00:00दुनिया का सबसे खतरनाथ समुद्री रास्ता जहाँ चारों तरफ अमेरिकी युद्ध पोत्यना थे
00:05तोपे तनी हुई है लड़ाकू विमान आसमान में मंडरा रहे हैं और आदेश है कि परंदा भी पर नहीं मार
00:12सकता
00:13अमेरिकी नौसेना ने पूरे इलाके की नाकबंदी कर रखी है तनाब इतना है कि एक छोटी सी च्रिंगारी तीसरे विश्वयुद
00:20की शुरुआत कर सकती है
00:21लेकिन तब ही उस नाकबंदी के बीच से गुजरता है एक दानव जैसा विशाल समुदरी जहाज उस पर 20 लाख
00:29बैरल कच्चा तेल लड़ा है
00:32अमेरिकी सेनेक उसे अपनी दूर्बीन और अडार से देख रहे हैं उंगलिया श्रिगर पर है लेकिन कोई कुछ भी नहीं
00:38कर पाता
00:39अमेरिकी नोसेना चुपचाप खड़ी रहती है और वो जहाज मुस्कुराते हुए नाकबंदी को पार कर जाता है
00:45आखिर कौन था है इस जहाज का गौड़ फादर अमेरिका की नाक के नीचे से 20 लाख बैरल तेल लेकर
00:51निकलने वाले इस जहाज की कहानी क्या है
00:54आज हम आपको ले चुलेंगे स्टेट अफ होर्मूस के उस चक्र व्यू में जहां दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देश
01:01अमेरिका और चीन शत्रंज का एक ऐसा खेल खेल रहे थे जिसकी खबर दुनिया को कानो कान नहीं हुई
01:07चलें सबसे पहले मुलकात करतें इस कहानी के मुख्य किरदार से नाम है यूआन हुआ हूँ
01:13ये कोई आम जहाज नहीं है ये एक VLCC जहाज है यानि की वेरी लार्ज क्रूड क्यारियर
01:18अकार में इतना बड़ा कि अगर आप इसे खड़ा कर दे तो ये दुनिया की कई बड़ी इमारतों को बौना
01:24साबित कर दे
01:25ताकत इतनी की एक बार में 20 लाग बैरल कच्चा तेल ले जा सकता है
01:30इस पर जहंडा लगा है च्वीन का इसे ओपरेट करती है च्वीन की सरकारी शिपिंग कमपनी कॉसको की एक यूनिट
01:36यानि सीधे शब्दों में कहें तो ये जहाज साक्षात बीजिंग का प्रती निधित्व कर रहा था
01:41अब कहानी में ट्विस्ट देखिए ये सूपर टांकर पिछले दो महीनों से जादा समय से पोर्शियन गल्फ यानि की फारस
01:48की खाड़ी में फजा हुआ था
01:49वो आगे नहीं बढ़ पा रहा था, क्यों? क्योंकि बाहर स्ट्रेट अफ होर्मूज में बारूत की गंद फैली हुई थी
01:55अमेरिका और एरान के बीच तनाव चरम पर था, बीमा कंपनियों ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को इंशॉरेंस
02:01करने से मना कर दिया था
02:02ये रास्ता दुनिया का सबसे खतरनाक समुदरी इलाका बन चुका है, हर कोई सहमा हुआ है
02:08युआन हुआ हुआ भी रुका हुआ था, मानो किसी सही मौके का इंतजार कर रहा हूँ
02:12और फिर आया वो सही मौका
02:14टाइमिंग देखिए, ट्रिनोलजी समझी, ठीक उसी समय जब अमेरिकी राश्यपती डॉनल्ल ट्रम्प वीजिंग पहुँचे
02:21वो चीन के राश्यपती शी जिंपिंग से हाथ मिला रहे थे, मेजपर दुनिया की सबसे बड़े मुद्दों पर बात हो
02:27रही थी
02:27ग्लोबल ट्रेड, टाइवान, यूक्रेन और इरान संकट
02:31तो महाशक्तिया आमने सामने बैठी थी और ठीकिसी दौरान फारस की खाड़ी में रुके हुए उस चीनी सूपर टांकर के
02:38इंजन अचानक स्टार्ट होते हैं
02:40गेरा दुआ छोड़ते हुए यूआन हुआ हुआ हुँ आगे बढ़ता है
02:43वो किसी चोर की तरह छिपकर नहीं भागा उसने इरान द्वारा तै किये गए पूर्वी सुरक्षित कॉरिडॉर यानी इस्टन सेफ
02:49कॉरिडॉर का रास्ता चुना
02:51वोलाराक आइलेंड के पास से गुजराक हाडी को पार किया गल्फ ओफ ओमान में दाखिल हुआ और सीधे चीन के
02:58जो शान बंदरगाह की तरफ बढ़ गया
03:0120 लाक बैरल इराकी कच्चा तेल लेकर चीनी जहाज अमेरिकी नाकबंदी को चीरते हुए निकल गया
03:07ना किसीनों से रोका ना कोई टकराव हुआ ना अमेरिका की तरफ से कोई बयान आया बिल्कुल सन्नाट
03:14अमेरिका उन इरानी जहाजों को रोकना चाहता था जो पाबंदियों के बावजूद तेल बेच रहे थे
03:20अमेरिका उन जहाजों के खिलाफ था जो सुरक्षित रास्ते के बदले तहरान को भारी भरकम प्रोटेक्शन फीज या रंगदारी दे
03:27रहे थे
03:28अमेरिका का सीधा मकसद था एरान की आर्थिक कमर तोड़ना
03:32अब इस तकनीकी पहलू को देखे युवान हुआ हूपर तेल किसका था इराक का जहाज किसका था चीन का यानि
03:39तकनीकी रूप से यह जहाज अमेरिकी पाबंदियों के दाइरे में नहीं आता था लेकिन मामला इतना सीधा भी नहीं था
03:45जितना दिखता है
03:46युद के हालाद बनने के बाद से यह केवल तीसरा चीनी टांकर था जिसने इस रास्ते को पार करने की
03:52हिंमत की थी
03:53हालाद इतने खराब थे कि बाकी देशों के जहाज या तो रास्ता बदल चुके थे या बंदरगाहों पर दुपके हुए
03:59थे
03:59लेकिन चीन का ये जहाज एरान के बनाई सुरक्षित कॉरिडर से निकला
04:04अमेरिका के पास साटलाइट है, रडार है, सब कुछ है
04:07अमेरिका देख रहा था लेकिन ट्रम्प प्रुसाशन ने उसे जाने दिया
04:10क्यों? क्योंकि अगर अमेरिका उस जहाज को रोकता, उसकी तलाशी लेता, उसे बंधक बनाता
04:16तो वो सिर्फ एक तेल के टांकर को नहीं रोक रहा होता
04:19वो सीधे चीनी जहंडे वाले जहाज पर हाथ डालता
04:22चीन के सरकारी कारगो को चुनौती देता
04:25और बीजिंग में बैटकर शी जिंपिंग से डील कर रहे डॉनल्ड श्राम
04:28चीन के साथ सीधा सैने टकराव मोल नहीं ले सकते थे
04:32एक चीनी जहाज को रोकने का मतलब होता
04:34दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्थाओं
04:37और परमाणू शक्तियों के बीच सीधे युद्ध का एलान
04:40डॉनलंड श्राम ने विवारिक फैसला किया
04:42वो बीजिंग से लोटे उन्होंने मीडिया के सामने सीना चोड़ा करके कहा
04:46कि शी जिंपिंग के साथ एरान मुद्धे पर बहुत अच्छी समझ बनी है
04:50समुदर के रास्ते खुले रहेंगे
04:52एरान के पास पड़मारों हथियार नहीं होंगे
04:55हम हर मोर्चे पर जीद रहें
04:57फिलाल इस खबर में बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहें
05:01One India Hindi
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