00:27इसमें हाथ होता है बच्चे के पैदा होने से लेके
00:30उसकी हर एक चीज़ वो कहां पैदा हुआ कहां पला बड़ा उसको फानेशली कितना उसके पैरेंस ने सपोर्ट किया उसे
00:38किस स्कूल में कहां और कैसे भेजा गया
00:40मैं चुनावी मामला नहीं कहूंगा क्योंकि लिगल प्रपोजीशन को देख तो मीट एक होता है जो कि ओनरिबल सरकार के
00:46द्वारा ऐसे ओनलाइन केसे के लिए चलाया जाता है उसमें जो में पेडिशनर ते उन्होंने चैलेंज किया कि यह सब
00:52अभी तक ट्वीटर से हटे क्य
01:08हैं और इसलिए उन्होंने बात उठाई सभी धर्मों का संबान करते हैं यह मामला तब हुआ जब दिल्ली के त्री
01:13नगर में एक महला बलकि कुछ परवार सुवर पालन करने लगते हैं उनके गले में पट्टा डाल गुमान लगते हैं
01:22कहते हैं कि हमें कुछ लोगों से बच
01:38इंता जहर की है क्या है सरपूरा मामला देखी 2013-2017 के भी राना यूब ने बहुत सारे ऐसे अपने
01:44इस्टाग्राम से अपने एकस ट्वीटर से बहुत सारे ऐसे रिलीजियस सेंटीमेंट्स को लाने के लिए बहुत सारे मैसेज किये थे
01:50जिसकी वज़से लोगों ने उनके उ
02:06साइबर सेल को एसेचो को और सभी लोगों को बोला है कि इसमें इन्मिस्टिकेशन तेज करिए और जल्द से जल्द
02:12रिपोर्ट लगाए क्योंकि ऐसे मामलों में हम किसी के भी छूट परदास नहीं करेंगे और इनके उपर जो धाराएं लगी
02:19थी वो आई-पी-सी की धारा
02:20153A, 292A और 505 लगी थी जिसमें religious sentiment को hurt करना, criminal intimidation और बहुत सारे sections को include
02:29किया गया था
02:45Article 19 sub clause 2 जिसमें public health, morality और बहुत सारी ऐसी चीज हैं जिसमें कि संपरदाइक दंगा न
02:52भढ़क सके भारत का संप्रभुता पर कोई खत्रा न पढ़ सके ऐसी चीजों पर रोक लगने के लिए उनको यह
02:58बात ध्यान में दिना चाहिए
03:00और honorable Supreme Court ने Indian Express versus Union of India और Bennett Coleman versus Union of India में सापका
03:05है कि पत्रकारों के पास बहुत सारे अधिकार हैं पत्रकार चोथे सम्म हैं लेकिन एक पत्रकार होने के नाते उनकी
03:12जिमिदारी और भी बढ़ जाती है और अगर वो ऐसा कोई भी काम करते हैं जिससे की freedom of speech
03:18and expression का misuse हो रहा है तो उनक
03:28पूरी पूरी समझा दी कानून क्या कहता है और किस तरह की पाबद्नी है freedom of speech की क्या limitations
03:34है सारी चीजे विशाल जीस हमारी समझ में आती है मामला 2000 से 13 का है और मैंने जब इस
03:40बात की इस वीडियो के स्टार्ट किया तो मैंने भी जोड़ा उसे ती नगर के सूर पालन बाले माम
03:58तो यह तो नहीं कहता कि हाई कोट में पैर भी की जाएगी तभी कोट उसको करेगा या सो मोटो
04:05लेगा क्या है तो यह क्यों है कि अस मामले से अब इनकी 12 जो इस टेंडर्ड है पतकारता में
04:11जैसे मैं यह खड़ा हूं मैं किसी हिंदू धरम को लेकर के ज्यादा बहतर बाते
04:16करने लगूं और दूसरे धरम को अपने पतकारता के निजरिये से नीचा दिखाने लगूं तो दोरा स्टेंड होगे मेरा वही
04:23उनका खुल क्या तब इसके बात क्या यह प्रक्रिया तेज हुई है बिलकुल बिलकुल देखिए बहुत सारी चीजे आपने पूछी
04:28और इसका
04:46सेंटिमेंट्स को करते हैं के लिए और बिबादास पची जिससे सोसाइटिम हेटरेट फैले यहां हिंदू-बुस्लिम का लड़ाय नहीं है
04:51यहां जो देखिए किसी की व्यक्तिकात च्वास हो सकती है लेकिन जब आप अपनी सोसल मेडिया पे आप कुछ डालते
04:56हो तो वहा
05:20सामने वाले किसी हेट पोस्ट में इसका कोई डिपकासन नहीं सोसाइटी को बहुत ही सेंसेटिविटी के साथ पेसाना चाहिए तो
05:27मैं मानता हूं कि इस पर जो करवाई हो रही है आज पुस्पंदर कौर्ण की कोड़ की कोड़ने जो सुप्रम
05:32वहां पे है लिली हाइए को�
05:38इस पर तुरत एक्षन लीज़े जो भी सोसंगा धरव में इनको नॉन वारंट करके इनको एक्स्पेड़ेट करके और फिर उस
05:49पर कारवाई करें को कि कारन क्या है कि एक पोस्ट लाइजर इंपक्ट होगा तो उस पर बहुत कारवाई बहुत
05:54ज्यादा जोड़ी है प्रिव
06:07मेजर्स पर वहां पर सुगर पालन और सारा चीज़ कर रहें अपने बचने के लिए सारा ऐसा कुछ पलाएं जैसे
06:12कहराना और मेवाद नूमें भी होता है इसी को लेकर करना यूब का यहाद थी कैसा ने अगर उनको समयदान
06:16में दोनों बढ़कों के लिए सब आदमी को अ�
06:35किस चीज़ को लगे दिमाख में आती तो मैं नहीं का सकता को फिर प्रवारिस का लिए नहीं कुछ कहूंगा
06:54लेकिन यतना जो यह कर रही है वह इरादतन कर रही है पत्रकार काम होता है दोनों पक्ष को दिखाना
07:01सेलेक्टिव मेजर्स लेना कि नहीं सिर्फ यहीं विट्टी में और यहीं अपड़ादी है यह गलत है मैं मानता हूं पत्रकार
07:07और जो आजकल कमेडियन है वह पत्रकार कमेडियन कम वह रिलीजिय सेंटमेंट को बढ़ाने वाले बात कामड़ा का भी मैटर
07:13यही था बिल्क�
07:28सवियना जी यह जो चीज है इसमें मैने परवरिस की बहुत अच्छी समझाया मैं परवरिस में ऐसा जोडता हूं सिक्छक
07:36भी उसमें होते हैं वहीं परवरिस का हिससा जोड़ घ। भी हम पढ़ते हैं तो कई बार एद्यूकेशन सिस्टम जिसकों
07:43कई बार जैसे जामिया है
07:45या काली का इनिवर्स्टी है हम उसको राते कि अलब संक्यों की संस्किर्थी बची रहे उनको आगे आने का अपसर
07:53मिले लेकिन उसकी आड़ मैं जैसे बताया कि बिदेशी फंडिंग की भी संभावना रहती है बहां पे हमारे युवाओं को
07:58बरगलाया जाता है उनके दिमाख
08:00में यह नफरत यह किस तरह का आपको लगता है पहली चीज तो मैं सबसे पहले यहां पर सबको और
08:07इस मीडिया के माद्यम से पूरे और इंडिया को यह कहना चाहती हूं कि कभी भी किसी भी रिलीजिस परपस
08:13में पटी कूलर किसी एक एजुकेशन सिस्टम का हाथ नहीं होता
08:17है इसमें हाथ होता है बच्चे के पैदा होने से लेके उसकी हर एक चीज़ वो कहां पैदा हुआ कहां
08:24पला बड़ा उसको कितना उसके पैरेंस ने सपोर्ट किया उसे किस स्कूल में कहां और कैसे भीजा गया और उससे
08:32बड़ी बात हमारी गौवर्मेंट आज की टाइम पे
08:35और इंडिया में मानलो हंडिट मैं से एटी परसंत या सेविटी परसं Ep scanner भटने सब्सक्णों के पढ़तें कसी बच्चे
08:50को आज तक मेरे किसे भी एड्योकीर वे टीचर ने कुछ नेगीटिव पढ़ है ना किसे सब्सक्रिट अजन के पढ़ाया
09:02है तो यह वीडन पर्सेश
09:07तरह के लिए पदाए कि कभी भी रच्च को बच्चों के इस पी पड़ेयर लाइब सकते हैं यह हमारे सोसाइटी
09:27हमें सिखाती है यह चीज़े आई है यह हमारी पॉल्टिक्स हमें
09:31सिखाती है यह जो आज के टाइम पर धर्म के उपड़ इतना गंदा खेल हिला जा रहे हैं वह सारगा
09:37सारपाट हमारे आसपास को आज को वातवरन को क्रेड किया जा रहे और जो हमारी पॉलिटिक्स है और जो हमारी
09:45आसपास की इंसिदेंट्स हो रहे उनका उसका बहुत बढ�
09:54प्रवाँ चीजे आती हैं जो आरोप लगते हैं उन्हीं को लेकर के मैं आप लोगों के सामने आता हूं कानून
09:59की बात हो गई लेकिन कहीं ना कई कानून से
10:02सिस्टम को भी रोका जा सकता है उसको पारदरसता लाई जा सकती है मैंने कहा कि यह जो अलब संख्यक
10:10हमारे खास और से मुस्लिम की बात करो बहां पे चीज आ रही है बहुत अच्छे संस्थान उनको आगे बढ़ने
10:15की सारी चीजे लेकिन बहां पर बैक डोर से हमारे वाओं क
10:29घरियम सिद्ध कर लेते हैं कि ऐसा हुआ है तो हमारा कानून और वो कहां उसके लिए क्या लगता है
10:34कि इस मामले में भी सुप्रीम कोट तो की दिमाख हमारा बदलता है
10:39तब ही हम ऐसी हरकत कर देखिए इसके लिए मैं साब साब करना चाहता हूँ कि अब देश को जरूरत
10:58है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड हो और यूनिफॉर्म सिविल कोड की बाद ऑन्रिबल सिप्रीम कोड इसलिए कर रहा है
11:03तब सबके लिए एक इजुकेशन होगा तब सबके लिए एक साधी होगी तब अगर जो दो से जाते बच्षे पैदा
11:09करेंगे उनको सरकारी संसाधनों का लाब नहीं दिया जाएगा रिजरवेसन का लाब नहीं दिया जाएगा।
11:33कोट ने सरीयत के एक Presence को डिभाइन करती हुए उसमें एक मुस्लिम
11:37महिला ने चेलेंज किया था कि जैसे हिनदू lol मे तिया गया है वैसे ही
11:43मुस्लिम logg को भी चेंज किया जाए सरीयत को भी चेंज किया जाए और हमको भी
11:47अधिकार दिया जाए और इसके पहले साहबानों और साहरा बानों के केस में
11:51सुप्रीम कोट ने मुस्लिम महिलाओं बहनों को अधिकार दिया है तो कही
11:55न कही समय और कोट तो कही रहा है लेकिन इसको इंप्लिमेंट करने के लिए
11:59गवर्मेंट की बहुत कड़े रूल लाने पड़ेंगे और गवर्मेंट थोड़ा बहुत प्रियास कर रहे हैं जैसे वक्षट को लाके थोड़ा
12:05सा प्रियास किया था हाला कि वो अभी मामला सुप्रीम कोड में सब जुडिस है इस्टे लगा हुआ है तो
12:10उस पे जादे कुछ
12:11हो नहीं पाया तो ऐसे कानून को लाना पड़ेगा दूसरी बात मैं कहूंगा कि आज हमारे देश में हैं कि
12:17कैसे छोटे-छोटे बच्चे कहते हैं कि खामनेई के लिए हम बंपोर देंगे अमेरिका से लड़ लेंगे ट्रम से लड़
12:23लेंगे अगर इन्हें सही सिच्छा ज
12:37सकते हैं जिनोंने अपनी जान की परवान नहीं करते हुए पाकिस्तान में जाकर में परेक्तोंसींदूर में हमला किया तो इन
12:43बच्चों को इन लोगों को सही दिशा광रा देने की जरूरत है पहला सवाल ता उस पेंफ्य दद्र सबसे प menu
13:04पत्रकार है
13:07और इनी ने 2013 से तब तक किया है लेकिन अब जो हाई कोर्ण आया तो इसे क्या माने कि
13:15कहीं ना कहीं पहले लापरवाही थी या भी चुनावी मामला है तब यह हुआ
13:21दस भी सेकेंड अगर बता सके हैं नहीं देखिए मैं चुनावी मामला नहीं कहूंगा क्योंकि लिगल प्रपोजीशन को देखा तो
13:26मीट एक होता है जो कि ओनरिबल सरकार के द्वारा ऐसे ओनलाइन केसे के लिए चलाया जाता है उसमें जो
13:32में पेडिसनर थे उन्होंने चैले
13:45नहीं चकते इसलिए आज जब अधिकोट में मामला था तो हाई कोट ने कहा कि सबसे पहले एक्स को जवाब
13:52देना पड़ेगा कि कि इसके डिलीट किये हैं और कितने अभी तक है और इसमें मैं बता दू अगर अभी
13:58तक पोस्ट होंगे तो इसमें एक्स को भी लाइबल ऑनर
14:14चाहिए को मेडिया ने चाहिए को नलकामड़ा हो चाहिए को ब्रण गुडबर चोई जो वहां पर इस तरह के कि
14:18जो हैट्रेट हो या कोई भी व्यक्ति जो हैट्रेट इस दे उसको कम सक्क्रम एनसे की धाराओं मिलाना चाहिए क्योंकि
14:23जो आई-पी-स और बीनेस की धारा�
14:41पर सिर्फ और सिर्फ ऐसी बात करते हैं जो जन भीत को जन भाबनाओं को आहत करतात में काता तुरत
14:46करवाई होनी चाहिए और कानुन में संसोधन करके इस तरह क्या प्राजू हैट्रेट स्पीच हो उसको एनसे कंदरगात लाना चाहिए
14:52लगता है आप आपकी यही राहे है
14:57डेफिनेटली लगना चाहिए और यह आना भी चाहिए क्योंकि जस्ट बिकॉस ऑफ हेट स्पीच एंड हेट थाट्स एंड हेट व्यूस
15:04काफी लार्ज संख्या में यह लोगों पर इंपक्त करता है आज कल सोशल मीडिया इतना ज्यादा लाइक लार्ज हो गया
15:13है कि हर किसी
15:27सारीके के हेट स्पीच समाज में ना फैले और इन लोगों को डर हो अपने इस तरह के वीव रखने
15:33के लिए कि हम जो बोल रहे हैं वो सही है हम उसके लिए रिस्पांसिवल है यह नहीं है आपकी
15:38बात से एक सवाल और निकले हैं क्योंकि जब मैं सोचता हूं को कानून बनता
15:56होता है जब कानून बहुत सक्त बनता है तो उसका दुर्पयोख से बहुत बड़ा खत्रा होता है तो यह अगर
16:04सोचल मीडिया पर इतना सक्त कानून बन गया जैसे हम आप चाहा रहे हैं क्योंकि चाहा इसलिए रहे हैं कि
16:08उसका इंपक्ट इतना वड़ाएगी सहर के सहर बर
16:25देखा जाए तो नहीं पता है कि आपकी ये views कहा कहां जा रहे हैं यह सकता है को
16:30सकता हो सकता ह pencil थिखा जब बिखा जाए हो सकता हो सब
16:52आपको देखिए कि आपको यह पता होना चाहिए कि आपकी लिमिटेशन कहा तक है दूसरी बात कानून इसले सक्स मनाना
16:57जोड़ी है
16:57इंप्लिकेशन हो आपका मुल सबाल जो अब है कि इसका दूर्प्योग दूर्प्योग के लिए कंपेंसेटरी जुडिस्पूडेंस होना चाहिए कि कोई
17:03फॉल्स केस अगर आपके उपर कर दिया है मैली सेसली आपको दबा दिये गया आपकी अबाज को या कोई तो
17:10उसके लि
17:24सबसे पहले का आपको लगता है कि यह जो बीच में है दुर्प्योग रोकना आसान होगा जी बहुत यह आसान
17:30होगा क्योंकि अभी पिछले दिनों ऑनरेबल चीफ जश्रीस ऑफ इंडिया ने कहा कि जितने भी मेटा की सर्विसेस हैं चाहे
17:36वो फेस्बूक हो चाहे इंस्ट
17:49कुछ बंद करकर चले जाएं तो यह चीज यह पिछले कुछ दिनों से हो रही है और मेरा मानना है
17:53कि ऑनरेबल सुप्रीम कूट अगर चाहा जाए तो बहुत जल्दी सकती लगा देगा क्योंकि आजकल हम कोई भी एप यूज
17:59करते हैं सबसे पहले वह हमारे फोन का एक्सिस म
18:01करते हैं और केस पुट्टा स्वामी वर्सेज यूनियन आफ इंडिया के केस में जिसमें की राइट टू प्राइवेसी इस आलसो
18:06फ्रीडम आफ पंडामेंटल राइट तो उसको भी वाइलेसन करते हैं तो इस पर भी सकते है कोट मुझे लगता है
18:12कि जल्द से जल्द इस प
18:30आप बात करते हैं तो हाई कोट का जो आदेश से प्राना यूप पर नहीं है जह हम पर आप
18:35पर भी अगर आप पत्रकार भी है कोई एक्टिविस्ट भी हैं कॉमेडियन भी है कुछ भी है तो आपको ध्यान
18:42अखना पड़ेगा फिलाल बकीलों की इस राइस से आप क्यातना स
19:00हुआ हुआ है
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