00:00आज गिरी राज और दुर्गा के घर में बहुत चहल पहल है घर को अच्छी तरह से सजाया गया है किचिन में से अच्छे अच्छे खाने की खुश्बू आ रही है ऐसा इसलिए क्यूंकि उनके बेटी आभा और दामाज जी अहान शादी की बाद पहली बार घर पर आ रहे है
00:30आजकतली लाए हो या भूल गया है नामाज जी को बहुत पसंद रहां हिमान्षी और कोशल एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और अपने माधा पिता की सारी बाते मानते हैं लेकिन जबसे कोशल की बेहन आभा की शादी हुई है मानू उसके माधा पिता के लिए उनका �
01:00तुम्हारा मन तो लग रहा है न वहाँ और अहान जी तुम्हारा ख्याल रखते हैं या नहीं पता नहीं भाबी कभी तो लगता है कि ठीक है कभी तो लगता है कहां फस गई जिसे भईया आपके मदद करते हैं आपका ख्याल रखते हैं अहान ऐसे बिलकुल भी नहीं है अरी �
01:30अहान बहुत गहमंडी तरीके से बोलता है
01:32आपका घर तो बहुत बड़ा है सुसूर जी
01:35आपका और कुशिल का बिसनिस भी बहुत अच्छा चल रहा है
01:38तो आप लोगों ने दहेज दिने में इतनी कंजूसी कियों की
01:42अरे दमाज जी कैसे बात कर रहे हो
01:45आपके परिवार ने जिस जिस चीज़ की मांगी थी
01:49वो सब हमने आपको दिया है
01:50अगर किसी चीज़ की फिर भी कमी रह गए यह तो बता दीजी
01:54कुछ चीज़े बिना मांगी भी तो दी जा सकती है सुसूर जी
01:58अहान अगर तुमें कुछ और चाहिए तो बता दो
02:02हम तुम्हारी सारी इच्चा पूरी करेंगे
02:05अहान प्लेट से बिस्किट उठा कर बोलता है
02:08मांगने से दिया तो क्या दिया
02:11वैसे भी आप लोग मेरी डिमांड कभी पूरी नहीं कर पाओगे
02:15आभा और अहान अपने घर चले गए
02:19उनकी जान की बात कुशल कहता है
02:32तेरी तरह नहीं कि तुने अपने सिसुराल वालों से कुछ नहीं लिया
02:36और हर समय अपनी पत्नी से चिपका रहता है
02:39ओफिस से ठका हारा आता है और अपनी पत्ती के साथ घर के कामों में वदद करता है
02:44मम्मी दहिज लेना तो गलत बात है ना
02:49और हमारे पास किस चीज की कमी है
02:51मैं अगर हिमानशी का घर के काम में हाथ बटाता हूँ
02:54तो वो भी मेरा ओफिस का बहुत सारा काम करती है
02:57इसमें बुरा क्या है?
02:59पत्ती-पत्ती को एक दुसरे के मदद करनी चाहिए
03:01बेटा किसी चीज़ की कमी तो अहान के घर पर भी नहीं है
03:06लेकिन फिर भी हमने उसे दहेज दिया ना
03:08ना केवल दहेज दिया बलकि उनकी जो भी डिमान थी वो सारी पूरी की
03:13और उसने क्या किया आपके और ममी के सामने ताने सुना कर चला गया
03:18अब दोनों को इससे दुख होगा
03:20अहान ने इसका बिल्कुल खयाल नहीं किया
03:22पिचारी आभा का तो चैरा देखने लाहत था
03:25कितनी शर्मिंदा हो रही थी वो अपने पती की बातों से
03:28इस तरह कुशल ने अपने माता पिता को समझाने की खूब पोशिश की
03:32लेकिन उसके माता पिता अहान को ही सपोर्ट करते रहे
03:36और करते भी क्यों ना
03:37हमारे समाज ने दामात का रुत्बा बहुत उंचे स्थान पर रखा है
03:42चाहे फिर उनकी सोच कितनी भी नीची क्यों ना हो
03:45इसी तरह से कई दिन बीट गया
03:48और एक दिन आभा अपने घर पर रोती हुई आई
03:51अरे आभा तुम रो क्यों रही हो और ये तुमारे चेहरे पर निशान कैसे
03:56आभा लगा अतार रोए जा रही थी
04:00अरे बता मेरी बच्ची क्या हुआ है तुझे
04:09मत रो इस तरह मेरा तो दिल बैठा जा रहा है
04:12क्या हुआ है बिटा
04:14हिमांशी और दुर्गा के बार बार पूछने पर आभा ने बताया
04:18मम्मे मुझे आहान ने बहुत मारा है
04:22क्या दामाजी ने तुझ पर हाथ उठाया लेकिन क्यों
04:28वो रोज शराब पी कराते और मुझे मारते
04:32लेकिन आज दो उन्होंने हदी कर दी
04:34क्या अहान जी शराब पी ते
04:38ये बात तो उनके घर वालों ने बताई नहीं थी
04:41अरे कौन अपने बच्चों की कम्या बताता है
04:44आने दे तेरे पापा को
04:46वही बात करेंगे अहान और उसके घर वालों से
04:49शाम को जब गिरी राज और कुशल घर पर आए
04:52तो उन्हें आभा का चेहरा देख कर बहुत गुसाया
04:55लेकिन वो करती भी क्या
04:57आखिर अहान घर का दामाद है
04:59पर अभा के चेहरे पर चोट के निशान देख कर
05:03कुशल से चुप नहीं रहा गया
05:04कुशल ने फोन करके अहान से बात की
05:07अहान तुमारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेहन पर हाथ उठाने की
05:12तुमारी बेहन घर में किसी की बात नहीं सुनती
05:15जो उसके मन में आता है भई करती है
05:18अब तुम ही बताओ मैं कैसे चुप बैट सकता हूँ
05:21अगर वो किसी के बात नहीं सुनेगे तो तुम उस पर हाथ उठाओगे
05:24मैं तुम्हारी तरह नहीं कि अपनी पत्नी के पीछे-पीछे गुमता रहूँ
05:29अगर तुम्हारी बेन जरा भी टेड़ी चली न तो मैं उसे इसी तरह से मारूँगा
05:35ये बोलकर आहान ने फोन कार्ट दिया
05:38ये सुनकर कुशल को बहुत गुसा आया
05:41कुशल ने कहा
05:42अब आभा अपने ससुराल नहीं जाएगी
05:45आपने उसकी शादी गलत इंसान से करती
05:48वो आदमी आभा के लायके रही है
05:50अरे पागल हो गया है क्या
05:53अपनी शादी शुदा बेहन को घर पर बिठाएगा
05:55लोग क्या कहेंगे
05:57मुमी आपको अपनी बेटी की चिंता है या लोगों की
06:01आभा को आभा को आभा बिलकुल पसंद नहीं था
06:15लेकिन उसके माता पिता समाज के डर से
06:18उसे बार बार अहान के घर पर भीज़ देते थे
06:20इस बार भी आभा को अपने ससुराल जाना पड़ा
06:23एक दिन हिमानशी की तब्यत खराब हो गई
06:26तो उसने घर का काम नहीं किया
06:28तब्यत खराब होने का बहाना बना कर सुबह से लेटी है
06:32तो जै इस घर में जितना आराम मिला है न
06:34दुनिया में किसी बहु को कहीं इतना आराम नहीं मिला होगा
06:38तेरा तो पती भी तेरे साथ काम कराता है
06:41देख मेरी आभा को
06:42बिचारी कितना पिठती है अपने पती से
06:45और सारे घर का काम खुदी करती है
06:48शाम को जब कुशल घर आता है तो हिमानशी उसे सारी बात बताती है
06:53तुम मम्मी की बात का बुरा मतमाना करो
06:56मम्मी चाहती है कि मैं उनके निकम में दामात की तरह बन जाओ
06:59जो अपनी पत्नी की बिल्कुल भी इज़त नहीं करता
07:02लेकिन मैं ऐसा नहीं बन सकता
07:04कुशल ने हिमानशी का बहुत खयाल रखा और वो जल्दी ही ठीक हो गई
07:09वहीं अहान आभा के साथ बहुत बुरा बरताओ करता था
07:13आभा के माता पिता ना तो आभा की बात सुनते और ना ही कुशल की
07:18एक दिन अहान किसी काम के सिलसले में शेहर से बाहर गया हुआ था
07:34ये तो अक्सर इस उर्टल में अलग-अलग लड़कियों की साथ आते हैं
07:39लेकिन आप ये सब क्यों पूछ रहे हो
07:41कुशल बिना कुछ बोले वहां से चला जाता है
07:44और घर आकर सभी को ये बात बताता है
07:47लेकिन उसकी माता पिता को तो इस बात से भी कोई फर्क नहीं पड़ा
07:50अरे बिटा इस बात को यहीं खत्म कर दो
07:54हम आहान से क्या कह सकते हैं
07:56आखिर वो हमारे घर का दामाद है
07:58बिटा देख ये बात ना आबा को मत बताना
08:02नहीं तो उसे बहुत बुरा लगेगा
08:17आपकी बेटी को जानवर की तरह पीटता है
08:19अब तब भी उसे बात करने की हिम्बत नहीं करते है
08:21आप लोग बेटे और दामाद में इतना फर्क क्यों करते हो
08:25बेटा दामाद को तो सरका ताज समझा जाता है
08:29हमेशा से ऐसा ही चलता आया है
08:31अरे हमारे समाज ने ऐसे ही नियम बनाये है
08:35चाहे वो आपकी बेटी की साथ कैसा भी बरताओ करे
08:38उसे जानवरों की तरह मारे पीटे
08:40मम्मी ये पुराने जमानी की बाते है
08:43आजकल कोई पड़ी लिखी लड़की इतना नहीं पीट रही
08:46जितनी हमारी आभा पिट रही है
08:48वो भी सिर्फ आप दोनों की विज़स है
08:50मैं आज ही उसके ससुराल जाकर उसे सारी बात बता दोगा
08:54और आखरी फैसला उसका होगा
08:57कुशल और हिमानशी आभा के पास जाकर
09:00उसे अहान की सारी सच्चाई बता देते हैं
09:03आभा अपने भाई के साथ आ जाती है
09:05घर आकर वो अपने पती को तलाक के पेपर भीज़ती है
09:08हाला कि गिरिराज और दुरगा अभी भी अपने दामात के साथ है
09:12और तलाक के खलाफ
09:14उनको अभी भी समाज की चिंता है
09:18बेची की नहीं
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