00:03सनातन धर में एकादिशी तिथी का विशेश महत माना चाता है
00:07एकादिशी वृत भगवान विश्णों को समर्पित होती है
00:09जिस्ट महीने के कृष्ण पक्ष में पढ़ने वाली एकादिशी को अपरा एकादिशी के नाम से जाना चाता है
00:15धार्मिक मानिताओं के मताबिक इस दिन वरत रखने और भगवान विश्णों की पूचा करने से व्यक्ति को शुफ फल मिलता
00:21है और जीवन की परिशानिया कम होने लगती हैं
00:23नहीं जगहों पर इसे अश्ला एकादशी, जल क्रिडा एकादशी और भद्र काली एकादशी के नाम से भी चोना जाता है
00:29वहीं अगर आप अपरा एकादशी का वरत रख रहे हैं तो सही विधी से और सही समय पर पारन करना
00:35भी जरूरी है
00:35नहीं तो वरत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता
00:38ऐसे में चली आपको बताते हैं इस वीडियो में कि अपराएकादशी वरत का पारन किस समय करें और किस विधी
00:44से करें
00:44सबसे पहले बात करते हैं कि अपराएकादशी पारन का शुब महरत क्या है
00:48अप्राइक आदिशी व्रत का पारण 14 माई 2026 को किया चाएगा
00:52पारण का शुब मोहरत सुभा 5 बच कर 31 मिनट से लेकर सुभा 8 बच कर 24 मिनट तक है
00:58इस बीच में आप व्रत अपना खोल सकते हैं
01:00अप्राइक आदिशी पारण विधी की बात करें तो द्वादशी के दिन सुभा जल्दी उठकर इस नानादी कर ले
01:05साफ पीले रंग के कपड़े पहन ले
01:08इसके बाद घर के इशा कोन यानि की उत्तरपूर्व दिशा में भगवान विष्णू की पूजा करें
01:12और माता लक्ष्मी की भी साथ में पूजा करें
01:15पूजा में पीला चंदन, हल्दी, पीले फूल, तुलसी दल, फल और मिठाई आरपित करें
01:21इसके बाद घी का दीपक जलाएं
01:23ओम नमो भगवते वासुदेवायन मंत्र का जाप करें
01:26आखिर में आरती करें
01:27उसके बाद भगवन विष्णु को चड़ाया प्रशाद अपने घर में वितरित करें
01:30जरुत मंत को दान करें
01:32और उसके बाद वही प्रशाद
01:33खुद खाकर व्रत खोलें
01:35व्रत खोलने के बाद आप साथविक भोजन ही ग्रहन करें
01:38उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
01:40फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना है
01:41वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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