00:00अक्सार लोगों ने टॉर्नेडोज हॉलिवूड मुवीज में ही देखे होंगे
00:03क्योंकि हर साल 65% टॉर्नेडोज अमेरिका में आते हैं
00:07टॉर्नेडोज कैसे पैदा होते हैं और ये कितने खतरनाक हो सकते हैं
00:12टॉर्नेडो, हरीकेन, टाइफून और साइकलोन में क्या फरक है और दुनिया में सबसे ज्यादा टॉर्नेडोस सिर्फ अमेरिका के इस छोटे से हिस्से में क्यूं आते हैं।
00:23ZAM TV की वीडियोज में एक बार फिर से खुशाम दीद।
00:26नाजरीन टॉर्नेडो बादलों के एक ऐसे टनल को कहा जाता है जो गोल घुमता हुआ, इस्पिन करता हुआ आस्मान से जमीन की तरफ आता है।
00:34इन में से ज्यादा तर तो बहुत कमजोर होते हैं लेकिन कई टॉर्नेडो इतने ताकतवर होते हैं कि वो अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चीज़ को नहीं छोड़ते।
00:44अगर वर्ल्ड मैप पे देखा जाए तो टॉर्नेडो इंटाक्टिका को छोड़कर बाकी तमाम कॉंटिनेंट्स पे ही पाए जाते हैं।
00:51कहीं कमजोर तो कहीं इनको बहुत पावरफुल फॉर्म में देखा जाता है।
00:55हर साल पूरी ओनिया में 2,000 Tournamentos रिकॉर्ड किये जाते हैं जिन में से 1300 तॉर्नेडो के में पद़ते हैं और यह
01:04दुझा के बागी टॉर्नेडो के मकाबले में होते भी सबसे ज्यादा खतरनाग हैं. जहां पूरे अमेरिका में 337 तॉर्नेडो पहते हैं, वहीं नहां एक
01:25को हम टॉर्नेडो एली कहते हैं ये वो जगा है जहां टॉर्नेडो के लिए बिलकुल पर्फेक्ट कंडिशन्स पाई जाती हैं लेकिन इससे पहले हम ये जाने कि टॉर्नेडो एली में ही सबसे ज्यादा टॉर्नेडो क्यों पैदा होते हैं हमें पहले ये जानना होगा कि टॉ
01:55कॉमन होती है और वो है ये वाला सुपर सेल ये सुपर सेल नॉर्मली तब पैदा होता है जब ग्राउंड लेवल पे हवा की डारेक्शन एक तरफ हो और आसमान में दूसरी तरफ इन दोनों अलग-अलग डारेक्शन की हवाओं के दरम्यान विंड टनल पैदा हो जाता है जि
02:25तो फिर मामला गडबड होना शुरू हो जाता है जमीन का पानी भाप बनकर जब उपर की तरफ जाता है तो वो इस विंड टनल की डारेक्शन को आहस्ता आहस्ता होरीजोंटल से वर्टिकल कर देता है और इसके वर्टिकल होते ही पूरी सिच्वेशन ही चेंज हो जाती है �
02:55इसमें मुसलसल इकटे होते रहते हैं जो सुपर सेल की साइस को तेजी से बढ़ा देते हैं अब क्यूंके सुपर सेल में हवाएं तेजी से घूम रही होती हैं इसी वज़ा से जमीन से उटने वाले वेपर्स भी इसमें स्पिन करते हुए फ़नल की शेप में उपर जाते है
03:25रप्रेचर काफी गिर जाये तो वाटर विपर्ग, पानी के डॉपलेट्स में बदल जाते हैं। और इसी के वजन से ये फ़नल कलावट जमीन से आकर टच करता है।
03:34जैसे ही ये जमीन से आकर टच होता है तो इसका नाम फ़नल क्लाउड से ट्विस्टर या फिर टॉर्नेडो हो जाता है
03:41टॉर्नेडो के अंदर तेज हवाएं मैकसिमम 480 किलो मिटर्स पर आर की स्पीड से गुमती है जो जमीन पे मौझूद किसी भी चीज़ को अपनी लपेट में ले सकती है
03:52स्ट्रीट लाइट्स, साइन बोर्ड्स, दरख्त, पक्के घरों की खिड़कियां और हता के कई घरों की चछतें तक भी टॉर्नेडो की इन तेज हवाओं में उखड जाती है
04:03इन हवाओं में इतनी ताकत होती है कि ये इनसानों और जानवरों को भी उठा कर दूर फैंक सकती है
04:09ना सरिफ इतना बलके ये गाड़ियों की डारेक्शन को भी बदल सकती है
04:14जैसे जैसे टॉर्नेडो ट्रैवल करता है वो अपने अंदर ये तमाम चीजें लेकर उनको दूर दूर तक फैंकता जाता है
04:21और ज्यादा नुकसान भी इसी की वज़ा से ही होता है
04:24अब अमेरिका में टॉर्नेडो एली के एरिया में वो तमाम कंडिशन्स बड़ी आसानी से पूरी हो जाती है जिन से टॉर्नेडो बनता है
04:33गल्फ ओफ मेक्सिको से हुमिड विंड्स यानि नमी वाली गरम हवाएं नौर्थ की तरफ जाती है
04:39और वेस्ट पे मौजूद पैसिफिक ओशन और गल्फ ओफ कैलिफोनिया से हवाएं पहाड़ों के उपर से होकर जब गुजरती है तो वो ठंडी भी हो जाती है और काफी ज्यादा उंची भी
04:49वेस्ट से चलने वाली ये हवाएं साउट से चलने वाली हवाओं को इंटरसेक्ट करती है जिसकी वज़ा से इनके बीच एक विंड टनल बन जाता है
04:59क्योंकि गल्फ आफ मेक्सिको से आने वाली हवा नम और गरम होती है इसी वज़ा से इन में मौजूद वाटर वेपर्स उपर की तरफ जाते हैं और इस विंड टरनल को बिलकुल सीधा वर्टिकल कर देते हैं
05:12जिसकी वज़ा से यहां सूपर सेल का बनना काफी एजी हो जाता है और जैसा के हमने पहले भी जाना ये सूपर सेल तब मजीद बड़ा हो जाता है जैसे जैसे इसमें वाटर वेपर्स इकटे होते जाते हैं
05:24अब नॉर्मली ये जरूरी नहीं है कि हर सूपर सेल में से ही टॉर्नेडो निकले तॉर्नेडो निकले की जाती है जो उपर आने वाले वार्टर वेपर्स को थंडा कर देती है और ऐसे सूपर सेल का साइकल शॉट जाता है
05:40लेकिन टॉर्नेडो एली में वेस्ट से चलने वाली हवाएं बहुत तेज होती हैं जो बारिश के पानी को यहां गिरने नहीं देती
05:48जिसकी वज़ा से यहां एवबरेशन का प्रोसेस टूट नहीं पाता और ऐसे सूपर सेल मजीद बढ़ा होता जाता है
05:56जितनी देर तक सूपर सेल बना रहेगा उतना ही इसमें से फ़नल क्लाउड और फिर टॉर्नेडो बनने के चांसे बढ़ जाते हैं
06:04यही वज़ा है कि अमेरिका के इस हिसे में जहां टैकसस, अकलहामा, कैंजस और निबरासका हैं यहां दुनिया में सबसे ज्यादा टॉर्नेडो पैदा होते हैं
06:14करीब एक साल में 800 टॉर्नेडो अब ये तो हो गई टॉर्नेडो की बात
06:20तुफान की एक और भी किसम होती है जिसको हरीकेन, टाइफून और साइकलोन कहा जाता है
06:26वो क्या चीज है जिससे हमें ये मालुम पड़े के ये तुफान हरीकेन है, टाइफून या फिर साइकलोन
06:32असल में ये तीनो टॉपिकल स्टॉर्म्स हैं और इन सब में ज्यादा फरक नहीं होता बलके इन में कोई फरक ही नहीं होता
06:40ये तुफान दुनिया के जिस हिसे में पैदा होते हैं उनके हिसाब से इनका नाम रखा गया है
06:46वर्ल मैप पे देखा जाए तो नौर्थ वेस्ट पैसिफिक ओशन में जैपान, साउथ कोरिया और इस्ट रशियन बॉर्डर के करीब समंदर में जो तुफान बनता है उसको टाइफून कहा जाता है
06:57इसी तरहां इंडियन ओशन में पैदा होने वाले तूफान को साइकलोन और नौर्थ अटलांटिक या इस्ट पैसिफिक ओशन में पैदा होने वाले तूफान को हरीकेन कहा जाता है
07:08ये तीनों तुफान आपस में एक जैसे होते हैं लेकिन अगर इनका मुकाबला टॉर्नेडो से किया जाए तो फिर काफी चेंज देखने को मिलता है और इन में सबसे बड़ा डिफरेंस होता है इनका साइज जहां हरीकेन हैरत अंगेस तोर पे 1600 किलो मीटर तक फैल सकता है वह
07:38पहुंचाने में वो किसी से कम नहीं सबसे ताकतवर हरीकेन जिसको केटेगरी 5 का लेवल दिया गया है उसमें हवा की स्पीड 200 किलो मिटर पर आर तक जा सकती है पर आज तक सबसे पावरफुल टॉर्नेडो की स्पीड 480 किलो मिटर पर आर से भी ज्यादा रिकॉर्ड की ग
08:08करने के लिए सिर्फ 13 मिनिट पहले पता चलता है यही वज़ा है कि टॉर्नेडो जहां भी हमला करता है अचानक ही करता है थर्ड में 1999 की शाम को 6 बचकर 23 मिनटों पे अमेरिका में उकलुहामा सिटी पे टॉर्नेडो ने अचानक हमला कर दिया था जिस वक्त इसने हमला किया
08:38फिरने के बाद 1 बिलियन यूएस डॉलर्स का नुकसान करने और 36 लोगों की जान लेने के बाद ये आखिरकार थम गया ये हिस्ट्री का सबसे बड़ा रिकॉर्डिट टॉर्नेडो था जिसको आज डिरिज क्रीक मोर टॉर्नेडो के नाम से याद किया जाता है उस दिन उक
09:08में टॉर्नेडो की अजीब शकल भी नोटिस की गई 25 नॉवेंबर 2018 को थाइलेंड के करीब कोहलिप आईलेंड पर टूरिस्ट ने समंदर में एक नहीं दो नहीं बलके पूरे चार टॉर्नेडो को एक साथ पानी को टच करते देखा बेशक पानी के ऊपर आने वाले टॉर्
09:38फुटिज में आसानी से देखा जा सकता है कि आईलेंड से करीब 2 किलो मिटर दूर टॉर्नेडो पानी के सर्फेस को ठीक ठाक उपर तक उचाल रहे हैं जिससे इनकी ताकत का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है अब जाहिर है इन तूफानों को कोई रोक तो नहीं सकता
10:08उनकी डारेक्शन किस तरफ है उसकी कितनी स्पीड और कितनी इंटेंसिटी है ये सब जीजें सेटलाइट से मालूम करके एक एस्टिमेट लगाया जाता है और लोकल अथॉर्टीज को पहले से अलर्ट कर दिया जाता है उमीद है जैम टीवी की ये वीडियो भी आप लोग
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