00:10पिछ पर चक्को की बरसात करने वाले रिंकु सिंग आज खुद अंदर से टूड गए हैं जिस पिता ने कंदे
00:17पर गैस सिलिंडर ढोकर रिंकु सिंग के सपनों को पाल पोस कर वड़ा किया आज वही कंदा रिंकु का साथ
00:23छोड़ गया
00:25रिगु सी के पिता खान चंदर सिंग आज हमारे बीच नहीं रहे
00:29कैंसर जैसी जान लिवा भुमारी से रड़ते हुए उन्होंने आखरी सांस ली
00:33ये उस पिता की विदाई है इसने गरीबी से लड़कर दीश को एक चमकता सितारा दिया
00:39रिगु सी के पिता खान चंद सिंग के निधन का मुख्य कारण स्टीज फोर लिवर कैंसर था
00:44पिछले कुछ समय से उनकी स्थी बेहत नाजुग बनी हुई थी जिसके चलते उन्हें ग्रिटर नोइडा के एथार्थ हस्पताल में
00:50भरती कराया गया था
00:51डार्टरों के मताबिक अंतिम दिनों में उनकी हालत इतनी बिगरती गई कि उन्हें मेकैनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और
00:58उनका लगातार डायल से चल रहा था
01:00मेडिकल टीम की तमाम कोश्चों के बावदूद कैंसर के लास्ट एसित में होने की वकारण उनके अंगों ने काम करना
01:06बंद कर दिया
01:07और आज उन्होंने अंतिम सांस ली
01:10अलिगर की तंग गलियों से लेकर टीम इंडिया की जर्सी तक का सफर रिंकू के लिए आसान नहीं था
01:15लेकिन उनके पिता खांचन सिंग के लिए यह सफर और भी मुश्किल था
01:19सालों तक उन्होंने घर घर जाकर गैस रिंडर पहुचाया ताकि उनका बेटा क्रिकट खेल सके
01:24रिंकू अकसर कहते थे कि आज वो जो कुछ भी है अपनी पिता की मेहनत की वज़ा से है
01:29आज उसी मेहनत और संगर्श के प्रतीक का साया रिंकू के सिर से हमेशा हमेशा के लिए उठ गया
01:35रिंकू जी का वो पांच छक्कों का दौर किसे नहीं आद होगा
01:39जब पूरा दीश रिंकू का नाम जब रहा था
01:42अलिगर के छोटे से घर में खांच चंद सिंग की आँखों में खुशी की आँसू थी
01:47कैंसर विवारी के दौरान भी वो हमेशा रिंकू को खेलते देख खुश होते थे
01:52रिंकू ने अपने पिता के इलाज के लिए हर मुम्पकिन कोशिश की
01:55बड़े से बड़े डॉक्टर की सलाह ली लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था
01:59एक वक्त ऐसा भी था जब क्रिकट छोड़ना ही रिंकू के लिए आखरी रास्ता बन गया था
02:04लेकिन खांच चंद सिंग में हार नहीं मानी
02:11अज जब रिंकू सफलता के शिखर पर हैं जब उनके पास वो सब कुछ है जो भी उनकी पिता का
02:18सपना था
02:18तब वो पिता ही उनके साथ जश्मराने के लिए मौजूद नहीं है
02:23रिंकू सिंग के पिता के निधन की खबर मिलते ही खेल जगत में शोक के लहर दोर पड़ी
02:28सोचल मेडिया पर फैंज और खिलारी रिंकू को सांतना दे रहे हैं
02:32हर कोई बस यही कह रहा है कि खांच चंद सिंग एक सच्ची योधा थे
02:35जिन उन्होंने सिर्फ रिंकू को पालने के लिए संगर्श नहीं किया
02:39बलकि कैंसर जैसी बीमारी से भी बड़ी बहादूरी से लड़े
02:42रिंकू के लिए घड़ी बहुत मुश्किल है
02:44क्योंकि उनके लिए उनकी पिता है उनकी सबसे बड़ी ताकत थे
02:48जो उन्हें हमेशा हमेशा के लिए छोड़ कर जा चुकी है
02:52फिलाग लिए बस इतना है
02:53बाके बिट्री में देखे
02:54One India Handy के साथ
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