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Vat Savitri Vrat Parana Time 2026: हिंदू परंपरा में स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए तमाम व्रत का पालन करती हैं. वट सावित्री व्रत भी सौभाग्य प्राप्ति के लिए एक बड़ा व्रत माना जाता है. यह ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है. इस बार यह व्रत 16 मई को किया जाएगा. वट सावित्री का व्रत सम्पूर्ण परिवार को एक सूत्र में बांधे भी रखता है. वट वृक्ष (बरगद) एक देव वृक्ष माना जाता है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सावित्री रहते हैं.Vat Savitri Vrat Parana Time 2026: Vat Savitri Vrat Parana Samay,Nirjala _ Falahar Vrati Kya Khakar Khole ?

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~HT.504~PR.111~ED.120~

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00:03साल 2026 में वट्सावित्री व्रत 16 मई शनिवार को जेश्ट अमावस्या के दिन पढ़ रहा है इसी दिन शनिजैन्ती और
00:10शनिश्चरी अमावस्या का बेहद शुब संयोग भी है गुजरौत और महराष्ट में ये पर्व पूर्णिमा के दिन 29 जुन को
00:18मनाया जाएगा
00:20वट्सावित्री व्रत की परंपराओं में निर्जला यानि की बिना अन जलके और फलाहार यानि की फल खाकर दोनों ही तरह
00:27से व्रत करने का विधान है ऐसे में वट्सावित्री व्रत के पारण का सही समय क्या है साथ ही किस
00:34विधी से आपको ये व्रत का पारण करना होगा भले
00:37आप निर्जला या फलहार वरती हों आईए इस वीडियो में आपको बताते हैं
00:42जो महिलाएं पूरे दिन बिना अन्न और जल के कटूर वरत कर रही हैं
00:46उनके लिए पूजा के तुरंत बाद ही आंशिक पारण शुरू हो जाता है
00:50सोला मै को सुबह की मुख्य पूजा संपन्न करने के बाद
00:54जो कियामतोर पर सुबह साड़े आट बजे से दोपहर के बीच संपन्न होगी
00:59उसके बाद वटवरिक्ष की पूजा परिक्रम और कथा पूरी कर
01:03माता सावितरी से अखंड सोभागे का आशरवाद मांग ले
01:06अब आप बर्गत की एक नई छोटी कोपल और भीगे हुए चने के पाँच या साथ दाने हाथ में ले
01:13ले
01:13इसे बिना दातों से चबाए पानी की मदद से निगलने के साथ ही आपका नर्जला का नियम पूरा होगा
01:20और आप इसके बाद पानी, नीमबू पानी, शर्बत, चाय, कॉफी आदी का सेवन कर सकती है
01:26कई शेत्रों में निर्जला रहने वाली महलाए कोपल निगलने के बाद शाम को या अगले दिन सुबह सात्वे को भोजन
01:32जिसमें पूरी, कड़ी या चने की सबजी खाती है
01:35यह आपके पारिवारिक रिवाजों पर निर्भर करता है
01:39पयागरा फलाहार वरती है
01:41सुबह की मुखे पूजा समाप्त होने के बाद पहला अंच, कोपल और चना ग्रहन करें
01:46इसके बाद दोपहर या शाम को फलाहार करें
01:48पूर्ण पारण यानि की अन ग्रहन अगले दिन सुबह सत्रह मई को ही किया जाएगा
01:54सुर्योदे के परशाद
01:55इस दोरान आप खरबूजा, आम, दूद, मखाना, कुट्टू, सिंगाडे के आंटे का हलवा
02:01या पूरी सेंधा नमक से बना हुआ खा सकती है
02:04वहीं आपको बता दें कि पूजा का सबसे शुम मुहुरत है
02:0716 माई को सुबह 7 बच कर 12 मिनट से 8 बच कर 24 मिनट तक
02:13इसके बाद अभीजीत मुहुरत दोपहर 11 बच कर 50 मिनट से 12 बच कर 45 मिनट तक है
02:20और वहीं पारण का समय दोपहर एक बज़े के बाद से शुरू होता है
02:25फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
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