00:04और अब उसकी प्रेगनन्सी का नौवा महिना चल रहा था
00:08रितु का पती देवेश उसका काफी अच्छी से ख्याल रखता था
00:11लेकिन pregnancy अपने आप में ही एक अलग ही वक्त होता है, जब एक औरत कई तरह के बदलावों से गुजरती है, शरिर के साथ साथ उसके अंदर बहुत सारे emotional changes भी आते हैं, और रितू इन सब चीजों से गुजर रही थी, इसलिए कई बार वो बहुत परेशान हो जाती थी, उसे �
00:41तुम रो क्यों रही हो, कुछ नहीं ममे जी, बस बहुत परेशान हो रही हूं मैं, हाँ हाँ बिटा वो तो मुझे भी दिख रहा है, तब ही तो रो रही हो तुम, लेकिन परेशानी के पीछे की बज़े तो बताओ, आखिर बात क्या है, किसे ने कुछ कहा क्या तुम से, न
01:11अरे बेटा, ये क्या बात हुई, रोने का मन कर रहा है, अरे तुम मा बनने वाली हो, अगर इस तरह रहोगी न, तो बच्चा भी रोने वाली नेचर का पैदा होगा, तो फिर मैं क्या करूं मम्मी जी, मुझे बता अपने दिल की बात, मेरे साथ शेयर कर कि क्या परेशानी
01:41है, अरे लेकिन क्यों बेटा, तुम्हारे पेट में तो तुम्हारा आने वाला बच्चा है, इसे देख कर तुम्हें खुश होना चाहिए, मम्मी जी वो क्या है न, मेरा पेट इतना बड़ा हो गया है, शेरिर की हालत ऐसी हो गई है, तो सोच-सोच कर डल लगता है, कि मैं क
02:11जसा हो जाएगा, कुछ दिनों के बाद तुम्हें चिंता करने की कोई जरूत नहीं होगी, रितु, क्या हुआ, तुम बार-बार करवटे क्यों बदल रही हो, रात की दो बज़ रहे हैं, सो जाओ ना अब, देविश, नीन नहीं आ रही है, मैं ठीक से सो नहीं पा रही हू
02:41सा लगने लगता है, ठीक से सो भी नहीं पाती, तुम्हें काम करो, अपने पेट के बगल में एक तक्या लगा लो, तुम्हें ठीक से नीन्द आ जाएगी, वो भी करके देख लिया, अब तो लगता है, जब तक बच्चे इस दुनिया में नहीं आएगा, मैं ठीक से सो भी �
03:11और फिर कुछ दिन के बाद सुमित्रा जी के घर पर कुछ परिचित लोग मिलने के लिए आते हैं, ममी जी आप उन लोगों के साथ बैट कर बाते करिये, मैं सब के लिए चाय बना देती हूँ, अरे नहीं नहीं बिटा मैं कर लोंगी, अभी तुम्हारी तब यो ठीक नहीं
03:41पात सुमित्रा जी, आप तो दादी बनने वाली हैं, आजी, बस ठीक ठाक तरीके से मेरा पोत आया, पोत इस दुनिया में आ जाए, तो चेहन हो जाए,
03:52सही कहती है बहन जी, एक आरत के लिए ये वक्त बहुत मुश्किल होता है, बैसे बहु की तब्यत तो ठीक है ना,
04:00हाँ हाँ तब्यत तो ठीक है, बस ऐसे ही थोड़ी बहुत परेशानी है, जो इस वक्त होती है, उसी से गुजर रही है, पहली बार माँ बन रही है ना, कभी कभी परेशान हो जाती है,
04:12सुमित्रा जी रिष्टेदारों से बात करती है, और उन्हें काफी देर हो जाती है, रिष्टेदारों के जाने के बाद,
04:21हरे रितु बेटा, तुम अभी तक किचिन में काम कर रही हो, मैंने तुम्हें मना किया था न, इतनी देर खड़े रहनी की क्या ज़रुद थी,
04:27ममी जी, वो मुझे लगा, रात की खाने में देर हो जाएगी, इसलिए, मैं साप उधर बिज़ी थी, तो मैं खाना बनाने लग गई थी,
04:37अरे बेटा, तुम तो बिल्कुल कुछ भी नहीं समझती, ज़र अपने पैरों के हालत तो देखो,
04:41हाँ ममी जी, मुझे भी ना पैरों में बहुत भारीपन लग रहा है,
04:46ये भारीपन नहीं है, ज्यादा देर खड़े रहने की बज़े से तुम्हारे पैरों में सूजन आ गई है,
04:51अप कमरे में जाकर आराम करो, चलो, और सुनो, अपने पैरों के नीचे ना तक क्या लगा लेना,
04:58सर के नीचे मत लगाना, ठीक है?
05:00अपने कमरे में जाने की बात,
05:03यार, ये प्रेगनसी भी कितनी अजीब चीज है, कभी रोने का मन करता है, कभी हस दे का,
05:08घर में सब मुझे बहुत प्यार करते हैं
05:11लेकिन प्रेगनसी की जो प्रॉब्लम्स मैं फेस कर रही हूँ
05:15वो मैं किसी को नहीं समझा सकती
05:17ये सब कब ठीक होगा
05:20और फिर एक रात अचानक
05:22रितू नेंद में उठकर बैठ जाती है
05:25और अपने पूरे शरेर पर खुजली करने लगती है
05:28देविश की आँख खुलती है
05:29और वो रितू को इस तरह खुजली करते हुए देखता है
05:32अरे क्या हुआ रितू? तुम ठीक तो हो ना?
05:35पता नहीं क्यों देविश लेकिन अचानक से पूरे शरेर में खुजली हो रही है
05:40देखाओ जरा मुझे
05:42अरे लेकिन तुम्हारे शरेर पर तो कोई मच्छर के काटने गया किसी तरके रैशिस भी नहीं है
05:47फिर खुजली क्यों हो रही है
05:49लगता है ये भी प्रेगनंसी की कोई नहीं प्रॉब्लम है
05:53अरे अरे परिशान मतों मैं मम्मी को बिला कर लाता हूं
06:01सुमित्रा जी के आने की बाद
06:03अरे क्या बात है बिटा इस तरह क्यों खुजली कर रही हो
06:06अचानक से क्या हो गया तुम्हे
06:09मम्मी जी ऐसा लग रहा है
06:13जसे सर से पैर तक पूरे बदन में मच्चरों ने काट लिया हूं
06:17अरे लेकिन इसमें रोने की क्या बात है चुपो जा
06:22सब ठीक हो जाएगा हां
06:24मैं बहुत परिशान हो गई हूं
06:27बस अब जल्दी से बच्चा इस दुनिया में आ जाना चाहिए
06:30ताकि मुझे इन सारी प्रॉब्लम से मुक्ती मिले
06:33ऐसा नहीं क्या तेरे तू
06:37मा बनना तो दुनिया की सबसे बड़ी खुशकबरी है
06:40और ये सारी परिशानिया तो सब के साथ होती है
06:43जानती हूं लेकिन फिर भी क्या करूं
06:46रात को सो नहीं सकती
06:48कभी पेट बरके खाना खा लेती हूं
06:51तो उल्टी करने का मन करता है
06:52ज्यादा तेर खड़ी हो जाती हूं तो पैर में सोजन आ जाती है
06:56ज्यादा देर बाहर गुमने भी नहीं जा सकती बनना
07:00ठालेट की ब्राब्लिम
07:02यह सब कब ठीक होगा
07:05कुछ दिन और बीद गए
07:08और अब तक रितु का नौवा महिना खत्म होने का वक्त आ गया था
07:12अब हर दिन रितु बस यही सोचती थी कि उसका बच्चा इस दुन्या में आने वाला है
07:18हाँ वो बत अलग थी कि वो कई तरह की emotional changes से गुजर रही थी और फिर एक दिन अचानक
07:24देविश मुझे ना चाउमिन खाने का मन कर रहा है
07:29अभी रात के 12 बजे रितु इस वक्त चाउमिन कहां से लेकर आऊँगा मैं
07:35किसी hotel में phone करो ना, कोई तो deliver करता होगा ना इतनी रात को
07:40नए नए तो इतनी रात को कोई deliver नहीं करता, तुम कल खा लेना
07:44मैं कल उन्हारे लिए लेकर आऊँगा बस
07:46नाए, मुझे अभी खाने का मन कर रहा है, मुझे अभी खाना है
07:50अच्छा अच्छा ठीक है, एक काम करो, मैं किचन में जाकर तुम्हारे लिए मैगी बना कर लाता हूँ, क्या पता, उस सिखाकर तुम्हारा मन ठीक हो जाए, हाँ?
08:00देवेश रितो को मैगी बना कर खिला देता है लेकिन अगले दिन अचानक से रितो की तब्यक्त खराब हो जाती है
08:09क्या हुआ है बहु को बिटा तुने कुछ उल्टा सीधा तो नहीं खा लिया ना
08:14ममी वो कल आधी रात को चावमिन खाने की बात कर रही थी तो मैंने इसे मैगी बना कर खिला दी
08:22अरे लेकिन एक बार मुझ से तो पूछ लेता इसी वज़े से उसे अजीव सा लग रहा है
08:28कोई बात नहीं वैसे भी बच्चाने का वक्त पास आ गया है ना इसलिए ये सब चीज़े हो रही है
08:34मेरे फिट में बहुत दर्ट हो रहा है जब से मैगी खाई है तब से पूता नहीं क्या हो गया
08:42अरे कुछ नहीं हुआ बेटा बस कुछ दिन की बात हो रहे परिशान मत हो
08:48चल हम तुम्हें न डाक्टर के पास ले चलते हैं
08:51हॉस्पिटल जानी की बाद
08:53डाक्टर साब मेरी बहु की तब्यद ठीक तो है ना
08:56हाँ वैसे तो सब कुछ ठीक लगता है
08:59डाइजेशन का प्रॉब्लिम हो गया है
09:01ऐसे वक्त में हो जाता है
09:02प्रेग्ननसी की वज़े से पेट के उपर बहुत प्रेशर आ जाता है
09:06इसलिए डाइजेशन थोड़ा वीक हो जाता है
09:08और उन्होंने रात के वक्त मैगी खाली
09:11इसलिए उनको ये प्रॉब्लिम हो गया
09:12डनने वाले कोई बात नहीं है
09:14ठैंक्यू डक्टर साब
09:16अब हम इसका ध्यान रखेंगे
09:18लेकिन अब रितु की डिलिवरी का वक्त पास आ गया है
09:21आपको उनका पहले से भी ज्यादा ध्यान रखना होगा
09:25मैंने चेक अप कर लिया है
09:26एक सब्ता के अंदर रितु की डिलिवरी होने के पूरे चांस है
09:30एक दिन अचानक किचन में काम करती करते
09:33रितु के पेट में बहुत तेज दर्द होने लगता है
09:36देवेश
09:38ममे जी जल्दी आईए
09:40अरे
09:46क्या हुआ बहुआ तुम्हे
09:48बहुत दर्द हो रहा है ममे मेरे पेट में
09:52बहुत तेज दर्द हो रहा है
09:54मुझसे घड़ा भी नहीं रहा जा रहा
09:56इदर आ जाओ रितु
09:58मैं तुम्हें बेट पर लिटा देता हूँ
09:59सब ठीक हो जाएगा
10:00बिटा, मुझे लगता है
10:02इसके delivery का वक्त पास आ गया है
10:04अब हमें रितु को hospital ले जाना होगा
10:07वैसे भी डॉक्टर ने कहा था
10:09कि एक सप्ता के अंदर delivery कभी भी हो सकती है
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