00:03साल 2026 में वट सावित्री वरत 16 मई शनिवार को रखा जा रहा है ये वरत जेश्ट अमावस्या के दिन
00:10रखते हैं धार्मेक मानिता है कि इस दिन सावित्री ने अपने तप प्रेम और संकल्प से यमराज से अपने पती
00:17सत्यवान के प्राणवा पसलिये थे
00:19आईए इस विडियो में जानते हैं कि वट सावित्री पूजा में किनगिन चीजों की आपको जरुवत पड़ेगी
00:24मुख्य पूजन सामगरी
00:26वटवरिक्ष की पूजा के लिए जल
00:28सावित्री सत्यवान की तस्वीर या मूर्ती
00:30बर्गत की छोटी डाली या पोधा
00:33पूजा की चोकी लाल या पीला कपड़ा
00:36पूजा में स्तमाल होने वाली सामगरी
00:38रोली, हल्दी, कुमकुम, अक्षत, पूल और फूलो की माला
00:42धूप और अगरबत्ती, करपूर, घी या तेल का दीपक, कलश, गंगाजल, जन्यो
00:47बर्गत, पूजा के लिए जरूरी चीजें, कच्चा, सूथ या कलावा, बांस का पंखा, सुपारी, पान के पत्ते, नारियल, दक्षणा
00:55सुहाग सामगरी, सिंदूर, लाल चूडिया, बिंदी, महंदी, काजल, आलता, चुनरी या साडी
01:00भोग और प्रसाद, भीगेवे काले चने, गुडबताशे, मिठाई, खीर या पुवा, पूरी, मौसमी, फल, जैसे आम, तर्बूज, खर्बूजा और केला
01:09वट सावित्री वरत को अखंड सौभागे का वरत मानते हैं, इस दिन बर्गत के वरिक्ष की पूजा का विशेश महत्व
01:15है, क्योंकि वट वरिक्ष को लंबी आयू और स्थरता का प्रतीक मानते हैं, महला इस दिन वरत रखकर पती की
01:20लंबी उम्र और परिवार की खुशहा
01:22की परातना करती हैं, फिल हाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को
01:28सब्सक्राइब करना न भूलें
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