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01:36ुआ अपने तो मेरी सारी चिंता ही दोर करती अरुना और करुना की शादी धूम-धाम से एक ही दिन हो जाती है
01:56अब तक जो बहने थी आज देवरानी जिठानी बन जाती है
02:00करुना को लगता है कि अरुना अपसुधर जाएगी लेकिन उसकी जलन कम होने की जगह और बढ़ जाती है
02:06पारवती भी अरुना के लक्षन देख उसे पसंद नहीं करती
02:10एक रोज पारवती गुसे में अरुना से कहती है
02:13क्या सोचा था और क्या निकली
02:17दिन भर ये लिपा पोती करने से ही तु सुन्दर नहीं लगीगी
02:20कुछ सीख मेरी करुना से कि घर कैसे संभाला जाता है
02:24मैंने तो तुझे करुना को देख कर पसंद किया था
02:28मती मारी गई थी मेरी
02:29मम्मी जी मैं कुछ भी कर लूँ आपको तो पसंद आने वाला ही नहीं है
02:34अरुना तम-तमा के वहाँ से चली जाती है
02:36कुछ दिनों बाद पारवती अपने दोनों बेटों को बुला कर कहती है
02:41अजय वेजय
02:42मैं आज से इस घर की बागदोर करुणा के हाथ में सौबती हूँ
02:47इस घर में अब जो कुछ होगा वो करुणा की इशारे पे होगा
02:50ये सब सुनकर अरुना बर्दाश नहीं कर पाती
02:53और उसी रात करुणा की कमरे में चली जाती है
02:57अरुना का गला दबा देती है और उसे अपने घर के पीछे वाले गार्डन में गार देती है
03:16पारवती और बाकि सभी लोगों को लगता है कि करुना उन लोगों को छोड़ कर कहीं चली गई है
03:21करुना के जाने से पारवती की हालत नाजुक हो जाती है और घर की बागदौर अरुना के हाथ में आ जाती है
03:28अब ये बुढ़िया भी मर जाए रहा सहा काटा भी निकल जाएगा
03:33I don't know.
04:03Karuna.
04:33ये मैं हूँ? ये किस ने किया? मैं उसे नहीं छोड़ूँगी. करuna की तरह उसे भी जान से मार दूँगी. तब ये उसी कावाज सुनाई दिती है. अब मानने की बारी तेरी है.
04:49कौन है? कौन मेरे पीजे पड़ी है?
04:51अरुना अपना मूध होती है, तो उसके चेहरे से खून टपकने लगता है. कमरे में आकर वो अपना मूध पोच्छती है और उसका मेकप बॉक्स गायब दिखता है.
05:01मेरा मेकप नहीं है. अब मैं विजे के सामने ऐसे जाओंगी, तो वो मुझे प्यार नहीं करेगा. सारे कपड़े भी भटे है. ये कहीं वो आवाज वाली की तो कर्तुत नहीं है.
05:12अरुणा बुरी तरह डर जाती है. डरते हुए वो जल्दी जल्दी खाना बनाती है. विजे घर आती ही अरुणा को देख कर कहता है.
05:21ये आज इतनी गंदी दिख रही हो तुम. चलो, भूख लग रही है. जल्दी से खाना लगा दो.
05:27तुम मेरे साथ रसोई में चलो. इस घर में कोई है. मुझे बहुत डर लग रहा है. तुम भी क्या बच्चों की तरह कर रही हो? मैं बहुत ठक गया हूँ.
05:37अरुणा रसोई में जाती है. तो देखती है कि सारा खाना जमीन पर गिरा हुआ है.
05:43कौन है या? मुझे बताए तुम यही हो?
05:48अरुणा को वही हसने की आवाजे आने लगती है.
05:51और अरुणा की गाल पर चटा चट थपड बरस दे लगते हैं.
06:01मार खा खा कर अरुणा भी होश हो जाती है.
06:04जब उसे होश आता है तो वह सारी बात विजए को बताती है.
06:08अरे तुम्हारी शकल के साथ साथ तुम्हारी अकल भी घास चरने चली गई है.
06:12अगले दिन आत्मा अरुणा की तिजोरी से गहने, जेवर, पैसे सब गायब कर देती है.
06:21और विजए अरुणा से कहता है.
06:28अरुणा पैसे निकालने के लिए तिजोरी खुलती है तो.
06:32ये भगवान क्या करूँ? तिजोरी तो खाली पड़ी है.
06:36अरे तुमने सारे पैसे अपने सजने सवरने में ही बर्बाद कर दिये हैं और अभी ड्रामा कर रही हो?
06:57अंधेरे में उसे एक परचाए नजर आती है.
06:59who are you when were you, the one who are estas doing this is all over the world
07:07she goes so
07:08his now
07:11is aware of the friends who appear there
07:17is the voice in a05
07:28I am not going to die.
07:58इसे जिन्दा छोड़ दो और सुनो मैं तुमसे सारे रिष्टे खत्मा करता हूँ अरुना निकलो, निकलो मेरे घर से दर दर जब तुम भटकती रहोगी तब तुम्हें जाकर अपनी इस गल्दी का हैसास होगा निकलो यहाँ से
08:12विजय एक बेटी की तरह करुणा के लाश को दासंसकार कर देता है करुणा की आत्मा को शांती मिल जाती है विजय दूसरी शादिकर अपना घर बसा लेता है और सबसे जलने वाली अरुना इसी तरह मारी मारी फिरती रहती है
08:42झाल झाल झाल झाल