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A controversy has erupted around CBSE’s On-Screen Marking (OSM) system after allegations surfaced that certain tender conditions were modified before the contract was awarded to a private vendor. The issue gained attention after a 17-year-old student published an analysis of CBSE tender documents and questioned the removal of a blacklisting clause. The controversy has been further amplified by complaints regarding portal glitches, answer-sheet access issues, and alleged data-security vulnerabilities. While opposition leaders have demanded accountability and transparency, CBSE and the vendor have denied wrongdoing and maintained that all procedures were conducted according to established rules. No official investigation has yet concluded that corruption or tender manipulation took place.

CBSE का On-Screen Marking (OSM) system इस समय बड़े विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि एक निजी कंपनी को contract देने से पहले tender की कुछ महत्वपूर्ण शर्तों में बदलाव किया गया। यह मामला तब चर्चा में आया जब Jharkhand के 17 वर्षीय छात्र Sarthak Siddhant ने tender documents का विश्लेषण कर blacklisting clause हटाए जाने पर सवाल उठाए। इसी बीच OSM portal glitches, answer sheets access करने में दिक्कतों और कथित data-security vulnerabilities की शिकायतों ने विवाद को और बढ़ा दिया। विपक्षी नेताओं ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है, जबकि CBSE और संबंधित कंपनी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए प्रक्रिया को पूरी तरह नियमों के अनुरूप बताया है। फिलहाल किसी आधिकारिक जांच ने भ्रष्टाचार या tender manipulation साबित नहीं किया है।

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00:21सब्सक्राइब देने से पहले अपने ही रूस बदल दिए और सबसे शॉकिंग बात
00:29ये पूरा इशू किसी पुलिटिकल पार्टी ने नहीं बलकि एक 17 साल के स्टूडन ने एक्स्पोस किया
00:34मैं हूर इताना मित्तल और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:37आईए करते हैं इस पूरे मामले का फैक्ट चेट
00:40सबसे पहले समझते हैं कि कॉंट्रवर्सी है क्या
00:43CBSE ने 2026 बोर्ड एक्जाम में ओन स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम यूज किया
00:48इस सिस्टम में फिजिकल कॉपीज को स्कैन करके डिजिटल एवाल्यूएट किया गया
00:53कॉंट्राक्ट मिला हाइदरबाद बेस्ट कंपनी को एंट एडूटेक को
00:57लेकिन कॉंट्रवर्सी तब शुरू ही जब जारकंट के 17 साल के स्टूडेंट सार्तक सिधान्त ने
01:02CBSE के टेंडर डॉक्यमेंट का डिटेल आनलिस फब्रिश किया
01:05सार्तक का क्लेम है कि औरिजिनल टेंडर डॉक्यमेंट में एक ब्लाक लिस्टिंग क्लॉस था
01:11मतलब अगर कंपनी से मेजर नेगलिजेंस होती डेटा लीग होता या एवालुएशन में सीरियस मिस्टेक होती तो CBSE कंपनी को
01:18ब्लाक लिस्ट कर सकता था
01:41कंपनी को वेट लीग वेटन तो अग नेग्य वेटन में सेंग उने कि अवालुएशन में से लिए फूज था अभी
01:49यह तो उल्या खूड लीग लेड़ लेगलुएन भीग्यों ग्युआपें लगट अवालुएशन में लिए अवेटन टेंशनाुएशन पूण्ट वाल �
02:21अब स्वाल यह उट रहा है कि आके रूल क्यू बार्ट बार्ट रहा है
02:40क्या यह नॉर्मल टेंडर मॉडिफिकेशन था या फिर किसी स्पेसिफिक कंपनी को बेनेफिट देने के लिए कंडिशन सॉफन की गई
02:48अब यहां एक इंपॉर्टन फैक्ट अभी तक किसी कोट किसी इंवेस्टिगेशन एजनसी या गवर्मेंट बॉडी ने ओफिशिली यह
02:55कंफर्म नहीं किया है कि टेंडर रिक्ट था या करप्शन हुआ था यानि स्कैम का अलिगेशन पुलिटिकल और पब्लिक डुमेन
03:02में नहीं है लेकिन लीगल प्रूफ अभी सामने नहीं आया है लेकिन कॉंट्रवर्सी यहीं खतम नहीं होती रीसिन बोर्ड रिजल्स
03:08के ब
03:27अगर यह क्लेम सच प्रूफ होते हैं तो यह सिर्फ टेक्निकल इशू नहीं बलकि मैसिव स्टूड़न डेटा सिक्यॉर्टी फेलियर हो
03:34सकता है और यहीं ब्लैक लिस्टिंग क्लॉस वाला इशू और सीरिस हो जाता है रिपोर्ट के मताबिक अब सीबीएसी के
03:40पास एलेज
03:53खड़े किये ओपोजिशन लीडर्स का अलिगेशन है कि एक्स्पीरियंट फर्म को साइड लाइन करके एक कॉंट्रवर्शल वेंडर को फेवर किया
04:00गया वहीं सूरेंट्स इंडिपेंडेंट जुडिशल इंक्वाइरी री एवालुएशन और ट्रांस्प्रेंसी की डिमां
04:23स्थाथियंट आसे एक प्रिमेशन अजिपोर्छ फॉट के लिगाख थे एक लिए प्रिमि उत्तक अपन स्थ् demolek pounding ऋने खर्मेशन और
04:39ट्रांस्यस का भाहीं आस्यटर्स प्रिमेंट साइड अज गDas मान इंट कॉल्ब मेएंठी अधिय।
04:47to the guidance of IIT Madras and IIT Kanpur, it will be resolved.
05:17और 4 भी equally important है. अभी तक कोई official probe, corruption, प्रूव नहीं करती. यानि इस वक्त narrative दो
05:24पार्ट्स में divided है. एक साइट कह रही है, यह system favoritism है. दूसरी साइट कह रही है, यह सिर्फ
05:29मिलस इंफिमेशन और political targeting है. लेकिन बीच में खड़े हैं students. वो students जिनके पास बस एक simple सवाल
05:37है. क्या उ
05:47जड़ी हो जाती है. फिलहार investigation और public scrutiny दोनों continue है.
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