00:00कहते हैं बनारस में एक छिपा जला हुआ कुआ है जहां से रात में धुआ नहीं बलकि करहाने की आवाजे निकलती हैं पंडितों के अनुसार वहां सो साल पहले 22 साल की गौरी को बली के लिए जिन्दा जलाया गया था
00:15आज भी जो वहां दीपक जलाता है उसकी परचाई गौरी के चहरे में बदल जाती है एक बार 27 साल का रोहन वहां दीपदान करने गया दीपक जलते ही उसके पीछे एक परचाई खड़ी थी बिना पाव के रोहन भागा पर अगले दिन उसकी राख मिली कोई के पास लोग कहत
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