00:00पसीने वाली बफू
00:01हाई रबारे नास पीटी
00:05पसीने बहा बहा के पूरे घर में पसीने की बाढ़ को बुलावा दिया है तुने
00:10अरे तुम मैं क्या करू माजी आप ही बताओ
00:13अरे भगवान से गुहार लगाओ के उठा ले मुझे
00:17ये कहानी है अक्षरा की
00:20जिससे शादी के पहले से बहुत पसीना आता है
00:24फिर चाहे वो गर्मी हो या बरसाद हो या फिर ठंड हो
00:27शादी तो जैसे तैसे हो जाती है
00:29अक्षरा के पती रनवीर को ये बात पताने ही होती
00:33कि अक्षरा को इतना ज्यादा पसीना आता है
00:36और नाहीं उसकी सास कौशलिया और ससुर ब्रीज मोहन को पता था
00:41लेकिन वक्त के साथ साथ कुछ ही दिनों में
00:44अक्षरा के पसीने से सभी को काफी दिक्कत होने लगती है
00:48तो चली होते हैं रूबरू इस पसीने वाली पहु से
00:53अक्षरा पसीने से लदी हुई थी और उससे पहुत ज़्यादा गंदी बद्बू आ रही थी
01:08जिससे सभी अपने नाग पर हाथ रख लेते हैं
01:12अए रोबाओ इतने गंदी बद्बू तो गटो की भी नहीं आती है
01:16तो मैं किसी बरफिले इगलू में बैटकर खाना नहीं बना रही हूँ
01:25इतनी गर्मी है दो मिनिट गेस की सामने खड़े रहो तो पूरा पसीने से ना लेते हो आप
01:32इतनी भायंकर गर्मी है अगर इतनी प्रॉब्लम है तो लगा लो ना रसोई में भी इसी
01:37अहां लगा लेते हैं वैसे भी तेरे माय के वालो ने हमें ट्रैक भर के नोटों की गड़ी जो दी है
01:43क्यों बात करती है मैं भी चूला चौका कर चुकी हूँ लेकिन इतना पसीना मुझे तो कभी नहीं है
01:51ऐसी ही एक दिन कवशिला देखती है कि खाना बनाते समय अक्षरा के माथे का पसीना टपक कर कणाई में गिर रहा है
02:01अर्बो अरे करम जलियों की महारानी ये दख दख ये तेरे पसीने की टंकी का लिकेज बहके अब हमारे खाने में भी टपक रहा है
02:13अब अपना खारा पानी तो नमक के तोर पर इस्तिमाल करेगी क्या हमारे खाने में
02:19maa ji, maa ne jaan bu ؟ kar nahi kiya hai
02:22aur rahi baat paasi neki tupak na ki
02:24tui isi bahanye ye ghed ahí ki sabbi na
02:28aur vhe namkine and swardisht ho jayegi
02:30mene paasi neki milaavati se
02:32ji ji ji ji
02:33maa jaan rhi ho baathroom
02:35kuyunki maha to tihri baatho ko sun ka
02:38aur ye khana dhikkar ulti ya rihie
02:41á�it tuh kudh naihi pakaayegi
02:43áż hama tino
02:45tujha chhoڑ kar basand bhaoj naalai chalaye jayenge
02:48तो अकेले ही चकते बैट अपने पसीने से भरे हुए ये बेंचन
02:53अगले दिन जब रनवीर दफ्तर से घर आता है तभी वो अपने कमरे में अक्षरा से कहता है
02:59अक्षरा कल बॉस की वाइफ का बर्डे है इसलिए उन्होंने हमें खास न्याता दिया है
03:06तो तुम और मैं कल पार्टी में जाएंगे मैं ब्लैक कोट पैनोंगा तो तुम ब्लैक साड़ी पैन लो
03:12ओके पती जी और कोई आदेश
03:15नहीं नहीं आदेश नहीं लेकिन एक रिक्वेस्ट है वैसे तो पार्टी में एसी होगी
03:22लेकिन फिर भी न, तुम पूरी पर्फियम की बॉटल को अपने उपर छिड़क के ही चलना
03:27एक क्या मैं तो कहता हूँ, अब पाच चाहे बॉटल को छिड़क लो न
03:31क्योंकि अगर किसी ने तुम्हारे पसीने की बद्बु को सोंग लिया न
03:35तो फाल तुम इस सीन क्रियेट हो जाएगा माँ पर, ठीक है?
03:39मुँ टेडा करके अक्षरा जवाब देती है
03:42ठीक है, लगा लूँगे, खुश?
03:45अगले दिन पाटी के लिए अक्षरा सच में पाच पॉफियम की बॉटल को अपने उपर छिड़क कर
03:51सच धच के रनवीर के साथ पाटी में चली जाती है
03:54पाटी में इसी थी, इसलिए पहली के 15 से 20 मिनिट तो कुछ भी नहीं हुआ
04:00लेकिन उसके बाद से जो अक्षरा को पसीने छुटने शुरू हुए
04:06कि बस, वो पसीने से भी करगिली होती ही जा रही थी
04:10और उसकी बहुत गंदी बद्बू भी आने लगी
04:14जिसको सुंकर पाटी की गेस्ट आपस में बात करने लगे
04:17अरे ये इतनी गंदी बद्बू कहां से आ रही है
04:21शायद किसी की जुरावों की गंदी बद्बू है ये
04:25जुरावे नहीं, मामला कुछ और ही है जनाब
04:29इतनी बड़ी फाइव स्टार पार्टी में पता नहीं कहां से गुजगया कोई गटर का कीड़ा
04:34तबी रनवीर अक्षरा को धीरी से कहता है
04:37तुम्हें कहो थो नो, परफ्यूम, पाउडर और साबून से दस बार नहा ना
04:43लेकिन तुम्हें तो पता है ना, कि मुझे पसीने छूटते ही है
04:47चाही कितना भी कुछ भी करलू
04:49और उनकी ये बात, बगल में खड़ी एक बुड़ी औरत सुन लेती है
04:54और वो बबाल मचा देती है
04:56हरे बापरे, ये गंदी महट तो यहां से आ रही है
05:01रनवीर की बीवी से देखो तो, पूरे कपड़ी भी गए इसके पसीने से
05:08सबी रनवीर और अक्षरा पर बहुत अस्ते हैं
05:13रनवीर घर जाने की बाद अक्षरा को खुब डाणता है
05:16मिला दिना पानी में मेरी पूरी मैनत से कमाई हुई इजट
05:19अरे अक्षरा बहु किस मिट्टी की बनी हो तुम
05:24जो पसीने का जर्ना बैता ही रहता है तुम्हारे पतन से
05:28बारा मैने और चोवी सो घंटे नौन स्टोप
05:32अरे अभी तो इस कलमुहे के कलेजको ठंड़क पड़ी होगी
05:39लोगों के कुंडले में मारकेश दोश होता है
05:42लेकिन हमारी बहु की कुंडली में पसीना दोश है
05:47अक्षरा को अपने सिसराल वालों की बाते सुनकर बहुत बुरा लगता है
05:51लेकिन फिर भी वो कुछ नहीं कहती
05:53और अपने पसीने बहने को अपनी गल्ती मान कर चुप रह जाती है
05:58दिन बीटते जाते हैं
06:00गर्मी का प्रकोब बढ़ते जाता है
06:02और अक्षरा के लिए गर्मी और भी बड़ी मुसिबत बन जाती है
06:06उसे पसीने से पूरे हाथ, पाउ, गले, चेहरे और बदन पर घमोर्या आ जाती है
06:16जिसके कारण उसे खुब जलन मैसूस होती है
06:19आ, बहुत जलन हो रही है
06:22मा जी ने एसी का रिमोट भी छुपा के रखा है
06:25इसलिए ताकि मैं एसी ना लगाऊ और बिजली का बिल पच्चा है
06:30मम्मी जी बहुत आग लग रही है
06:34अक्षरा जाकर बाल्टी भरपानी अपने आप पर डाल दीती है
06:40तब जाके उसे थोड़ी सी रहत मिलती है
06:43अक्षरा के पसीने से तंग आकर कौशलिया अब दिन राद घर में अगरबत्ती और अरोमा केंडल जलाती
06:50अच्छा हुआ जो रनवीर नहीं है खुश्बू वाली मौमबत्तिया ला करती
06:56इनसे हर जगा अच्छी महका रही है
06:59लेकिन तबी वहाँ पर बाजार से सामान लाकर पसीने से लदी हुई अक्षर आ जाती है
07:11और उसके पूरे बदन से बद्बू आ रही थी
07:15और बाल तो पूरे पसीने से भीग गय थे
07:18और फर्ष पर पसीने की बूंदे भी टपक रही थी
07:22और ये बद्बू इतनी तेज होती है कि मौमबत्ती और अगरबत्ती की महक को फेल करते दी है
07:28और अगरबा आ गई करमजली
07:32इसके बदन के पसीने ने तो इतनी महकि सुगंद वाली मौमबत्ती और अगरबत्ती के खुश्पू के दाद भी खट्टे कर दिये
07:41बाहर इतनी भीशन गर्मी है मम्मी जी
07:45ऐसा लग रहा है मानो हम किसी ओवन में बंध हो और केक की तरह बेग हो रहे हो
07:51दिन बदिन अक्षरा का पसीना दिश्वार कर देता है सब का जीना
07:58कभी वो सोते समय पूरे बेट के साथ साथ साइड में रखे हुए रनवीर की
08:03important files को अपने पसीने से भिगा देती तो कभी वो गर्मी से अपने
08:08बालों में हुए जूओं को गल्ती से खाने में मिला देती
08:12हायो रभा आज तो हादी हो गई खाने में जूओं है
08:17अक्षरा बस बहुत हुआ अब और नहीं अब तुम सीधा अपना
08:23बैक पैक करो और अपने माई के शिफ्ट हो जाओ बिल्कुल सही कह रहा है
08:27रनवीर हमें नहीं चाहिए ऐसी पसीने वाली बहुँ अक्षरा रोने लगती है
08:33और कहती है ठीक है मैं चली जाती हूँ फिर कभी इस घर की दहलीश पार नहीं करूंगी वाई
08:40अक्षरा रोन्दी सूरत लिए घर से निकल जाती है
08:44शाम में जब रनवीर अक्षरा के माई के फोन लगाता है तब उसे पता चलता है कि अक्षरा तो अब तक घर गई ही नहीं
08:52इस बात को सुनकर रनवीर, कवशलिया और ब्रीज मोहन तीनों डर जाती है और चिंता ग्रस्त हो जाती है
08:58मुझे एक जगह पता है ममी, जब भी अक्षरा का mood off होता है तो वो वहीं पर जाकर बैठती है
09:08रनवीर, कवशलिया और ब्रीज मोहन तीनों एक नदी के किनारे जाते हैं जहां रात के अंधिरे में अक्षरा नदी के साइट की बैंच पर बैठे हुए बिलख बिलख कर रो रही थी
09:20रनवीर तुरंट जाकर अक्षरा के गले लग जाता है और उसे तीनों माफी मांगते हैं
09:26अक्षरा, हमें माफ कर दो, तुम्हें पसीना आना नैचरल है लेकिन तुम जान बुझकर नहीं करती हो ये और हमने तुम्हें गुस्से में क्या-क्या नहीं कहा
09:36Yes, I'm a good girl. Please, don't let me know your own. I'll give you a minute. I'll give you a minute. I'll give you a minute.
09:49You'll see it.
09:51If it's not, I'll give you a doctor. I'll give you a minute. We'll get a minute.
10:03देर से ही से ही आप लोगों को मेरा धर्ट समझ में तो आया
10:07मैं बहुत लग्य हूँ कि मुझे आप जैसे सिसराल वाले मिले
10:11इस तरह सिसराल वाले आयरविदिक उपायों से
10:15अक्षरा के पसिने की तकलिफ को मिटा देते हैं
10:18और अब उसे मामूली पसिना ही आता है
10:21और वो एक सुखी और चैन भरी जिन्दगी बिताने लगती है
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