00:00अपने पराए घर की लड़ाईयां कितनी भी हो लिकिन ये भी सच है कि किसी पर कोई आपत्ती हो तो अपना ही परिवार साथ देता है
00:09भाईया मेरे पीछे पुलिस लगी है प्लीज मुझे बचालो
00:14रवी और राज दो भाई लेकिन दोनों में कभी नहीं पची
00:20अरे क्या हुआ छोटे क्या कर दिया तुने अरे कुछ नहीं भाईया मेरा दोस्त देना राजू वो मुझे लेकर बैंक गया था
00:29मुझे नहीं पता भाईया कि वो वहां बैंक लूटने जा रहा है मैं उसके साथ बैंक में घुसते ही CCTV कैमरे में दिख गया हूँ
00:37अब पुलिस मुझे ढूंड रही है भाईया मुझे बचा लो
00:40राज कुछ सोचता है फिर कहता है ओके तुम यहीं रुको मेरा एक दोस्त पुलिस में है मैं बात करता हूँ
00:50तबी वहां रवी की बीवी राज की बीवी के साथ आ जाती है
00:54तुम लोगों की घर जब तक पुलिस का आना जाना है बच्चो को यहीं छोड़ दो उन पर असर ठीक नहीं पड़ेगा
01:01तबी वहां पुलिस आ जाती है
01:03कहानी का फ्लेश बैक
01:17भया मुझे मेरे मकान में हग चाहिए ही चाहिए
01:22अरे लेकिन छोटे अभी मेरे बच्चों पर काफी खर्चा है
01:26तेरी भाबी की भी तब्याट ठीक नहीं रहती
01:28बजट बिलकुल नहीं है कि मैं अलग होकर रहूं
01:31तेख लो भाईया एक महीना है तुमारे पास
01:34जल्दी से घर खाली कर दो
01:36अरे कैसी बात कर रहे है भाईया
01:39मेरे शरीर में अभी इतनी हिमत भी नहीं कि घर को खाली करे
01:44तो क्यों अपना पोशन बेचा भाबी
01:47अरे तुम तु जानती हो
01:49पिताजी की बिमारी के कारण उन्हें हमारे जरूरत थी
01:53कैसे आते पैसे
01:55अरे रवी तू तो समझ पापा को हमारी जरूरत थी
02:09उन्होंने हमारे लिए हर वो काम किया जिससे हमें खुशी मिले
02:12यह मैंने क्या कर दिया था
02:20मैं न पिता का हुआ ना ही भाईया का
02:23मेरे साथ जो हो रहा है ठीकी हो रहा है
02:26तबी वहाँ पुलिस वाला आता है
02:29रवी तुमसे कोई मिलने आया है
02:32भाबी आप यहां क्यों आई
02:36पुलिस टीशन है यह भाबी
02:38भाईया आपकी जगं मेरा भाई होता तो क्या मैं नहीं आती
02:43अच्छा यह खाना ले लीजिए
02:45खा लीजिगा
02:47आपके भाईया लगे हैं वकिलों और पुलिस वालों से बात करने में
02:51ड़ने की कोई बात नहीं
02:53जब आपने गुना किया ही नहीं तो सजा भी नहीं मिलेगी
02:56रवी भाभी को देखकर रोने लगता है
02:59घर में साक्षी चुपचाब बैठी होती है कि तबी सोनम कहती है
03:03हरे साक्षी क्या हुआ परिशान क्यों हो रही हो
03:07भाभी अभी अभी पुलिस टीशन से खबर आई है
03:12इनने बड़े जेल में शिप्ट किया जा रहा है
03:16मैं क्या करूंगी भाभी
03:18रो मत हम अच्छे से अच्छा वक्किल करेंगे
03:22लेकिन उसमें तो बड़े पैसे लगेंगे दीदी
03:26हम इतना पैसा कहां से लाएंगे
03:29अरी क्यों ये मकान है न और मेरे कुछ गहने भी है
03:34साक्षी की आँखों में पानी आ जाता है
03:38पापा के बाद भी तो हम लोगों का सब खत्म हो गया था
03:47पापा को तो बचा नहीं पाए
03:49लेकिन भाईया को जरूर बचा लेंगे
03:52और भगवान चाहेंगे न
03:54तो दोनों भाई मिलकर इससे भी बड़ा मकान खड़ा कर लेंगे साक्षी
03:58थोड़ी दिर में राज वहां आता है
04:01सोनम सही कह रही है साक्षी
04:04पैसों की कमी के कारण किसी भी बेगुना को सजा नहीं मिलती
04:08राज एक अच्छा सा वकिल करता है
04:11सोनम और साक्षी बचाये पैसे और अपने गहनों को बेज कर
04:15रवी का केस लड़ते हैं और जल्दी रवी जिल से बहार आ जाता है
04:19रवी राज को गले लगा कर कहता है
04:22भाईया मुझे माफ कर दो
04:25मुझे साक्षी ने सब कुछ बताया है
04:27भाईया आपने मुझे पर विश्वास किया
04:30मेरे लिए दिन राद महनत की
04:32भाईया आपने तो पापा के लिए भी पैसे नहीं देखे
04:38लिकिन मैं बहुत ही सेल्फिश निकला
04:41भाईया एक आखरी बार मुझे माफ कर दो
04:44मैं शर्मिन्दा हूँ
04:46अरे भाईया अपने तो अपने ही होते है
04:49पापा ने हमारे लिए क्या नहीं किया
04:52ये तुम्हें बताने की जरूरत नहीं है मुझे
04:54और फिर तू तो मेरा भाई है
04:57पैसे से बढ़कर रिष्टे होते हैं भाई
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