00:00आदाब, आज के इस तफसीली तज्जिये में हम एक नहायत ही दिल्चस्प तहकीक पर बात करने वाले हैं। सोचिए जरा,
00:07क्या हमारी रोजमर्रा की जिस्मानी सिहत का सीधा तालुक निजाम शमसी यानि सूरज के साथ हो सकता है। चलिए इस
00:13मालूमाती निशास्त का आगास
00:15करते हैं और देखते हैं कि प्लैनेटेरी सोलर एनरजी किस तरह वेल बींग को मुतासर करती है। ये वाकई हैरानकुन
00:22होने वाला है। सूरज की शुरुआत ही इस जबरदस दावे से होती है कि शमस यानि सूरज हमारे जिस्म के
00:29सबसे एहम हिस्सों जैसे दिल, आंखों की �
00:32रोशनी और कुवत मुदाफियत को मुकमल तोर पर कंट्रोल करता है। मतलब सूरज सिर्फ बाहर रोशनी ही नहीं दे रहा
00:39बलके इस तहकीक के मताबक ये हमारी अंदरूनी तवानाई का एबसलूट बादशा और शिफा का सबसे बड़ा जरिया है। इसे
00:46बिलकुल हमारी �
00:47जिन्दगी का मरकज बताया गया है जो इस पूरी जिस्मानी मशीन को चला रहा है। तो आईए देखते हैं पहला
00:53हिस्सा और साथ ही समझते हैं उस भारी शम्स की वज़ए से पैदा होने वाली जिस्मानी अलामात को। तो जब
01:02ये शम्सी तवनाई हेवी हो या कहलें के अन
01:17इसके इलावा बेवज़ थकान, चेहरे पर जर्दी और सर के अगले हिस्से में दर्द रहना भी शामिल है। ये दरसल
01:24वाजिया निशानिया हैं जो बताती हैं कि दिल पर लोड बढ़ गया है और तवनाई का बैलन्स पूरी तरह आउट
01:31हो चुका है। अकसर लोग इन अला
01:46पर बुर्ज असद यानि लियो वालों को मेंशन किया है। बताया गया है कि इन लोगों पर इस अन बैलन्स
01:54सोलर एनरजी का असर सबसे ज्यादा और जल्दी होता है। ये वाकिस सितारों के इल्म और जिसमानी सेहत का एक
02:00अजीब और मुनफरित कनेक्शन है जहां आसमान के
02:04सितारे डायरेक्ली जिसमानी हिदाया बन जाते हैं। अब नुकसान से बचना कैसे है? इसका फॉर्मिला इंतहाई वाज़ दिया गया है।
02:12कुछ चीजों से मुकमल परहेज लाजमी है। जैसे शदीद गुसा, इंतहाई तेज नमकीन खाने और सीधी सخت धूप में खड़े
02:32जा सकती है। चलिए अब बढ़ते हैं अगले हिस्से की तरफ, Restoring the Solar Balance. इसमें हम सुनहरी इलाज और
02:39ठंडे रिच्वल्स के जरिए शमसी तवाजन की बहाली को समझेंगे।
03:02आने का ये concept सच में काफी अनोखा है। अच्छा इस पूरी तहकीक में एक अदद यानी एक नमबर बार
03:10बार रिपीट होता है और वो है पांच। अब ये सिर्फ कोई आम अदद नहीं है, बलकि इन शिफाई रिच्वल्स
03:17की पूरी foundation है। ऐसा लगता है जैसे कुदरत के इ
03:30पांच का नियम। सुबह सवेरे इनका छिलका उतार कर खाना है जिसके बारे में दावा है कि ये दिमाग को
03:37फौरी रोशनी फरहाम करता है। और तीसरा स्टेप आँखों में थंडे पानी और थोड़े से अरके गुलाब का छीटा मारना
03:45है। बताया गया है कि इस से नजर ह
03:58तीसरे हिस्से की जानिब सोलर थेरेपी और सांस की मश्च पर अबूर हासिल करना। डाइट के बाद अब फिजिकल हीलिंग
04:06की बारी आती है। ये मश्च आसान जरूर है मदर इंतहाई असरदार बताई गई है। करना ये है कि सुबह
04:12या शाम के ठंडे वक्त सूरज की तर
04:27आता है कि सिर्फ पांच मिनिट से क्या होगा तो सोर्स के मताबिक इस छोटी सी मश्च के फवाइद वाकई
04:33हैरान कुन है। ये हार्ट रेट को कुदरती तोर पर बैलन्स करती है, बंद शिर्यानों को खोलने में मदद देती
04:39है, जिसम में नैच्रल विटमिन D बनाती है और
04:42इम्यूनिटी को इस कदर मजबूत करती है जिसे बुलिट प्रूफ कहा गया है, मतलब एक छोटी सी सुबा की आदत
04:47लेकिन इसके नतायज इंतहाई वसी हैं। इन तमाम रितल्स और मश्कों का असल मकसद सोर्स ने एक नहायत ही खुबसूरत
04:56लाइन में समेटा है। जब हम
05:11बाहर की दुनिया भी हसीन महसूस होती है। तहकी के आखिर में फॉलोर्स को एक एहम एहद करने की दावत
05:18दी गई है। उन्हें इम्यूनिटी बूस्ट लिख खर अपना इरादा जाहर करने को कहा गया है। ये बस एक बाकाइदा
05:25आगाज है, एक अजम है इस शमसी अमल को
05:28अपनाने का और खुद को बेहतर बनाने की तरफ पहला कदम उठाने का। और इस दिल्चस्प तज़िये के आखिर में
05:35हमारे पास खौर करने के लिए गहरा सवाल रह जाता है। क्या हमारी मुकमल सहत का राज वाके इस कुदरती
05:42तवानाई और प्लैनेटरी बैलन्स में छ�
05:58झाल झाल झाल झाल
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