00:00सब को माफ करते हुए
00:04सब से माफी मखते हुए
00:05कोल मादा पिता बना चाहता है कि अपने बेटे को ऐसे करे
00:11आज आज आज
00:15क्या बताओ मैं अब माँ बाप को कैसे लगता हुए
00:23देश में पहली बार किसी मरीज को इच्छा मृत्यू दी जा रही है
00:2713 साल से कोमा में जीवन और मित्यू के भी जूल रहे हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मित्यू
00:33की अनुमती मिलने के बाद
00:34दिल्ली के अखिल भारतिय आयूर्विक्यान संस्थान यानि की एम्स लाया गया है
00:38हरीश साल 2013 में बीटेक की पढ़ाई के दौरान चौती मंजल से गिर गए थे जिसके कारण उनके सिर में
00:45गंभी चोटे आई और वो तब से कोमा में है
00:48तेरह वर्षों तक क्रितिम पोशन और आपसिजन के सहारे जीवित रहने के बाद अब उन्हें एम्स के परिसर के पैलियेटिव
00:54केर जूनिट में भरती कराया गया
00:56जहां डौक्टरों की एक विशिश टीम लगातार उनकी निकरानी कर रही है
01:00एम्स में एनस्थीसिया और पैलियेटिव मेडिसन विभाग की प्रोफेसर डौक्टर सीमा मिश्रा के नितित्वों में एक विशिश मेडिकल टीम बनाए
01:08गए जिसमें नियूरो सर्जरी और अनको एनस्थीसिया और मनुचिकिस्सा सहित कई विभागों के विशशग्य भी
01:14शामिल हैं एम्स के अनको एनस्थीसिया और पैलियेटिव के विभाग के प्रमुक डौक्टर शूश्मा भटनागर के अनुसार ये कोई एक
01:22पल में होने वाली प्रक्रिया कता ही नहीं है डौक्टरों का साफ तोर पर मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया
01:28का एक मात्र उद्द
01:30विश्या मरीज को किसी भी प्रकार की शारिरिक या फिर मांसिक पीड़ा से बचाना है इसका मकसद ना तो मौत
01:36को टालना है और नहीं उसे जल्दी बुलाना बलकि प्रक्रतिक मित्यों को शांती पोर्म धंग से आने देना है
02:00यूज नहीं करते हमारे हर एफ़र्ट होता है उसमें कोई यूथेनेजिया वर्ड नहीं होता बलकि एक अच्छा पैलेटिव केर फिजिशन
02:07होता है वो हर संभव कोशिश करता है कि वो उसका एंड को प्रोलोंग नहीं करे कोई साभी सपोर्ट देके
02:14जो हम एंड प्रोलों�
02:20नहीं करें दवायां देखें इच्छा मृत्यों की ये पूरी प्रग्रिया बेहर जटिल और संवेधन शील होती है इसमें सबसे पहले
02:26डॉक्तर्स की टीम मरीज के वर्टमान स्थिती का बारीकी से आकलन करती है और ये देखती है कि किस प्रकार
02:32की जीवन रक्षक प्रणाल
02:49हटाते ही हटाने के तुरद बाद ही आप समझ लिजे उसे किसी भी तरह है कि भीचैनी घुटन या पर
02:55कष्ट महसूस ना हो ये कोई सक्रिया इच्छा मृत्यू नहीं है जिसमें किसी घातक इंजेक्शन का इस्तिमाग हो बल्कि ये
03:02जीवन को कृतिम रूप से बनाय रखने
03:06के एक सू विचारित प्रक्रिया है प्राण त्यागने में लगने वाले समय को लेका डॉक्टर सा कहना है कि मौत
03:12कब होगी इसका कोई पुपता तोर पर स्पष्ट आप मैसेज हमसे नहीं ले सकते एमस के मीडियर रिपूर्स के अनुसार
03:19सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरो
03:36यह समय सीमा पूरी तरह से एक अनुमान है कि हर मरीज का शरीर अलग तरीके से प्रक्रिक्रिया देता है
03:43और हरीश राणा के केस में भी कुछ ऐसा ही होता नज़र आएगा इस पूरी अवधी में डॉक्टर्स हरपल उनके
03:49शरीर में होने वाले बदलावों पर नज़र रखे
03:51हरीश के मता पिता की उम्र बढ़ रही है और भविश्य में देख भाल की चिंता ने उन्हें अदालत जाने
03:57के लिए मजबूर कर दिया पिता शुकराणा ने भारी मन से बताया कि फैसला लेना पीहद कट हिन था लेकिन
04:03बेटी की पीड़ा खत्म करने के लिए ये ज़रूरी
04:06भी था परिवार ने उन्हें आध्यात्मिक प्राटनाओं के साथ शांती पूर्ण विदाई दी और अब एम्स के डॉक्टर ये सुनेशित
04:13कर रही है कि हरीश का अंतिम सफर पूरी तरह से दर्दमुक्द और गरिमामाय हो बहराल मामले को आप कैसे
04:21दिखते हैं सोचल मीडि
04:22पर वाइरल वो अंतिम विडियो क्या आप तक पहुंचा अपने राय कॉमेंट बॉक्स में जरूर दीजेगा मेरा नाम है मुकंद
04:28आप बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया
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