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भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है. उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. वह स्टेज-4 लिवर कैंसर से पीड़ित थे और पिछले कुछ समय से उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस बीच परिवार ने बताया कि खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार अलीगढ़ में होगा और रिंकू सिंह भी अंतिम संस्कार में रहेंगे मौजूद

Indian cricketer Rinku Singh's father Khanchand Singh has passed away. He breathed his last at Real Hospital in Greater Noida. He was suffering from stage-4 liver cancer and his condition was very serious for some time. After his health deteriorated, he was admitted to the hospital. Meanwhile, the family said that the last rites of Khanchand Singh will be held in Aligarh and Rinku Singh will also be present at the last rites.

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~PR.338~HT.408~GR.508~

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Transcript
00:10पिछ पर चक्को की बरसात करने वाले रिंकु सिंग आज खुद अंदर से टूड गए हैं जिस पिता ने कंदे
00:17पर गैस सिलिंडर ढोकर रिंकु सिंग के सपनों को पाल पोस कर वड़ा किया आज वही कंदा रिंकु का साथ
00:23छोड़ गया
00:25रिगु सी के पिता खान चंदर सिंग आज हमारे बीच नहीं रहे
00:29कैंसर जैसी जान लिवा भुमारी से रड़ते हुए उन्होंने आखरी सांस ली
00:33ये उस पिता की विदाई है इसने गरीबी से लड़कर दीश को एक चमकता सितारा दिया
00:39रिगु सी के पिता खान चंद सिंग के निधन का मुख्य कारण स्टीज फोर लिवर कैंसर था
00:44पिछले कुछ समय से उनकी स्थी बेहत नाजुग बनी हुई थी जिसके चलते उन्हें ग्रिटर नोइडा के एथार्थ हस्पताल में
00:50भरती कराया गया था
00:51डार्टरों के मताबिक अंतिम दिनों में उनकी हालत इतनी बिगरती गई कि उन्हें मेकैनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और
00:58उनका लगातार डायल से चल रहा था
01:00मेडिकल टीम की तमाम कोश्चों के बावदूद कैंसर के लास्ट एसित में होने की वकारण उनके अंगों ने काम करना
01:06बंद कर दिया
01:07और आज उन्होंने अंतिम सांस ली
01:10अलिगर की तंग गलियों से लेकर टीम इंडिया की जर्सी तक का सफर रिंकू के लिए आसान नहीं था
01:15लेकिन उनके पिता खांचन सिंग के लिए यह सफर और भी मुश्किल था
01:19सालों तक उन्होंने घर घर जाकर गैस रिंडर पहुचाया ताकि उनका बेटा क्रिकट खेल सके
01:24रिंकू अकसर कहते थे कि आज वो जो कुछ भी है अपनी पिता की मेहनत की वज़ा से है
01:29आज उसी मेहनत और संगर्श के प्रतीक का साया रिंकू के सिर से हमेशा हमेशा के लिए उठ गया
01:35रिंकू जी का वो पांच छक्कों का दौर किसे नहीं आद होगा
01:39जब पूरा दीश रिंकू का नाम जब रहा था
01:42अलिगर के छोटे से घर में खांच चंद सिंग की आँखों में खुशी की आँसू थी
01:47कैंसर विवारी के दौरान भी वो हमेशा रिंकू को खेलते देख खुश होते थे
01:52रिंकू ने अपने पिता के इलाज के लिए हर मुम्पकिन कोशिश की
01:55बड़े से बड़े डॉक्टर की सलाह ली लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था
01:59एक वक्त ऐसा भी था जब क्रिकट छोड़ना ही रिंकू के लिए आखरी रास्ता बन गया था
02:04लेकिन खांच चंद सिंग में हार नहीं मानी
02:11अज जब रिंकू सफलता के शिखर पर हैं जब उनके पास वो सब कुछ है जो भी उनकी पिता का
02:18सपना था
02:18तब वो पिता ही उनके साथ जश्मराने के लिए मौजूद नहीं है
02:23रिंकू सिंग के पिता के निधन की खबर मिलते ही खेल जगत में शोक के लहर दोर पड़ी
02:28सोचल मेडिया पर फैंज और खिलारी रिंकू को सांतना दे रहे हैं
02:32हर कोई बस यही कह रहा है कि खांच चंद सिंग एक सच्ची योधा थे
02:35जिन उन्होंने सिर्फ रिंकू को पालने के लिए संगर्श नहीं किया
02:39बलकि कैंसर जैसी बीमारी से भी बड़ी बहादूरी से लड़े
02:42रिंकू के लिए घड़ी बहुत मुश्किल है
02:44क्योंकि उनके लिए उनकी पिता है उनकी सबसे बड़ी ताकत थे
02:48जो उन्हें हमेशा हमेशा के लिए छोड़ कर जा चुकी है
02:52फिलाग लिए बस इतना है
02:53बाके बिट्री में देखे
02:54One India Handy के साथ
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