00:19तो आज के इस तफसीली जाइजे में हम बात करने वाले हैं कि ऐसे लज़िंड की जिनकी कॉमेडी ने पूरे
00:25जुनूबी एश्या को हसने पर मजबूर कर दिया
00:27जी हाँ हम बात कर रहे हैं सिकंदर सनम की एक ऐसा नाम जिसने अपनी शानदार डीवीडी पैरोडी से तहलका
00:34मचा दिया था
00:35अगर हम ज़रा गोर करें साल 2003 में एक इंतहाई संजीदा और सूपर हिट बॉलिवूड फिल्म आती है सल्मान खान
00:42की तेरे नाम
00:43अब इस फिल्म को एक ऐसे मजाहिया शाहकार में तबदील कर देना जो खुद एक कल्चरल ट्रेंड बन जाए
00:49क्या ये कोई मामूली कारनाम आए बिलकुल नहीं
00:52और ये कारनामान जान दिया सिकंदर सनम ने चुमेज एक फनकार नहीं थे बलकि कॉमेडी का एक बाकाइदा ब्रैंड बन
00:59चुके थे
00:59उनकी पारडी फिल्मों की डिमांड इस कदर ज्यादा थी कि मकामी केबल आपरेटर्स को पबलिक के पुर्जोर इसरार पर उन्हें
01:06दिन रात बार बार चलाना पड़ता था
01:08ये एक पागलपन की हद तक मकबूलियत थी
01:11चले अब इस पारडी के रुजान को जरा तफसील से देखते हैं कि ये नए दोर का आगाज कैसे हुआ
01:17यहाँ पर उनकी बेपना तखलीकी सलाहिते खुलकर सामने आती है
01:21तेरे नाम टू से लेकर गजनी टू, दबंग टू और सिंगम टू तक
01:26हैरत की बात यहे कि उन्होंने इन सब फिल्मों को खुद लिखा, खुद प्रिड्यूस किया और उनमें मरकजी किरदार भी
01:31अदा किया
01:32इन मकामी रीमेक्स की अंगिनद कौपियां पूरे खिते में हाथों हाथ फरोख दूई
01:37इन फिल्मों की सबसे दिल्चस्प और कमाल की बात उनका तजाद था
01:41एक तरफ असल फिल्म की शदीद घमनाक और संजीदा कहानी और दूसरी तरफ सिकंदर सनम का वो कहकोहों से भरा
01:47वर्जिन
01:47उन्होंने मरकजी हीरो के रूप खासतोर पर उस मशूर हैस्टाइल की ऐसी परफेक्ट और मजाया नकल उतारी के हसी रोकना
01:54नामूम्किन हो जाता था
01:55अब जरा पीछे चलते हैं कराची से स्टेज तक के उनकी सफर पर एक नज़र डालते हैं
02:00एक बहुत ही दिल्चसपात उनके नाम की तबदीली थी पैदाशी नाम था मौम्मद सिकंदर लेकिन उन्होंने अपने नाम के साथ
02:07सनम का इजाफा कर लिया
02:08उर्दू में सनम का मतलब है महबूब और सच पूछें तो ये महज एक स्टेज का नाम नहीं था
02:13ये वाकई उनके मदाहों के जजबात की सची अकासी थी क्योंकि वो हकीकतन अवाम के महबूब बन चुके थे
02:20अनीस सो साथ में कराची में पैदा होने वाले सिकंदर सनम का खांदानी पसम अंजर भी बड़ा कमाल का था
02:26उनके वालिद सेद अब्दुसत्तार शौकीन जेतपुरी एक मशूर गुजराती शायर थे
02:31तो ये जो शायरी, परफॉर्मेंस और आवाज के उतार चढ़ाओ का फन है न ये इन्हें खांदानी विर्से में मिला
02:37था
02:37इसलिए तो उन्होंने बच्पन में पहले बतौर गुलुकार शुरुआ की और फिर अदाकारी की तरफ आ गए
02:42बकरा मुन्ना भाई हो या ईर तेरे नाम और बहुत अच्छे भाई बहुत अच्छे
02:46ये वो शोर्स थे जिन्होंने लाइफ थेटर के मुश्किल तरीन माहौल में इनकी हाज़र जवाबी को निखा रहा
02:51ये वो दौर था जब कराची का थेटर अपनी उरूच पर था
02:54और उन्होंने उमर शरीफ और मोहीन अख्टर जैसे कॉमेडी के लेजन्स के साथ स्टेट शेर करके अपना एक अलग मकाम
03:00बनाया
03:01इनकी सबसे बड़ी काम्याबी क्या थी? साफ सुथरी कॉमेडी
03:04जी हाँ, लाइफ थेटर में जहां अकसर जूमानी बातों का सहारा लिया जाता था
03:09उन्होंने अपनी परफॉर्मंस को फैमिलीज के लिए बिलकुल साफ सुथरा रखा
03:13बगएर किसी बेहूदगी के लोगों को पेट पकड़ कर हसने पर मजबूर कर देना
03:17लकीन माने ये एक बहुत ही कठिन काम है, जो उन्होंने बाहसानी कर दिखाया
03:22तो ये था उनका स्टेज का सफर, अब बारी आती है सरहत पार कॉमेडी के बादशा बनने की
03:28ये उनके करियर का एक जबरदस्त मोड था, जब उन्होंने दे ग्रेट इंडियन लाफ्टर चालेंज के जरिये भारती रियालिटी टीवी
03:35में एंट्री दी
03:35वहाँ उन्होंने अपने साथी फनकार वली शेख के साथ एक शांदार जोड़ी बनाई
03:40वली शेख सफेद बादशा और सिकंदर सनम लाल बादशा और इसी प्लाटफॉर्म से उन्होंने फर्स्ट रणर आपके तौर पर कॉमेडी
03:47किंग का टाइटल अपने नाम किया
03:49और उनकी टाइमिंग उसका तो कोई जवाब ही नहीं था
03:52जब ये जोड़ी परफॉर्म करने आती तो वहाँ बैठी कोई भी मशूर शक्सियत अपनी हसी नहीं रोक पाती थी
03:58भारत के बड़ी बड़ी सूपरस्टार्स इनकी लतीफों पर हस हस कर दोहरी हो जाते
04:03और उन्हें खड़े होकर स्टैंडिंग ओवेशन दिया करते थे
04:06लाफ्टर चैलेंज हो, फंजाबी चक देओ या कॉमेडी चैंपियन्स
04:10ये शोस साबित करते हैं कि इनकी मकबूलियत किसी एक मुल्क या सरहद की महताज नहीं थी
04:15सच्ची हसी की ताकत ही यह सी होती है
04:17और इन्होंने इसी सादा सी ताकत से सकाफती सरहदों को इंतहाई आसानी से पार कर लिया था
04:23अफसोस के हर कहानी का एक दुखपारा पहलू भी होता है
04:25अब हम उनकी अफसोसनाग जुदाई और लाजवाल मीरास की तरफ बढ़ते हैं
04:30जिस वक्त वो बेनलगवामी शोहरत की बलंदियों पर थे
04:32अचानक उनकी सिहत तेजी से गिरने लगी
04:35सितंबर 2012 में उन्हें जिकर के कैंसर की तश्खीस हुई
04:38ये टाइम लाइन दिखाती है कि ये कितनी जल्दी हुआ
04:41नवंबर के शुरू में अस्पताल से डिस्चारज होना
04:44फिर रुहानी इलाज के लिए मीरपूर खास चाना
04:46और आखिर कार 5 नवंबर 2012 को कराचे के सिवल अस्पताल में जिन्दगी की बाजी हार चाना
04:53बावन साल
04:54जी हाँ महज बावन साल की उमर
04:56ये वो कम उम्रे थी जब वो इस दुनिया से रुखसत हो गए
04:59ये हिंसा वाकी दिल चीर देता है
05:02और याद दिलाता है कि कितना बड़ा टैलन्ट कितनी जल्दी चीन लिया गया
05:06वो अपने पीछे एक बेवा और छे बच्चों को सोगवार छोड़ गए
05:10बोरी पीर की सिद्धी की मस्जद में उनकी नमाजे जनाजादा की गई
05:13और कुरंगी के खबरस्दान में तत्वीन हुए
05:15वहां उमर शरीफ, रौफ लाला और शकील सिद्धी की जैसे बड़े नामों का गम से निढ़ाल होना
05:21इस बात का हत्मी सबूत था कि साउथ एश्या की कॉमेडी कम्यूनिटी में उनका रुत्बा कितना बुलंद और तारीखी था
05:27तो इस सब के बाद एक सवाल जो जहन में उभरता है वो यह है कि जब एक कॉमेडियन अपने
05:33उरूज पर दुनिया से चला जाए
05:34तो इसकी मेरास कैसे जिन्दा रहती है उसका जवाब हमें आज भी मिलता है सिकंदर सनम की वो साफ सुत्री
05:41बरजस्ता और बेसाखता कॉमेडी डिजिटल दुनिया में आज भी पूरी आवोताब के साथ जिन्दा है
05:46उनके वो मजाया जुमले वो किरदार आज भी लाखों लोगों के चेहरों पर मुस्कुराटे बेखेर रहे हैं और शायद एक
05:53सच्छे फंकार की इससे बड़ी कोई लाजवाल मिरास हो ही नहीं
06:05अगर मैंने कोशिश करके सुना दिया तो फिर आप मैं आपसे मतासिर हो जाओंगी ठीके में ट्राइब मारता हूं जी
06:10या अल्ला मदद करना जी
06:16कि तुने आप
06:27कि ऊचिए बाचे मारता हूं जी रहँ managed करना कार Dios
06:33हो वो कि ऊीपना जीपन police