00:00वो धीरे धीरे चलती है और अचानत पानी में कूच जाती है लेकिन छींटा तक नहीं पड़ता जैसे वो इनसान
00:08नहीं कोई आत्मा हो
00:10मच्छुआरे भी बताते हैं कि कई बार जब वे सुभा सुभा मचली पकड़ने जील में जाते हैं
00:16तो पानी में किसी के रोने की आवाज आती है और जब वे नाव को रोकते हैं पानी में साया
00:23जैसा कुछ तैरता दिखता है
00:25स्थानिय गाइज कहते हैं कि यहां डूब कर मरे कई लोगों की आत्माएं अब भी यहां भटक रही हैं
00:32इन में से कुछ आत्माएं गुस्से में होती हैं तो कुछ बस शांती की तलाश में और सबसे डरावनी बात
00:39यहां की जील में कई बार लोग डूब गए और फिर कभी नहीं मिले
00:43यह सभी घटनाएं जल मेहल को एक हॉंटेट प्लेस बना चुकी है जल मेहल के अंदर प्रवेश आम जनता के
00:51लिए बंध है
00:51सरकार ने इसे संरक्षित स्मारक घोशत किया है लेकिन असली वज़े कुछ और मानी जाती है एक पुरानी घटना के
01:00अनुसार
01:00कुछ साल पहले एक फिल्म यूनिट को जल मेहल के अंदर शूटिंग की अनुमते मिली थी
01:06लेकिन शूट के दौरान कैमरा मैन अचानक बेहोश हो गया
01:10जब उसे होश आया तो उसने कहा मैंने किसी को दीवार के अंदर से मुझे घूरते हुए देखा था
01:17इसके बाद उस यूनिट ने शूटिंग बीच में ही छोड़ दी
01:21एक और घटना में कुछ विद्यार्थी रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए रात में जील के किनारे बैठे थे
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