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Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला, 13 साल बाद Harish Rana को मिलेगी इच्छामृत्यु | UP News
जानिए कैसे एक बेबस पिता को अपने ही होनहार बेटे की मौत मांगनी पड़ी और बिना कोई जहर दिए एम्स (AIIMS) में कैसे पूरी होगी इच्छामृत्यु की यह खौफनाक प्रक्रिया?

In a historic and emotional judgment, the Supreme Court of India has granted permission for passive euthanasia to 30-year-old Harish Rana from Ghaziabad, who has been bedridden in a vegetative state for 13 years following a tragic accident. His father, Ashok Rana, fought a long legal battle to end his son's excruciating suffering. The medical procedure will take place at AIIMS, New Delhi, where his life support, medication, and food pipe will be systematically withdrawn to allow a natural death.

#HarishRana #PassiveEuthanasia #SupremeCourt #OneindiaHindi

~HT.410~PR.250~GR.506~ED.108~

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Transcript
00:00सब को माफ करते हुए, तुर सब से माफी मखते हुए, आज आपते हुए।
00:07क्या बताओं मैं आपको, माम आपको कैसे रखता हुए।
00:13तेरा साल से एक बिस्तर पर जिन्दा लाश बनकर पड़े, अपने ही होनहार बेटे की मौत का कानूनी फर्मान लेकर
00:19एक बेबस पिता हाथ जोड़ कर सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया आदा कर रहा है।
00:23रॉंग्टे खड़े कर देने वाली ये खौफनाक हकीकत उत्तर प्रदेश के घाजियाबाद की है।
00:55अब सबसे बड़ा और शरीर में सहरन पैदा करने वाला सवाल ये है कि आखिर हरीश राना को इच्छा मृत्यों
01:01कैसे दी जाएगी।
01:23माना जा रहा है कि मौत सुनिश्चित करने के लिए सबसे पहले उनके शरीर से वो नली या फूल पाई
01:28पूरी तरह हटा ली जाएगी जिसके जरिये उन्हें पिछले 13 साल से तरल भोजन दिया जा रहा था।
01:34इसके साथ ही उन्हें जिन्दा रखने के लिए दी जाने वाली तमाम जीवन रक्षक दवाईयां भी ततकाल प्रभाव से बंद
01:39कर दी जाएगी।
01:40अनुभवी चिकितसकों की कड़ी निगरानी में उन्हें धीरे धीरे सिर्फ थोड़ा बहुत पानी दिया जाएगा।
01:46दवा और भोजन के अभाव में उनके शरीर के अंग एक-एक करके काम करना बंद कर देंगे और अंततह
01:52इस तरह उनकी मृत्ति हो जाएगी।
01:54अपने ही सामने अपने जवान बेटे को तिल-तिल कर मौत के आहोश में जाते देखना किसी भी माता पिता
02:00के लिए चाती चीर देने वाला दर्द है।
02:02हमने आपको हरीश के पिता अशोक राणा का वो बेहत भावक वीडियो भी दिखाया है जिसमें उनकी आखों से छलकते
02:07आंसू और चेहरे की बेवसी सब कुछ बयां कर रही थी।
02:11पत्रकारों से बात करते हुए रुंदे गले से अशोक राणा ने कहा कि एक पिता होने के नाते अपने बेटे
02:16की मौत मांगना कितना दुखदाई होता है यह सिर्फ वही समझ सकते हैं।
02:21उन्होंने बताया कि वो और उनकी पतनी अब काफी बजर्ग हो चुके हैं। पहले गाजियाबाद और नॉइडा के मुख्य चिकित
02:26सा अधिकारी आये थे जिसके बाद उन्होंने एम्स की मेडिकल बोर्ड की मांग की थी। अंततह एम्स की टीम नहीं
02:32आकर जाच के बाद हर
02:34हरीश को पूरी तरह ब्रेंडेट घोशित किया था। अशोकराना को आज भी 20 अगस्त 2013 का वो मन्हूस दिन याद
02:40है जब उनके होनहार और टॉपर बेटे हरीश के साथ वो भयानक हाद्सा हुआ था। रात के करीब तीम बजे
02:46जब वे पीजी आये अस्पताल पहुचे थे �
02:48उनके बेटे के सिर पर गहरी चोड थी और पैरों के तलगों में नील पड़े हुए थे। पिता अशोकराना का
02:54कहना है कि ये जो नियम आज भारत में लागू हुआ है ये दुनिया के साथ अन्यदेशों में भी है
02:59और इससे उन तमाम परिवारों का भी भला होगा जिनके ब
03:05बेटे को अन्तिम विदाई देने की पूरी तयारी कर चुके अशोकराना अब बस यही चाहते हैं कि एमस में इच्छा
03:11मृत्यों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वो अपने बेटे के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ घर लाएं
03:16और उसका अन्तिम संसकार कर उस
03:18की आत्मा को इस लंबे दर्द से हमेशा के लिए आजाद कर दे
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