00:00अगर कोई व्यक्ति हमारे सीधेपन का फाइदा उठाकर हमारे सार्च छलकपट करता है या विश्वास घात करता है तो उसे क्या हमें अपने जीवन से त्याग देना चाहिए नहीं इस प्रस्तिती में खुद को कैसे प्रसंद रखने देखो भगवान के परंभागवत अवत
00:30ने बाहुबल से इंद प्रस्ति की स्थापना की और पूरे बिश्व को परास्त करके सम्राट बने और सकुनी ने पांसे में सब गयब कर दिया क्या भगवान उस समय सुदर्शन्चक का अगर प्रयोग कर देते सकुनी के उपर तो सारा खेल समाप्त हो जाता कवरों भी ब�
01:00और ऐसे महावीरों को ऐसे आउतारी पुरुषों को भारी कष्ट भोगना पड़ा चल के कारण तो हमें लगता है कि कहीं न कहीं भगवत विधान होता है जो आदमी चल कर रहा है हमारे साथ सायद है कि हमने पूर जन्मे में उसका कुछ लिया होगा आज हमें लग रहा है कि
01:30रहा है मुझे ऐसा मान करके शांद अगर त्याग ने की जगरत है तो त्याग दीजिए नहीं कुछ ऐसे संबंद जा त्याग भी नहीं सकते भले अपना घर का कोई सदस्य है अपने परिवार का अपना प्री सदस्य है कैसे त्याग होगी अपना पुत्र है अपना पती है �
02:00दूसरों को न ठगे अगर हमको कोई ठग रहा है तो वो देख रहा है छोड़ दो उसके उपर जाओ भी या जाओ जब वो मालिक हमारी तरफ देखेगा तो निहाल कर देगा जब उसकी तरफ देखेगा तो बेहाल कर देगा
02:16दुखिया को न सताईए दुखिया देगा रोए और जब दुखिया के मुखिया सुने तब तेरी गति का होए उपर से लेकर के ये आज तक इतियास साक्षी है ये चल ये कपट ये बिवस्था पहले से चली आ रही है बड़े बड़ों के साथ वही तो कहे रहूं धर्मराज ह
02:46देगे वो तो धर्मराज है और चल से मारा की 12 वर्स का बनवा से एक वर्स का घ्यात्वास ऐसे महापुरूशों को भी चाहते तो एक मिनट में सकुनी को निप्टा सकते थे भीम एक मिनट में केवल गला पकड़के दवा दे तो जान से बर जाता लेकिन सब की जड़ सकुल
03:16कहके के कान भरे कहके जी ने हट ठान लिया सुबह होने वाला था राज्या भी से और साम के हो गया बनवास तो भाई देखो हम लोग तो उनके अंस हैं वो तो श्रम परमात्मा हैं बड़े-बड़े महापुरुश हैं कुछ बातें ऐसी होती जो केवल सहनी पड़ती है कोश
03:46आई हमें तो लगता है लड़ाई जगडा चल कपर तिसमें सब ठीक रही हैं सामती से सह जाए तो अच्छा है देखो कितना सहने की कोशिस की पांड़ों ने
03:57पहले कहा था कि जब अगर बारा वर्स का बनवा से एक वर्स का ग्यातवास आप पूरा कर लेंगे तो पूरा चक्रवर्ती राज्य आपको मिल जाएगा जब पूरा कर लिया तो उनका राज्य नहीं देंगे बोले आदा दे दो बोले आदा भी नहीं देंगे बोले पांच
04:27न केसवा सुई की नोक बर नहीं देंगे बिनास कर दिया फिर सौ के सौ मरे निन्यान में नहीं सौ के सौ मरे इसलिए अपने को चाहिए कि दबता चला जाए कोशिस करे कि लडाई जगडा नहों सह जाए और जब उपर जो बैठा हुआ सब के देख रहा है वो जब देख ले�
04:57हम तो यहीं सिखाएंगे कि जगडा न करो हम यहीं सिखाएंगे कि हिंसा न करो शांत भाव से सह जाओ अगर कहीं ऐसा लगता है तो राजकी विभाग का सायोग लेलो लेकिन लडाई जगडा न करो बहुत सांती थोड़ा जीवन है आज कर लोग जरा-जरा सी बात में हिंस
05:27मनुष्री होनी है, सब से बड़ी होनी है
05:28और बड़ी महिमा साली है
05:30इसके द्वारा बड़े-बड़े पवित्र कारी किये जा सकते
05:33पर लोग जरा-जरा सी लड़ाई में एक दूसरे की हिंसा कर देते
05:37यह जरासा ऐसा समस्याएं आई
05:40तो पूरा परिवार जहर खा लेते हैं
05:42यह सम नहीं करना चाहिए
05:43सहना सीखो, नाम जब करो
05:46और भगवान के आर्शित रहो
05:48किसी तरह संसार से हम मुक्त हो जाए
05:50नहीं बहुत कठीन बार बार
05:52जनम बार बार मरण कहां तक भोगेंगे यार
05:55कितना भोगेंगे, कितना कस्ट है संसार में
05:58तिसलिए नाम जब करो
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