00:11पती और बेटा किसान थे जो सुबह खेत में जाते और सारा दिन महनत की बाद शाम को घर लोटते।
00:18शीला भी घर में रहकर सिलाई का काम करती।
00:22शीला की बेटी भी बड़ी समझ तार थी।
00:25वो घर के काम में मा का हाथ बटाती।
00:28लेकिन बहु का हाल निराला था।
00:33वो काम कम और मिन्मेक ज्यादा निकालती।
00:36जिससे शशी और उसकी बेटी काफी परेशान रहते एक दिन
00:41मा ये क्या है ओहो जितना बोलो लेकिन आप लोगों को तो कुछ समझ में ही नहीं आता
00:48बाबी क्या हुआ और मा अभी सिलाई कर रही है उन्हें बार-बार मत उठाईए
00:55मुझे बताईए हुआ क्या है ये देखो सोनम दूद उपल रहा है और बस गिनने ही वाला है
01:02वो तो शुक्र है कि मैं आ गई वना तो बहे जाता सारा
01:06अरे पर मैं तो अभी देख कर गई थी और गैस भी धीमी थी
01:12हमेशा दूद सामने खड़े हो करी उबाल दिलवानी चाहिए ठीक है ना
01:17सोनम को मेगा की बात पर गुसा जाता है लेकिन क्लेश ना हो
01:23ये सोच कर वो चुप चाप वहाँ से चली जाती है
01:27और सोचती है कि वो कैसे मेगा को सबक सिखाए
01:31एक दिन मेगा ने कहा
01:33सोनम अरे ओसोनम कहा हो ऐसा कैसे कर सकती हो तुम
01:39क्या हुआ भाबी जब देखो परिशान से गुमती हो
01:43खुश रहा करो भाबी इससे ना स्किन गलो करती है
01:48सोनम फेस तो मेरा वैसे भी गलो करता है देखो और कितनी गुणी भी हूँ मैं
01:56तुम्हें तो शादी करके दूसरे घर जाना है, देखो जरा देखो, अपने कमरे का हाल देखो, सारा संत्रे का छिलका जमीन पर फैला है, अरे सिस्राल में ऐसे ही रहोगी क्या, भाबी करना ही क्या है, वहीं पड़े-पड़े सुख जाएंगे, फिर पीस कर पैक बना लेंग
02:26लाने लगती है, मा, अरे मा, सुनो तो जरा, अब क्या हुआ मेगा, क्यूं चिला रही हो, मा ये देखो, देखो, जरा ये काज का कटोरा, जिसे टेबल के किनारे रखा है, अरे किसी का एक हाथ लगेगा, और ये गिर कर तोट जाएगा, तभी मेगा के कमरे से कुछ गिरने
02:56मेगा के कमरे में उसका शीशा गिर जाता है, लगता है बहु, तुमने अपना शीशा कोने में रखा होगा, तभी गिर गया, जरा दूसरों को सीख देने से पहले, खुद भी अमल कर लिया करो, वहीं कमरे में पर्दे के पीछे छिपी सोनम हस रही होती है, मेगा काफी परि
03:26सास और ननत के सामने खुद को होशियार साबित करे, एक दिन मेगा सोनम से कहती है, सोनम, आज ना मैं तुम लोगों को चाइनीज बना कर खिलाती हूँ, देखना मैं कितना अच्छा खाना बना लेती हूँ, फिर तुम भी ना सिसुराल जाकर वैसा ही खाना बनाना, और सब
03:56इंतिजार करते हैं, किचन में मेगा धेर सारा चाउमिन बनाती है, और हर किसी की प्लेट में डाल कर सब को दे दीती है, अचानक उसका पती हिमान्शु बोल उठता है, क्या है ये, कितना गंदा बना है, छी, मेगा की शकल रोनी सी हो जाती है, कि तब ही सोनम बोल पड़ती
04:26पा देंगे ऐसा खाना खाकर, पूरा घर हसने लगता है, तब ही मेगा की सास कहती है, कोई बात नहीं बहू, कभी कभी ऐसा हो जाता है, पर हाँ, दूसरों को सीख देने से पहले, खुद का सही होना सबसे ज्यादा जरूरी होता है,
Be the first to comment