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दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्रकार Rana Ayyub के कथित विवादित ट्वीट्स पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में ये पोस्ट आपत्तिजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक प्रतीत होते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने X (Twitter), केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

इस पूरे मामले को समझने के लिए OneIndia Hindi की टीम ने सुप्रीम कोर्ट मीडिया पार्क से ग्राउंड रिपोर्ट की, जहां हमने सुप्रीम कोर्ट के वकीलों Vishal Singh Chandel, Suraj Kumar Jha और दिल्ली हाई कोर्ट की वकील Sabina से खास बातचीत की।

इस रिपोर्ट में जानिए:

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के कानूनी मायने क्या हैं?

Rana Ayyub के लिए आगे क्या संभावित कानूनी स्थिति बन सकती है?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर इसका क्या असर पड़ेगा?

देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट और समझिए इस विवाद का पूरा सच।

The Delhi High Court has made strong observations regarding alleged controversial tweets by journalist Rana Ayyub, stating that they appear prima facie derogatory, inflammatory, and communal. The court has also directed X (formerly Twitter), the Central Government, and Delhi Police to take appropriate action.

To understand the legal implications of this case, the OneIndia Hindi team brings you a ground report from the Supreme Court Media Park, featuring exclusive conversations with advocates Vishal Singh Chandel, Suraj Kumar Jha, and Delhi High Court lawyer Sabina.

In this report, we explain:

What are the legal implications of the Delhi High Court’s observations?

What could be the possible legal consequences for Rana Ayyub?

How might this impact social media platforms like X (Twitter)?

Watch the full report for an in-depth analysis.

#RanaAyyub #DelhiHighCourt #BreakingNews #SupremeCourt #OneIndiaHindi #TwitterX #SocialMediaLaw #FreedomOfSpeech #LegalNews #IndiaNews #RanaAyyubCase #HindiNews #GroundReport #CourtNews

~ED.106~HT.408~GR.510~

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Transcript
00:27इसमें हाथ होता है बच्चे के पैदा होने से लेके
00:30उसकी हर एक चीज़ वो कहां पैदा हुआ कहां पला बड़ा उसको फानेशली कितना उसके पैरेंस ने सपोर्ट किया उसे
00:38किस स्कूल में कहां और कैसे भेजा गया
00:40मैं चुनावी मामला नहीं कहूंगा क्योंकि लिगल प्रपोजीशन को देख तो मीट एक होता है जो कि ओनरिबल सरकार के
00:46द्वारा ऐसे ओनलाइन केसे के लिए चलाया जाता है उसमें जो में पेडिशनर ते उन्होंने चैलेंज किया कि यह सब
00:52अभी तक ट्वीटर से हटे क्य
01:08हैं और इसलिए उन्होंने बात उठाई सभी धर्मों का संबान करते हैं यह मामला तब हुआ जब दिल्ली के त्री
01:13नगर में एक महला बलकि कुछ परवार सुवर पालन करने लगते हैं उनके गले में पट्टा डाल गुमान लगते हैं
01:22कहते हैं कि हमें कुछ लोगों से बच
01:38इंता जहर की है क्या है सरपूरा मामला देखी 2013-2017 के भी राना यूब ने बहुत सारे ऐसे अपने
01:44इस्टाग्राम से अपने एकस ट्वीटर से बहुत सारे ऐसे रिलीजियस सेंटीमेंट्स को लाने के लिए बहुत सारे मैसेज किये थे
01:50जिसकी वज़से लोगों ने उनके उ
02:06साइबर सेल को एसेचो को और सभी लोगों को बोला है कि इसमें इन्मिस्टिकेशन तेज करिए और जल्द से जल्द
02:12रिपोर्ट लगाए क्योंकि ऐसे मामलों में हम किसी के भी छूट परदास नहीं करेंगे और इनके उपर जो धाराएं लगी
02:19थी वो आई-पी-सी की धारा
02:20153A, 292A और 505 लगी थी जिसमें religious sentiment को hurt करना, criminal intimidation और बहुत सारे sections को include
02:29किया गया था
02:45Article 19 sub clause 2 जिसमें public health, morality और बहुत सारी ऐसी चीज हैं जिसमें कि संपरदाइक दंगा न
02:52भढ़क सके भारत का संप्रभुता पर कोई खत्रा न पढ़ सके ऐसी चीजों पर रोक लगने के लिए उनको यह
02:58बात ध्यान में दिना चाहिए
03:00और honorable Supreme Court ने Indian Express versus Union of India और Bennett Coleman versus Union of India में सापका
03:05है कि पत्रकारों के पास बहुत सारे अधिकार हैं पत्रकार चोथे सम्म हैं लेकिन एक पत्रकार होने के नाते उनकी
03:12जिमिदारी और भी बढ़ जाती है और अगर वो ऐसा कोई भी काम करते हैं जिससे की freedom of speech
03:18and expression का misuse हो रहा है तो उनक
03:28पूरी पूरी समझा दी कानून क्या कहता है और किस तरह की पाबद्नी है freedom of speech की क्या limitations
03:34है सारी चीजे विशाल जीस हमारी समझ में आती है मामला 2000 से 13 का है और मैंने जब इस
03:40बात की इस वीडियो के स्टार्ट किया तो मैंने भी जोड़ा उसे ती नगर के सूर पालन बाले माम
03:58तो यह तो नहीं कहता कि हाई कोट में पैर भी की जाएगी तभी कोट उसको करेगा या सो मोटो
04:05लेगा क्या है तो यह क्यों है कि अस मामले से अब इनकी 12 जो इस टेंडर्ड है पतकारता में
04:11जैसे मैं यह खड़ा हूं मैं किसी हिंदू धरम को लेकर के ज्यादा बहतर बाते
04:16करने लगूं और दूसरे धरम को अपने पतकारता के निजरिये से नीचा दिखाने लगूं तो दोरा स्टेंड होगे मेरा वही
04:23उनका खुल क्या तब इसके बात क्या यह प्रक्रिया तेज हुई है बिलकुल बिलकुल देखिए बहुत सारी चीजे आपने पूछी
04:28और इसका
04:46सेंटिमेंट्स को करते हैं के लिए और बिबादास पची जिससे सोसाइटिम हेटरेट फैले यहां हिंदू-बुस्लिम का लड़ाय नहीं है
04:51यहां जो देखिए किसी की व्यक्तिकात च्वास हो सकती है लेकिन जब आप अपनी सोसल मेडिया पे आप कुछ डालते
04:56हो तो वहा
05:20सामने वाले किसी हेट पोस्ट में इसका कोई डिपकासन नहीं सोसाइटी को बहुत ही सेंसेटिविटी के साथ पेसाना चाहिए तो
05:27मैं मानता हूं कि इस पर जो करवाई हो रही है आज पुस्पंदर कौर्ण की कोड़ की कोड़ने जो सुप्रम
05:32वहां पे है लिली हाइए को�
05:38इस पर तुरत एक्षन लीज़े जो भी सोसंगा धरव में इनको नॉन वारंट करके इनको एक्स्पेड़ेट करके और फिर उस
05:49पर कारवाई करें को कि कारन क्या है कि एक पोस्ट लाइजर इंपक्ट होगा तो उस पर बहुत कारवाई बहुत
05:54ज्यादा जोड़ी है प्रिव
06:07मेजर्स पर वहां पर सुगर पालन और सारा चीज़ कर रहें अपने बचने के लिए सारा ऐसा कुछ पलाएं जैसे
06:12कहराना और मेवाद नूमें भी होता है इसी को लेकर करना यूब का यहाद थी कैसा ने अगर उनको समयदान
06:16में दोनों बढ़कों के लिए सब आदमी को अ�
06:35किस चीज़ को लगे दिमाख में आती तो मैं नहीं का सकता को फिर प्रवारिस का लिए नहीं कुछ कहूंगा
06:54लेकिन यतना जो यह कर रही है वह इरादतन कर रही है पत्रकार काम होता है दोनों पक्ष को दिखाना
07:01सेलेक्टिव मेजर्स लेना कि नहीं सिर्फ यहीं विट्टी में और यहीं अपड़ादी है यह गलत है मैं मानता हूं पत्रकार
07:07और जो आजकल कमेडियन है वह पत्रकार कमेडियन कम वह रिलीजिय सेंटमेंट को बढ़ाने वाले बात कामड़ा का भी मैटर
07:13यही था बिल्क�
07:28सवियना जी यह जो चीज है इसमें मैने परवरिस की बहुत अच्छी समझाया मैं परवरिस में ऐसा जोडता हूं सिक्छक
07:36भी उसमें होते हैं वहीं परवरिस का हिससा जोड़ घ। भी हम पढ़ते हैं तो कई बार एद्यूकेशन सिस्टम जिसकों
07:43कई बार जैसे जामिया है
07:45या काली का इनिवर्स्टी है हम उसको राते कि अलब संक्यों की संस्किर्थी बची रहे उनको आगे आने का अपसर
07:53मिले लेकिन उसकी आड़ मैं जैसे बताया कि बिदेशी फंडिंग की भी संभावना रहती है बहां पे हमारे युवाओं को
07:58बरगलाया जाता है उनके दिमाख
08:00में यह नफरत यह किस तरह का आपको लगता है पहली चीज तो मैं सबसे पहले यहां पर सबको और
08:07इस मीडिया के माद्यम से पूरे और इंडिया को यह कहना चाहती हूं कि कभी भी किसी भी रिलीजिस परपस
08:13में पटी कूलर किसी एक एजुकेशन सिस्टम का हाथ नहीं होता
08:17है इसमें हाथ होता है बच्चे के पैदा होने से लेके उसकी हर एक चीज़ वो कहां पैदा हुआ कहां
08:24पला बड़ा उसको कितना उसके पैरेंस ने सपोर्ट किया उसे किस स्कूल में कहां और कैसे भीजा गया और उससे
08:32बड़ी बात हमारी गौवर्मेंट आज की टाइम पे
08:35और इंडिया में मानलो हंडिट मैं से एटी परसंत या सेविटी परसं Ep scanner भटने सब्सक्णों के पढ़तें कसी बच्चे
08:50को आज तक मेरे किसे भी एड्योकीर वे टीचर ने कुछ नेगीटिव पढ़ है ना किसे सब्सक्रिट अजन के पढ़ाया
09:02है तो यह वीडन पर्सेश
09:07तरह के लिए पदाए कि कभी भी रच्च को बच्चों के इस पी पड़ेयर लाइब सकते हैं यह हमारे सोसाइटी
09:27हमें सिखाती है यह चीज़े आई है यह हमारी पॉल्टिक्स हमें
09:31सिखाती है यह जो आज के टाइम पर धर्म के उपड़ इतना गंदा खेल हिला जा रहे हैं वह सारगा
09:37सारपाट हमारे आसपास को आज को वातवरन को क्रेड किया जा रहे और जो हमारी पॉलिटिक्स है और जो हमारी
09:45आसपास की इंसिदेंट्स हो रहे उनका उसका बहुत बढ�
09:54प्रवाँ चीजे आती हैं जो आरोप लगते हैं उन्हीं को लेकर के मैं आप लोगों के सामने आता हूं कानून
09:59की बात हो गई लेकिन कहीं ना कई कानून से
10:02सिस्टम को भी रोका जा सकता है उसको पारदरसता लाई जा सकती है मैंने कहा कि यह जो अलब संख्यक
10:10हमारे खास और से मुस्लिम की बात करो बहां पे चीज आ रही है बहुत अच्छे संस्थान उनको आगे बढ़ने
10:15की सारी चीजे लेकिन बहां पर बैक डोर से हमारे वाओं क
10:29घरियम सिद्ध कर लेते हैं कि ऐसा हुआ है तो हमारा कानून और वो कहां उसके लिए क्या लगता है
10:34कि इस मामले में भी सुप्रीम कोट तो की दिमाख हमारा बदलता है
10:39तब ही हम ऐसी हरकत कर देखिए इसके लिए मैं साब साब करना चाहता हूँ कि अब देश को जरूरत
10:58है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड हो और यूनिफॉर्म सिविल कोड की बाद ऑन्रिबल सिप्रीम कोड इसलिए कर रहा है
11:03तब सबके लिए एक इजुकेशन होगा तब सबके लिए एक साधी होगी तब अगर जो दो से जाते बच्षे पैदा
11:09करेंगे उनको सरकारी संसाधनों का लाब नहीं दिया जाएगा रिजरवेसन का लाब नहीं दिया जाएगा।
11:33कोट ने सरीयत के एक Presence को डिभाइन करती हुए उसमें एक मुस्लिम
11:37महिला ने चेलेंज किया था कि जैसे हिनदू lol मे तिया गया है वैसे ही
11:43मुस्लिम logg को भी चेंज किया जाए सरीयत को भी चेंज किया जाए और हमको भी
11:47अधिकार दिया जाए और इसके पहले साहबानों और साहरा बानों के केस में
11:51सुप्रीम कोट ने मुस्लिम महिलाओं बहनों को अधिकार दिया है तो कही
11:55न कही समय और कोट तो कही रहा है लेकिन इसको इंप्लिमेंट करने के लिए
11:59गवर्मेंट की बहुत कड़े रूल लाने पड़ेंगे और गवर्मेंट थोड़ा बहुत प्रियास कर रहे हैं जैसे वक्षट को लाके थोड़ा
12:05सा प्रियास किया था हाला कि वो अभी मामला सुप्रीम कोड में सब जुडिस है इस्टे लगा हुआ है तो
12:10उस पे जादे कुछ
12:11हो नहीं पाया तो ऐसे कानून को लाना पड़ेगा दूसरी बात मैं कहूंगा कि आज हमारे देश में हैं कि
12:17कैसे छोटे-छोटे बच्चे कहते हैं कि खामनेई के लिए हम बंपोर देंगे अमेरिका से लड़ लेंगे ट्रम से लड़
12:23लेंगे अगर इन्हें सही सिच्छा ज
12:37सकते हैं जिनोंने अपनी जान की परवान नहीं करते हुए पाकिस्तान में जाकर में परेक्तोंसींदूर में हमला किया तो इन
12:43बच्चों को इन लोगों को सही दिशा광रा देने की जरूरत है पहला सवाल ता उस पेंफ्य दद्र सबसे प menu
13:04पत्रकार है
13:07और इनी ने 2013 से तब तक किया है लेकिन अब जो हाई कोर्ण आया तो इसे क्या माने कि
13:15कहीं ना कहीं पहले लापरवाही थी या भी चुनावी मामला है तब यह हुआ
13:21दस भी सेकेंड अगर बता सके हैं नहीं देखिए मैं चुनावी मामला नहीं कहूंगा क्योंकि लिगल प्रपोजीशन को देखा तो
13:26मीट एक होता है जो कि ओनरिबल सरकार के द्वारा ऐसे ओनलाइन केसे के लिए चलाया जाता है उसमें जो
13:32में पेडिसनर थे उन्होंने चैले
13:45नहीं चकते इसलिए आज जब अधिकोट में मामला था तो हाई कोट ने कहा कि सबसे पहले एक्स को जवाब
13:52देना पड़ेगा कि कि इसके डिलीट किये हैं और कितने अभी तक है और इसमें मैं बता दू अगर अभी
13:58तक पोस्ट होंगे तो इसमें एक्स को भी लाइबल ऑनर
14:14चाहिए को मेडिया ने चाहिए को नलकामड़ा हो चाहिए को ब्रण गुडबर चोई जो वहां पर इस तरह के कि
14:18जो हैट्रेट हो या कोई भी व्यक्ति जो हैट्रेट इस दे उसको कम सक्क्रम एनसे की धाराओं मिलाना चाहिए क्योंकि
14:23जो आई-पी-स और बीनेस की धारा�
14:41पर सिर्फ और सिर्फ ऐसी बात करते हैं जो जन भीत को जन भाबनाओं को आहत करतात में काता तुरत
14:46करवाई होनी चाहिए और कानुन में संसोधन करके इस तरह क्या प्राजू हैट्रेट स्पीच हो उसको एनसे कंदरगात लाना चाहिए
14:52लगता है आप आपकी यही राहे है
14:57डेफिनेटली लगना चाहिए और यह आना भी चाहिए क्योंकि जस्ट बिकॉस ऑफ हेट स्पीच एंड हेट थाट्स एंड हेट व्यूस
15:04काफी लार्ज संख्या में यह लोगों पर इंपक्त करता है आज कल सोशल मीडिया इतना ज्यादा लाइक लार्ज हो गया
15:13है कि हर किसी
15:27सारीके के हेट स्पीच समाज में ना फैले और इन लोगों को डर हो अपने इस तरह के वीव रखने
15:33के लिए कि हम जो बोल रहे हैं वो सही है हम उसके लिए रिस्पांसिवल है यह नहीं है आपकी
15:38बात से एक सवाल और निकले हैं क्योंकि जब मैं सोचता हूं को कानून बनता
15:56होता है जब कानून बहुत सक्त बनता है तो उसका दुर्पयोख से बहुत बड़ा खत्रा होता है तो यह अगर
16:04सोचल मीडिया पर इतना सक्त कानून बन गया जैसे हम आप चाहा रहे हैं क्योंकि चाहा इसलिए रहे हैं कि
16:08उसका इंपक्ट इतना वड़ाएगी सहर के सहर बर
16:25देखा जाए तो नहीं पता है कि आपकी ये views कहा कहां जा रहे हैं यह सकता है को
16:30सकता हो सकता ह pencil थिखा जब बिखा जाए हो सकता हो सब
16:52आपको देखिए कि आपको यह पता होना चाहिए कि आपकी लिमिटेशन कहा तक है दूसरी बात कानून इसले सक्स मनाना
16:57जोड़ी है
16:57इंप्लिकेशन हो आपका मुल सबाल जो अब है कि इसका दूर्प्योग दूर्प्योग के लिए कंपेंसेटरी जुडिस्पूडेंस होना चाहिए कि कोई
17:03फॉल्स केस अगर आपके उपर कर दिया है मैली सेसली आपको दबा दिये गया आपकी अबाज को या कोई तो
17:10उसके लि
17:24सबसे पहले का आपको लगता है कि यह जो बीच में है दुर्प्योग रोकना आसान होगा जी बहुत यह आसान
17:30होगा क्योंकि अभी पिछले दिनों ऑनरेबल चीफ जश्रीस ऑफ इंडिया ने कहा कि जितने भी मेटा की सर्विसेस हैं चाहे
17:36वो फेस्बूक हो चाहे इंस्ट
17:49कुछ बंद करकर चले जाएं तो यह चीज यह पिछले कुछ दिनों से हो रही है और मेरा मानना है
17:53कि ऑनरेबल सुप्रीम कूट अगर चाहा जाए तो बहुत जल्दी सकती लगा देगा क्योंकि आजकल हम कोई भी एप यूज
17:59करते हैं सबसे पहले वह हमारे फोन का एक्सिस म
18:01करते हैं और केस पुट्टा स्वामी वर्सेज यूनियन आफ इंडिया के केस में जिसमें की राइट टू प्राइवेसी इस आलसो
18:06फ्रीडम आफ पंडामेंटल राइट तो उसको भी वाइलेसन करते हैं तो इस पर भी सकते है कोट मुझे लगता है
18:12कि जल्द से जल्द इस प
18:30आप बात करते हैं तो हाई कोट का जो आदेश से प्राना यूप पर नहीं है जह हम पर आप
18:35पर भी अगर आप पत्रकार भी है कोई एक्टिविस्ट भी हैं कॉमेडियन भी है कुछ भी है तो आपको ध्यान
18:42अखना पड़ेगा फिलाल बकीलों की इस राइस से आप क्यातना स
19:00हुआ हुआ है
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