00:00अनिल, 32 वर्षिय भारतिय युवक, रात की ट्रेन में अकेला सफर कर रहा था, पूरा डिब्बा सुनसान था, वो खिडकी के पास बैठा और अपनी किताब पढ़ने लगा, कुछ देर बाद उसे लगा कोई सामने वाली सीट पर बैठा है, जब उसने नजर उठाई तो सीट
00:30आरों तरफ देखा, पर डिब्बे में कोई नहीं था, जैसे ही ट्रेन ने अगले स्टॉप पर ब्रेक लिया, पर चाई उसके पीछे बढ़ती दिखी, अनिल डर के मारे अपने मुबाइल की फ्लेश लाइट आन करके बाहर जहकने लगा, पर वहां भी कोई नहीं था, पर �
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