00:00भावी की सातन पाटवाईन
00:02मा भाई नहीं इस लड़की से क्यों शादी की?
00:06मुझी ये अधिरा बलकुल पसंद नहीं है.
00:08बेटी अब क्या कर सकते हैं?
00:10मैं भी तुमारे भाई की शादी इस लड़की से नहीं कराना चाती थी.
00:14लेकिन समर्थ की जद के आगे मुझे जुकना ही पड़ा.
00:19समर्थ ने अपनी पसंद की लड़की अधिरा से शादी की है.
00:22लेकिन उसकी मा मनजीयों और बहन सौम्या को अधिरा बलकुल पसंद नहीं है.
00:26समर्थ की मा ने तो अपने बेटी के प्यार के आगे अपना सर छुका लिया
00:31और दोनों की शादी करवा दी
00:32लेकिन सौम्या ने अभी तक हत्यार नहीं डाले थे
00:36वो अभी भी अपनी भाबी को घर से निकालने की हर मुम्किन कोशिश कर रही है
00:41बहू ओ बहू आज चाय मिलेगी या नहीं
00:46लाई माजी
00:47एक तो समर्थ भी न जाने कहां से इस लड़की को पकड़कर लिया आया है
00:53हर काम ऐसे करती है मानों हाथों में महन्दी लगी हो
00:56लीजी माजी चाय
00:58अच्छा तो ले आई तो चाय
01:03मुझे तो लगा था कि तो सुबह की चाय दोपर के खाने के बाद देगी
01:08माजी दूद वाला लेट आया था इसलिए चाय बनाने में लेट हो गई
01:13इतने मैं सौमया वहां जाती है
01:15मा मैं अपनी सहली देवी का से मिलने जा रही हूँ
01:19शाम को आऊंगी
01:20सौमया मैंने तुम्हारे लिए नाश्टा बना दिया है
01:23पहले नाश्टा कर लो फिर चली जाना
01:25मुझे आपके हाथ का बेस्वात खाना नहीं खाना
01:29मेरी सहली देवी का बहुत अच्छा खाना बनाती है
01:32मैं उसके यहां खालूँगी
01:33सौमया की जाने के बाद
01:38मंजी अपनी बहु पर चिलाते हुए कहती है
01:40बहु तुने इतनी बुरी चाय बनाई है
01:43इससे अच्छा तो तु जहर पिला देती
01:45कम से कम वो मीठा तो होता
01:47अगर मेरे बस में होता तो
01:51चाय की जग़ जहर ही दे देती
01:53मंजू अधीरा पर हुकम चला कर चली जाती है
02:12अधीरा बड़ बड़ाती हुई किचन में जारी होती है
02:15कि तबी समर्थ वहां आ जाता है
02:17अधीरा नाश्ता लाओ जल्दी से
02:19अफिस के लिए देर हो रही है
02:20क्या करोगी नाश्ता करकी
02:23किसी को भी मेरे हाथ से बना खाना पसंद नहीं आता
02:26आप भी बाहरी कर लेना नाश्ता
02:28लगता है मा और सौमया ने फिर तुमसे कुछ कहा है
02:31तब ही तुमारा मोड इतना खराब है
02:33तुम मा और सौमया के बातों का बरा मत माना करो
02:37मैंने मा के खिलाफ जाकर शादी की है ना
02:40इसलिए वो तुमसे कुछ उखड़ी उखड़ी रहती है
02:42लेकिन मुझे पता है
02:43जिस तरह तुमने मेरा दिल जीत लिया
02:46उसी तरह तुम मा और सौमया का दिल भी जीत लोगी
02:48हम बाते बनाना कोई आप से सीखे
02:51अब आपको ऑफिस के लिए देर नहीं हो रही
02:54हो तो रही है
02:55लेकिन सोच रहा हूँ
02:57सौमया और मा घर पर नहीं है
03:00तुम दिन भर अकेली घर में क्या करोगी
03:03मैं आज आफिस के छुटी करी लेता हूँ
03:06नहीं नहीं नहीं
03:07मैं घर में अकेली रह सकती हूँ
03:09आप आफिस जाओ
03:10चलो जाओ और अपना काम करो
03:11समर्थ आफिस चला जाता है
03:14और शाम को जब सभी घर आते हैं
03:17अधिरा सब के लिए बड़े प्यार से खाना
03:19तयार करके रखती है
03:20सौम्या सबसे पहले किचन में जाती है
03:22अरे वाँ
03:24खाने की तो बहुत अच्छी खुश्पू आ रही है
03:26लेकिन मुझे इस खाने का
03:28मजख किर किरा करना ही होगा
03:30सौम्या खाने के अंदर
03:32बहुत सारी हल्दी डाल कर चली जाती है
03:34उसकी बाद अधिरा सब के लिए
03:36खाना लगाती है preocup
03:37लेकिन किसी को भी खाना अच्छा नहीं लगता
03:39ची भाबी कितना बुरा खाना बनाया है
03:42इससे अच्छा तो आप हमें मना ही कर देती
03:45कि आप खाना बनाएंगी ही नहीं
03:47तो हम बाहर से ही कुछ अच्छा खा करा जाती, कम से कम हमारे मुकास्वाद तो नहीं बिगरता।
03:52बहु, तुने हम सब को सुबह बिना खाना खाए निकाल दिया, और अब भी हमें बिना खाना खाए सोना पड़ेगा।
04:00क्या करती हो अधिरा, तुम्हें खाना बनाना भी नहीं आता क्या, तिमाग खराब कर दिया।
04:07समर्थ गुस्से में वहाँ से चला जाता है, उसके पीछे-पीछे सौमया भी जाती है।
04:12भाईया, हमने आपसे कितना मना किया था कि इस लड़के से शादी मत करो, मत करो, लेकिन आपने हमारी एक नहीं सुनी।
04:21आप मेरी सहली देवी का को तो जानती हो ना, सुन्दर होने के साथ साथ हर काम में माहिर है।
04:27सौमया देखो, मैं वैसे ही परिशान हूँ, तुम मुझे और परिशान मत करो, जाओ यहां से।
04:57सौमया तुम यह सब क्या कर रही हो, तुमारा भाई शादेश होदा है, वो कभी मुझे से शादे करने के लिए तयार नहीं होगा।
05:07लेकिन तुम दो भाई से पहले से ही प्यार करती थी ना।
05:10हाँ करती थी लेकिन यह उन दिनों की बात है न।
05:14सौमया ने जैसा जैसा कहा देविका ने वैसा ही किया।
05:23देविका ने बहुत ही स्वादिष्ट खाना बनाया।
05:26शाम को सभी लोग इखटा हुए और सबने एक साथ मिलकर खाना खाया।
05:31इतना मजेदार खाना खाकर सबने देविका की खूप तारिफ की।
05:35समर्थ ने अपनी पत्नी को ताना देते हुए कहा।
05:38अधिरा, देविका ने कितना अच्छा खाना बनाया है।
05:42तुम्हें देविका से खाना बनाना सीखना चाहिए।
05:45अब तो ये रोज की बात होगी।
05:47सम्या हर बार देविका को अपने घर बलाती,
05:50और किसी न किसी बात पर अधिरा को शर्मिन्दा करती।
05:54करती सौम्या अपने भाई की बात देविका से कराने लगी अब समर्थ भी देविका से प्यार करने लगा सौम्या ने अपने भाई से कहा भाया आपको देविका पसंद है ना तुम ये क्यों पूछ रही हो क्योंकि मैं चाहती हूं कि आप देविका से शादी कर लो रे सौम्य
06:24आप देविका की चिंदा मत करो, उससे मैं बात कर लूँगी, आप पस अधिरा भवी को समझा दो
06:30सौम्या की बात सुनकर समर्थ अधिरा की पास जाता है, वो उससे अपनी और देविका की शादी की बात करता है
06:38अधिरा मैं देविका से शादी करना चाहता हूँ
06:42क्या? अब शादी करोगे? लेकिन क्यों?
06:47क्योंकि मैं उससे प्यार करता हूँ.
06:49प्यार तो आप मुझसे भी करती थे.
06:51कल कोई और लड़की पसंद आ जाएगी, तो तीसरी शादी कर लोगे?
06:55देखो अधिरा, तुम्हें घर में कोई पसंद नहीं करता.
06:59तुम्हारी शादी मैंने मा के खिलाफ जाकर की थी.
07:02अब तुम मेरे और देविका के बीच में मत आओ. प्लीज!
07:06क्यों बीच में नाओ? मैं ये शादी नहीं होने दूँगी. आप चाहे कुछ भी कहूँ.
07:11अधिरा के लाख विरोध के बावजूद भी, सौम्हा और मंजु ने समर्थ की शादी देविका से करवा दी.
07:20आखिरकार, सौम्हा अपनी भावी की सौतन ले ही आई.
07:24शादी के बाद देविका ने घर में आती ही घर वालों के साथ कैसा स्लुक किया? और अधिरा के साथ क्या हुआ?
07:32ये सब जानने के लिए इंतजार कीजिए हमारे अगले एपिसोड का.
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