00:00मरे जी क्या नाम जब करते हुए धन और मुक्ष दोनों की इक्षा रखना उचित है?
00:05अगर जरूरत धन की है तो इक्षा तो बनी ही रहेगी और धन की इक्षा रखकर भक्ती करना भी भगवान की भक्ती है
00:12क्योंकि भगवान ने चार प्रकार के भक्त बताए है आर्थ अर्थार्थी जिग्याश और ज्यानी आर्थ का मतलब है भारी संकट में फस गए अब भगवान की सिवा हमारा कोई नहीं है
00:28तो हम भगवान को पुकारेंगे, क्योंकि भगवान किसी वा कोई है नहीं, तो भगवान हमारी संकत निरुरती करें, ऐसी भगती करना आर्थ भकती है, तो अर्थ आर्थी, अब हम घर परिवार भगवान ने दिया है, अब हमको जरूरत है धन की, हमारा प्रयास निस्फल हो �
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