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Adhik Maas 2026: अधिक मास 2026 में पूजा-पाठ, व्रत और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इस वीडियो में जानिए पुरुषोत्तम मास में पूजा करने का सही तरीका, व्रत के नियम, क्या करें और क्या नहीं, साथ ही उद्यापन विधि की सम्पूर्ण जानकारी सरल हिंदी में। यह वीडियो आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

Adhik Maas 2026 is considered highly sacred for worship, fasting, and devotion to Lord Vishnu. In this video, learn the correct way to perform puja during Purushottam Maas, important vrat rules, what to do and avoid, and the complete Udyapan process explained in simple language. A helpful spiritual guide for devotees observing Adhik Maas vrat.

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~HT.318~ED.120~PR.115~
Transcript
00:03साल 2026 में आने वाला अधिक मास जिसे प्रोशोत्तम मास भी कहा जाता है हिंदु धर में बेहत पवित्र माना
00:08जाता है
00:09ये महीना भगवान विश्नु को समर्पित होता है और माना जाता है कि इस दौरान की गई पूजा वरत दान
00:14और भक्ती का फल कई गुना ज्यादा मिलता है
00:16लेकिन बहुत से लोगों के मन में सवाल रहता है कि अधिक मास में पूजा कैसे करें, कौन-कौन से
00:21नियम मानने चाहीं और सही पूजा विधी क्या है
00:23तो आज की इस वीडियो में हम आपको बताएंगे अधिक मास 2026 की संपूण पूजा विधी, वरत नियम, जरूरी बातें
00:30और उध्यापन का तरीका, बिलकुल सरल भाशा में
00:33हिंदु पंचांग में हर तीन साल में एक अतरिक्त महीना जुरता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है
00:39इसे प्रोशोत्ता मास इसलिए कहा जाता है, क्योंकि भगवान विष्णु ने इस महीने को अपना नाम दिया था
00:44मानता है कि इस महीने में पूजा पार्ट, दान, जप, वरत, भगवान कथा सुनना, गीता पार्ट करने से व्यक्ति के
00:50पाप कम होते हैं और घर में सुक शान्ती आती है
00:53इस महीने में शादे विवा और नए मंगलिक कारे नहीं किये जाते हैं लेकिन भक्ति और साधना के लिए ये
00:58महीना बहुत शुरिष्ट माना जाता है
01:00अब बात करते हैं पूजा की शुरुवात कैसे करें
01:03सुबा जल्दी उठें स्नान करके साफ और हलके रंग के कपड़े पहने अगर संभाव हो तो पीड़े रंग के कपड़े
01:09पहनना शुब मारा जाता है
01:10इसके बाद घर के मंदिर की सपाई करें भगवान विश्णू और माता लक्ष्मी के सामने दीपक जलाएं अब एक तामे
01:16के लोटे में जल लेकर सुर्य भगवान को अर्ग दें और मन ही मन प्रातना करें
01:20इसके बाद पूजा इस्थान पर बैट कर यहां संकल्प लें मैं श्रद्धा और भक्ती से प्रोशोत तमास का वरत और
01:26पूजा कर रही हूं भगवान विश्णू मेरी पूजा स्विकार करें
01:29आप जानते हैं संपूर पूजा विधी सबसे पहले भगवान विश्णू की मूर्ति या तस्विर के सामने दीपक जराएं धूब तिकाएं
01:35फूल चणाएं तुलसी दल अर्पित करें
01:37ध्यान रखें भगवान विश्णू को तुलसी बेहत प्रिये हैं तुलसी के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है अब भगवान को
01:43पीले पूल, केले, पंचामरत, मिठाई और फल अर्पित करें
01:46इसके बाद ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंतर का जाब करें कम से कम 108 बार मंतर जाब करना बहुत शुब
01:53माना जाता है अगर संबव हो तो विश्णू सहस्तर नाम, श्रीमत भगवत गीता या पुरुशोतम महातम्य का पार्ट करें दोस्तो
02:01इस महीने में शाम के समय दी
02:16अगर से जादा भगवान नाम लें और क्रोद जूट और बुरी आदोत उसे दूर रहें अधिक मास में दान का
02:21भी बहुत महत्व होता है अब अपनी शमता के अनुसार भोजन, कपड़े, फलिया, जरुवतमंदों को धन दान कर सकते हैं
02:27आ जाता है कि इस महीने में किया गय
02:41पीले वस्तर, फलिया, दक्षणा, दान करें इसके बाद भगमान विश्णु से प्रातना करें हे प्रभू अगर मेरी पूजा में कोई
02:48गलती हुई हो तो मुझे शमा करें और अपने आशिरवात से मेरे परिवार को सुक समरती दें यही अधिक मास
02:54वरत का उध्यापन माना
02:55जाता है तो दोस्तों यह थी अधिक मास 2026 की संपुर्ण पूजा विधी और वरत नियम अगर आपको यह जानकारी
03:00पसंद आई हो तो इसे लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल न भूलें
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