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بہار اسمبلی انتخاب 2025 کے لیے تیار الیکشن کمیشن کی حتمی ووٹر لسٹ کا معاملہ سپریم کورٹ میں پھنس گیا ہے۔ عدالت عظمیٰ نے حذف کیے گئے ووٹرس کی جانکاری الیکشن کمیشن سے طلب کر لی ہے، جو بہت اہم تصور کیا جا رہا ہے۔ جسٹس جوئے مالیا باغچی کا کہنا ہے کہ اس بات پر کنفیوژن ہے کہ الیکشن کمیشن نے ڈرافٹ ووٹر لسٹ شائع ہونے کے بعد جو نام جوڑے ہیں، وہ کون لوگ ہیں۔ کیا یہ لوگ 65 لاکھ حذف کردہ ناموں میں شامل تھے، یا یہ نئے لوگ ہیں۔ عدالت نے ان 3.66 لاکھ حذف کردہ ووٹرس کی جانکاری دینے کو کہا ہے، جن سے متعلق عرضی دہندہ سوال اٹھا رہے ہیں۔ حالانکہ الیکشن کمیشن کی دلیل ہے کہ کسی نے بھی شکایت نہیں کی ہے، اور ناموں کا پتہ ڈرافٹ و فائنل ووٹر لسٹ کا ملان کرنے سے چل جائے گا۔ لیکن ایسا لگتا ہے کہ عدالت الیکشن کمیشن کی دلیلوں سے مطمئن نہیں ہے۔ یہی وجہ ہے کہ سبھی کی نظریں 9 اکتوبر کو ہونے والی سماعت پر مرکوز ہیں۔ اس تعلق سے ماہرین کیا رائے رکھتے ہیں، یہ جاننے کے لیے دیکھیے ’قومی آواز‘ کا یہ ویڈیو مباحثہ۔
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00:00दोस्तों नमस्कार मैं हूँ नंदलाव सर्मा और आप देख रहे हैं नेशनल हिराड नोजीवन और कौमी अवाज की साजा पेशकस
00:07बिहार में जो वोटर लिस्ट बनी है उसको लेकर के अब कई सारे सवाल सामने आ रहे हैं
00:15सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और वहाँ पर जो मिलाड लोग हैं वो जो टिपड़ी कर रहे हैं वो ही सुनने लाइक हैं और जो दलीलें पेश की जा रही हैं वो ही जानने लाइक है लेकिन सवाल यह है कि SIR को सुप्रीम कोर्ट ने रद नहीं किया तो अब क्या
00:45प्रिसान्त घुसर्ण ने कहा कि मैं 100 से ज़्यादा लोगों को पेस कर सकता हूं और बहुत सारे लोग पहले भी पेस हुए हैं, सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट अब करेगा क्या है, क्योंकि ग्यानेश कुमार जी सुद्धी करण की बात कह रहे थे, उस सुद्धी करण पर �
01:15कुछ असर बिहार की फाइनल वोटर लिष्ट पर पड़ेगा की नहीं, या फिर चुनाओ इसी वोटर लिष्ट पर होगा, और अभी भी जिस तरीके की रिपोर्ट्स आ रही हैं, उस पर कैसे यह माना जाये कि चुनाओ पूरी तरह निस्पक्ष होगा, मैं उत्तम से गु�
01:45धन्यवाद नदलाल जी, तो जैसा आपने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जो सुनवाई हो रही है, यह SIR पर वो बहुत ही एहम है, कल एक सुनवाई हुई और व्रेश्पतिवार को आने वाला कल जो है, उसमें फिर से यह सुनवाई जारी होगी, अब सवाल यह है कि आने वाल
02:15और चुनाव की घोशना के बाद अमूमन कोर्ट जो है, वो इंटर्फियर नहीं करती है, और यह दलील किलेक्शन कमिशन के तरफ से उनके जो दोनों वकील, राकेश दुएदी और मनिंदर सिंग साब जो है, उन्होंने यह दलील पेश की, और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट
02:45अवाब यह कंफ्यू�जन को खतम की कि की यह जो तीन लाह चील सट हजार लोगों को आपने डिलीट किया है, वह पेहले डिर्फ लिस्ट में आपने पैशट लाग को को दिलीलीट कर दिया अब आप कह एऊ तैन लाग को को और आपने डिलीट किया, तो यह किस ग्राउंड �
03:15ग्राउंड बताया कि इसमें से कुछ लोग मर गया हैं, बाइस लसलोह मर गया है Sue Plus还
03:20इतने लाख � IQ हैं, वह भी हार चोट के चले गया हैं, उतनेBig
03:24ल害 गया हैं लाख लोग जो हैंगि спас� वूंट तो उसके बाद आपनी
03:29कर लिए ड्राफ्ट लिस्ट लेकिन ड्राफ्ट लिस्ट के बाद भी आप उसमें से और तीन लाग
03:3566,000 लोगों को आपने हटाया तो ये किस ग्राउंड पे आपने अटाया और उसको आपने
03:41रिलीज क्यों नहीं किया और आप रिलीज करने में से क्यों कतरा रहे है चुनाव आयो की ये दलील
03:47थी कि वही हमने ड्राफ्ट लिस्ट निकाल दिया है फाइनल लिस्ट निकाल दिया है अब दोनों को आप
03:52कंपेर कर लीजिए तो दोनों में आपको खुद ही पता चल जाएगा कि कौन चूटा क्यों चूटा तो ये दलील जो है ना
03:59कि वहाँ आग रिलिज किजी ये नाम बता ही वह ड्राफ्ट के बाद भी सुप्रेम कोर्ट ने ये
04:18लेकिन आज शाम तक यह लोग अपलोड करें वहाँ तो पह्ली बात तो यह
04:26दूसरी बात जोöst पेटिश्नरस ने सुपरीम कोफ से कहा,
04:30वो कहा कि आपने जो एकिस, सा� против किस लाख लोगों को
04:34अडर करने की बात आप करना है।
04:37आपने ड्राफ्ट लिस्ट में जो है,
04:39साड़े एकिस लाख लोगों को आपने जोड़ा है,
04:41तो ये कौन लोग है क्या ये वही लोग हैं जिनको आपने पहले हटा दिया था ड्राफ्ट लिस्ट में जो 65 लाक में से शामिल है और उन्हों ने जो है ऑब्जेक्शन दिया फॉर्म फाइल किया और कहा कि नहीं साब ये गलत गलती हुई है और मेरे नाम आप फिर से आप डा
05:11क्या मतलब है ये बहुत साफ नहीं या वोटर क्या मतलब फस्टाइम वोटर है तो आनि प्स टाइम लटके बारे में चुना हुआ है और इस लिए वो भी एक रहष्ञ से बनाने हुआ है
05:31कि वही आपने जो जूड़ा वो किसको आपने जूड़ा कहां से आपने जूड़ा और यह सवाल सुप्रीम कोड ने चुनावा योग को कहा कि वही इसको आप साफ कीजिए बिना इसके जो है वो
05:44कि सबसे ज़्यादा जो एहम बात है कि जो तीन महीने से सुप्रीम कोड में सुबाई चल रही है तो वो सुनवाई इसलिए चल रही है कि प्रिटीशनर जो है जो अससियेशन पोडिमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एडीया जो में प्रिटीश्णर है और दूसरे जो प्रिटीशन
06:14रूज्स के खिलाव है और संग्व इढ़ान जो है आपको षप सेशुदन करने का दिकार देता है लेकिन इस तरीके
06:21से संक्षूदन करने का दिकार अपको नहीं देता और उसका मतलब क्या है उसका मतलब
06:26यह है कि मैं आप बोटघ जो हिए जिम्मेदारी डाल रहे हैं कि आप सागित कीजिएंगे आप भारत के नागरीख
06:34आप दस्तावेज आप प्रोड्यूस कीजिए यह दिखाने के लिए कि आप नागरिक हैं और यह चुनाव आयोग की जमेदारी नहीं है तो उससे हुआ क्या कि वही जो 97% अडल्ट पॉपुलेशन बिहार में वोटर्स लिस्ट में थी जून महिने तक वो घटके जो है ड्रा�
07:0470% यह यहीं कि नौ परसन जो है लगबाग वोटर्स है जो अठारा साल से ज्यादा है और जिनको हक है वो वोट देने का वो यह वोट देने के अधिकार से वह बंचित है तो यह सवाल फिर से कल आने
07:18आने वाला है सुप्रीम कोर्ट में और सुप्रीम कोर्ट में यह सवाल उठेगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट यह order दे सकती है कि इन confusion के चलते आप लोकसभा का चुनाव जी एलेक्टोरल रूल पर आपने करवाया था पिछले साल जून में या इस साल जन्वरी में जो संशोधित
07:48अपनाती है या वो यह कहती है कि नहीं साब चुनाव की घोशना हो गई है और हमारे पास बहुत कुछ करने को नहीं है और यह legality of SIR जो है वो हम अभी तै नहीं करेंगे क्योंकि कल के सुनवाई के दोरान जो है जस्टिस सूरी कांत ने यह कहा कि वही SIR चुकि बिहार में �
08:18सुनवाई करने के मूड में नहीं है तो यह देखने लाइक चीज है जो कल पर साफ होगा अब बिहार में हैं और जो सवाल है वह यह कि जो तीन लाग शाशाट हजार नाम एक तरीके से काटे गए हैं उनको परस्नली या इंडिविजुल तोर पर इंफॉर्म किया गया है कि
08:48सुप्रीम कोर्ट में यह सवाल आया है तमाम मेडिया रिपोर्स में भीए सवाल है कि कोट ने यह पूछा और चुनाव आयुपक यह कहना है कि कि SOOO की तरप से कोई सिकायत नहीं है
09:03तो फिर सवाल तो यह बनता है कि कौन लोग है जिन जो चाहते हैं कि उनका आप मोटर लिस्ट में नहीं
09:10हो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है उन्हें कोई सिखायत नहीं करनी है कादर सर आप जमीन पर क्या देख सुन रहे हैं
09:20आप अन्म्यूट हैं अब बोलिए
09:24फिर म्यूट कर दिया अपने सब्सक्राइब मैं मैं एक तो यह कि कि कमीशन अगर उनका जो सुल्यूंपोर्ट में उनका प्रेश कोंफेंस इस तरह पहां नहीं है
09:47एक पत्ना में दिल्ली में उसको सुनने से ऐसा लगता है कि अब उनका विश्वास जुम्लबाजी ही में ज्यादा है इसलिए कि
09:57जिस तरह से जो बेसिक इशूस थे उसको वो टाल गए और वही नहीं अब तो ऐसा वहता है कि वो बिल्कुल राजनीती की वाशा बोलने लगे अब मैं योगंदर जी का एक भाशन सुन रहे थे और वहनों उसमें कहा कि अब गवर्मेंट बीजेपी और एलेक्शन कमिशन में
10:27तो जिस तरह से पधानमंत्री जहां आते हैं तो मघी बोलते हैं दो सेंटेंस जैसे मघी बोल पाते हो कहीं भोजबुरी बोलते हैं कहीं मैथली बोलते हैं तो ग्यानेश कुमार जी ने भी बिल्कुल उसी अंदाज में
10:42अपनी प्रेस कॉंटेंस मघी से शूकी और फिर दो सेंटेंस मैथिल बोले मघी क्यों नहीं बोले भुजबुरी उनने बोली मघी भी नहीं बोली मघी वालों उससे क्या उनको शिकायत हैं उसी बात है अभी सबसे बड़ी बात जो है कि एलेक्शन कमिशन ने अपनी क्रे�
11:12इस यह सबसे परिशानी की बाती है कि सुप्रेम कोड से हम उमीद तो करते हैं लेकिन ज्यादा तरह ऐसा होता है कि सुप्र्यम कोर्ट उस उमीद पर ख़रा नहीं होता है
11:25अब यह बात बिल्कुर साफ थी पहले से लोग लग नहीं थी कि एलेक्शन कमिशन नेक्स्ट हीरिंग से पहले और सुप्रीम कोर्ट ने एक लंबा समय दे दिया थे इस इंपॉर्टेंट केस में सुप्रीम को पता था कि बाइस नॉंबर से पहले सरकार बन जानी है उन्हें �
11:55सकते हैं और कर भी रहे हैं और इसी लिए उन्होंने जो डेट का इनॉस्मेंट किया वो ट्रक्रिकली ऐसा रखा कि सुप्रीम कोर्ट के हीरिंग से पहले पर और अभी तब का यह कर्वेंशन रहा है कि एक बार एलेक्शन प्रसेस जब शुरू हो जाता है तो फिर पोर्ट्
12:25हाँ यह सुप्र पोर्ट के साबने भी अजीब सी चुनौती है एक तरफ उसको अपनी के बचानी है और इसके लिए इस के बचाने के लिए अकसर और ऑब्जर्वेशन्स वैसे ओब्जर्वेशन्स जो सुनने मैं अच्छे लगते हूं और जिनकी कोई बहुत ही लीगल वै
12:55है यह शायद रिटन और का पार्ट नहीं है अगर मैं जलत कह रहा हूं हूं अब तो उतन भी हमें किरट कर देंगा तो ओरल ऑडर की लिगल पाइंडिंग होती है और उसके इलावा सुप्रीम पोर्ट का भूती इंपोर्टेंट केसे में जो एप्रोच रहा है और उसको और
13:25अगर इस स्टेज में शायद सुप्रीम पोर्ट केहीं कर सकता है
13:55कि जो चुनाओं हूं वो या तो 2024 की लिस्ट के आधार पर हूं या इस जनवरी में जो समरी लिस्ट आई थी उसके आधार पर लेकिन ऐसा होगा इस पर मुझे शक है जहां तक नहीं बात प्यूरिफिकेशन की
14:12तो प्यूरिफिकेशन और वोटर कॉलिंग स्टेशन बिलकुल एक वोटर लिस्ट बिलकुल यह सबसे ब्रा जूला है
14:20इसलिए कि वो सारी खराबियां वो सारी कमियां वो सारी गरबड़ियां जो ड्राफ्ट में लिस्ट में भी आपको मिल जाएंगे
14:32मैं व्यक्ति का ग्रूप से जानता हूं कि जिस व्यक्ति का तीस साल पहले डेट हो चुका है
14:42और उस मामले को ड्राफ की लिस्ट पब्रिश होने के बाद उठाए गया था लेकिन आज भी 30 साल पहले हुआ का वो आदमी जिसका ड़त हो चुगा है उसे हमने अपनी आखों से वोटर लिस्ट की दिखा रहा है
14:57मैं ऐसे लोगों को जानता हूं जिनों जिनको दो एक दो जगा हुंका रोटर रिस्ट में नाम है और सीरे से सीरे लंबर में है यह आगर तिसका बाइस है दूसरे का तैईस है उनका अपना नाम उनके फादर का नाम उनका एज उनका एड्रस सब कुछ होई है
15:17एक तिस्सा के जिसे जो हमारी नज़र से गुज़र वो यह कि एक लेडी है जो पहले गया में रहती थी अब मुमेल में रहती है उन्होंने यह भी जानता हूं को उन्होंने गया में अपना इन्मिवरेशन पॉम नहीं भरा
15:32और जब उन्होंने अपने एपिक नंबर से अपना इस्टेटस चेक किया तो उनका नाम गया टाउन में भी है और नुवे की किसी केस्टिंट से में तो यह तो सिर्फ चन्द जिसको जिसके बारे में मैं दावे के साथ कर सकता हूं जो मेरी नज़र से गुज़र है
15:53एक अए सचर् motion कर क्या रहा था या ऐसा उसने क्या कर दिया ड्राफ लिस्ट के पप्रूकिशन के बाद इसकी पुरिशंसा की जा सकती है यही नहीं लग्ध वो झाली
16:10जो ग्राफ्ट लिस्ट में थी वो इस लिस्ट में है और उसके अलावा कुछ और फर्दर गड़वड़ी यह हुई है कि जैसे तीन लाख लोगों का जो नाम काटा गया है और फिर अठारा लाख लोगों का शायद जुड़ा गया है तो नहीं पता है कि किस आधार पर काटा क
16:40सब्सक्राइब करने के लिए अप्टिकेशन दे सकते हैं अब यह सूचिए कि दस तारिख को पहले फेज का
16:58नामंकर होने वाला है और वो च्छे तारिख को यह कह रहे हैं कि दस दिन उको समय मिल रहा है और वो समय जो दस को समाथ हो रहा है उसके बाद फिर विद्धियू रसक्ट्टू दा ओनरेबल को जिस तरह को आए हैं या लोगों से घरीबों से जिस तरह की अपेच्छाएं �
17:28याद दिला रहता है आप कहने ना आसान है कि अगर आप कुछ कहना चा रहे थे क्या हाँ मैं अगले सवाल की तरह आपके चाह रहा था यह कहना कि जो लोग का छूट गया है वो अपना नाम है करते हैं आप घरीबों की इस्तिती को नहीं समझने हैं और खास करके बिहार के �
17:58चार सो रुपए है जिसे पहुंचने में कम पांस रुपए चारिस परसे ऐसे लोग हैं जो निरक्षर हैं जो एप्लिकेशन भी खुद से नहीं दे सकते हैं उनसे यह अपरिशा करना कि दो तिन दिनों के अंदर में भूर सुधार करवा लेगे यह मेरी समझत उपने हैं
18:17बिल्कुल सर उत्रम सर मैं आपके पास आऊंगा जस्टिस जो आइडेंटिटी है लोगों की क्या वे जो लोग जोड़े गए हैं जो तीन लाग से ज्यादा नाम है तीन लाग साचाशट हजार वो क्या पैंसट हजार पैंसट लाक वाली लिस्ट सौरी पैंसट लाक वाली �
18:47उस लिस्ट से जोड़े गए हैं जो चुकि पहले जब ड्राफ्ट लिस्ट आई थी जो साथ करों 24 लाक नाम थे अब यह साथ करों 24 लाक हो गया है तोड़ा साफ कर दूं मैं थोड़ा साफ कर दूं कि यह टोटल डिलीशन जो है यह लगबक 68 से 69 लाक डिलीशन हुआ हटाय
19:17आपको 68 686,000 कई लेकिन और भी थोड़ा से ज्यादा है तो 79 लाक के करीब वोटर है हटे है और इनों ने साड़े 21 लाक को जोड़ा है तो उसके चलते वो साथ लाक साथ करोड़ 24 लाक जो था ड्राफ्ट लिस्ट में उससे बढ़कर जो है साथ लाक साथ करोड़ 42 लाक हो �
19:47रही है और ये लिस्ट आप जाई किजी और सुप्रीम कोट के ओडर पर ही जो है वह वो पैंसट लाक नाम गूँनको जारी करना पड़ा था वह तो अब्रू ने से लेकिन जब हो 55 लाक को भी जारी कर दिये थै कि तो अब 36 literacy जार नाम को क्यों नहीं बता पा रहे है κα्ई कि
20:17कि अगर आपको किसी को हटाना है मत दाता सूची से तो उसको आपको नोटिस लेनी पड़ेगी। उसको आपको सुनवाई करवान करना पड़ेगा। उससे आप सुनवाई किजिए गा BALO जो है वो वेरिफाई करने के लिए जाएगा। और उसके बाद उसकी बात सुनने के �
20:47नहीं है हम नहीं मान पा रहे हैं तो इसको speaking order कहते हैं वो speaking order देना चाहिए
20:52मेरा सवाल यह था कि जो आप कह रहे हैं 59 लाग के करीब लोगों का नाम था और उसके बाद 21 लाग के करीब नाम जोड़े गए
21:03तो मेरा बस यह कहना है कि राकेश दिवेदी कोर्ट में यह कह रहे हैं कि who is deleted and who is not
21:09तो आप सिर्फ draft order list और final electoral role का जो है comparison कर लिजी चुनाव आयोग यह नहीं बता रहा है
21:17यह राजनितिक पार्टियों पर जो लोग सवाल पूछ रहे हैं या चिका करताओं पर यह छोड़ रहा है लेकिन सुप्रीम कोट यह जो जानकारी देने को कह रहा है क्या ऐसा scope बनता है कि चुनाव आयोग की जो तरीके से आप कह सकते हैं कि मनमर जी है या फिर वो जिस तर
21:47कि जो ऊलों में च नाउ आयोग की मददाता सुछी के बारे में संसनी केज डीटेल्स जो है वो सामने आइए गल in grate अक्षिक अगबार में योगेंद्र यादर जी का एक लेक चपा है यह फाइनल लिस्ट के बारे में उस्पाइनल लिस्ट के बारे में योगेंदर जी ये
22:17जिसमें दस से ज्यादा मददाता हैं, ठीक है, और जो चुनावायो की जो नियम है, उसमें वो लोग ये कहते हैं,
22:26कि अगर दस से ज्यादा कोई मददाता किसी घर में होगा, तो ये शक पैदा करता है, और इसकी जाच होनी चाहिए, ठीक है,
22:34और इस तरह के लोग यह 24 लाग घरों में जो बेंदर जादेव जी लिखते हैं इनकी संख्या जो है तीन करोड़ दो लाख लोग ऐसे हैं जो संदिक्त पतों पर हैं और एक ही कमरे में एक ही मकान में जो है वो दस से ज्यादा लोग हैं वहां के तो इससे आप समझ सकते हैं कि
23:04उन्हों ने कहा उसने शायद एक करोड़ बतीस लाख लोगों के बाद कहा जो डुप्लिकेट यह में है सारी जो नन एग्जिस्टेंट अड्रेस पे हैं एक करोड़ बतीस लाख यह रिपोर्टर कलेक्टिव का दावा है और योगेंदर जादव जी कह रहे हैं कि आपका अ
23:34से ज्यादा वोटर हैं वैसे लोग हैं इसमें छोटा सा एक आड करना चाहूंगा कि पराकला प्रभाकर जो चुनाव को लेके लिखते रहे हैं और बोलते रहे हैं वो अभी हाल में एक इंट्रिव्यू में वो बता रहे थे कि दो हजार उन्नीस में कन्या कुमारी कंस्टि�
24:04वो मिसिंग था और उसको लेके शिकायते हुए लेकिन देखा यह गया कि साब जो पॉलिटिकल पार्टी को जो लिस्ट दिया गया राजनीतिक दलों को और कैंडिडेट्स को जो लिस्ट दिया गया उसमें वो नाम शामिल थे लेकिन जो प्रिसाइडिंग आफिसर और पू
24:34देने के बाद हम लोग करवा ही करेंगे हम लोग इंपार ही करेंगे लेकिन हुआ यह कि काउंटिंग में जो ऑपोजिशन की कैंडिडेट्स थे वो जीत दे और जीतने के बाद ऑपोजिशन जो है विपक्ष जो है मामले को छोड़ दी कोई जांच नहीं भी और चुनाव �
25:04कर रहे हैं कौन सा पुलिंग बूट में है और कौन सा राजनितिक दलों के पास है यह भी एक शक जो है वो है तो इसलिए यह तमाम चीजें हैं जिस पर सुप्रीम पोर्ट को बहुर करना चाहिए था और विपक्ष को शायद और सशक तरीके से इसको उठाना उठाना चाहि
25:34अलके अंदाज में चुनाव आयोग जो है वह डिसमिस कर रही हैं तो वो कुछ समझ में नहीं आता है चुनाव आयोग में साफ साफ कहा कि हमने सुनवाई की हमने नोटिस दिया हमने स्पीकिंग ओर दिया और सारे लोगों को ओर थमा दिया यह उन्होंने सुप्रीम पोर्�
26:04अब शायद बहतर बता पाएंगे मुझे नहीं लगता है कि यह वो साबित कर सकते हैं यहीं पर थमेगा नहीं इसको और भी आगे बढ़ेगी
26:13कादिप सर मैं यही जानना चाह रहा हूं कि जब चुनाओ का एलान हो गया है तो राजनीतिक पार्टियों के लिए अब कितना समय बचा है और वो कितना सीरियस हैं इस मामले को ले करके कि वो बोटर लिश्ट के मुद्दे पर अपने संसाधन खपाएं या लड़ें क्योंकि �
26:43लेकि जो जमीनी हालाप है मुझे ऐसा लगता है और अब चुनावी आपा धापी में इस वक्तिकल पार्टिंज ज्यादा ध्यान देंगें के सेलेक्शन पर एलाइंस के फॉर्मेशन पर कैंपेंग पर और इसलिए अब शायद उनके पास समय भी नहीं है और यह मौता भी �
27:13एक बात रुत्तम जी ने कहा कि एलेक्शन कमिशन ने बहुत सी आने बातों को बहुत ही हलके बेरिया है
27:18मैं हम थोड़ा सा इसमें आड यह करा चाहें कि सिर्फ एलेक्शन कमिशन ही नहीं
27:22इस पर इस पर नहीं तो फिर शुप्रिम पोर्ट शुप्रिम पोर्ट ते भी यह एल इसूस थे उन पर मेरे खाल में बहुत ज़्यादा तबज्जा दी या फिर यह कहिए कि जो बल्क बेजो घलतियां थी हैं एलेक्शन कमिशन में और उसकी नोटिस में दी आया लेकिन उ
27:52स्टेट में पंचानवे च्छानवे लाठ लोग उनकी इंकम छे हजार पैसे कम है सुप्रिम कोर्ट उनसे यह एक्सपेक्ट करें कि वह वहां पहुंचेंगे और अपर में पाइल करेंगे और हमारी प्रकरिया है जिसमें एक बहुती मशूर बात कही गई है कि जहां सिर्फ
28:22और इसके बहुत ही फार रीचिंग कंसिक्वेंसेज में सबसे बड़ी सुप्रिम कोट की बन जाती है उतना यूच काना चाहा है इसमें एड करना चाहा था कि जो रिपोर्टर कलेक्टिव की रिपोर्ट निकली है उसमें उन्होंने बहुत मज़िदार वाकिया का जिक्र कि
28:52से कहा कि इस पर महम कुछ नहीं कह सकते हैं तो यह नो कमेंट्स जो है जो राजनितिक पराद के मित्ताब बियलों, वो सब बात कहने लिए ही पत्रकार आ जा है, तो उसको बोहें लगो साओधी, नहीं करो नहीं कर सकता हूं जब हो
29:09electoral officer के पास गए है तो electoral officer दे कहा कि यहां साहब हम लोगों
29:14ने आपकी report देखी थी हम लोगों ने आपके report को जाचा परखा और हमें कोई
29:20voter नहीं मिला बात कतम हो गई यहां आपने कहा कि वह यह voter है
29:26जमीन पर हमने जाच कर लिया महां पर संग्यान में ले लिया लेकिन हमें तो
29:31कोई वोगोज वोटर मिला नहीं महां पर मामला खतम रिपोर्टर क्लेक्टिव जो है कुछ
29:36ऐसे मिसाल दिये हुए है
29:51कर रहे हैं कि वह ही माता पिता के नाम के साथ साथ वह लुड़ चुके है
29:55और इस तरह के दस लोग और हैं जो अ मर चुके हैं और � Он का नाम जो है वो
30:00में है इसको हटाई और उसके बावजूद के बावजूद जो है वो नाम नहीं अट रहे तो एक अजीब सा वाक्या है और यह तमाचा है इलेक्शन कमिशन पर कि वह आप क्लेम करते हैं कि वह इसी के लिए आपने
30:17सायर किया और वह आप पूरा नहीं कर पा रहे हैं घुस्पैठिय के सवाल पर लोग लगातार पूश रहे हैं कि कौन घुस्पैठिय के बारे में जिक्र करना बंद हो जाएगा ऐसा तो लगता नहीं लेकिन चुनाव आयोग ने जिस मुद्दे पर
30:45सायर किया उस मुद्दे के बारे में वह किसी घुस्पैठिय का नाम नहीं बता पा रही है नमबर बता पा रही है तो यह भी एक बहुत अजीब सी समस्या है अगर आप बात पूरा करें तो फिर हम लोग इसको जो है नहीं तो उसके एक बात और है
31:05सब्सक्राइब के बात यह है कि इतनी सारी कमिया पहले भी निकाली गई इसायर में बहुत सारी और इन सब के जो सुप्रीम कोर्ट के भी कोग्रिजन्स में आई
31:20अब भी और कुछ लों आज एक भी बीडियो के खिलाफ मेरे खाल में जो हमारे जानकारी है वो अब तक सिर्फ एक बीडियो के खिलाफ एक्षन हुआ है वो भी वह इंट्री करने के लिए 30 सुप्राइब ले रहा था जिसके खिलाफ एक्षन हुआ लेकिन जिन्दा को मु�
31:50शिकायत थी कि आपने कहा था कि आपके पास जब इन्युग्रेटर जाएगा प्यालो जाएगा इन्युग्रेशन फ़र्म लेकरके उसकी दो कौपी होतेगा मैंने उन्हें लिखित चीफ एलेक्षन कमिशनर को कंप्लेंड किया कि हमारे पास जो पीएलो आया वो उसने सिर्
32:20लेकिन उसके बार पर उसका क्या एक्षन हुआ मैंने रिमाइंडर दे दिया कोई कोई तो ऐसी सिती में अब एक बात आप बहुत इंटरस्टिंग हुए है कि इन्होंने कई सो ब्यों को वहां पर एवाड दिये तो इनेफेशन सी का या गंगलिंग का भी एवाड होता है य
32:50अगर यह लोग मुझ खोल देंगे अपने लोगों को बचाते भी है तो चुनाओ आयोग की बढ़ पिर जाएगे उत्तम जी अबाद कर रहे दें घुसपैठियों की तो घुसपैठियों को नहीं पशान पाया हूं लेकिन इस देश में ऐसे भी लोग है जो कपड़े से घ�
33:20जी बिल्कुल मुझे आप लोग बेलो की बात कर रहे थे तो मुझे वही बातियार आ रहे थी कि वह बार बार जो है कि बेलो को पहली बार ट्रेनिंग दी गई दिल्ली में ट्रेनिंग दी गई आने वाले समय में ट्रेनिंग देंगे यही ट्रेनिंग दिया जा रहा है कि को
33:50जबकि वो जानते हैं कि घुस्पैटिया के नाम पर एक समुदाय को टार्गेट किया जाता है जो बंगाली लोग है जो पंगलाभासी लोग है उनको दिल्ली में टार्गेट किया गया है घुस्पैटिया के नाम पर और Election Commission को यह सुनिष्चित करना चाहिए कि बिहार में
34:06कोई भी व्यक्ति है जो भी सब्दा है जो भी वर्ग है कोई भी व्यक्ति उसे कोई टारगेट ना कर सके गुस्पैटिया के नाम पे लेकिन उनका यह कहना है कि यह तो राजनेतिक बयान है और हम इसमें कुछ कर नहीं सकते तो मैं आप लोगों से बस एक-एक मिनट क्या मैं �
34:36करने वाला है आप लोगों से बहुत ही संचिप्त में जानना चाहूंगा उसके बाद हम इसको समाप्त करेंगा उम्मीद पर तो दुनिया टिकी हुई है इसलिए उम्मीद यह होगी कि वही सुप्रीम कोट जो है ओडर दे कि वही जैनुरी वाले लिस्ट पर जो है उच्छ
35:06तो सुप्रीम कोट ऑभे साब करेगा करते हैं तो बहुत आच्छा सांगा मानची आपयसला सथा में सब्सक्राइन
35:28रही 2014 से पहले तो बहुत ही आसान तरीके से बदलती थी और अब तो इतने आरोप लगने लगे हैं वोट चोरी के
35:36लेवल प्लेइंग फिल्ड नौ होने के विपक्ष को अलग तरीके से टार्गेट किये जाने के तो उमीद करते हैं कि जंता की सबसे बड़ी आदालत जो इस देश की है उससे नयाय मिलेगा और सिर्फ नयाय मिलेगा नहीं बलकि नयाय होते हुए दिखेगा कि उत्तम सर और अ
36:06आपसब का सुक्री आद नौ सकतर मुद करते हैं कि आपसव का सक्री आ नौसका तर नहीं नहीं की
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