00:00हर अमावस्या की रात, काव के तालाब में एक औरत की परचाई दिखती थी, जिसे चांदनी कहते थे।
00:08रवी, 26 साल का युवक, उस रहस्य को जानने ताला पहुचा।
00:14उसने पानी में देखा, एक लड़की सफेद साडी में मुस्कुरा रही थी।
00:19वो बोला, कौन हो तुम? आवाज आई, मैं वही हूँ, जिसे तुमने पिछली जिन्दगी में धोखा दिया था।
00:27रवी पीछे हटने लगा, पर उसके पैरों के नीचे मिट्टी दलदल बन चुकी थी।
00:33आखरी बार उसने जो देखा, वो था अपना ही चहरा उस औरत के शरीर पर।
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