00:00दोस्तों, आज के इस खास तज्जिये में सीधे मुद्दे की बात करते हैं.
00:03आठ मैई, जुमा का दिन, और सियारा जोहरा यानी वीनस.
00:07आखिर इसका हमारे जिस्म और खास तोर पर स्किन की खुबसूरती से क्या किनेक्शन है?
00:12आज हम सितारों की एनरजी और हमारी हुलिस्टिक हेल्थ के इस हैरतंगेज तालुक को समझने की कोशिश करेंगे.
00:19यहां एक बहुती बुन्यादी सवाल सामने आता है.
00:22क्या स्किन अचानक डल या फीकी लगने लगी है?
00:25अक्सर देखने में आता है कि सिर्फ बाहरी क्रीम्स और लोशिन्स पर फोकस किया जाता है.
00:30लेकिन अगर सितारों की माने तो इस फीकेपन का असली कनेक्शन दरासल हमारे अंदरूनी हॉर्मोन से है.
00:37और यह कहानी सीधा जिसम के अंदर से शुरू होती है.
00:40अगर मसला अंदर है तो इलाज सिर्फ बाहर से कैसे मुकमल हो सकता है?
00:44तो चलिए सबसे पहले इस बात को समझते हैं कि जोहरा और जिल्द का आपस में आखिर क्या रिष्टा है?
00:52अस्ट्रोलिजी के निजाम में सयारा जुहरा यानि वीनस को मिनिस्टर ओव ब्यूटी और हॉर्मोन्स का दर्जा दिया गया है.
00:59इसका सीधा सा मतलब यह है कि हमारी स्किन और किड्नीज की सिहत इस सयारे के हाथ में है.
01:04तो एहम बात यह है कि आज के दिन अगर सिर्फ हॉर्मोन्स को बैलन्स करने पर फोकस किया जाए तो
01:10स्किन खुद बखुद ग्लो करने लगेगी.
01:12यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी एहम विजारत का निजाम ठीक कर दिया जाए तो बाकी सब कुछ पर्फेक्ली
01:18और स्मूदली चलने लगता है.
01:20अब आते हैं अगले एहम पॉइंट पर हॉर्मोनल इंबैलन्स की आखिर आलामात क्या होती हैं?
01:26देखें जब जोहरा की तमानाई बैलन्स में नहीं होती तो जिस्म कुछ खास वर्निंग्स देता है.
01:33जैसे अचानक एकने का निकलाना, हॉर्मोनल मूड स्विंग्स, खुश्क स्किन या फिर पेट में पानी भरने जैसी ब्लोटिंग का एसास.
01:41खास तोर पर अगर बुर्जे सौर यानि टॉरिस और बुर्जे मिजान यानि लीब्रा की बात की जाए, तो इन अफराद
01:47को आज इन मसाइल का थोड़ा जादा सामना करना पड़ सकता है.
01:50ये जिस्म का एक इशारा है कि वीनस की इस इनरजी को ठीक करने का वक्त आ गया है. इन
01:56मसाइल से बचने के लिए जिस्म में जल यानि पानी के तवाजन को बरकरार रखना इंतहाई जरूरी है. आज के
02:04दिन बहुत ज्यादा नमकीन और मसालेदार खानों से परहेज लाजमी
02:07है क्योंकि ये पानी के बैलन्स को बिगार देते हैं. इसके बजाए ठंड़क पहुँचाने वाली सफैद और गुलाबी चीजों का
02:14इस्तमाल बढ़ा देना चाहिए. ये ठंडी, सफैद और गुलाबी चीजे दरसल वीनस की कुदरती एनरजी को जबरदस सपोर्ट करती है
02:22तो इस मसले का हल क्या है? आईए देखते हैं गुलाब और दूद का एक बहतरीन शाम का रिच्वल. ये
02:31रिच्वल बहुत ही आसान लेकिन इंतहाई असरदार है. करना सिर्फ ये है कि थोड़ा सा गुलाब का अर्ग लें और
02:38उसे कच्चे दूद यानी रौ मिलक में अच्�
02:51का हमने अभी जिक्र किया. ये नैच्रल तरीके से हॉर्मोन्स को बैलन्स करेगा और स्किन की खोई हुई चमक को
02:58वापिस लाएगा. लेकिन हुलिस्टिक हेल्थ सिर्फ जिस्म तक महदूद नहीं है. इसलिए अगला कदम है जहनी सुकून और गहरी सांस.
03:08सितारों की दशा ह
03:10हमें बताती है कि आज खुसूसन जुम्मा की नमास के बाद 15 मिनिट निकाल कर खुली फजा में गहरी सांसे
03:17लेना और मेडिटेशन करना कमाल का असर दिखाता है. ये छोटी सी मश्क ना से जहनी तनाओ यानि स्ट्रेस को
03:25जलाती है बलके जिस्म की मेटबॉलिक पावर को भ
03:32पहतरीन तरीका है. और खुली फजा में गहरी सांस लेते वक्त एक बहुत ही प्यारी टेक्नीक ट्राइ करनी है. तसवर
03:40करें कि एक ठंडी शिफा बक्ष गुलाबी रोशनी जिस्म के अंदर दाखिल हो रही है. ये विजुलाइजेशन सिर्फ एक खयाल
03:48नहीं है, बलकि ये
04:03सारी बात का खुलासा ये निकलता है दोस्तों, कि जब अंदर से हॉर्मून साफ होंगे और दिल खुश होगा, तब
04:09ही वो असली और नैच्रल स्किन ग्लो समने आएगा. ये दोनों चीजे एक दूसरे के बिना अधूरी है. अगर ये
04:16गुलाब और दूत का शानदार रिच्
04:29आखिर में एक बहुत ही एहम सवाल छोड़ कर जाते हैं. जब सितारों की इस खुबसूरत दवनाएं और हमारे जिसम
04:37की इस गहरे राप्ते को समझ लिया जाए, तो क्या ये छोटी सी समझ आने वाले वक्त में स्किन केर
04:43और मुकमल सिहत के नजरिये को हमेशा के लिए बदल
04:46नहीं सकती, इस गहरे तालों पर जरूर गोर कीजेगा.
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