होने वाक्साइट भी अफरीका में ही पाया जाता है।
12:34और तो और दुनिया का सबसे कीमती जैम स्टोन डायमंड भी सबसे ज्यादा अफरीका में ही माइन होता है।
12:42ये सब कुछ अफरीका के नेचरल रिसूर्स का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है।
12:47अफरीका की बात हो तो सहारा डेजर्ट पे बात किये बिना टॉपिक खतम नहीं होता।
12:52सिर्फ सहारा के अंदर ही इतने राज छुपे हैं जो अकेले ही पूरे अफरीका का मुकाबला कर सकते हैं।
12:59यहां मौजूद एक ऐसा स्ट्रक्चर जिसको स्पेस से देखा जाता है।
13:0340 किलो मिटर बड़ा ये गोल निशान जिसको आई अफ सहारा और रिचेट स्ट्रक्चर भी कहा जाता है।
13:11इसके नीचे कौन सा राज चुपा है।
13:13किंग टूटन खामोन के नेकलिस का अनुखा पत्थर जो पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिला वो सिर्फ सहारा के बीचो बीच पाया गया था।
13:22सहारा से पहले यहां क्या होता था और कैसे ये इतने बड़े रेट के समंदर में बदल गया।
13:28वो भी सिर्फ अफरीका के नौर्थ में जबके बाकी पूरा अफरीका हरा भरा और टॉपिकल है।
13:35इन सब खसूसियात के साथ साथ वो सहारा ही है जिसकी वजा से हजारों किलो मिटर दूर एमेजान रेन फॉरेस्ट हरा भरा और जिन्दगी से भरपूर है।
13:44लेकिन आखिर कैसे ये सब और बहुत कुछ आप जान सकेंगे सिक्रिट्स ऑफ अफरीका के नेक्स्ट एपिसोड में।
13:52उमीद है जैम टीवी की ये वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे।
13:56आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट्स का बेहत शुक्रिया मिलते हैं अगली शामदार वीडियो में।
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