00:00एक नहायत ही दिल्चस्प मालूमाती पेशकश में खुशामदीद आज का मौजू वाकी बहुत मुन्फरिद और तवज्जो तलब है।
00:07ये तज्जिया एक ऐसी तहरीर पर मपनी है जो कैनाती वाकियात और इनसानी जिस्म की सिहत के दर्मियान एक गहरा
00:14तालुक बयान करती है।
00:16कैनात के सियारे और हमारे जिस्म के खलिये सुनने में शायद किसी साइन्स फिक्शन मुवी का प्लॉट लगे लेकिन इस
00:22मालूमात में इनका आपस में बड़ा ही हैरत अंगीज रप्ता बताया गया है।
00:27चलिए देखते हैं कि किस तरह आस्मानी ताकतें जिस्मानी सिहत पर असर अंदाज होने का दावा करती हैं।
00:33चलिए सीधा इस बात की गहराई में चलते हैं।
00:36क्या वाकई सियारों की हरकत और उनकी तरतीब का इस बात से कोई कनेक्शन है कि इनसानी जिल्द कितनी तरों
00:42ताजा है या खलियात में नमी का तनासुब क्या है।
00:45तहरीर के मताबित इस सवाल का जवाब बिलकुल हां में हैं।
00:49ये एक ऐसी बुनियात फराहम करता है जहां फलसफा, अस्ट्रॉलोजी और कुदरती सहत आपस में मिलते हुए नजर आते हैं।
00:56आब आते हैं इस तज्जिये के पहले एहम हिस्से की तरफ जहां हुस्न और काइनात के इस गहरे तालुक को
01:02समझा गया है।
01:04यहां सोर्स मटीरियल ने जहरा यानी वीनस को बहुत अलग अंदाज में पेश किया है।
01:08इसे सिर्फ आसमान में चमकता हुआ एक तारा नहीं समझा गया है।
01:11बलके तहरीर में जहरा को इनसानी जिस्म के हुस्न, गुर्दों की सफाई के निजाम और हॉर्मोन्स के तवाजन का मास्टर
01:18कंट्रोलर करार दिया गया है।
01:19ये दावा किया जाता है कि ये सियारा अंदरूनी फिल्ट्रेशन और बेरूनी खुपसूर्ती दोनों को बाखुबी संभालता है।
01:26एक परहा से सियारे को सीधा गुर्दों और स्किन टिशूज की सहत के साथ लिंक कर दिया गया है।
01:31लेकिन सवाल ये पैदा होता है कि जब इस काइनाती एनरजी में डिस्टर्बंस आती है तो जिस्म पर क्या गुजरती
01:38है।
01:38आईए इस हवाले से कुछ मख्सूस जिस्मानी अलामात और गिजाई एहतियात पर नजर डालते हैं।
01:45जोहरा की तवानाई डिस्टर्ब होने पर जिस्म कई एहम सिगनल्स देता है।
01:50सुस्त लिम्फैटिक सिस्टम की वज़ह से आँखों के नीचे अचानक पॉफिनस या सूजन जिलका बिलकुल ड्राई और बेरौनक हो जाना
01:57बिना किसी वज़ह के शदीद थकावट का हैसास और हर्मोन्स का तावाजन बिगर जाना ये सब इसकी अलामात में शामिल
02:03हैं।
02:03जो लोग बिलावजा की थकावत या अचानक डल सकिन का शिकार होते हैं माखूस तहरीर उन्हें इस मखसूस काइनाती खलल
02:10से जोडती है।
02:39तो इन मसाइल का हल क्या है? आईए जोरा की तवानाई को मुतवाजन करने की आसान और कुदरती नुस्कों की
02:46तरफ भड़ते हैं।
03:03आखर में रात के वक्त सूने से पहले अरके गुलाब का स्प्रे ताकि स्किन टिशूस सेलिलर लेवल पर तरो ताजा
03:10हो सकें। ये पूरा एक क्रोनालोजिकली तर्तीब दिया गया निजाम है।
03:15इस हसीन तवनाई को जिसमें दाखिल करने के लिए दो बुन्यादी गुदरती अज़ास सामने आते हैं।
03:22खीरा और अरके गुलाब खीरे का रस पानी में मिला कर पीना गुर्दों के लिए एक इन्स्टन्ट फलश की तरह
03:29काम करता है।
03:30Second, night and night, this is directly cellular hydration which can be a good quality of a glow.
03:40This is cellular hydration and healing energy.
03:44This is not a bad thing.
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04:06This is not a bad thing.
04:23can be able to understand.
04:26After understanding this philosophy,
04:29we will see the most important point of philosophy
04:29and the most important point of view.
04:31The most important point of view is that
04:35when our hormones are balanced and balanced
04:37are in the way,
04:39our blood is in the way.
04:42It will be clear that
04:44no matter what the body is in the way,
04:47is that when our hormones are balanced
04:50and are balanced,
04:53external radiance
04:54external radiance
04:55internal cleansing
05:18का ही आईना है
05:31आईना है
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