00:00पेशे से फोटोग्रफर
00:30जहां शायद ही कोई नया चहरा आता हो
00:32दिन में तो यहां की सादगी और शांती मन मोलेती थी
00:36लेकिन रात में ये जगे कुछ और ही बन जाती थी
00:40सूरज धलते ही सडके सुनसान हो जाती थी
00:44चारों तरफ बस, सननाटा और पेडों की सरसराहट
00:49बीच बीच में दूर कहीं से कुत्तों के भौंकनी की आवाज आती
00:53और हवा में एक अजीब धंडक
00:56गाव की गलियों में पुराने टूटी-फूटी हवेली जैसी इमारते थी
01:01कुछ खिड की अटूर गई थी
01:04और उनमें से हवा के जोके ऐसे गुजरते की लग रहा था
01:08कोई शेहशाह रात के अंधेरे में छुपा बैठा है
01:12लोगों ने मुझे चेतावनी दी थी
01:14आरव भाई, रात में उस रास्ते से मत जाना
01:18वहां कुछ ठीक नहीं है
01:20लेकिन मैं इन बातों पर कभी विश्वास नहीं करता था
01:23और शायद यही मेरी सबसे बड़ी गलती साबित होने वाली थी
01:28उस रात मैं अपनी बाईक लेकर धीरे धीरे उस सुनसान रास्ते पर बढ़ रहा था
01:34सड़क के दोनों और खेत
01:36जिन में रात की ठंडी धुंद तैर रही थी
01:39हलकी हलकी हवा
01:41लेकिन उसमें एक अजीब सी ठंड़क थी
01:44जो हड़ियों तक उतर रही थी
01:46मैंने अपनी जैकेट कसकर बंद की और स्पीड बढ़ाई
01:50तभी मेरी नजर आगे पड़ी
01:52दूर स्ट्रीट लाइट के नीचे एक औरत खड़ी थी
01:57सफेद साड़ी
01:58खुले बिखरे बाल
02:00और उसका चेहरा जुका हुआ
02:02जैसे जमीन की ओर देख रही हो
02:05मैंने सोचा
02:06शायद कोई गाव की महीला होगी
02:08जिसे मदद की जरूरत है
02:10मैंने बाइक रोक कर दो कदम आगे बढ़े
02:13और आवाज दी
02:15मां जी
02:16आप यहाँ इस वक्त
02:18अकेली? लेकिन वो जुप रही
02:20बिल्कुल स्थिर
02:22जैसे पुतला हो
02:23टिम्टिमाती स्ट्रीट लाइट
02:26और हलकी धुंद ने उस दृष्य को
02:28और दरावना बना दिया
02:30उसके पीछे के पेडों की परचाईया हिल रही थी
02:33जैसे कोई और भी
02:35वहां मौजूद हो
02:36मैंने कैमरा निकाला और जूम किया
02:39और वही छाया
02:41अचानक गायब हो गई
02:42सिर्फ ठंडी हवा और मेरे रॉंग्टे
02:45खड़े हो गई
02:46होटल पहुचते ही
02:47मैंने रिसेप्शन वाले से पूछा
02:49उस रास्ते पर कोई महीला खड़ी थी
02:52अचानक गायब हो गई
02:54ये क्या मामला है
02:55वो सुनकर गंभीर हो गया
02:57धीरे से बोला
02:59आपने उसे देख लिया
03:01फिर उसने मुझे गाव के बुजूर की कहानी सुनाई
03:04कई साल पहले
03:06इसी गाव की सुमित्रा नाम की महीला की शादी हुई थी
03:09शादी के बाद
03:11उसके पती का स्वभाव बदल गया
03:13शराब और जुए में डूग गया
03:16एक रात
03:17जब सुमित्रा अपने माई के लौट रही थी
03:20तो इसी कच्चे रास्ते पर उसकी हत्या कर दी गई
03:23और लाश को खेतों में फैंक दिया गया
03:26उसकी आत्मा कभी घर नहीं पहुची
03:29और कहते हैं
03:31वो आज भी उसी रास्ते पर भटकती है
03:33गाव वाले बताते हैं
03:35कि सुमित्रा की आत्मा
03:37अकसर उसी सफेद साडी में दिखाई देती है
03:39खास कर उन लोगों को
03:41जो रात में अकेले उस रास्ते से गुजरते हैं
03:45कुछ ने कहा कि उसकी आखों में
03:47आंसू और गुसा दोनों जलकते हैं
03:50और जो उसे देखता है
03:51उसे कई रातों तक नींद नहीं आती
03:53मैंने हसकर कहा
03:55ये सब अंध विश्वास है
03:57कोई आत्मा वात्मा नहीं होती
04:00लेकिन अंदर से मैं बेचैन था
04:02अगली रात
04:04जिग्यासा मुझ पर हावी हो गई
04:06मैंने कैमरा, टॉर्च
04:08और कुछ रेकॉर्डिंग डिवाइसे लिए
04:10और उसी रास्ते पर वापस गया
04:12रात के लगभग ग्यारव अजे
04:14वही थंडी हवा
04:16वही धुन
04:17सड़क पर हलकी हलकी धून उट रही थी
04:20मैंने कैमरे से रेकॉर्डिंग शुरू कर दी
04:23कुछ मिंटो बाद
04:25दूर से फिर वही आकरती देखी
04:27इस बार
04:29वो धीरे धीरे मेरी तरफ बढ़ रही थी
04:31उसकी चाल असामान्य थी
04:34जैसे कोई पैर जमीन पर नहीं रख रहा हो
04:37मैंने कैमरा जूम किया
04:39चहरा अब साफ दिख रहा था
04:42आखे खाली
04:43होंट हलके खुले
04:45और चहरा पीला
04:46जैसे किसी ने खूम खींच लिया हो
04:49मैंने डर को नजर अंदास कर कहा
04:51तुम कौन हो
04:53अचानक
04:54उसने चीख मारी
04:56इतनी तेज कि मेरे कान सुन हो गए
04:58और फिर वो वही खड़ी रही
05:01बिलकुल जड़ होकर
05:03हवा अचानक तेज हो गए
05:05टॉर्च अपने आप बंध हो गई
05:07चारों तरफ अंधेरा
05:09मेरे चारों और पेड सरसराने लगे
05:12जैसे किसी ने मुझे घेर लिया हो
05:15मैंने कदम पीछे खींचे
05:17तभी मुझे लगा किसी ने
05:19मेरे कंधे पर हात रखा
05:21धंडा, बर्व जैसा
05:23और भारी
05:24मैंने धीरे धीरे मुड़कर देखा
05:27वो औरत मेरे बिलकुल पास थी
05:29उसकी आखों में दर्द
05:31और गुसा दोनों जलक रहे थे
05:33और तभी
05:35मेरे सामने अतीद का एक द्रिश्य
05:37उभरने लगा
05:38जैसे कोई फिल्म चल रही हो
05:40मैंने देखा
05:42सुमित्रा अपने माई के लौट रही है
05:45अचानक उसका पती और उसके दोस्त
05:47उसे रोक लेते है
05:49जगड़ा होता है
05:50और फिर उसे मार दिया जाता है
05:52उसकी आखरी नजरे अपने घर की दिशा में थी
05:56जैसे वहाँ पहुचने की कोशिश कर रही हो
05:59मैंने डरते हुए कहा
06:01तुम्हे क्या चाहिए
06:03वो धीमे से बोली
06:04मेरा रास्ता
06:06मेरे घर तक पहुचा दो
06:08मैंने हिम्मत करके उसकी बात मान ली
06:11गाव के बाहर एक पुराना
06:13तूटा हुआ घर था
06:14उसने इशारा किया
06:16जैसे ही हम वहाँ पहुचे
06:18एक ठंडी हवा चली
06:20और वो गायब हो गई
06:22लेकिन जमीन पर कुछ चमका
06:24उसकी पुरानी चूडिया थी
06:26जैसे वो सालों से वही इंतजार कर रही हूँ
06:30मैंने चूडिया उठा कर घर के अंदर रख दी
06:33और उसी पल
06:35एक हलकी सी मुस्कान
06:37मेरे कानों में गूंजी
06:38धन्यवाद
06:39उस दिन के बाद
06:41मैंने कभी उस रास्ते पर उसे नहीं देखा
06:44लेकिन आज भी
06:45जब मैं रात में अकेला निकलता हूँ
06:48मुझे लगता है
06:50कोई मेरे साथ चल रहा है
06:51चुपचाप
06:53बस देख रहा है
06:54उस रात की घटना ने
06:56मेरी जिंदगी बदल दी
06:58मैं अब अकेले गावों में नहीं जाता
07:01लेकिन कैमरे और रिकार्डिंग्स देखकर
07:03अब भी कभी कभी नी लुड़ जाती है
07:06कही भी
07:07कभी भी
07:08वो आत्मा फिर दिखाई दे सकती है
07:10बस आपको तयार रहना चाहिए
07:13अगर आप कभी भैरवपूर जैसी सुनसान सड़क पर अकेले जाए
07:17तो याद रखिए
07:19हर परचाई को हलका मत समझे
07:21कभी कभी वो खोई हुई आत्मा हो सकती है
07:24जो अपने घर का रास्ता ढून रही हो
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