00:00मा का माई का
00:02दिव्या की शादी राघव के साथ हुई थी
00:05दिव्या और राघव एक दूसरी के साथ बहुत खुशी-खुशी राहा करते थे
00:10दिव्या एक मध्यम वर्गिय परिवार के लड़की थी
00:13लेगिन दिव्या की सास अनीता जी का माई का काफी पैसे वाला था
00:17और अनीता जी अपने पैसे वाले माई की की वज़े से काफी घमंड भी किया करती थी
00:22एक दिन सुपह के वक्त
00:24ममी जी मैं सोच रहे थी अपने माई के जाकर आ जाती हूँ
00:28बहुत दिन हो गया है न?
00:30हाँ ममी, पूरा एक साल हो गया है दिव्या को अपने घर गए
00:34कुछ दिन रहेगी तो उसका मन बदल जाएगा
00:36हाँ हाँ क्यों नहीं बेटा
00:39और आम से अपने माई के जा कर आओ
00:41अरे भाई लड़कियों को अपने माई के जाना भी चाहिए
00:45वो भी तो तुम्हारा घर है जरूर जाओ बेटा
00:48ठीक है दिव्या मैं दो दिन बाद की टिकट करवा लेता हूँ
00:52तुम्हें छोड़ कर आ जाओंगा
00:54अरे तुम्हें जाने की क्या जरूरत है बेटा
00:57बहु खुर भी तो जा सकती है ना
00:59ट्रेन में बैट कर ही तो जाना है
01:01लेकिन मम्हें अच्छा थोड़ी ना लगेगा
01:04इतने दिनों बाद दिव्या अपने घर जाएगी वो भी अकेले
01:07अरे ठीक है ना बेटा
01:09तुम क्यों अपनी छुट्टी खराब कर रहे हो बिना बाद के
01:12इन छुट्टियों को कभी इमर्जंसी के लिए बचा कर रखो
01:15काम आएंगी
01:16और बहु का क्या है दो दिन माय के जाकर वापस आ जाएगी
01:20कोई बात नहीं रागव
01:22मम्मी जी ठीक कह रही है
01:24बेकार में ही मुझे लाने छोड़ने में आपकी छुट्टियां खराब हो जाएगी
01:28बस बहु
01:30तुम्हारा भाई भी तो तुम्हें लेने आ सकता है
01:32शादी के बाद तो बेटियों को लेने अक्सर उनके भाई ही आते हैं
01:38तुम्हारी मम्मी ने नहीं बताया तुम्हें
01:39कोई बात नहीं मम्मी जी
01:42अभी आपी ने तो कहा ना कि मैं अकेले जा सकती हूँ
01:45तो मैं अकेले चली जाओंगी
01:47अरे बहु कहीं ऐसा तो नहीं न
01:50कि किराय के पैसों की वज़े से
01:52तुम्हारा भाई तुम्हें लेने नहीं आ रहा
01:55तुम्हारे माई के वाले सोच रहे होंगे कि बिना बाप का खर्चा जो हो जाएगा उनका
02:00मम्मी अब दिव्या से ऐसे क्यों कह रही है
02:04अरे तो इसमें गलत क्या कह रही हूँ
02:07भाई पैसों की चिंता सब को होती है
02:11नहीं नहीं मम्मी ऐसी कोई बात नहीं है
02:13मेरे घरवाले मेरे किराय के पैसे तो कम से कम खर्च कर ही सकते हैं
02:18दो दिन के बाद दिव्या अकेली ही अपने माई के चली जाती है
02:21उसके माई के जाने के बाद
02:23रागो बेचा, तुम्हारे शादी ना हमने गलत घर में करते
02:30अब क्या हुआ मा, दिव्या से कोई शिकायत है क्या आपको, आपने मुझे उसके घर भी नहीं जाने दिया
02:37अरे क्या खरेगा वहाँ जाकर, जब भी जाता है ढंक के तौफे तक नहीं देते बोलो
02:44वो तो ये भी नहीं जानते के दामाद की खातिरदारी क्या से करनी चाहिए
02:49ममी, आजकर के जमाने में कौन इन सब बातों के बारे में सोचता है
02:54कभी तेरे पापा से पूछना, आज भी मेरे साथ जब माईके जाते हैं न, तेरी नानी के घर
03:01तो पुछ कितनी खातिरदारी होती है उनकी वहाँ पर
03:05और तौफे तो इतने देती है तेरी नानी के घर ही भर जाता है मेरा तो
03:11लेकिन ममी, वो आपके माईके की परमपरा है न, सब जगे ऐसा हो ये जरूरी तो नहीं
03:17और हम दिव्या के घरवालों से ऐसी उमिद कैसे रख सकते हैं अच्छा नहीं लगता ममी
03:22ओफो, आज करके लड़के न, शादी होते ही अपने पत्नी के साइड लेना शुरूर करते थे हैं
03:28अब देखना, आएगी तुम्हारी पत्नी खाली हाथ अपने माईके से
03:32कुछ दिनों के बाद दिव्या अपने माईके से लट कर आती है
03:36और वो अपनी ममी के दिये हुए गिफ्ट अपनी सास अनिता जी को दिखाती है
03:40ममी जी ये दिखिए, मेरी ममी ने मुझे साड़ी दी है
03:44रागों के लिए शर्ट और आपके लिए भी एक साड़ी भेजी है
03:47बस, और कुछ नहीं रखा तुम्हारी ममी ने
03:51अरे इतने दिनों के बाद माईके गई थी
03:54मुझे तो लगा भाई अपने माईके से धेर सारी चीज मिलेगी तुम्हें
03:59हैसी बात नहीं है ममी जी
04:01वो लोग तो मुझे बहुत सारी चीज़े देने की कोशिश कर रहे थे
04:05लेकिन मुझे ये से बच्चा नहीं लगता
04:07हाँ ममी मैंने ही दिव्या से मना किया था
04:10बिना बात के किसी से चीज लेना अच्छी बात नहीं है
04:12तुम्हारी ना नहीं होती ना बेटा
04:17तो मुझे कभी इस तरह नहीं आने दिती
04:19मेरे माय की कितो बात पूछो ही मत
04:22जब भी जाती हूँ इतने सारे गिफ्ट मिलते हैं
04:26क्या बताओं बस
04:27मुझे तो कभी कुछ खरीदने की नाबत ही नहीं आई
04:30कभी कोई साड़ी, कभी कोई सामान
04:33मैंने खुद के हाथों से इतने सालों में नहीं खरीदा
04:37साथ कुछ तुफानी नानी ने दिया है मुझे
04:40ममी अब वक्त बदल गया है
04:42वो आपका माय का है
04:44दिव्या का परिवार पूरी तरह से अलग है
04:47हाँ ममी जी
04:48और वैसे भी सबका परिवार एक जैसा नहीं होता न
04:52और मुझे मेरे परिवार से कोई शिकायत भी नहीं है
04:55कुछ दिनों के बाद
04:56अनिता जी अपने माय के जाती है
04:58और जब वहाँ से लोट कर आती है
05:00तो बैक भर-भर के गिफ्ट लेकर आती है
05:03देखो बहू
05:04इसे कहते हैं माय के से आना
05:07अरे भाई
05:09इतना सामान हो गया था
05:11कि क्या बताऊं
05:12अरे वाँ ममी जी ये तो बहुत अच्छी बात है
05:15आपको इतनी सारी चीज़े मिली है
05:17वही तो
05:19और एक तुम्हारे माय के वाले है
05:21ठीक से मिठाय भी नहीं बेच सकते
05:23बेटी के ससुराल वालों के लिए
05:25ममी जी आप ऐसा क्यूं कह रही है
05:28देखो तो सही बहू
05:30मेरी मा ने पूरे
05:32पांच डब्बे रखे मिठाय के
05:33इसे कहते हैं बेटी को
05:36विदा करना तुम्हारी तरह नहीं
05:38खाली हाथ भिज़वा दिया
05:39बस करिये ममी
05:41दिया आपके बहू है
05:43आप उससे इस तरह बात करेंगे
05:45तो वो क्या समझेगी
05:46रागव के बार बार समझाने पर भी
05:49अनिता जी पर कोई असर नहीं होता
05:52और वो कभी भी
05:53दिया को उसके मायके के लिए
05:55भला बुरा सुनाती ही रहती है
05:57एक बार अनिता जी की तवियत
05:59बहुत खराब हो जाती है
06:00ममी जी देखिए
06:02आपको बिस्तर से उटने की कोई जरुरत नहीं है
06:04आप आराम कीजिए
06:05आपको जो भी चाहिएगा मैं लाकर दे दूँगी
06:07हाँ हाँ ठीट है
06:10देखो तुमसे जो हो रहा है
06:13वो कर तो बाकि मैंने अपने भाई को फोन कर दिया है
06:16मेरे भाई और भावी आज आएंगे
06:19मेरे माई के से मेरा खयाल रखने के लिए
06:22ममी आप ऐसा मत कहिए न
06:25देविया आपकी बहु है वही खयाल रखेगी आपका
06:27मामा और मामी कितने दिन आपका खायल रख लेंगे
06:30ऐसा कुछ नहीं है मैंने कहा ना
06:33मेरे माहे के वालों को बड़ा प्यार है मुझसे
06:36एक फोन करूंगी और दाड़े चले आएंगे
06:39पूरा एक सप्दा बीच जाता है
06:42लेकिन अनिता जी के मायके से कोई नहीं आता
06:45और दिव्या दिन रात अनिता जी की सेवा करके
06:49उनकी तब्यत ठीक कर लेती है
06:50तब्यत ठीक होने के बाद
06:52दिव्या पहू, जरा यहां तो आना मेरे पास
06:57क्या हुआ ममी जी, आप ठीक है न?
07:00आपको किसी चीज की जरूरत नहीं है
07:02बहू मुझे माफ कर दो
07:05मैं हमेशा अपने मायके का घमंड करके
07:08तुम्हें उल्टा सीधा सुनाती रही
07:10लेकिन फिर भी तुमने मेरी इतनी सेवा की
07:13ममी मैं आपसे कहता था न
07:16अगर आप अपनी बहू से प्यार से पेश आएंगे
07:18तो वो आपका बहुत खयाल रखेगी
07:20और वही जिंदगी बर आपके काम आने वाली है
07:23लेकिन मैंने तो अपनी बहू को हमेशा ताने मारे
07:27और फिर भी उसनी मेरा इतना खयाल रखा
07:30मुझे माफ कर दोगी ना दीविया
07:33अरे ममी चे ऐसा मत कहिए
07:35आप हमेशा मेरे माय के वालों को भला बुरा कहती रहती थी
07:39लेकिन एक बात बताओं
07:41सबके घर वाले ना अलग-अलग होते हैं
07:44सबका अपना-अपना नीचर होता है
07:46लेकिन इसका मतलब ये नहीं
07:48कि मेरे माय के वाले मुझे प्यार नहीं करते
07:51और इसका मतलब ये भी नहीं
07:53कि आप मुझे प्यार नहीं करती
07:55है ना सच
Comments