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Purushottam Maas 2026: पुरुषोत्तम मास के दौरान शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस पवित्र समय में सगाई, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या कान छेदन जैसे संस्कार नहीं करने चाहिए। इस माह में सूर्य का राशि परिवर्तन (संक्रांति) नहीं होती, ऐसे में इस दौरान किए गए मांगलिक कार्यों का शुभ फल नहीं मिलता।Purushottam Maas 2026: Purushottam Maas Me Kya Karna Chahiye Kya Nahi,Adhik Maas Niyam.
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~HT.504~PR.111~ED.120~

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00:00कृष्णाय वाशुदेवाय हरे परमात्मने प्रणताक्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमा प्यारे मित्रों जेश्यराम जैमतादी
00:11आज आप से चर्चा करते हैं परम पवित्र पावन पुर्षोत्तम का महिना प्रारंब होने वाला है
00:18और इस पुर्षोत्तम मास में हमें भगवान का पूजन करना चाहिए पुर्षोत्तम का महिना 17 मई से प्रारंब हो करके
00:27और 15 जून तक चलेगा
00:30इस महिने में हमें क्या नियम अपनाने चाहिए क्या कारे करने चाहिए आज इसी विसर पर आप से चर्चा करूँगा
00:38तो दैनिक नियम्मों में प्राते काल हमको ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए, शुबै यल्दी उठ करके इश्कनाने त्यादिशे निब्रत्य हो
00:47करके हमको सुक्ष वस्त्रों को धारण करना चाहिए, घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करना चाहिए, भगवाने वि�
01:08वेला में दीप प्रज्वलित करना चाहिए, घर के अंदर हमको दूसरा नियम जप करना है, पाठ करना है, रोज ओम
01:19नमो भगवते वाशुदेवाय मंत्र का जप करना चाहिए, श्रीमद भगवत गीताजी का पाठ करना चाहिए, विष्पनु शहस्त्र नाम का पाठ
01:31करना �
01:32चाहिए, विसेश फल दाई बताया गया है, आहार की अगर हम बात करें कि आज के इस पवित्र महिने में
01:41हमको क्या ग्रहन करना चाहिए, और क्या नहीं ग्रहन करना चाहिए, तो शात्यक वस्तूओं को हमें ग्रहन करना चाहिए, जिसमें
01:52फल है, दूद है, तही है, घी है, �
01:56शादा भोजन है दाल चावल शब्जी रोटी इत्यादी को हमें ग्रहन करना चाहिए और अगर नियम ले सकते हैं तो
02:06इस महिने में एक बार भोजन करने का नियम लेना चाहिए भूमी पर सयन करना चाहिए
02:15सात्युक विचारधारा को अपने अंदर एक्टिव रखना चाहिए और इसके साथ साथ किसी भी प्रकार का वईवनश्य विचार आपके अंदर
02:29इस्थापित ना हो ये प्रयास करना चाहिए
02:33अब हमें ये भी बताएं क्या नहीं खाना चाहिए इस महने में मांश का सेवन भूल कर नहीं करना चाहिए
02:43मदिरा का पान नहीं करना चाहिए
02:46तामशिक भूजन विसेश रूप से त्याग देना चाहिए बिल्कुल नहीं ग्रेहन करना चाहिए
02:53त्याज लेशुन इत्यादी और अक्तिदिक मशालेदार जो वस्तुमें होती हैं जो भूजन होते हैं उनका भी त्याग करना चाहिए
03:03आज इस महिने में विसेश करके अन्य बातें जो मैं बता रहा हैं इनका भी परहेज करना चाहिए
03:12जैसे आप प्रोध ना करें गुशा ना करें जूट ना बोलें निन्दा ना करें
03:20मन में किसी के प्रती कोई भी द्वेश की भावना अंकूरित ना हो इस फुटित ना हो आपके अंदर किसी
03:31के भी प्रती घ्रणा ना हो ऐसे बुरे विचार आपके दूर होने चाहिए
03:38आप इस महिने में दान करिएगा गरीबों को वस्त्र का दान करिएगा अन का दान करिएगा जल इत्यादि का दान
03:49करिएगा गया मैया की सेवा करिएगा
03:52गाय की सेवा करने से समस्त प्रकार के देवताओं की शेवा हो जाती है
03:58मंदिर में जाकर के दान करिएगा
04:01प्याव लगवाईएगा
04:03जलका दान करिएगा
04:05जरूरत मंदों की साहता करिएगा
04:08विसेश नियम मैं आपको बताओं
04:11यदि आप पूरे महिने व्रत कर रहे हैं तो नियम करना चाहिए, आपको गुरुवार और एकादशी का व्रत रखना चाहिए
04:21पुर्शोत्तम के महिने में, भूमी पर आपको सयन करना चाहिए, संभो हो तो व्रमचद व्रत का पालन करना चाहिए, एक
04:31समय भूजन करना चाहि�
04:33पुर्षोतम मास का सार यह महिना आत्म शुद्धी और भगवाने की भगती के लिए सरवुत्तम है
04:42जितना संभो हो सके नियमों का पालन करें
04:46कठोरता से नहीं स्रद्धा पूर्वक नियमों का पालन करें
04:52इस महिने में छोटी सी भगती भी बहुत बड़ा आपको फल प्रदान करेंगी
04:59तो आदिक माश में भगवाने विष्णू की पूया, दान, ब्रत, जप, पुन्य, मंत्र इत्यादी का विशेश महत्तो बताया गया है
05:11इस पवित्र महिने में मांगलिक कार जैसे साधी ग्रह प्रवेश को छोण करके बाकी सभी प्रकार की अनुष्ठान जो निश्काम
05:21रूप्ष होते हैं उनको शंपन्य किया जाता है
05:25इस दोरान शात्युक भोजन करें, तुलशी मयया का पूजन करें, शाम को तुलशी मयया के पाश में दीपक अवश्य प्रज्युलित
05:35करें
05:35तो पुर्शोतम मास में क्या करना है हम आपको बताएं भगवाने विष्णू की रोज पूया करनी है और इसके साथ
05:44साथ ही सहस्त्र नाम का विष्णू शहस्त्र नाम का आपको पाट करना है पाट नहीं कर सकते हैं यूटूब के
05:54माध्यम से किसी भी चैनल के माध्यम से आप �
05:56विश्क्नु शास्त्र नाम का जो मंत्र है उसको स्रमन करिएगा। ओम नमु भग्वते वाशुदेवाए इस मंत्र काजब करिए और शत्यनारायन
06:07भगवान की कथा को भी आप पुर्शोत्तम के महिने में स्रमन करिएगा।
06:12दान और पुन्न इस महिने में दान पुन्न का भी अत्यदिक महत्त बताया गया है जो कई गुना अक्षय पुन्न
06:21को प्रदान करने वाला होता है।
06:24विशेश करके अन्य, वस्त्र, फल, जल, छत्री, गौज सेवा इत्यादि दान करना शुब माना जाता है।
06:55शात्यक जीवन इस पवित्र महिने में ब्रह्मे चरक ब्रत का पालन करते हुए भूमी पर सयन करना चाहिए।
07:04पुर्षोतम मास में क्या नहीं करना चाहिए।
07:07तो मांगलिक कर पूरतया वरजित होते हैं जैसे बिवा है, शगाई है, मुंडन है, ग्रै प्रवेस है, नया व्यवशाय सुरू
07:19करना है।
07:20मांगलिक कर इत्याद इसमें प्रारंब नहीं किये जाते, मांगलिक कर्यों को नहीं किया जाता है।
07:28आशुद्ध भोजन, तामशिक भोजन, प्याज, लहशुन, मांश, मचली, नसिली चीजों का शेवन ना करे।
07:38दिन में शयन भी नहीं करना चाहिए और परहेज करना चाहिए किसी भी देवता, ब्राम्मण, इस्त्री या अन्य लोगों की
07:49अपने मुख के माध्यम से ना तो निंदा करें और ना ही अपने कानों के माध्यम से किसी की निंदा
07:57को श्रमन करें।
07:59असुद्ध वस्तुएं, तामे के बरतन में दूद्ध और चमडे के बरतन में पानी का उपयोग भूल कर भी ना करें।
08:13इस महिने में एकादसी आती हैं, उन एकादसीयों का आप पालन करें, एकादसी व्रत को शंपन्न करें, एकादसी परभगवाने विश्मू
08:26का पूजन करें, आपके जीवन में मंगल और आनंद हो।
08:31अधिक जानकारी के लिए आप हमसे संपर कर सकते हैं, मेरे नंबर आपको दिखाई दे रहे हैं, या चाहते हैं
08:39किसी भी प्रकार का कोई पूजन पाटे गेनुष्ठान तो भी बात कर सकते हैं।
08:44मैं पूना मिलता हूँ नए वीडियो में, तब तक के लिए आपको जय स्री कृष्णा।
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