00:00कालिपुर गाव के बाहर एक पुरानी हवेली खड़ी है जहां जाने वाला कभी लोट कर नहीं आया रात के ग्यारव बजे तीन दोस्त उस हवेली की सच्चाई जानने पहुँचे ये दर्वाजा खुद खुल गया तौर्च की रोशनी में दीवारों पर तंत्रमंत्र के नि
00:30जहां हर दर्वाजा मौद की तरफ खुलता था हमें यहां से निकलना होगा अभी लेकिन क्या वो बच पाए या बंगे हवेली का अगला शिकार
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