00:03साल 2026 में आने वाला अधिक मास जिसे प्रोशोत्तम मास भी कहा जाता है हिंदु धर में बेहत पवित्र माना
00:08जाता है
00:09ये महीना भगवान विश्नु को समर्पित होता है और माना जाता है कि इस दौरान की गई पूजा वरत दान
00:14और भक्ती का फल कई गुना ज्यादा मिलता है
00:16लेकिन बहुत से लोगों के मन में सवाल रहता है कि अधिक मास में पूजा कैसे करें, कौन-कौन से
00:21नियम मानने चाहीं और सही पूजा विधी क्या है
00:23तो आज की इस वीडियो में हम आपको बताएंगे अधिक मास 2026 की संपूण पूजा विधी, वरत नियम, जरूरी बातें
00:30और उध्यापन का तरीका, बिलकुल सरल भाशा में
00:33हिंदु पंचांग में हर तीन साल में एक अतरिक्त महीना जुरता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है
00:39इसे प्रोशोत्ता मास इसलिए कहा जाता है, क्योंकि भगवान विष्णु ने इस महीने को अपना नाम दिया था
00:44मानता है कि इस महीने में पूजा पार्ट, दान, जप, वरत, भगवान कथा सुनना, गीता पार्ट करने से व्यक्ति के
00:50पाप कम होते हैं और घर में सुक शान्ती आती है
00:53इस महीने में शादे विवा और नए मंगलिक कारे नहीं किये जाते हैं लेकिन भक्ति और साधना के लिए ये
00:58महीना बहुत शुरिष्ट माना जाता है
01:00अब बात करते हैं पूजा की शुरुवात कैसे करें
01:03सुबा जल्दी उठें स्नान करके साफ और हलके रंग के कपड़े पहने अगर संभाव हो तो पीड़े रंग के कपड़े
01:09पहनना शुब मारा जाता है
01:10इसके बाद घर के मंदिर की सपाई करें भगवान विश्णू और माता लक्ष्मी के सामने दीपक जलाएं अब एक तामे
01:16के लोटे में जल लेकर सुर्य भगवान को अर्ग दें और मन ही मन प्रातना करें
01:20इसके बाद पूजा इस्थान पर बैट कर यहां संकल्प लें मैं श्रद्धा और भक्ती से प्रोशोत तमास का वरत और
01:26पूजा कर रही हूं भगवान विश्णू मेरी पूजा स्विकार करें
01:29आप जानते हैं संपूर पूजा विधी सबसे पहले भगवान विश्णू की मूर्ति या तस्विर के सामने दीपक जराएं धूब तिकाएं
01:35फूल चणाएं तुलसी दल अर्पित करें
01:37ध्यान रखें भगवान विश्णू को तुलसी बेहत प्रिये हैं तुलसी के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है अब भगवान को
01:43पीले पूल, केले, पंचामरत, मिठाई और फल अर्पित करें
01:46इसके बाद ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंतर का जाब करें कम से कम 108 बार मंतर जाब करना बहुत शुब
01:53माना जाता है अगर संबव हो तो विश्णू सहस्तर नाम, श्रीमत भगवत गीता या पुरुशोतम महातम्य का पार्ट करें दोस्तो
02:01इस महीने में शाम के समय दी
02:16अगर से जादा भगवान नाम लें और क्रोद जूट और बुरी आदोत उसे दूर रहें अधिक मास में दान का
02:21भी बहुत महत्व होता है अब अपनी शमता के अनुसार भोजन, कपड़े, फलिया, जरुवतमंदों को धन दान कर सकते हैं
02:27आ जाता है कि इस महीने में किया गय
02:41पीले वस्तर, फलिया, दक्षणा, दान करें इसके बाद भगमान विश्णु से प्रातना करें हे प्रभू अगर मेरी पूजा में कोई
02:48गलती हुई हो तो मुझे शमा करें और अपने आशिरवात से मेरे परिवार को सुक समरती दें यही अधिक मास
02:54वरत का उध्यापन माना
02:55जाता है तो दोस्तों यह थी अधिक मास 2026 की संपुर्ण पूजा विधी और वरत नियम अगर आपको यह जानकारी
03:00पसंद आई हो तो इसे लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल न भूलें
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