00:00कृष्णाय वाशुदेवाय हरे परमात्मने प्रणताक्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमा प्यारे मित्रों जेश्यराम जैमतादी
00:11आज आप से चर्चा करते हैं परम पवित्र पावन पुर्षोत्तम का महिना प्रारंब होने वाला है
00:18और इस पुर्षोत्तम मास में हमें भगवान का पूजन करना चाहिए पुर्षोत्तम का महिना 17 मई से प्रारंब हो करके
00:27और 15 जून तक चलेगा
00:30इस महिने में हमें क्या नियम अपनाने चाहिए क्या कारे करने चाहिए आज इसी विसर पर आप से चर्चा करूँगा
00:38तो दैनिक नियम्मों में प्राते काल हमको ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए, शुबै यल्दी उठ करके इश्कनाने त्यादिशे निब्रत्य हो
00:47करके हमको सुक्ष वस्त्रों को धारण करना चाहिए, घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करना चाहिए, भगवाने वि�
01:08वेला में दीप प्रज्वलित करना चाहिए, घर के अंदर हमको दूसरा नियम जप करना है, पाठ करना है, रोज ओम
01:19नमो भगवते वाशुदेवाय मंत्र का जप करना चाहिए, श्रीमद भगवत गीताजी का पाठ करना चाहिए, विष्पनु शहस्त्र नाम का पाठ
01:31करना �
01:32चाहिए, विसेश फल दाई बताया गया है, आहार की अगर हम बात करें कि आज के इस पवित्र महिने में
01:41हमको क्या ग्रहन करना चाहिए, और क्या नहीं ग्रहन करना चाहिए, तो शात्यक वस्तूओं को हमें ग्रहन करना चाहिए, जिसमें
01:52फल है, दूद है, तही है, घी है, �
01:56शादा भोजन है दाल चावल शब्जी रोटी इत्यादी को हमें ग्रहन करना चाहिए और अगर नियम ले सकते हैं तो
02:06इस महिने में एक बार भोजन करने का नियम लेना चाहिए भूमी पर सयन करना चाहिए
02:15सात्युक विचारधारा को अपने अंदर एक्टिव रखना चाहिए और इसके साथ साथ किसी भी प्रकार का वईवनश्य विचार आपके अंदर
02:29इस्थापित ना हो ये प्रयास करना चाहिए
02:33अब हमें ये भी बताएं क्या नहीं खाना चाहिए इस महने में मांश का सेवन भूल कर नहीं करना चाहिए
02:43मदिरा का पान नहीं करना चाहिए
02:46तामशिक भूजन विसेश रूप से त्याग देना चाहिए बिल्कुल नहीं ग्रेहन करना चाहिए
02:53त्याज लेशुन इत्यादी और अक्तिदिक मशालेदार जो वस्तुमें होती हैं जो भूजन होते हैं उनका भी त्याग करना चाहिए
03:03आज इस महिने में विसेश करके अन्य बातें जो मैं बता रहा हैं इनका भी परहेज करना चाहिए
03:12जैसे आप प्रोध ना करें गुशा ना करें जूट ना बोलें निन्दा ना करें
03:20मन में किसी के प्रती कोई भी द्वेश की भावना अंकूरित ना हो इस फुटित ना हो आपके अंदर किसी
03:31के भी प्रती घ्रणा ना हो ऐसे बुरे विचार आपके दूर होने चाहिए
03:38आप इस महिने में दान करिएगा गरीबों को वस्त्र का दान करिएगा अन का दान करिएगा जल इत्यादि का दान
03:49करिएगा गया मैया की सेवा करिएगा
03:52गाय की सेवा करने से समस्त प्रकार के देवताओं की शेवा हो जाती है
03:58मंदिर में जाकर के दान करिएगा
04:01प्याव लगवाईएगा
04:03जलका दान करिएगा
04:05जरूरत मंदों की साहता करिएगा
04:08विसेश नियम मैं आपको बताओं
04:11यदि आप पूरे महिने व्रत कर रहे हैं तो नियम करना चाहिए, आपको गुरुवार और एकादशी का व्रत रखना चाहिए
04:21पुर्शोत्तम के महिने में, भूमी पर आपको सयन करना चाहिए, संभो हो तो व्रमचद व्रत का पालन करना चाहिए, एक
04:31समय भूजन करना चाहि�
04:33पुर्षोतम मास का सार यह महिना आत्म शुद्धी और भगवाने की भगती के लिए सरवुत्तम है
04:42जितना संभो हो सके नियमों का पालन करें
04:46कठोरता से नहीं स्रद्धा पूर्वक नियमों का पालन करें
04:52इस महिने में छोटी सी भगती भी बहुत बड़ा आपको फल प्रदान करेंगी
04:59तो आदिक माश में भगवाने विष्णू की पूया, दान, ब्रत, जप, पुन्य, मंत्र इत्यादी का विशेश महत्तो बताया गया है
05:11इस पवित्र महिने में मांगलिक कार जैसे साधी ग्रह प्रवेश को छोण करके बाकी सभी प्रकार की अनुष्ठान जो निश्काम
05:21रूप्ष होते हैं उनको शंपन्य किया जाता है
05:25इस दोरान शात्युक भोजन करें, तुलशी मयया का पूजन करें, शाम को तुलशी मयया के पाश में दीपक अवश्य प्रज्युलित
05:35करें
05:35तो पुर्शोतम मास में क्या करना है हम आपको बताएं भगवाने विष्णू की रोज पूया करनी है और इसके साथ
05:44साथ ही सहस्त्र नाम का विष्णू शहस्त्र नाम का आपको पाट करना है पाट नहीं कर सकते हैं यूटूब के
05:54माध्यम से किसी भी चैनल के माध्यम से आप �
05:56विश्क्नु शास्त्र नाम का जो मंत्र है उसको स्रमन करिएगा। ओम नमु भग्वते वाशुदेवाए इस मंत्र काजब करिए और शत्यनारायन
06:07भगवान की कथा को भी आप पुर्शोत्तम के महिने में स्रमन करिएगा।
06:12दान और पुन्न इस महिने में दान पुन्न का भी अत्यदिक महत्त बताया गया है जो कई गुना अक्षय पुन्न
06:21को प्रदान करने वाला होता है।
06:24विशेश करके अन्य, वस्त्र, फल, जल, छत्री, गौज सेवा इत्यादि दान करना शुब माना जाता है।
06:55शात्यक जीवन इस पवित्र महिने में ब्रह्मे चरक ब्रत का पालन करते हुए भूमी पर सयन करना चाहिए।
07:04पुर्षोतम मास में क्या नहीं करना चाहिए।
07:07तो मांगलिक कर पूरतया वरजित होते हैं जैसे बिवा है, शगाई है, मुंडन है, ग्रै प्रवेस है, नया व्यवशाय सुरू
07:19करना है।
07:20मांगलिक कर इत्याद इसमें प्रारंब नहीं किये जाते, मांगलिक कर्यों को नहीं किया जाता है।
07:28आशुद्ध भोजन, तामशिक भोजन, प्याज, लहशुन, मांश, मचली, नसिली चीजों का शेवन ना करे।
07:38दिन में शयन भी नहीं करना चाहिए और परहेज करना चाहिए किसी भी देवता, ब्राम्मण, इस्त्री या अन्य लोगों की
07:49अपने मुख के माध्यम से ना तो निंदा करें और ना ही अपने कानों के माध्यम से किसी की निंदा
07:57को श्रमन करें।
07:59असुद्ध वस्तुएं, तामे के बरतन में दूद्ध और चमडे के बरतन में पानी का उपयोग भूल कर भी ना करें।
08:13इस महिने में एकादसी आती हैं, उन एकादसीयों का आप पालन करें, एकादसी व्रत को शंपन्न करें, एकादसी परभगवाने विश्मू
08:26का पूजन करें, आपके जीवन में मंगल और आनंद हो।
08:31अधिक जानकारी के लिए आप हमसे संपर कर सकते हैं, मेरे नंबर आपको दिखाई दे रहे हैं, या चाहते हैं
08:39किसी भी प्रकार का कोई पूजन पाटे गेनुष्ठान तो भी बात कर सकते हैं।
08:44मैं पूना मिलता हूँ नए वीडियो में, तब तक के लिए आपको जय स्री कृष्णा।
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