00:03हर साल जेश्ट महीने की अमावस्या पर वट सावित्री वरत रखा जाता है।
00:08इस बारी वरत 16 मई दिन शनिवार को पढ़ रहा है।
00:11ऐसे में अगर आप भी वट सावित्री वरत रखने जा रही हैं,
00:16कि वट सावित्री वरत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।
00:19सबसे पहले तो आपको बता दे कि वट सावित्री का वरत उन कठिन त्योहारों में से एक है,
00:24जिसमें महलाएं निर्जला वरत रखकर अपनी सुहा की रक्षा के लिए भगवान से मनुकाम न मांगती हैं और उसी की
00:31पूर्ती के लिए भी अन जल त्याक कर वरत का संकल्प लेती हैं।
00:36बदलते समय में कई महलाएं स्वास्त कारणों से फलाहार वरत रखने की सोच रही हैं।
01:07अगर ये निर्जला वरत रख रही हैं तो ब्रम मुहुर्त शुरू होते ही आपको कुछ भी अन जल ग्रहन नहीं
01:14करना है।
01:15उसके बाद बरगत के पेड़ की पूजा करने के पशात शाम के समय ही बरगत के पेड़ की कली को
01:21काले चने के साथ खाने के बाद आप अपने वरत का पारण करते हुए सात्विक भोजन ग्रहन कर सकती हैं।
01:56लेकिन सबसे पहले आपको तब भी जल ही पीना होगा।
01:58सामाने नमक का अस्तमाल ना करके सेंधा नमक का अस्तमाल खाने की चीजों को बनाने के लिए करें।
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