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सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा फैसले में शरजील इमाम और उमर ख़ालिद को जमानत नहीं मिली।
इस फैसले के बाद कानूनी और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस शुरू हो गई है।

Oneindia Hindi पर वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव कुमार से एक्सक्लूसिव बातचीत में
दिल्ली दंगों, UAPA, protected witnesses और
international link को लेकर बड़े दावे सामने आए।

क्या यह मामला सिर्फ 5 लोगों तक सीमित है?
या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?

पूरी चर्चा देखें — तथ्य, कानून और सवालों के साथ।

यह वीडियो सार्वजनिक बयानों और कानूनी तर्कों पर आधारित है।

The Supreme Court has denied bail to Sharjeel Imam and Umar Khalid in the Delhi riots case.
Following the verdict, intense legal and political debate has emerged.

In an exclusive interview with senior advocate Dhruv Kumar,
key questions were raised on UAPA, protected witnesses,
and alleged international links behind the case.

Is this case limited to just a few individuals,
or does it involve a larger network?

Watch the full discussion for facts, legal insights, and tough questions.

This video is based on public statements and legal arguments.

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~HT.410~ED.276~

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Transcript
00:00उनसे पूछिये वकील साहब को कि ये जिस बच्चे की बात कर रहे हैं वो कोई अवेद बच्चा आपने तो जनमाकर नहीं छोड़ दिया है
00:09कि क्राइम करो और लोगों को मारो काटो आग लगाओ दंगा करो देश का टुक्रे टुक्रे की नाड़ा लगाओ
00:16हां ऐसे ही बच्चे पैदा करकर लोग बहस करने आते हैं उस अधालत में एक कानून था उसका ब्रोथ की ऐसे कानून बनाते क्यों है जो लोगों में फर्क डाले हिंदू-मुसलिम का
00:25इस देश का विभाजन तो हिंदू-मुसलिम के आधार पड़ी हुआ है फ़र कोन सरकार डाल रही है कि आप लोगों ने डाल कर रखा है वो प्रूब और अलमस्स इस केस प्रूब कि इन लोगों ने साजिस करकर ये दिल्ली का दंगा कराया इन लोगों को समझ में आए कि द
00:55सुप्रिम कोट ने आज दिल्ली 2020 के दंगो के अरोपी सरजिल इमाम और उमर खालिद और दूसरे पांच लोगों की जमानत के बारे में सुना और उसमें सरजिल इमाम और उमर खालिद की जमानत नहीं दी इस मामले पर अलग अलग विचारधारा वकीलों की भी रही है अभ
01:25एक साल तक जमानत का आवेदा ना करने की बात कहना ये बच्चों की आजादी पर एक तरीके से गलत चीज है।
01:55इसे ही बच्चे पैदा करकर लोग बहस करने आते हैं अदालत में उनसे जरा पूछा जाए कि बच्चों की आजादी पर बच्चे तो हमारे देश में जो हैं अठारा साल के नीचे नावालिक समझे जाते हैं आइज पर दे कॉंस्टिशूशन ऑप इंडिया ग्रांटे चु�
02:25इस देश का विभाजन तो हिंडी मुसलिम के आधार पर ही हुआ है फरक कोन सरकार डाल रही है कि आप लोगों ने डालकर रखा है दे वान जबसे इस देश को आप लोगों ने एक साजीस के तहज़ जो है एक नई सेक्रो तुकरे में बाट दिया
02:44और कभी पाकिस्तान मजहब के आधार पर चीनते हो, कभी फिर बंगलादेश चीनते हो, कभी अफगानिस्तान लेते हो, कभी कुछ लेते हो, मतब बेसिकली आपके जयान में कुछ नहीं है, गजवाय हिंद का जो एक नारा मुहमत साहब ने दिया था, उसको जो है आप एक्ज
03:14हो सकता है, चलिए वो तो पुरानी बात हो गए, लेकिन जिस ये की बात हुई, उन्हें का नागरिक्ता के लिए पहले से कानून था, इसकी वज़े से यह सब हुआ, और जो उन्होंने के अबल बिरोध किया, तो ये कभी वेक्ति की सुतनता में भारत जो एक सो एक सड़व
03:44परसेंट उन्होंने उक्साया, उनके सारे वाटसप और इमेल से चाट किया गया, और जितने भी जो है, उनके जो मतलब कोकस ग्रूप में लोग है, कोर ग्रूप में, उन तमाम लोगों के इविडेंस को खंगाला गया, तो यू नो, सारा चीज जो लाइव इविडेंस जो
04:14प्रूब के अनुसार जो है, वो प्रूब आलमस्ट इस केस इस प्रूब कि इन लोगों ने साजिस करकर ये दिली का दंगा कराया, लेकिन अब किसी को खुजली है, किसी उनके अवेद बच्चे हैं अगर वो, तो वो तो कहेंगे ही, कि भाई ये इनोसेंट है, उन्होंने �
04:44सारे शर्ते लगाई हैं, तो यहां पर इतना अब चुकी है, लोग कह रहे थे कि डिले बहुत हुआ है, पास साल तक ट्राइल चल रहा है, अभी जमानत नहीं मिली है, तो इसमें सुप्रिम कोर्ट ने क्या देखा?
04:54सुप्रिम कोर्ट ने इसको लाइब इविडेंस देखा है, कि जो जो इविडेंस ऑन टेबल, ऑन रिकॉर्ड देली पुलिस के द्वारा जो सर्फिस किया गया, प्लिस्ट किया गया, ऑन रिबल कोर्ट के सामने, वो सारे गवाज, सबूत, रिकॉर्डिंग्स, और चैट्स
05:24मिली है, तो उनको एक राहत दे दी गई है, लेकिन ट्राइल में वो पाचों भी सजावार होंगे, सिद्ध होता है, तो यह जो आगे, एक साल जो अब कहा गया है, कि एक साल तक वो जमानत के लिए आविदन, क्योंकि हम देखते थे बार-बार, कि आज आविदन किया, आज
05:54साल तक क्यों नहीं दे सकते, इसके बीचे क्या बज़ा है, इसलिए वज़ा है, उन पर जो है, रोक लगाई गई है, विकाज इनके जो आका जो बैटे हुए हैं, इसलामिक फंडमेंटलिस्ट का जो पूरे वर्ल्ड वाइड जो है, इनको तो न्यूर्क के मेयर ने भी और
06:24ये पूरा गेंग जो है, ग्लोबली जुड़ा हुआ है, टेरोरिस्ट गेंग से, बड़े बड़े टेरोरिस्ट गेंग, इनके पीछे लगे थे, उन ही के आसिरवाद से, उन ही के सपोर्ट से, इन लोगों से ये दंगा कराया गया, और वो सारे लोगों का कनेक्शन सामने �
06:54हिसाई के बच्चे इस तरह का क्राइम कर रहे होंगे, या किये होंगे, तो उनके पीछे कहां, यूएस का जो है, आट-ाट लॉमेकर, एट लॉमेकर्स आप दे यूनाइटे स्टेट्स पार्लियमेंट, उन्होंने जो है, यूएस कॉंग्रेस के चीफ को चिथि लिखी कि �
07:24उसके बाद इंटरनेशनल हुमेन राइट्स कमिशन जो अमेरिका की है, उनको चिथि लिख रहे हैं, बाई आप क्राइम कर रहे होंगे, और चिथि और पैर्वी करवा रहे होंगे, आप एक लॉबी क्रियेट करो, एक प्रेसर क्रियेट करो, इंडियन पार्लियमेंट पर,
07:54उड़वा सकता है, जर्वनी से उड़वा सकता है, उरोपेन उनियन से उड़वा सकता है, पूरी अमेरिकल लोबी, पूरा जो है, उरोपियन लोबी हमारे साथ है, पूरा मिड़ल साथ है, बेसिकली आप इसकी साइकलोजी समझे, यह साइकलोजिकल जो है, यह पूरा जो �
08:24अंतरास्ति इस तर पर बदनाम करने की साजिस है,
08:27ये तमाम चीजों ट्रम्म तो यहां थे ही,
08:29तो क्या लगता है इसमें आपको?
08:31ये तो हंडेट परसेंट, दिखिए,
08:33अमेर्का जो है, एक लिबरल कंट्री है,
08:35और डेमोक्रिटिक कंट्री होने के कारण जो है,
08:38वहां भी वही हाल है, जो इंडिया में है,
08:41समझे ना, सेकुलरिज्म के नाम पर,
08:43डेमोक्रिसी के नाम पर,
08:45यहां देश द्रोहियों और देश के दुस्मनों को भी,
08:48उतनी ही आज़ादी मिलती है,
08:49कि कसकर बोलो,
08:50मैं तो इंडिरा गांधी को इस मामले में जो है,
08:54एप्रिशेट करता हूँ,
08:55कि कोई भी देश के खिलाब कुछ वल्टा सीधा बोलता था,
08:58तो रहत अंदर करो,
09:00समझे हैं ना,
09:00सीवा जो के,
09:03लेकिन,
09:03अगर निगेटीव बोले,
09:06पॉजिटीव बोलने में अंदर करता है,
09:07तो इस अगरेटीव लेकिन अमेरिका में भी आप देख लो,
09:11अमेरिका में भी क्या है,
09:13कि एक तरफ ट्रम्प के खिलाब,
09:15ट्रम्प के भारत आने पर जो है,
09:17आप इस तरह की जो है,
09:19नाड़ा लगाकर,
09:20एटेंटिव करते हैं उनके एटेंशन को,
09:24कि इस तरह की जो बारदात जो देश में हो रही है,
09:27माइनोरिटीज राइट्स को,
09:29इपी, I mean,
09:30वाइलेट किया जा रहा है,
09:31मुसलिम्स के जो फंड़नमेंटल राइट्स हैं,
09:34रिलिजियस राइट्स उसको जो है,
09:35लिवर्टी ने, अब क्या लिवर्टी आपको चाहिए भाई,
09:38आपने मझहब के नाम पर,
09:40रिलिजियन के नाम पर जो है,
09:42देश काट-काट कर ले लिया,
09:44उसके बाद जो है,
09:46देश भी ले लिया, जमीन भी ले लिया,
09:47रिसॉर्सेज भी ले लिया,
09:48फिर अपने पॉपलेशन को यहाँ छोड़ भी तो सेकुलर है वो लोग वो उन्होंने ले लिया धरम के नाम पे उनके क्या हालात है हम सब जानते है और इस सिर्था और गरीवी के बहां आलम खराब है यह सुनिए सुनिए यह धरम के नाम पर जो देश उनके हालात यह ने मेर
10:18देश में अیमर्जनसी लगाकर यह कोंस्टी चूशन में यह सेकुलर और सेकुलरिजम been, में दो वड़ को इंसर्ट किया प्रियंबल में जबकी प्रियंबल में चाहलतूर अप्छेंड की शाफ़-बियुनियौम
10:48विटनेस हैं जिनकी वज़ाई से अभी एक साल का वक्त दीया रहा, उनकी गवाही हो जाए,
10:53तो जो जिन वकील सामने बात कही उनका कहना यह था कि एक साल चाहिए उनकी गवाई के लिए फटा फट गवाई करो निप्टाओ बच्चों को जो है बंद कर रखा है एक साल और देखिए मेरी बात सुनिये ये सब गवाई तो अपने प्रोसेस से चलता ही है गवाई में खु
11:23और कपील सिब्बल जी खुद जो है six time जो है उन्होंने time लिया समझ रहे हैं आप खुद time ले रहे हो एक के बाद दूसरा और गॉर्णमेंट अपना पक्ष को रखने के लिए तयार है अर्गुमेंट करने के लिए तयार है आप खुद petitioner होकर आप बार बार जो है six time जो है
11:53कि इनके पास इतना अवेद पैसा है कि हर दस दिन में हर महीने जो है यह एक petition लगा देते हैं समझे है तो petition पर सरकार क्या करेगी और court क्या करेगा आपके पास कोई new evidence नहीं है कोई new ऐसा कोई आखिर एक issue पर जब सुनवाई हो चुकी है court ने आपके bail को reject कर दिया है तो जब
12:23तब तक आखिर किस आधार पर court जो है उसको सुनवाई करेगी और आपको bail देगी कोई new perspective होना चाहिए लिए एक साल आप कह रहा हुआ है पूरे देश का जो पैसा जहां तहां इनको support आ रहा है देश विदेश से crypto currency से digital currency से मदरसा से this that वो सारा पैसा आखिर बोलने के लिए
12:53जो crime का इंका network है जो world है कोई अमिर्काम बेठा है कोई जर्माजीन बेठा है कोई कैनाडा बेठा है कोई इंडिया में बेठा है तो वह जो money flow कर रहा है ना वह money कहां खर्च होगा तो यही petition दो एक petition मुश्किल से खर्च होता है किसी का भी किसी को भी बैल करायेगा इमानद
13:23बहुत जादा खर्च होगा, तो 20-25,000 से जादा खर्च नहीं होगा,
13:27लेकिन ये लोग 50 कितना लेते हैं?
13:30कोट में एक बेल फायल किजाए,
13:31कितना लेते हैं?
13:3380 लाक, 90 लाक, 1 क्रोड,
13:3625 लाक के नीचे तो किसी का फीस ही नहीं है,
13:38तो फिर ये पैसा जो आता है बाहर से तो उसको खर्च दिखाने के लिए तो ये तमासा करना होगा ना यह जहां तहां बेल पिटिशन कभी लॉर कोड़ मैंने अभी कभी एदा सोचा नहीं ता है नहीं ऐसा ही होता है आप देखे कपिल सिवल जी का एक डेटा आया अभी इनक
14:08है उन्होंने इंकम टेक्स फाइल किया है या आयटि फाइल किया और 400 क्रोड तो आज इसे ही दिखा रहे है कि हमारा इनकम हो एक साल में ओन एर के वल अपना TR दिखा रहे है मौइप का नहीं दिखा रहे है तो इतना-能 इतना पैसा आ कहा सी रहा एक एक वखील के पास इन � cap
14:38सकते हैं नयाय को भी यह लोग खरीद लेते हैं पैसे दे दे कर तो इसलिए जान बुझ कर जो है सुप्रिम कोट ने स्टे कर दिया कि एक साल तक जो है सांती से बैटे रहो तुम पैसा का गडमी नहीं दिखा हो समझे कानून अपना काम कर रही है लेट दे एविडेंस मस्ट �
15:08उनकी राय थी आपने सुनी इस राय पर भी आप क्या कहना चाहते हैं आपकी क्या कमेंट हैं आप कमेंट बाक्स मा बता सकते हैं फिलाल इस वीडियो में इतना ही क्यामरा पसंद आसी स्थाकुर कजार श्रिवेन गौड वन इंडिया सुप्रिम कोट दिल्ली
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