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00:26निजाम शम्सी का सबसे बड़ा स्यारा और इनसानी जिगर आखर इन दोनों में क्या connection बन सकता है? हमारे आज
00:34के source material की असल बुन्यादी इसी mysterious point पर है. तो बगएर किसी देर के आईए देखते हैं दस्तावेजात
00:41इस हवाले से हमें क्या बताती है?
00:43source के मताबक मुश्टरी जिसे हम Jupiter भी कहते हैं को सिर्फ सबसे बड़ा ही नहीं बलके एक मुबारक सयारा
00:51समझा जाता है. और दावा ये है कि ये सयारा जिस्म की सबसे बड़ी chemical factory यानि हमारे जिगर और
00:58पूरे metabolism के निजाम को कंट्रोल करता है.
01:00टेक्स बताता है कि प्लैनेटरी एनरजी खास तोर पर जुमरात के दिन मुश्टरी की एनरजी हमारे अंदरूनी कीमियाय अमल की
01:08रफ्तार को तैय करती है. अजीब लगता है ना पर टेक्स का दावा यही है.
01:12अब इस एनरजी के असरात को दो रुख से देखते हैं. जब यह तवनाई मुदावाजन यानि बिलकुल बैलंस्ट होती है
01:20तो टेक्स्ट के मुताबिक metabolism तेज रहता है और जिगर मुकमल साफ होता है. लेकिन और यह काफी एहम पॉइंट
01:28है. अगर यह एनरजी अन्बैलंस
01:41दोनों बुरी तरह मुतासिर हो जाते हैं. तो फिर सवाल पैदा होता है कि इस गड़बर की पहचान आखिर की
01:48कैसे जाए? चलिए देखते हैं वो कौन सी खत्रे की घंटिया हैं जो अदम तवाजन को जाहिर करती हैं. देखें
01:56अगर पेट में भारीपन है, शदीद सुस्ती
01:58महसूस हो रही है या जिगर में गर्मी है, तो टेक्स्ट इसे क्लियर वर्निंग साइन्स मानता है. और अगर एस्ट्रोलॉजिकल
02:04हवाले से बात करें, तो सितारे बताते हैं कि कौौस यानि सैजिटेरियस और हूत यानि पाइसिस से तालुक रखने वालों
02:10के लिए इसका ख
02:26खत्रे की निशान देही के बाद, आते हैं इलाज की तरफ. सोर्स मिटीरिल ने इसे बहुत खुबसूरत नाम दिया है
02:34सुनहरी शिफा के नुस्खे. इस नुस्खे की सबसे बेस्ट बात इसकी आसान नुएत है. सुभा का ये रिचूल सर्फ तीन
02:42स्टेप्स पर मबनी है. �
02:45उसमें एक चुटकी हल्दी और चंद कत्रे लीमू के शामिल कर लें. बस इतना सा काम. सोल्स का वाज़े दावा
02:52है कि ये मौनिंग रूटीन जिगर से तमाम टॉक्सिन्स को प्रैक्टिकली धो डालता है और फैटी लिवर के मसले को
02:59बिराहे रास्त टागिट करता है. ट्रा
03:15बॉलिजम को बुलिट स्पीड देगा. यानि लिटरली बुलिट स्पीड. ये इस बात को हाइलाइट करता है कि इन मखसूस पीले
03:23रंग की घिजाओं में जिसम के अंदरूनी रफतार को एक्सिलरेट करने की हैरतंगीज ताकत बताई गया है. रंग और घिजा
03:30का क्या दिल
03:43प्लेक्सिस का. ये जिसम का वो दर्म्यानी हिस्सा है जो बिलकुल नाफ के उपर वाके होता है. टेक्स्ट के मताबिक
03:50ये खास एरिया बरायरास मुश्तरी की एनरजी के कंट्रोल में होता है. कहा गया है कि असल में यही वो
03:57मेन पॉइंट है जहां से डाइजेशन और मेटा
03:59बॉलिजम की एनरजी अपना काम शुरू करती है. और इस सोलर प्लेक्सिस को अक्टिवेट करने के लिए टेक्स्ट ने एक
04:06खास नंबर फराहम किया है. एक सौ. जी हां, ठीक सौ कदम. सोर्स टेक्स्ट वाज़े तोर पर बताता है कि
04:14दुपहर के खाने के बाद हाजमे के प
04:29बॉल्डन सनलाइट यानि सुनहरी धूप की ताकत के बारे में. टेक्स्ट कहता है कि इस खालिस सुनहरी रोशनी में वक्त
04:36गुजारने से जिगर के एंज़ाइम्स कुदरती तोर पर बैलिंस हो जाते हैं और जिस्म की जमी हुई पुरानी चरबी तेजी
04:43से पिघलना शुर
04:59परली काम करता हुआ मेटबॉलिजम ये दोनों मिलकर सुनहरी सेहत की ऐसी शील्ड बनाते हैं जो जिस्म को फुली तवानाई
05:08और वाइटालिटी से भर देती है. यही इन सारी दस्ताविजात की बुन्यादी मन्जिल है कि अंदरूनी सफाई हो ताके मुकमल
05:16सेहत हासिल की �
05:17जा सके. तो आखिर में ये वागई सोचने वाली बात है कि क्या सिर्फ इन छोटी-छोटी सुनहरी और बिलकुल
05:24नाचरल आदतों को अपनी डेली रूटीन में शामिल करने से हमारी जेनरल हेल्थ और एनरजी लेवल्स इतने डीपली कनेक्ट हो
05:32सकते हैं? यह तर्जिया सिर
05:34फैक्स रिपोर्ट नहीं करता, बलके हमें अपने रोज मरा के कामों और अपनी टोटल हेल्थ के बारे में एक नए
05:40एंगल से सुचने पर मजबूर जरूर करता है. उमीद है सोर्स मिटीरियल पर मबनी आज का ये जायजा आप सब
05:46के लिए काफी इंफरमेटिव रहा होगा.
05:48साथ रहने का बहुत शुक्रिया.
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