00:00कभी सोचा है कि आस्मान पर चमकते सितारों और हमारी physical health, specifically हमारे liver के बीच कोई connection हो
00:07सकता है?
00:07सुनने में थोड़ा अजीब लगता है ना, लेकिन आज के इस तज़िये में हम बिलकुल यही explore करने वाले हैं.
00:13एस्ट्रोलोजिकल wellness की हालिया तहकीक एक बहुत ही mind-blowing connection की तरफ इशारा कर रही है.
00:19सयारा मुश्टरी, जिसे हम जूपिटर कहते हैं, और इनसानी जिगर की सेहत का आपस में गहरा तालुक,
00:26तो बिना वक्त जाया किये, आएए सीधा इस राज से परदा उठाते हैं और देखते हैं कि ये कौस्मिक राप्ता
00:32आखिर काम कैसे करता है.
00:34अब सबसे पहला सवाल तो यही आएगा, कि क्या वाकई काईनात के सितारे और सयारे हमारी बाड़ी पर असर अंदाज
00:41हो सकते हैं?
00:41अच्छा, जेनरली इसे सिर्फ अस्ट्रोलिजी या किसमत से जोड़ा जाता है, लेकिन एक किसमे के आस्मानी वाकियात के पसे मनजर
00:48में पेश की गई ये थियोरी बहुत लॉजिकल और प्राक्टिकल है. ये सिर्फ सितारों की चाल नहीं है, बलके हमारी
00:55बाड़ी के केमिक
01:07जिसम नहीं है, बलके इसे हमारे जिगर यानि लिवर का काइनाती मुहाफिज या गार्डियन माना गया है. जिगर हमारी बाड़ी
01:15का सबसे बड़ा डीटॉक्स ओर्गन है, बेसिकली हमारा इंटर्नल फिल्टर और एस्ट्रोलिजी में मुश्तरी एक्स्पैंशन यानि व�
01:37पीक पर होता है, तो हमारे जिसम के अंदर एक खामोश लेकिन बहुत तेजी से तबदीली आती है. सयारे की
01:44जो एक्स्पैंशन वाली खासियत है वो अपना असर दिखाती है. इसकी वज़े से बॉड़ी में चर्बी और कॉलिस्ट्रॉल तेजी से
01:51जमा होने लगता है. मतल�
02:04असमानी हालात पहले से ही फैट स्टोरिज को बढ़ा रहे हों, तो हमारी रोज मरा की डाइटरी चॉइसे लिटरली आग
02:11पर तेल का काम कर सकती है. ज्यादा खाना, मीठी अशिया, भारी और डीप फ्राइड फूड्स या रोज-रोज बेकरी
02:18आइटम्स खाना ये सब चीज
02:34में एक इंतहाई स्पेसिफिक और सख्त वर्निंग भी जारी की गई है, जो लोग कॉस यानि सैजिटेरियस और हूट यानि
02:41पाइसीस के सितारे सितार लुक रखते हैं, उनके लिए ये वक्त टोटली हाई अलर्ट का है. इन जोडियाक साइन्स वालों
02:48को इस मखसूस एस्ट
03:03अच्छा, प्रॉब्लम्स तो डिसकस हो गई, लेकिन अब आते हैं सिल्यूशन की तरफ. सितारों की हालत और जिस्मानी इलाज के
03:10दर्मियान ये राप्ता वाकई माइंड ब्लोइंग है. पीला रंग जो नैट्रली मुश्तरी के अलामत माना जाता है, यहां शिफा का
03:18एक ब
03:31जो बेहद मुफीद है. तो इस हैवी काइनाती असर को बैलन्स कैसे किया जाए? इसका सबसे आसान तरीका एक छोटा
03:40सा मौनिंग या इवनिंग रिच्वल है, सिर्फ तीन सिंपल स्टेप्स हैं. पहला, नीम गरम पानी लें. दूसरा, इसमें सिर्फ एक
03:48चुटकी हल्दी �
03:48शामिल करें. और तीसरा, थोड़ा सा फ्रेश लीमो ने चोड़ लें. ये कोई आम सा नुस्खा नहीं है. हल्दी और
03:55लीमो कुदरती तोर पर लिवर सेल्स को फलश करने और बोडी को अंदर से डीप क्लीन करने की एक बहुत
04:01अजीम सलाहित रखते हैं. हल्दी के सबर्दस्
04:07बहुत मुफीत साबित होता है. और वो है हमारे किचन का हीरो लहसन, यानि कारलिक. मौजूदा हलात में रोजाना की
04:14खाने में थोड़ा सा कच्छा लहसन शामिल करना, खून की शर्यानों को साफ रखने और कॉलिस्ट्रॉल को बिल्कुल कुदरती तोर
04:21पर कंट्रोल करने का
04:22एक पहतरीन जरिया है. सोचिए जरा, डाइट में इतनी छोटी सी तबदीली हार्ट हेल्थ के लिए कितने बड़े फवाइद ला
04:28सकती है. अब क्योंके मुश्तिरी जिसमें बहुत तेजी से एक्स्पैंशन ला रहा है, तो इसे काउंटर करने के लिए हमारे
04:36जिगर को थो�
04:54जिसम को हील होने के लिए ये ब्रेक देना इस आस्मानी तेजी को स्लो डाउन करने का सबसे मुश्र तरीका
05:01है. डाइट और फास्टिंग के साथ साथ एक और इंतहाई आसान आदत है जो हमारे मेटेबॉलिजम को एक्टिव रखने में
05:08गेम चेंजर साबित होती है. और वो ह
05:10सिर्फ 20 मिनिट की शाम की हलकी फुलकी वॉक. जी हाँ, बस 20 मिनिट. ये छोटी सी डेली रूटीन हमारी
05:17बॉडी में एक्स्ट्रा चरबी को जमा होने से रुखती है और जिगर के निजाम को बिलकुल एक्टिव रखती है. वाकई,
05:23एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए �
05:25इस से बहतर इजाफा और क्या हो सकता है? इस पूरी डिसकशन और इन तमाम तहकीक का निचोड एक बहुत
05:31ही खुबसूरत फलसफे में पुशीदा है. तंदृस्ती ही असली दौलत है और साफ जिगर ही इस दौलत की बुनियाद है.
05:39हकीकी खुशाली कोई महेंगी चीज़े
05:42खरीदने में नहीं बलके हमारी अपनी अंदरूनी जिस्मानी सफाई में है. जब हमारी बौडी का सबसे बड़ा डीटॉक्सिफाइंग और्गन यानी
05:51हमारा जिगर सेहत मंद होगा तब ही हम एक पुरसकून और तवानाई से भरपूर जिन्दगी गुजार सकते हैं. इस �
06:09रोजमर्णा जिन्दगी का मुस्तकिल हिस्सा बन सकती हैं? सितारों ने तो अपना रास्ता और असर दिखा दिया है और मौडरन
06:15साइंस भी इस नैचरल डीटॉक्स निजाम की मुकमल तजदीक करती है. तो क्या आप्टिमल हेल्थ और मुकमल शिफायाबी का ये
06:21अजीम सफ
06:22और आखिरकार इनी चूटी और आसान आदात को अपनाने में ही पोशीदा है? ये वाकई सोचने की बात है.
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