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  • 5 months ago
Humrahi Episode 17 & 18 | Teaser Review | Promo Breakdown | Pakistani Drama

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Transcript
00:00एलिफ सयाहान की इतनी critical हालत देखती है तो वो दिल में ठान लेती है
00:03सयाहान मैं तुम्हें मरने नहीं दोंगी चाहे मुझे इसके लिए अपनी जान ही क्यों न देनी पड़ जाए
00:08तबी डॉक्टर ICU से बाहर आते हैं और एलिफ और गाजी यूसुफ को बताते हैं
00:12अब सयाहान की जान बचाना नामुम्किन है अगर फॉरण इनका हार्ट ट्रांस्प्लांट न किया गया तो इनकी जान जा सकी
00:18है
00:18आपको हर सिचुएशन के लिए तयार रहना पड़ेगा ये खौफनाख खबर सुनने के बाद गाजी यूसुफ के होश उर जाते
00:24हैं
00:24वो मन ही मन फैसला कर लेता है
00:25कुछ भी हो जाए मैं अपने बेटे की जान बचाऊंगा
00:28चाहे मुझे इसके लिए किसी की जान ही क्यों न लेनी पड़े
00:30गाजी यूसुफ अपना शातिर दिमाग चलाते हुए जिक्रिया से बोलता है
00:34अलिफ को फॉरण घर लेकर जाओ
00:35लेकिन बेचारी अलिफ को क्या पता था
00:37कि ये उसकी मौत का भयानक प्लैन बनाया जा रहा है
00:39अलिफ घर पहुँचती है तो सिर्फ सयाहान के बारे में सोचती है
00:42वो रोते हुए खुद से कहती है
00:43अगर सयाहान को दिल नहीं मिला तो वो मर जाएगा
00:46मैं अपना दिल दिये बिना जी कर क्या करूंगी
00:48मेरे जो अपने थे वो तो मुझे छोड़ कर चले गए
00:51लेकिन सयाहान के बाबा है चंदा है
00:53ये सोचकर वो सयाहान के लिए एक आखरी खत लिखती है
00:55सयाहान मुझे माफ कर देना
00:57मैं अपना दिल तुम्हें दे रही हूँ
00:58क्योंकि मैं अपनी महबबत को अपने सामने मरता हुआ नहीं देख सकी
01:01अचानक गाजी यूसुफ कमरे में आ जाते हैं
01:03एलिफ उन्हें देखते ही उनके पास जाती है और कहती है
01:06बाबा सयाहान की जान बच गई
01:07लेकिन गाजी यूसुफ खौफनाक आवाज में बोलते हैं
01:10मुझे उसकी जान बचाने के लिए तुम्हारी जान लेनी पड़ेगी
01:12फौरन वो आगे बढ़ते हैं
01:13और अपने ही हाथों से एलिफ का गला दबा कर
01:16बेरहमी से उसकी जान ले लेते हैं
01:18अलिफ तडप तडप कर दम तोड़ देती है
01:19गाजी यूसुफ उसकी लाश देखकर कहते हैं
01:21अलिफ सॉरी मुझे अपने बेटे की जान बचाने के लिए
01:24ये करना पड़ा
01:24वो उसके चहरे पर हाथ रखकर
01:26उसकी आँखें हमेशा के लिए बंद कर देते हैं
01:28गाजी यूसुफ उसी वक्त जिक्रिया से बोलते हैं
01:30अलिफ को ले जाओ
01:31और इसका दिल निकाल कर सयाहान के सीने में लगा दू
01:33वो सीधा डॉक्टर के पास पहुंचते हैं
01:41अगर मेरे बेटे की जान नहीं बची तो मैं तुम्हारी भी जान ले लूँगा
01:45डॉक्टर बुरी तरह डर जाता है
01:46इसके बाद गाजी यूसुफ पैसों का एक बड़ा बैग डॉक्टर के सामने फेकते हैं
01:50भारी रिश्वत देखकर डॉक्टर का जमीर भी बिख जाता है
01:53वो फौरण एलिफ का दिल निकाल कर सयाहान के सीने में लगा देता है
01:56ओप्रेशन थेटर से बाहर आकर डॉक्टर गाजी यूसुफ को खुशकबरी सुनाता है
02:00कि ओप्रेशन सक्सेस्फुल हो गया है
02:20तबियत सही होते ही वो रोते हुए कहता है
02:22बाबा मैं अभी एलिफ की कबर पर जाऊंगा
02:24गाजी यूसुफ उसे एलिफ की कबर पर लेकर जाते हैं
02:27कबर से वापस घरा कर सयाहान को एलिफ की एक डाइरी मिलती है
02:30जिसमें लिखा होता है
02:31सयाहान तुर्की में मेरी बहन इलहाम का ख्याल रखना
02:34दूसरी तरफ तुर्की में औरंगजेब को जब ये ख़बर मिलती है
02:37कि एलिफ की जान खुद गाजी यूसुफ ने ली है
02:39तो वो फौरण इलहाम के पास आता है
02:41और उसे सारी हकीकत बता देता है
02:42सयाहान ने चालाकी से तुम्हारी बहन से शादी की थी
02:45वो खाली तुम्हारी बहन का दिल लेना चाहते थे
02:47अब तुम्हारी बहन की मौत हो चुकी है
02:48ये खौफनाक सच सुनकर इलहाम तरप कर बहुत रोती है
02:51तब ही वो कसम खा लेती है कि
02:53हर सूरत में मैं सायाहान से अपनी बहन की मौत का बदला जरूर लूँगी
02:56अगले ही दिन सायाहान तुर्की बहुत जाता है
02:58वहां उसे इलहाम दिखती है
02:59सायाहान उसे देखते ही उससे हमदर्दी और महबत करने लगता है
03:02लेकिन पीछे से इलहाम भी अपनी बहन का बदला लेने के लिए एक चाल चलती है
03:07और सायाहान को अपनी जूठी मुहबत के जाल में फ़सा लेती है
03:10दोस्तों, यहाँ पर ये सबसे बड़ा सवाल पैदा होता है
03:12कि क्या इलहाम सायाहान से अपनी बेहन की मौत का बदला लेने में कामियाब होगी
03:16आपको क्या लगता है क्या हमारी ये प्रेडिक्शन सही होगी
03:18अपनी राय कमेंट में लाजमी बताएं और हमारे चैनल को लाइक, शेर और सब्सक्राइब करें

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