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Harish Rana Last Video: बेटे के लिए मौत की भीख!" 13 साल तक सेवा करने के बाद जब एक बेबस बाप अपने कलेजे के टुकड़े के लिए 'इच्छामृत्यु' मांगे, तो समझ लीजिए कि सिस्टम हार चुका है। हरीश राणा की यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि रूह कंपा देने वाली वो हकीकत है जिसे सुनकर आप भी सन्न रह जाएंगे।

This is the heartbreaking story of Harish Rana from Mohali, who has been in a vegetative state for 13 years. His elderly parents, Ashok Rana and Nirmala Devi, have exhausted all their resources and are now pleading for passive euthanasia for their son. Despite their dire situation, the High Court denied the plea, stating Harish is not on life support. This case highlights the legal and emotional struggle of families dealing with terminal conditions in India.

#HarishRana #PassiveEuthanasia #JusticeForParents #OneindiaHindi #HeartbreakingNews

~PR.250~HT.318~GR.508~

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Transcript
00:00सबसे माफ करते हुए, उस सबसे माफ की लिटते हुए, आज़ोता
00:09कौन मादा पिता पना चाहता है कि अपने बेटे को ऐसे करे
00:17क्या पता हुँ मैं आपको कैसे लगता हुआ
00:23ऐसे पता नहीं हरीश जाचे कितने लोग बड़े हैं, उनका भी कल्यान हो
00:27एक बाप जब अपने जवान बेटे के लिए मौत की भीख मांगने लगे तो समझेना चाहिए
00:32कि इस दुनिया में अब उमीद और होसले ने पूरी तरह दम तोड़ दिया
00:37सोशल मीडिया पर वाइरल होते उस वीडियो ने हर किसी की रूम कपा दी
00:41जिसमें बेबसमा अपनी करेजे के टुकुडे को उस दुनिया से विदा करने की इजासत मांग रही थी
00:47यह सिर्फ एक खबर नहीं बलकि एक जीते जागते इंसान के खंडर बन जाने की और एक हंस्ते खेलते परिवार
00:53के शमशान में तब्दीर होनी की सबसे दर्दनाग तांसता है
00:57तेरह साल यानि की 4745 दिन और उससे भी कहीं ज्यादा लंबी काली राते हरिश राना के माता पिता ने
01:06अपने जीवन के एक एक पल को बेटी की उस तही की सेवा में जोंग दिया जो ना हिल सकती
01:11है ना बोल सकती है और ना ही अपनी आँखों से माता पिता के आंसों को देख स
01:16साल 2013 में मोहाली की उस चौथी मंजिल से हरीश नहीं गिरा बलकि पूरा परिवार अपनी खुशियां समेत गहरी खाई
01:25में जा गिरा इन तेरह वर्षों में उस खर से सर्फ खुशियां ही रुखसत नहीं हुई बलकि के करके सब
01:31कुछ बिग गया बेटे के इलाज के खातिर �
01:34पिता ने अपनी उम्र भर की कमाई लगा दी मा ने अपनी जीवर उतार दिये और घर की दीवारे तक
01:39कर्ज के बूच तले दबती नजर आई आज हालत ये है कि घर में दवाईयों की गंध तु है लेकिन
01:46दूवक्त की रूटी का सुकूर नहीं बचा उस वारल वीडियो में
02:02बलकि उस लाचारी से है जो कि बुढ़ाबे की दहलीस पर खड़े इन माबाप को हर पर डराती है उनका
02:08सबसे बड़ा डर ये कि उनका बेटा मर जाएगा उनके सबसे बड़े डर में ये भी शामिल है सबसे बड़े
02:14खौफ में ये कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो उनके �
02:18पीछे इस जिन्दा लाश को एक घूट पानी कौन पिलाएगा अदालत की चौकट पर जब ये गुहार कहुची तो कानून
02:24की किताबों ने मानविय समवेदनाव कूट थेंगा दिखाया कोट ने कहा कि हरीश वेंटिलेटर पर नहीं है वो खुद सांसे
02:30ले रहा है इसलिए
02:31उसे पैसिफ युथेनेश्या यानि कि अच्छा मित्यूब नहीं दी जाएगी कानून की नजर में वो जीवित है लेकिन उन माबाप
02:37की नजर में देखिये तो रोज उसे बिस्तर पर सड़ते हुए देखना पड़ा एक ऐसा शरीर जो कि सर्फ सांसे
02:43ले रहा था लेकिन जस
03:00में वो ताकत कि वे अपने भारी भरकम जवान बेटे को करवट भी दिला पाए यह मामला हमारे समाज और
03:06कानून के मूँपर एक तमाची की तरह था जिसे अब सुप्रीम कोट ने उस तरह बदलने की कोशिश की जैसा
03:13कि उनके मादर पिता चाहते थे सुप्रीम कोट से इज
03:17जाजत मिली बेटे को मौत की तरफ मोडने की अब इस दुनिया को छोड़कर आगे बढ़ चले हैं पैसिव यूतिनेश्या
03:26के साथ हरी श्राणा हरी श्राणा वही हरी श्राणा जिसके इलाज में परिवार ने अपना सब कुछ बेच दिया घर
03:33जेवर इसके साथ साथ वो प
03:47जो भी टेकनिकल मशीने हैं तवाईया हैं वो सब हरीश से हटा ली जाए जिसके बाद वो अस दुनिया को
03:54अलविदा कह सके जिस बेटे को कभी उन्होंने अपनी लाठी समझा था आज वही उनकी बेबसी का सबसे बड़ा कारण
04:00बन गया वारल वीडियो सिर्फ एक दल जंक
04:04जोड़ देने वाला वीडियो नहीं है बलकि माता पिता के कलेजे को फार्ट देनी की वो तस्वीर है जो कभी
04:10एक दंबत्ती ने नहीं सोची थी कि उनके बेटे के साथ उनके बेटे की विदाई इस तरह से होगी यह
04:16अंतिम विदाई का संदेश था जो कि सीधे तौर पर उ
04:20उन्हें हमेशा के लिए अलग करने बाला है बैराल आप मामले को कैसा देख रहे हैं मामले पर आपकी क्या
04:27राय है कूट पर आपकी क्या राय है कॉमेंट बॉक्स आपके लिए है अपने टिप पढ़ी जरूर कीजेगा
04:36अब आप
04:37आपके बॉक्स आपके लिए अपके लिए लग्ए ऑर कुमें जरूरूर पर आपके लिए
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