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Harish Rana Death Case: 13 साल के लंबे इंतज़ार और कानूनी लड़ाई के बाद हरीश राणा ने दुनिया को अलविदा कह दिया। सुप्रीम कोर्ट से मिली इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की इजाजत के बाद एम्स में हरीश की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।

Harish Rana, a former civil engineering student from Ghaziabad, passed away at AIIMS Delhi after spending 13 years in a coma. Following a tragic accident in 2013, he was suffering from Quadriplegia. The Supreme Court of India recently granted him permission for passive euthanasia, making it one of the most emotional legal cases in Indian history.

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Transcript
00:00सब को माफ करते हुए
00:04कौन मादा पिता परना चाहता है कि अपने बेटे को ऐसे करे
00:07मस्तव से मापी मखते हुए
00:11क्या बताओ मैं आप बाप को कैसे लगता हुगा
00:15आज आप
00:23तेरह साल का वो लंबा और पत्रिला इंतिजार आज एक खामूशी के साथ
00:28खत्म होता नजर आया
00:29एक ऐसी खामूशी में तब्दील हो गया जिसे सुनकर हर एक दिल दहल उठे
00:34गाजयबाद के हरीश राणा जो की बीते एक दशक से कहीं ज्यादा समय से
00:38कूमा की अंधेरी कुफा में कैट थे
00:40आज उस कैट से हमीशा के लिए आजाद हो गए
00:44दिल्ली के एमस अस्पताल की दिवारों ने आज एक मा की सिसक्यां और एक पिता की वेवसी का वो मंजर
00:50देखा
00:50जिसने पूरे देश की आँखों को नम कर दिया
00:53सुप्रीम कूर से मिली निश्प्रिय इच्छा मृत्यू की इजासत के बाद हरीश ने अपनी आग्री सांस ली और उस असहन
00:59या दर्द को हमीशा के लिए अलविदा कह दिया
01:02जिसने उसे जीते जी पत्थर बना दिया था और तिल-तिल मरने को मचपूर किया
01:08ये कहानी उस हरीश की है जिसकी आँखों में कभी सुनहरे भविश्य के सपने थे
01:12साल 2010 में चंडिगड युनिवर्सिटी में सिविल इंजिनिरिंग की छात्र और सिविल इंजिनिरिंग की पढ़ाई करने वाले हरीश घर का
01:21चिराग थे
01:22लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था अगस 2013 का वो मनहूस दिन आज भी उनके परिवार के जहन
01:28में किसी गहरे जख्म की तरह ताजा है
01:31रक्षा बंदन का पावन दिन था हाथ में बहन की बांधी राखी थी फोन पर बहन से बाते थी और
01:37इसी दोरान पीजी की चौती मंजल से पैर फिसला और हरीश सीधे जमीन पर गिरे
01:43उसे एक पल ने हसते गेलते परिवार की दुनिया उचाड़ दी रीड की हड़ी में लगी उस चूट ने हरीश
01:49को क्वाड्री प्लेजिया का शुकार बना दिया
01:52जहां शरीर का हरंग पत्थर हो गया और सिर्फ सांसे चल रही थी पिछले तेरह सालों में परिवार के लिए
01:58ये एक अगनी परीशा जैसा था
02:00एक बिस्तर पड़े बेजान बेटी को देखना उसकी पत्राएं आखों में अपनी बेबसी को छांकना माता पिता के लिए हर
02:08एक दिन मरने जैसा था
02:09जब दवाएं और दुआएं बेएसर होने लगी और हरीश का शरीर गलने लगा तब ठक हार कर माता पिता ने
02:16वो फैसला लिया जो कि कोई भी मापाप कभी नहीं लेना चाहेगा
02:20उन्होंने अपने कलेजे के टुकडे के लिए मौत मांग ली दिलिहाई कोट ने जब इस याचिका को खारिच किया तो
02:26उमीदें तूट गई
02:27लेकिन सुप्रीम कोट ने हरीश के दर्द को समझ लिया हरीश के दर्द को समझा और 11 मार्च 2026 को
02:34निश्क्रिया इच्छा मृत्यों की अनुमती मिली
02:37एमस के पैलियाटिव के अरवार्ड में वी देख हफते से जो मंजर था वो पत्थर दिल इंसान को भी रुला
02:42दे
02:43निश्क्रिय अच्छा मृत्यों की प्रग्रिया के तहट हरीश को खाना और पानी देना बंद कर दिया गया था
02:48छे दिनों तक बिना अन जल के वो शरीर जिंदगी की आखरी जद्दुजहत कर रहा था
02:53अस्पताल के गलियारे में बैठी मा के हाथ में हनुमान चालिसा थी
02:57एक तरफ वो कानून के तहट अपने बेटे को मुक्ती दिलाना चाहती थी
03:01तो दूसरी तरफ ममता का वो कोना अब भी किसी चमतकार की उम्मीद लगा रहा था
03:06मा की शब्द कलेजा चीर देने वाले थे कि मेरा बेटा सांस ले रहा है
03:10उसकी धड़कन चल रही है फिर वी वो मुझे छोड़ कर जा रहा है
03:14अजब हरीश की सांसों की डूर टूटी तो सिर्फ एक इंसान का निधन नहीं हुआ
03:19बलकि 13 साल के उस सहनिय संहर्ष का अंत हो गया
03:23जिसने एक पूरे परिवार को निचोड़ दिया
03:25मेडिकल कमेटी की लंबी चर्चा
03:27कानूनी प्रक्रियाओं के बीच हरीश राना की मौत ने इस देश को रुलासा दिया
03:32दिश में डिग्निटी इन डेथ यानि की सम्मान के साथ मरने के अधिकार पर एक नई बहत छेड़ दी
03:38हरीश अब इस दुनिया में नहीं है दुनिया की शोर से दूर चले गए
03:42जहां कोई दर्द नहीं है कोई अस्पताल की गंध नहीं है और नहीं कोई बिस्तर की मजपूरी
03:47हरीश राना की ये विदाई हमें ये सोचने पर मजपूर करती है कि कभी-कभी मौत की एक वर्दान बन
03:53जाती है
03:54उनकी आत्मा को शांती मिले और उस बहादुर परिवार को इस दुख सहने की शक्ती मिले
03:59बहराल अब कुरे मामले को आप कैसे देखते हैं हरीश को और उसकी इच्छा मृत्ति उपलेकर
04:05आपकी क्या राय है कॉमन बॉक्स में जरूर बताईएगा मेरा नाम है मुकुंद आप आने रही वन इंडिया के साथ
04:11शुप्या
04:15सब्सक्राइब टो वन इंडिया और नेवर मिस अन अप्डेट
04:20डाउनलोड टो वन इंडिया अप नव
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