00:00रात का अंधेरा गाव के उपर छाया हुआ था
00:09जंगल की हवा में एक अजीब सी गूंज थी
00:12और दूर किसी पुराने डाग बंगले का साया धीरे धीरे धुंद में घुल रहा था
00:17ये बंगला सिर्फ पत्थर और लकडी का बना पुराना घर नहीं
00:22बलकी एक कहानी का श्रापित केंद्र था जहां ब्रिटिश अफसर की हत्या हुई थी
00:28कहते हैं रात के समय उनकी आत्मा अब भी भटकती है
00:33और जो भी इस बंगले में कदम रखता है उसका चहरा कभी वैसा नहीं रहता
00:39आज हम आपको ले चलेंगे उसी श्रापित बंगले की अंधेरी और डरावनी राहों पर
00:44जहां हर कोना एक रहस्य चुपा हुआ है और हर सांस एक अजीब सी खौफना ख़बर लाती है
00:51चार दोस्त पचीस से तीस साल के अपनी जिग्यासा और हिम्मत लेकर इस पुराने बंगले के गेट पर खड़े थे
00:59उनके हाथों में फ्लैशलाइट और बैक पैक थे पर उनके दिल की धड़कन तेज हो रही थी
01:06चलो दोस्तों आज रात इस श्रापिद बंगले का राज खोलते हैं
01:11एक ने कहा हर अंग ब्रिटिश यूग का जखम अभी भी यहां महसूस होता है
01:16और शायद ये हमारा इंतजार कर रहा है
01:19जब ये लोग गेट के अंदर गए तो उन्हें महसूस हुआ कि किसी ने उन्हें पीछे से चुआ
01:24लेकिन जब उन्होंने पीछे देखा कुछ भी नहीं था
01:28देखने में कुछ भी नहीं
01:31पर हवा के साथ एक अजीब सी गून जाए
01:34क्या किसी ने मुझे चुआ
01:36एक खोच करता ने डर के साथ पूछा
01:39ये बंगला अठारे सो साल में ब्रिटिश अधिकारियों का था
01:43एक रात एक अफसर की हत्या कर दी गई
01:47और उसकी आत्मा ने यहां का श्राप फैला दिया
01:50तबसे रात के समय कोई भी इस बंगले में कदम रखता है
01:54वो अजीब घटनाओं का शिकार होता है
01:57हर कोना हर दीवार कुछ कहती है
02:00पर सुनता कौन है
02:02मोम बत्तिया जिल मिलाने लगी
02:04और परच्छाईया अनैसरगिक तरीके से हिल रही थी
02:08एक खोच करता ने महसूस किया
02:10कि हवा बहुत थंडी हो गई है
02:13दीवारों पर खून के दाग ब्लिंक करके गायब हो गए
02:16हर कदम के साथ सस्पेंज बढ़ रहा था
02:19दोस्तों ये तो कुछ ज्यादा ही अजीब हो रहा है
02:23एक ने डर के साथ कहा
02:25ग्रूप ने एक बंद कमरे की खोच की
02:28जहांसे जोर की आवाजे आ रही थी
02:31हैंडल धीरे धीरे हिल रहा था
02:33जैसे कोई अंदर से जोर डाल रहा हो
02:36इस कमरे में वही राज चुपा है
02:39जो सालों से लोगों को डराता आ रहा है
02:42शायद इस रात हम उस राज का सामना करेंगे
02:46दोस्तों ये कमरा
02:49शायद अब तक किसी ने नहीं खोला
02:51एक खोच करता ने शंका के साथ कहा
02:54एक खोच करता ने हलुसिनेशन देखा
02:57एक बिटिश अफसर का चहरा सामने आया
03:00आखे खून से भरी और चहरा गुसे और श्राप से भरा
03:04तुम्हारे आने से श्राप और गहरा होगा
03:07भूत ने कहा और उसकी आखें
03:11जैसे पूरे बंगले की कहानी बयान कर रही थी
03:14हर कदम पर डर और भय और गहरा होता गया
03:18डर और अंधेरे के बीच लोग अलग-अलग हो गए
03:22हर एक का सामना उसी श्राब से हुआ
03:25जो पहले किसी और को छूचुका था
03:28पैर की आवाजे दूर से चीखे
03:31सबने ध्यान खींचा और भरम और भय बढ़ा
03:35अब हमारा सवाइवल हमारी हिम्मत पर निर्भर करता है
03:39डाग बंगले का श्राब हर इंसान को छू लेता है
03:43जो रात के समय जिग्यासा और डर के साथ आता है
03:47सिर्फ वही बच सकता है
03:48जो अपनी हिम्मत और बुद्धी मत्ता से इस श्राब को समझे
03:52ये सच में एक श्राब है
03:55एक खोज करता फुस फुस आया
03:57ग्रुप ने भागने की कोशिश की
04:00लेकिन जैसे ही उन्होंने दर्वाजे और खिड़किया खोलने की कोशिश की
04:04सब लौक हो गए
04:06गूतिया आकरती उनके रास्ते में आ गई
04:08एक तेज चीक के साथ
04:10क्या? क्या ये सच में हो रहा है?
04:14एक खोज करता ने डर के साथ पूछा
04:16बंगले ने अपने दर्वाजे खुद बन कर दिये
04:20हर कदम उनके लिए एक टेस्ट बन गया
04:23सिर्फ एक, दो लोग ही बच पाए
04:26और आज भी, रात के बारव बजे
04:29अगर आप वहा जाए
04:31शायद आप भी उनमें से एक बन जाए
04:34जो कभी लौट कर नहीं आता
04:37बंगला धीरे धीरे धुन्द में खुल गया
04:40और हवा में एक फुस फुस साहट बाहराव
04:43गूंज रही थी
04:45डाग बंगले का राज अब भी जिन्दा है
04:48आप सोच सकते हैं कि ये सिर्फ कहानी है
04:51या सच
04:52लेकिन अगर जिग्यासा ज्यादा है
04:55और आप अंधेरे से नहीं डरते
04:57तो रात को एक बार वहा जाकर देखिए
05:00रात की खामोशी सिर्फ शान्ती नहीं
05:03कभी कभी डर और रहस्य का संगम होती है
Comments