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Judge नहीं वकीलों की वजह से न्याय अधूरा : SC Lawyer Mayank Arora Exposes Judicial Systems Truth!

काले कोट के पीछे की दुनिया जितनी दिखती है, उससे कहीं ज्यादा जटिल और दिलचस्प है। इस एक्सक्लूसिव पॉडकास्ट में हम बात कर रहे हैं Mayank Arora से, जो Supreme Court में प्रैक्टिस करते हैं और न्याय व्यवस्था के असली पहलुओं को सामने रखते हैं।इस बातचीत में जानिए कोर्टरूम के अंदर की सच्चाई, केस लड़ने का दबाव, और कैसे काम करता है India का justice system।क्या वाकई हर केस में न्याय मिलता है या सच्चाई कुछ और है?वकीलों की लाइफस्टाइल, उनकी चुनौतियां और समाज में उनकी भूमिका पर भी खुलकर चर्चा हुई।इसके अलावा, Mayank Arora ने कुछ ऐसे अनुभव साझा किए जो आम लोग कभी नहीं देख पाते।यह पॉडकास्ट सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सिस्टम के पीछे छिपी हकीकत को समझने का मौका है।अगर आप law, न्याय और real stories में दिलचस्पी रखते हैं, तो यह वीडियो जरूर देखें।यह एक ऐसा नजरिया है जो आपकी सोच बदल सकता है।

The world behind the black coat is far more complex and intriguing than it appears. In this exclusive podcast, we speak with Mayank Arora, a practicing Supreme Court lawyer who reveals the real side of the justice system.From courtroom realities to the pressure of handling high-stakes cases, this conversation dives deep into how the Indian legal system truly works.Do all cases really get justice, or is there another side we don’t see?The podcast also explores the lifestyle, struggles, and responsibilities of lawyers in society.Mayank Arora shares personal experiences that offer rare insights into the legal world.This is not just about law, but about understanding the truth behind the system.If you’re interested in law, justice, and real-life stories, this is a must-watch.A perspective that might completely change how you see the justice system.

#SupremeCourt #LawyerLife #MayankArora #JusticeSystem #PodcastIndia #LegalTruth #CourtroomStories #IndianLaw #BlackCoat

~HT.178~PR.512~ED.104~CA.500~GR.538~

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Transcript
00:00आज सुसाइटी में डिस्प्यूट्स का डिफिकल्टीज का डिवर्सिफिकेशन हो गया है
00:05अगर एक उटनॉमस वहिकल है वो उटनॉमस वहिकल के अंदर चार लोग बैठें
00:09और सड़नली सामने से कोई आता है और उटनॉमस वहिकल डिसाइड करता है
00:12अगर इन चार लोगों की जान बचानी है तो उसे एक आधम की जान लेनी पड़ेगी
00:16अब लाइबिलिटी किसकी होगी बितो समबडी हैस गाई तो सही और गलत साफ तौर पे आप इतनी असानी से सेपरेट
00:22तो करने ही सकते हैं
00:23हम लिटिगेंट्स ही हैं जो रिजॉल्फ करना नहीं चाहते हैं अभी सीनियर अड़ोकेट ने बड़ी अच्छी बात बोली उन्होंने कहा
00:28देखो कहीं न कहीं इसमें हम लॉयर्स की बहुत बड़ी गलती है कि हम लिटिगेशन को वार की तरह देखते
00:34हैं
00:35और एक इंच भी स्पेस कंसीड नहीं करना चाहते हैं दूसरी पार्टी के लिए आज मोटा मोटा साढ़े पांच करोड
00:41केस भारती अदालतों में पैंडिंग है जिसमें से साथ लाग के करीब हाई कोट में करीब एक 90 हजार केट
00:48केस सुप्रीम कोट में और बाकी मोटा मोट
00:51पांच करोड केस हमारी निचली अदालतों में निचली नहीं बोलूगा मैं बोलूगा डिस्ट्रिक्ट जो डी शरी के सामने पेड़ने हैं
00:58अदालतों में देरी क्यों होती है ऐसे समझें 10 लाख लोगों पे 15 जट साब उन 15 जट साब के
01:04उपर ये दारुमदार है कि वो अप
01:19कभी किसी वकील को या किसी जट साब को प्रभावित नहीं होना चाहिए वो है प्रेशर देश में आज भी
01:255 करोड से जादा केसिस पेंडिंग है लेकिन लोगों का भरोसा न्याय पालिका पे अब भी बना हुआ है और
01:31इसके पीछे वजय है देश भर के वकील और लेकिन लो
01:51सबसे पहले तो मैं यह सवाल पूछना चाहूंगा कि यह जो जर्नी है काला कोट पहने की लॉयर बनने की
01:56यह कहां से शुरू हुई कहां से कीड़ा आया और कैसे आप इसमें आगे चले
02:00तो देखो अगर्श मैं आप आप इस तरह का प्रोफेशन है जिसको
02:29which is not for everybody, which is not the kind of profession everybody also feels that they can handle
02:35toh mere liye the real reason why I decided and very recently so, it's about 5 years now that I
02:41am a practicing advocate
02:43after for about 10-12 years working into various organizations and various corporate roles
02:50mere liye it was my own journey of understanding myself, understanding the legal system and really create change
02:57कि कुछ बदलाव मैं लाओं और मैं कुछ इस तरह का करूँ जिससे मैं
03:03justice के करीब आपाऊं तो मेरे लिए वो एक conscious decision था
03:082021 में मैंने डिसाइड किया कि मैं advocacy को as a profession चूज करूँ और embrace करूँ गा
03:16तो reality में मैंने बहुत कुछ बदला नहीं अपनी life के बारे में
03:20मैंने सिर्फ जो मैंने skill acquire करी थी पिछले 10 साल में उनको graft करके मेरी अलएडी legal education के
03:29ओपर
03:29place किया और I wanted to try if this is something that will give me the self-actualization that I
03:35need
03:35मिरको वो satisfaction मिलेगा जो मैं रेली चाहता हूँ
03:38सिंपल सब्दों में justice को दिलाने का you had a passion inside you और फिर उसी को अपने profession मनाया
03:45बट एक सवाल और होगा जो अभी यंग lawyers है जो अभी पढ़ रही है law students है
03:50because it's a long course पार्च से साल you have to grind yourself in तो वहां से उनको वो यह
03:55समझना चाहेंगे कि supreme court का
03:57रास्ता कैसे जाता है how do you actually become a supreme court lawyer देखो पता है आगर वो रस्ता ना
04:04कई जगाओं से जाता है कई गलियों से होके जाता है
04:06और मैं बार बार अपने young colleagues को नहीं यही बात बोलता हूँ कि उस रस्ते का कोई एक route
04:11नहीं है
04:12unfortunately और unfortunately all my young colleagues उनको यह लगता है कि supreme court जाने का सिफ़ एक ही रस्ता
04:18है
04:18कि आप पहले 5 साल या 3 साल का लौका course करेंगे उसके बाद आप किसी chamber को join करेंगे
04:23किसी lawyer को join करेंगे और फिर वो journey आपको लेके जाएगी district courts में वो journey आपको लेके जाएगी
04:29हाई court में depending on the senior and the lawyer that you choose
04:32and then eventually आप किसी दिन supreme court में जाके case argue करेंगे
04:36यही traditional setup रहा है यही traditional mindset रहा है और इसी traditional mindset से
04:41मेरे सारे young colleagues struggle की है
04:44unfortunately होता क्या है कि जब आप इसी एक line पे चलते हैं और इसी एक thought process के साथ
04:50आगे बढ़ते हैं
04:52एक तो ना आपकी skills का diversification नहीं होता
04:54आज society में disputes का difficulties का diversification हो गया है
05:00अब पुराने matters नहीं रहे कि simple है किसी ने किसी की जमीन कबजाली
05:04किसी ने किसी का murder कर दिया या किसी ने किसी को चक्कुमार दिया
05:09यह crimes हैं conventional crimes exist
05:10but आज की दुनिया में the manner in which we are moving there is a quantum shift
05:16disputes के nature बदल गये हैं
05:18आपने मेरी लिखी किताब को या मेरी कही बात को AI पर डाल के AI को train किया
05:24क्या आपने copyright violation किया
05:27इस तरह के अपराद के उपर चर्चा हो रही है
05:28अगर एक autonomous vehicle है
05:30वो autonomous vehicle के अंदर चार लोग बैठे हैं
05:33और suddenly सामने से कोई आता है
05:47dispute तो इस तरह के से बदल रहे हैं
05:49लेकिन हमारी सोच नहीं बदल रही है
05:52मेरी अपनी जर्नी में
05:53मैंने courtroom से नहीं boardroom से शुरुबात करी थी
05:57और वहां पर मैंने सीखा
05:59कि आपकी broad-based understanding
06:03of the society at large
06:06how businesses function
06:07how people behave in certain environments
06:10यह सब कितना critical होता है
06:12to be a lawyer
06:12and then the journey to lawyering becomes so easy
06:16and therefore
06:17मैं अपने सारे young colleagues को बोलूँगा
06:18कि देखो कोई एक रस्ता नहीं जाता है
06:20मैं भी एक रस्ते से पहुँचा हूँ
06:22कुछ लोग कुछी और रस्ते से पहुँचते हैं
06:24कुछ लोग कभी-कभी journalism के रस्ते से भी पहुँचते हैं
06:27तो आपको अपने आपको इतना
06:29साइलो में नहीं सोचना है
06:32आपने साइलो की तरह सोच नहीं करनी है
06:34अपनी आपने थोड़ा broad-based सोचना
06:36आप ये जानी है कि एक lawyer का काम क्या है
06:38चाहे वो supreme court में आर्गू कर रहा हो
06:40चाहे वो district court में आर्गू कर रहा हो
06:43काम है अपने client का case
06:46court के सामने रखना
06:47and be intellectually honest with the court
06:50and the client
06:51और client को ये बताना
06:54कि उसके case के merits क्या है
06:56और उनी merits के साथ court में जाके
06:59इमानदारी से लड़ना
07:00ये एक lawyer का काम है ये आप कभी भी कर सकते हैं
07:02और किसी भी stage पर सकते हैं
07:03after the first day when you pass out of the college
07:06if there is a client who is willing to trust you
07:08you can take that case
07:09the difficulty is
07:11रस्ता बड़ा सीधा है लेकिन अगर उस रस्ते से
07:14impact create करना है
07:15तो मेरा कहना है कि आप अलग-अलग रस्तों पर जाओ
07:18अलग-अलग गलियों से गुजरो
07:19ताकि आपकी personality आपका knowledge base इतना broad base हो
07:23कि जब आप अपनी बात कहें तो आप उसको
07:26हर तरीके से court के सामने रख पाएं
07:27court को आपकी authenticity समझ में आए
07:31और आपको आपकी case कहने का और आपका case
07:33पेश करने का तरीका समझ में आए
07:35और आपको at least case समझ में आए
07:37क्योंकि like I said conventional crimes are going away
07:39and new age crimes are coming in
07:41तो मुझे लगता है बहुत सारे रस्ते जाते हैं
07:44आपको choose करना आपको किस रस्ते जाना है
07:46लेकिन मैं अब एक बात जरूर बोलूँगा अपने
07:48young lawyers को की
07:50आप ना एक रस्ता ही जाता है
07:53ऐसा सोच के घबराना नहीं
07:55आप हर रस्ते से जा सकता है
07:57हर रस्ते से जा सकता है
07:58अब इसी में young lawyers की हम बात कर रहे हैं
08:01इसे वो अपने आगे अपना career choose करें
08:03इसी में एक आजाता है कि
08:04criminal lawyer आप criminal lawyer है
08:06तो आपने कैसे वो choose किया कि
08:08इस journey में जाना है और since आप criminal lawyer है
08:11तो I don't want the names पर फिर भी
08:13ऐसे कुछ cases तो होते होंगे
08:14जहां आप क्योंग लगता होगा कि
08:16यह किसी different type का crime हो गया
08:22इसे इन्डियन court rooms में कोई चटपटे किस से होते है
08:26देखो पहले तो आकर्श मैं criminal lawyer नहीं हूँ
08:29मैं बस एक मामूली सा lawyer हूँ
08:32जो criminal lobby practice करता है
08:33commercial lobby practice करता है
08:35and reality यह है कि
08:38आज कल इन दोनों के बीच का
08:40फांसला भी बहुत धुनला हो गया
08:41तो चटपटे से ज़्यादा मैं पहले आपको यह बताऊंगा
08:44कि आज के crimes
08:47they don't start with a knife in hand
08:50they start with a contract in hand
08:53दो लोग आपस में करार करते है
08:55and this is where the genesis of white collar crimes start
08:58so
08:59आज की date में आप criminal law को
09:02एक conventional crime के दारे से देखेंगे
09:04तो आपको चटपटापन मिले गा ही नहीं
09:06क्योंकि बहुत सारे मुझसे बहुत अच्छे और बड़े lawyers हैं
09:09जिन्होंने criminal law में महारत हासिल करी है
09:11और हम सब लोगों को बार बार यह बताया है
09:14कि देखे
09:14criminal lawyer का एक काम
09:16जो criminal defense lawyer है
09:18उनका काम simple है
09:21जो society के बनाए मापदंड है
09:23उस पे क्या
09:25जो accused है या जो abused है
09:28वो उन मापदंडों को
09:30जिन मापदंड से हम यह जानेंगे
09:32कि उसने कोई crime commit किया है की नहीं किया है
09:34उन मापदंडों पे उसका crime
09:35पूरा उतरता है की नहीं उतरता है
09:37अगर वो मापदंड पूरे होते हैं तो उसे सजा मिलेगी
09:40अगर माप दंड नहीं होते हैं तो उसे नहीं मिलेगे
09:42लेकिन इंट्रस्टिंग बात जो है
09:44जो आज की डेट में इंट्रस्टिंग बात में देखता हूं
09:46वो यह देखता हूं कि
09:48New Age Crimes में
09:50Criminality Conventional नहीं है
09:52New Age Crimes में Criminality
09:54यह है कि आपको एक फोन आएगा
09:56और आपको बोला जाएगा कि
09:58देखिए आपका courier आया आपको बार-बार
10:00फोन कर रहे हैं आप अपना courier नहीं ले रहे हैं
10:02तो अब आप बताईए आपका address क्या है
10:04आप अपना address बताएंगे वो बोलेंगा ठीक है मैंने
10:06OTP दिया confirm कर दो address को
10:08आपको OTP देंगे क्योंकि आपको अपना courier चाही है
10:10और आप Amazon पर देख पा रहे हैं
10:12कि आपको order is about to be delivered
10:14and 30 seconds later
10:16आपके account से आपके account में
10:18जितना भी balance होगा गाय हो जाएगा
10:19अब इस crime में ना कोई
10:22खून बहार ना किसी को चोट लगी
10:24लेकिन आपको आर्थिक चोट बहुत जोड़ से लगी
10:26और आज के जमाने में इस तरह के crimes
10:29almost daily basis पे judges के सामने आ रहे हैं
10:32courts के सामने आ रहे हैं
10:33और हमको deal करने पढ़े हैं
10:35और यहाँ पर आपको
10:37conventional knowledge से जादा आपको
10:39यह understanding होनी चाहिए कि system work कैसे करता है
10:41how is one database linked to the other
10:44how is the bank database linked to the other
10:46what kind of apps and APIs
10:48are being plugged into by these people
10:50to try and draw out the data
10:52that they are trying to draw out from my phone
10:53why one OTP can actually lead them
10:56to access my bank account
10:57यह सारी बाते आपको समझनी पढ़ेंगी
11:00और आज अगर आप मेरे से पूछें
11:02तो एक criminal defense lawyer के लिए
11:03सबसे बड़ी परिशानी या सबसे बड़ी opportunity
11:06मेरे young colleagues के लिए भी
11:07यह है कि आप crime को किस दाइरे से समझते हैं
11:11और crime को कितना broad base होकर
11:14आप solve करने का प्रयास कर सकते हैं
11:17या आप उस को
11:18उस crime के होने की कलपना को
11:20कहां तक ले जा सकते हैं
11:21और अपनी understanding से कितना link कर सकते हैं
11:23Only then you can solve the new age crimes
11:25तो चटपटापन नहीं है लेकिन
11:27इंट्रस्टिंग बहुत हो गया है
11:28आज का crime
11:29जो आज का white collar crime है
11:31या जो आज का new age crime है
11:33वो completely different dimension पर operate कर रहा है
11:35completely different dimension पर operate कर रहा है
11:37crimes बिल्कुल ही
11:38conventional crimes बचे ही नहीं है
11:40and completely turn around ले चुग है
11:42that's a very very good point
11:43पर इस पे एक सवाल मैं और पुछ हुआ
11:45यह मैं काफी time से सोच रहा हूँ
11:47whenever you are a lawyer
11:48आपके साबने जब कोई client आता है
11:50तो ऐसा गभी हुआ है कि आप किसी grey area में खड़े हो
11:52because especially जब court का मामला है
11:55a crime has happened
11:56तो सही और गलत साफ तौर पर आप इतनी
11:59असानी से separate तो करने ही सकते है
12:01तो यह सवाल है वो client को choose करते वक्त
12:03क्या parameters हैं जिसको आप ध्यान रखते हो
12:06और कई बार क्या अंदर से कुछ emotional touch आता है
12:08कि नहीं इसकी help करनी चाहिए
12:10even though यह मेरे parameter पर fit नहीं बैठ रहा है
12:14देखो पहला तो
12:16इसका जवाब यह है कि advocates act बोलता है
12:19कि अगर कोई client मेरे पास brief लेके आया
12:21तो मैं उस brief को मना नहीं कर सकता
12:24तो कानून और मेरा
12:26bar council rule मुझे इजाज़त नहीं देता है
12:28कि मैं किसी client को
12:30जो मेरे पास अपने defense के लिए आया
12:32उसको representation के लिए मना कर दूँ
12:33तो मेरे बनाये वे अपने कोई parameter
12:36नहीं हो सकते हैं
12:37कि मैं बोलू कि नहीं इसी तरह के client को
12:40मैं represent करूँगा इस तरह के client को मैं नहीं represent करूँगा
12:42वो मेरे लिए ये professional misconduct है
12:45और किसी भी lawyer के लिए professional misconduct है
12:47तो उनको मना करना हमारे अधिकार शेतर में नहीं है
12:51लेकिन आपने gray area की बात बोली
12:53देखे अगर आप एक नज़री से देखें
12:55तो पूरा legal system ये gray area में operate करता है
12:59where 99% of the time there are contesting interests of both sides
13:05अगर एक तरफ state है तो वो कहता है नहीं इस आदमी ने पराद किया है
13:09दूसरी तरफ वो आदमी कहता है नहीं मैं तो निर्दोश हूँ
13:12conflicting interest है
13:13अगर एक contract है जिसमें दो parties involved है
13:16एक party बोलती है कि मेरे पास ये अधिकार है इस contract के थरूँ
13:20दूसरी party बोलती है नहीं आपको इस contract के थरूँ
13:23ये benefit लेने का कोई अधिकार नहीं है
13:24तो conflicting interest is basically a gray area
13:28जहां पे आपको
13:32your role as a lawyer is to
13:34get on that journey and
13:37on that journey
13:38truth is the ultimate destination
13:40information तो सचाई को जागर करना हमारा काम है
13:43और वो एक gray area और gray alley सही होती है
13:47क्योंकि वहाँ पर
13:48ऐसा नहीं होता है कि कही बार दोनों पक्ष गलत है
13:50कही बार ऐसे भी मामले आते हैं
13:53जिसमें दोनों पक्ष गलत हैं
13:55दोनों पक्षी सही लगते हैं
13:56आप एक तरफ सुनवाई करेंगे तो आपको लगेगा नहीं ये पक्ष तो ठीक बोल रहा है।
14:00आप दूसरे तरफ के पक्ष की सुनवाई करेंगे आपको लगेगा ये पक्ष भी ठीक बोल रहा है।
14:04तो कई बार the real justice is about evaluating who is closer to the truth or who is right than
14:14two people who are both right, who is more right.
14:16this kind of you know situations arise almost every day in court और हमारे नयाले इनको बड़े बखुबी इन ग्रे
14:24अरिया से गुजर कर सच्चाई की सोज करते हैं।
14:27और law अपने आप में ही एक subject है जिसमें आपको gray area से गुजर के ही निकलना है तभी
14:33आप black and white कर पाएंगे और कई बार मैं आपको बताऊं सच्ची में black and white हो भी नहीं
14:38पाता है।
14:39जस्टिस कभी-कभी बड़ा uncomfortable होता है when served लेकिन reality यह है कि अगर समाज में सारे मामले हर
14:49तरे का dispute हर तरे की परिशानी अदालतों के सामने जाएगी तो last में कोई verdict तो उस पे आएगा,
14:56howsoever uncomfortable it is. और फिर हम उसको अगर black, white या gray के dimension से देखेंगे तो चाहद वो
15:03उचित नहीं हो�
15:04बिल्कुल, that also brings me to my next question जो आपने last में बोट की, कि हम हर बात पर
15:09आजकल इस legal चीज इतनी बढ़ गई है, हर बात पर court पहुँच जाते हैं, तो क्या आपको लगता है
15:15कि पिछले especially 2-5 साल के अंदर, जो dependency है court पे वो बहुत जादा बढ़ गई है, अब
15:21हम कोई नहीं होते कि कौ
15:22कौन सा केस है, कौन सा अच्छा केस है, कौन सा केस वर्दी है court जाने के लिए, यह decide
15:27करने के लिए, बट फिर भी, do you feel कि पिछले 2-5 साल के अंदर, जो number of petitions
15:32में increase आया है, लोग बहुत छोटी-छोटी बातों पे जल्दी-जल्दी court जाते हैं, यह अच्छी बात है या
15:37बुरी
15:51pending is rising, आज मोटा मोटा साड़े पांच करोड केस भारती अदालतों में pending है, जिसमें से साथ लाग के
16:02करीब हाई courts में, करीब एक 90 हजार केस सुप्रीम कोट में और बाकी मोटा मोटा पांच करोड केस हमारी
16:09निचली अदालतों में, मैं निचली नहीं बोलूँगा, मैं बोलू
16:21पर रहे था कि लोग हर बात पर कोट पर जा रहे हैं, मैं बोलूँगा कि to seek justice and
16:27adopting course of litigation has definitely increased, बट क्या हमारे देश में इससे resolution बढ़ गया है, मुझे नहीं लगता
16:34है, तो जब case file हो रहे हैं तो case resolve भी होने चाहिए, जो resolve नहीं हो रहे हैं
16:40और जो लोग और जो एक perception बनता है कि शा
16:51senior advocate ने बड़ी अच्छी बात बोली और मैं उस बात से काफी प्रभावित हूँ, उन्होंने कहा दिखो कहीं न
16:57कहीं इसमें हम lawyers की बहुत बड़ी गलती है कि हम litigation को war की तरह देखते हैं और एक
17:03inch भी space concede नहीं करना चाहते हैं दूसरी party के लिए और ना हम client को resolution की तरफ
17:09पुश क
17:09करना चाहते हैं तो एक पूरा system है जो इस case filing litigation के उपर अपने आपको देखता है लेकिन
17:18उसके बाद उस system की सो जिम्मवारियां है I think उसमें हम सब को बहुत जादा मेहनत करनी है तो
17:24to answer your question litigation file हो रहा है adoption है इससे ये समझ में आता है कि लोग अपने
17:31अधिकारों को लेके जागर�
17:38and we certainly do not want a country where people don't want to go to courts to affirm their rights
17:44absolutely but the difficulty is कि वो case court में जाकर resolve क्यो नहीं हो रहा है और as a
17:51society as a legal system as lawyers हमारा कितना योगदान है उस resolution ना होने देने पर हम कितनी बार
17:58अपने client को बोल रहा है कि नहीं ये case is not worthy to go to court
18:01using litigation as a harassment tool, delaying the resolution of the matter, delaying the adjudication of the matter only because
18:08you think you will lose is not the most ethical practice that you are conducting and therefore you should not
18:14do it
18:15हम कितनी बार courage के साथ अपने client को ये बोल पाते हैं और कितनी बार इसमें साजा होकर हम
18:21ही इसको war की तरह देखते हैं और दूसरी party को conceit नहीं करते हैं
18:24तो I think trend is कि लोग अपने अधिकारों को लेकर जाग रूख हैं लेकिन resolution की तरफ as legal
18:30system और as litigants हमारा ध्यान नहीं है
18:32तो इसमें मतलब साफ सिद्ध तोर पे the biggest one at the fault कौन है?
18:37Lawyers ही है, litigants ही हैं क्योंकि फिर eventually अगर cases आगे बढ़ेंगे, जादा dates आएंगी, cases pending रहेंगे
18:43I'm sorry, I don't mean to offend the lawyer community, but कही ना गई फिर मैं इससे ये parallel draw
18:48कर सकता हूँ, आम जनता भी करेगी
18:50कि because जादा seatings होती हैं, तो lawyers की income जादा बढ़ती है, so do you think ये एक reason
18:56हो सकता है कि उसको war की तरह देखते हैं
18:59और resolution को थोड़ा सा delay करते हैं, ये हो सकता है, कुछ lawyers की साही की ऐसी होती होगी,
19:04do you feel so?
19:04देखो, मैं ना इसमें litigant को बिचारे को दोश दूँगा, ना मैं lawyer को दोश दूँगा, मैं दोश दूँगा, इस
19:11resolution ना होने के पीछे, दो चीजें हैं जो मुझे लगता है, बहुत बड़ा कारण है, पहला है, एक मानसिक्ता,
19:18as a society, हमारी मानसिक्ता, मुझे लगता है, off late,
19:24लडाई की तरफ focus जादा है और resolution की तरफ focused come है, हम litigation को आज, और जब मैं
19:31हम बोलता हूँ, समाज का मैं भी हिस्ता हूँ, हम litigation को आज एक tool की तरह देखते हैं, litigation
19:36कभी tool नहीं था, litigation एक रस्ता था आपके rights को enforce कराने का, अगर आपके right ordinarily enforce नहीं
19:45हो रहे हैं, but उस रस्ते को और उ
19:52weapon की तरह इस्तमाल करना शुरू कर दिया है, और इस मानसिक्ता को जितनी जल्दी हो सके, society हम लोगों
19:58को सोचना पड़ेगा कि हम किस रस्ते जा रहे हैं, देखे, as it is हमारे देश में हर 10 लाग
20:05लोगों पे 15 जचसाव हैं, ठीक है, जो कि अगर आप बाकी अच्छे legal systems जिनके स
20:13हम खड़ा होना चाते हैं, इनके साथ हम comparison चाते हैं, वहाँ पर anywhere between 20 to 50 जच होते
20:20हैं पर 10 लाग population, तो एक तो ऐसे ही हमारे यहाँ, the number of judges per 10 लाग of
20:26population is very low, तो आप समझे लाख लोगों पे 1.5 जचसाव हैं, ठीक है, उसके बाद हमारी यह
20:33मान सकता कि नहीं, अगर मेरी बात नह
20:35नहीं मानी जारी, जायद हो चायए ना जायद हो, मैं कोट में जाके इनको आगे नहीं बढ़ने दूँगा दूसरी party
20:41को, और किसी तरीके से इनके 4-5 साल नहीं को कोटों में घसीटूँगा, और मेरे पास वो सारे तरीके
20:48हैं जिससे मैं इनका आगे बढ़ना delay करूँगा, �
20:51अगर इस मानसिक्ता से हम चलेंगे और इस मानसिक्ता से चलेंगे और इस मानसिक्ता से
20:58litigation में एंटर करेंगे तो इसमें फिर गलती वकील की कैसे है देखे अफकोस मैं यह मानता हूं कि
21:05lawyer community के उपर बहुत जिम्मवारी हैं सबसे पहली जिम्मवारी यह है कि frivolous litigation को
21:10हम usually courts तक पहुँचने ना दे बट difficulty यह होती है कि आप you are bound by the instructions
21:16of the client
21:16हमारा कोई एक lawyer का individually client के उपर कोई lawyer के पास यह right नहीं है कि वो अपने
21:23client को बोले कि आप यह मत कीजे
21:24he is bound by the instructions of the client अगर client चाहता है कि नहीं मेरा matter इस प्रकार से
21:30court के सामने आप पेश कीजे
21:31वकील अपनी legal advice दे सकता है उनको outcome के बारे में जागरूक कर सकता है बट ultimately मना नहीं
21:37कर सकता है
21:37तो ultimately इसमें lawyer community को दोश से जादा I think as a society हमें समझना पड़ेगा कि जितना हम
21:44अपने mindset को
21:45conflict oriented बना रहे हैं हम अपनी खुद की society के लिए अच्छा नहीं कर रहे हैं हम समाज के
21:52broader good के लिए अच्छा नहीं कर रहे हैं
21:54तो सबसे बड़ी difficulty है वो mindset और दूसरी चीज़ जो है वो है sometimes not being intellectually honest with
22:00the court और इसमें भी मैं वकील को दोश नहीं दूँगा
22:04applicant को ही दोश दूँगा अगर आप court के सामने जाकर जूट बोलेंगे परजरी करेंगे गलत affidavit file करेंगे अब
22:12courts कुछ time lenient होते हैं बाकी देशों में ऐसा नहीं है बाकी देशों में अगर आपने court के सामने
22:17जूट बोला है या अपने case को बढ़ाने के लिए आपने case को बनान
22:34बतानी है कि आपने frivolous litigation court में नहीं लाना है ताकि ये 5 करोड जैसे cases और ना बढ़ें
22:40तो हमारे को court में जूट बोलना, court में गलत बात बोलना, गलत affidavit बोलना, परजरी करने को बहुत seriously
22:47लेना पड़ेगा as a society क्योंकि इसी वज़े से क्या होता है प्रोलांग होते है case और last म
22:55जब ये थाबित होता है या ये दिखता है कि फला फला बंदे ने गलत बात बोली थी court में
23:00उनको कुछ खास सजा नहीं होती है या उनको माफ कर दिया जाता है क्योंकि हमारी court समझते है कि
23:06शायद गलत advice में या किसी की misguidance के उपर किसी ने ऐसा किया होगा, courts also understand, but मुझे
23:12ल�
23:25दाश्त दहीं करेगी और बहुत सारे मानने न्याले हैं जो अब इस बात को बहुत सीरेसली ले रहे हैं, जैसे
23:30ऐसे trend बड़ेगा आप देखेंगे कि फिर velocity of litigation will reduce and the right litigation will be before the
23:36court which is what we all want, हम नहीं चाहते हैं कि लोग court ना है, हम चाहते हैं सही
23:40लोग आएं और सही rights को enforce कराने के लि
23:55especially after the 2012 rape case and उसके बाद, तो उसके बाद से लेकर अब तक especially पिछले 2-5
24:01साल में, especially in the higher courts, in the high courts and the supreme court, तो आपको क्या लग रहे
24:07हैं, पिछले 5-7 साल के अंदर, do you see a change in the judicial system, are we going in
24:12the right direction, अब क्या तेजी से हो रहे हैं, and what is the reaction of the courts, because everyone
24:16is saying कि पिछले 2-5 साल के अंदर, courts राना थोड़ा �
24:21हुआ है, justice पाना थोड़ा easier हुआ है, so what is your take on this, आपकी क्या प्रक्रिया है इसका?
24:52पहला और सबसे बड़ा कारण कई बार होता है, infrastructure itself, मैंने भी आपको बताया, कि हर लाख लोगों पर
24:57डेट जच्साब है, और उन एक, उन डेट जच्साब या मैं मानता हूँ कि आप ऐसे समझे, 10 लाख लोगों
25:04पर पंदरा जच्साब है, उन पंदरा जच्साब के उपर य
25:19plus litigation भी है, और दूसरा infrastructure अपने आप में एक issue होता है, उपर उपर से हम शायद modernize
25:27भी हो गया है, e-filing का system आ गया है, e-courts पे आपको अपने case का status दिख
25:32जाता है, अपने orders दिख जाते हैं, बट अभी भी rudimentary level पे जो system है वो अभी अपने पुराने
25:38धर्रे पर ही चल रहा है, त
25:49लेकिन फिर भी delay एक है infrastructure और दूसरी परिशानी होती है delay की the exploitation of the check marks
25:57और आप कह लिजे the circuit breakers in law, अब law में बहुत सारे circuit breakers है और ये बात
26:03मैंने repeatedly कई platforms में बोली है, और ये इसलिए बोली है कि लोगों का ये notion दूर हो कि
26:08delay court में आके हो रहा है, लोगों को ये समझना पड़ेगा �
26:13कि delay भी litigants की वज़े से हो रहा है, अब अगर अगर अदालत ने या कानून में ये लिखा
26:19है कि आपके खिलाफ कोई अगर दावा पेश करता court में, तो आप उसको 30 दिन के अंदर उसका जवाब
26:26दाखिल करेंगे, लेकिन अगर किसी वज़े से आप नहीं कर पाए, 120 दिन का �
26:30आपको एक कमर्शल दावे में जवाब देने का, आपको अतनी मोहलत मिल जाती है कि चलिए कोई परिशानी हो गई
26:35होगी, अब अगर आदतन आप 120 दिन ही करेंगे, तो आपने अपना केस डिले कर दिया, अब इसमें जट साब
26:43की क्या गलती है, कानून में ये उन लोगों के �
26:45लिए है कानून जहां पर किसी को वकील न मिल पाया, या उसको पता नहीं चल पाया अपने मैटर के
26:50बारे में, या कहीं जेन्विन केस था, अब अगर जट साब उठा के खारिज कर देंगे, तो बोला जाएगा कि
26:55जट साब स्ट्रिक्ट हो गए हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता ह
26:57लिटिगंट को ये एडवाईस मिलती है कि आप तो 120 वे दिन करो इसे लटका रहने दो, आपका तो केस
27:02वीक है, तो ultimately as litigants also we are trying to contribute to the delay और हम वो सारे तरीके
27:09और हतकंडे अपनाते हैं जिससे कानून में दिये गए सेफगार्ड को हम डिले की फॉर्म में manifest होने देते हैं,
27:17अग
27:26तारीक के बीच में उनको देना पड़ेगा, आपको कम से कम एक देड महीने का टाइम, क्योंकि एक एक जचसाब
27:31के पास हजारों केस हैं पेंडेंसी में, क्योंकि limited judges हैं और limited courts हैं और court का infrastructure, court
27:37का staff, everything works around this whole system, तो I think delay का सबसे बड़ा कारण भी हम litigants ही
27:44हैं और इसलिए मैंने आ�
27:49जागरुक होना पड़ेगा, कि frivolosity of litigation अगर कम होगी, litigation को tool नहीं देखा जाएगा, हतियार नहीं देखा जाएगा,
27:57और एक means to get justice देखा जाएगा, जिसमें of course, lawyers का, judges का और पूरे society का एक
28:04बहुत बड़ा contribution होना चाहिए, कि आब हमार को वो समय आ गया है, जब ये बात समझनी
28:08पड़ेगी, और अगर कोई गलत दावा लाए, तो उसको थोड़ा उसके साथ जाधा सकती से पेश आना चाहिए, ऐसा मेरा
28:15मानना है, तो अपने आप ये delay भी कम होगा, और अपने आप ये litigation का load भी कम होगा,
28:19अपने आप कम होगा, चले सर एक बार अब थोड़ी Supreme Court की बात कर
28:37होता है कि Supreme Court सरकार की किसी रूल को एवोक करने वाली होती है, तो एक अलग ही महाल
28:41चल रहा होता है, तो उस वक्त lawyers के मन में क्या चल रहा है, कि अभी बाहर निकलूँगा, मीडिया
28:47को जवाब देना है, अभी सामने जद साब को भी तो पता ही होगा कि ये ruling अगर जा रही
28:53है,
28:53सरकार के खिलाफ जा रही है, इस establishment की ये वाली चीज़ को हटाएगी, तो उस सब के टाइम पर
28:59कोट के अंदर का महाल क्या होता है, बाहर तो हम देखते हैं, बाहर हम सब लगे होते हैं, कि
29:03क्या अंदर से आएगा, inside the courtroom, क्या कोई extra pressure होता है कि ये case थोड़ा, ये public case
29:09है, लोग �
29:09जानना चाहते हैं, इसके बारे में लोगों की जिंदेकी effect होने वाली है, इससे. देखिए, जितना मैंने नजदीक से system
29:16को जाना है, मुझे ये लगता है कि देखो, अगर एक चीज जिस चीज से कभी किसी वकील को है
29:25या किसी जटसाब को प्रभावित नहीं होना चाहिए, व
29:28और वो pressure can be the pressure of the public opinion outside, pressure of somebody wanting you to say something
29:36as a lawyer before the court, pressure of a litigant to bring or present a matter in a wrong manner
29:44before the court, I think अगर आपको एक अच्छा वकील बनना है तो सबसे पहले आपको immune होना पड़ेगा pressure
29:49word से, क्योंकि आप वकालत तभी सही से कर सकते हैं, जब आप pressure में नहीं आते हैं, तो normally
29:55क्या होता है कि जो मैंने देखा है
29:57कई बार जब media sensitive cases भी court में सुने जाते हैं, court के महल में कुछ खास फरक नहीं
30:02होता है, court में we are all committed to the idea of justice, court में right from the honorable bench
30:08to the lawyer, I think सब लोग committed हैं अपना case सही form में intellectual integrity के साथ present करने
30:15में and Jatsab is committed to then decide the matter on merits,
30:19तो बाहर महल बहुत बनता है कही बार, but court room के अंदर जो बाते होती हैं, court room के
30:25अंदर जो discourses होते हैं, वो typically immune to these pressures होते हैं, और I think this system हमें यही
30:31train करता है, कि एक चीज जिससे हमें दूर भी रहना है और जिससे हमें immune भी बनना है, वो
30:37है pressure, तो the last thing that a lawyer should take is pressure.
30:40सीधे तोर पे इनोने media वालों के हमला करते हैं, कि भाई तुम बाहर शोर मचाते रहो, we don't care,
30:45but sir, आपने क्या किते हैं, we had so many serious conversations हमारे judicial system के बारे में, जाते जाते
30:51एक थोड़ा सा I want you to be light, and अब इतने साल हो गए हैं, इतने आपनी cases देखे
30:56हैं, एक दो case तो ऐसे पक्का होंग
31:09जब जिस पक्षकार के लिए वो अदालत में पहुचा है, उस पक्षकार को न्याय मिले, तो एक वकील के लिए
31:18और एक लॉयर के लिए सबसे बड़ा satisfaction and fulfillment उसी दिन आता है, जिस दिन उसके client को न्याय
31:28मिले और उसका client लास्ट में आके बोले कि शायद इस journey में मैं थोड़ा �
31:33तो सही, बट जो न्याय मिरे को मिला, उससे मेरी थकान मिट गए, क्योंकि हमारे system थकाता है, हमारे system
31:40में delays है, हमारे system में strong arming है, by the other party, by inducing delays in the matter, बट
31:47एक particular case तो नहीं क्योंकि बहुत सारे हैं, तो मैं एक class of cases बोलूँगा, जहां पर जब पक्षकार
31:55को या litigant को justice मिला है, तो
31:57मेरे को वाकेई fulfillment का हिसास हुआ है, देखिए आजकल क्या एक बहुत बड़ा trend emerging है, जो मैं देख
32:04पा रहा हूँ और जो मुझे कभी-कभी काफी विचलित भी करता है, प्रभावित भी करता है, वो यह है
32:10कि आज बड़े-बड़े, आर्थिक रूप से हर तरह के businessman, हर तरह की company
32:20हर तरह के छोटे website बाहर काम कर रहे हैं, तो जो आर्थिक रूप से मजबूत website हैं, जो businessman
32:27है, या कुछ, मैं बोलूँगा, rogue litigants हैं, वो एक जो आर्थिक रूप से थोड़े कमजोर या जो उबरना चाहते
32:37हैं, जो आगे बढ़ना चाहते हैं, उन तरह के website को litigation के माध्यम से
32:44विचलित भी कर रहे हैं और उनको परिशान भी कर रहे हैं और कई बार उनके rights भी उनको नहीं
32:49मिल पाते हैं, क्योंकि जो आर्थिक रूप से मजबूत पाटी है, वो litigation को पहले से जांते हैं, वो हर
32:58तरह के हथकंडे जानते हैं, कि litigation में किस तरीके से दूसरी पाटी को उसका
33:12जो मैं आजकल छोटे businesses में, small and medium enterprises में देख रहा हूं,
33:17where each time they are dealing with powerful businesses or powerful business houses,
33:22they are getting contractually hammered because उनके पास ना वो resources ना वो experience है.
33:28So I think the greatest satisfaction that I have received is when we have been able to fight the cases
33:34on behalf of these young and fledgling businesses
33:37and the ones who are either facing pressures from, you know, investors who are strong arming them
33:43or a contracting party which is way bigger than them in terms of their economics and their turnovers and their
33:50muscle power of money.
33:51I think in those matters में जब हमारको निदने मिलता है अदालत से तो सबसे ज़्यादा satisfaction होता है
33:57because जो हमारे देश की नीव है वो यही छोटे businesses हैं जो आगे चलके बड़े बनेंगे.
34:01But Aj, अगर इनको लिटिगेशन में ब्रॉइल करके दूसरे कुछ गलत लिटिगेंट्स इनको आगे नहीं बढ़ने देंगे तो I think
34:09वो हमारे देश के लिए अच्छा नहीं है तो जब इस तरह के लोगों को नहाय मिलता है तो बड़ा
34:14खुशी होती है.
34:15तो बड़ा अच्सा लगते, थोड़ा तिपिकल सा भी हो गया जो बड़े बिग डॉग्स है वो प्रेसर डालते हैं वहांसे
34:21वहांसे वन यू गव्ट ज़स्टिस तो.
34:22So I think fighting for the underdog is the also something that you identify with because I think we are
34:29all underdogs of litigation in a way.
34:32Sir, it was a great conversation but last एक सवाल, कई सारे स्वक्थ हजारों लाखों स्टूडेंस लाउ स्टूडेंस में पढ़
34:39रहे हैं, तीन से छे साल अपने इन्वेस्ट कर रहे हैं, तो उनके लिए कोई एडवाईस की भया एक अच्छा
34:44लॉयर बनना है, लॉयर में अपना करियर बनाना है, दे�
34:59उनको motivated रखेगा, देखो यह आपने बड़ा अच्छा सवाल पूछा और I am glad इसका जवाब देरेगा मेरे को officer
35:06दिया आपने अपने platform पर, मैं सबसे पहले यह बोलूँगा मेरे सारे young colleagues को कि आप ये बात जान
35:12लीजिए कि almost 80% conventional legal jobs जो exist करते थे, वो आज से 3 साल बात exist नहीं
35:22कर
35:27है, मैं खुद AI tools use करता हूँ, जिसमें आप मुझे लगता है कि बहुत सारी चीज़ें जो पहले मैं
35:32delegate करता था अपने associates को, आज मुझे करने की अवशक्ता भी नहीं है, और efficiency level पर आप सोचिए
35:38कि कल को, आप जब किसी से humanize करके काम करा रहे हैं, या किसी से काम करने को कह
35:43रहे
35:51हैं, तो आप ये जाने की conventional legal jobs will disappear, और मैं किसी को ढराना नहीं चाहता हूँ, बट
35:57जो रियालिटी है, वो मिर को आपके दर्शकों के सामने लानी चाहिए, तो फिर law में बचा क्या, law में
36:03फिर भी बहुत कुछ है, जो की मेरे young brothers and sisters को जानना चाहिए, which is that AI will
36:11not come and start arguing cases, AI will not
36:13come and start cross-examining people, AI will not come and start strategizing, AI will not come and start doing
36:20things which can only happen in a courtroom, maybe in future sometime a humanoid robot called a lawyer will come,
36:28but I don't think that time is anywhere near, but I think from a 5 to 10 year horizon, what
36:34they will have to really do is, be very very highly tech-oriented,
36:39उनको technology को समझना और technology कैसे operate कर रही है, इसको जानना बहुत जरूरी है, और दूसरा, अब आप
36:45एक conventional skill लेकर की मेरे को research करना आता है, या मेरे को draft करना आकर आता है, इसको
36:51लेकर के आप आज litigation के मैदान में नहीं उतर सकते हैं, आपको company law की भी लौनीच होनी चाहिए,
36:59आपको
37:00इन सब चीजों और विश्यों के बारे में बहुत broad based knowledge होनी चाहिए, तो किस तरीके से economics, technology
37:09and governance connects, आपको ये तीनों चीज़े बड़े clear ले आनी चाहिए, तो basically system कैसे काम करता है पूरा,
37:19चाहे वो legal system है, चाहे वो business system है, चाहे वो governance system है, आपको थोड़ी सी knowledge अपनी
37:25broad base करनी पड�
37:28करेंगा एक certain field of knowledge में अगर आप चाहते हैं, कि आप अच्छा करें, because सिर्फ conventional legal skills
37:34के basis पे अगर आपको लगता है कि आप overtly succeed करेंगा, ऐसा आगे नहीं होगा, आपकी knowledge broad base
37:40होनी चाहिए, या तो आपको एक किसी field में महारत हासिल हो, आपने business की field में महारत हासिल करी
37:46हो, आपने technology क
37:47field में करी हो, और अगर नहीं करी है, तो आपकी knowledge ऐसी होनी चाहिए, जो connect करें dots को,
37:52because the future will be connecting dots, कोई भी crime, कोई भी विवाद, will not be unilateral or will not
37:58be unidimensional, I'm sorry, it will always be multidimensional, touching upon multiple aspects of the society and areas of law
38:05and areas of expertise particular to those businesses or particular to those cases, so therefore broad based knowledge आपकी होनी
38:14बहुत जरूरी है, is what I feel.
38:15बहुत बहुत जरूरी है, broad based knowledge, sir, thank you, आपने हमें Supreme Court की insight से वाकिफ कराया, young
38:22lawyers को motivate किया, and ऐसे ही दुबार आपसे जरूर मुलाकात होगी, it was my pleasure, thank you so much,
38:28thank you, thank you sir, this was Supreme Court lawyer Mayank Arora, and I'm Akush Kaushik, आपैसी देखते रही है,
38:34One India.
38:45we झूस से प्काई आपसे, हैस की उहाए나�most쳤े, आपसे जरूरों उल्हेर्ण कर �ान आपसे, आपसेद disclose, कि ए विला क्काई
38:47शुबारी है.
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