00:00महराजी इस शरीर की पत्नी में हमारी बहुता सक्ती है इसके कारण महराजी भजन में घाटा हो रहा है डट के भजन नहीं कर पूरा है
00:07नहीं कोई बात नहीं कि आज जो पती पत्नी में मन मुटाव हो रहा है पती पत्नी में सम्मंद विक्षेद हो रहा है पती पत्नी में जो हिंसा हो रही है उसे अच्छा है कि पती पत्नी से प्रेम करें पत्नी पत्नी से प्रेम करें पत्नी और पत्नी दोनों एक दूसरे के हर�
00:37प्यार करना प्रेम बाधक नहीं है आप जिंता न करो प्रेम करो और उस प्रेम को भगवान को शमर्पित करो नाम जब करो और कमाओ और पती पतिनी परिवार खुब प्रेम से रहो
00:49कानों को यही सुनने को मिले कि हम अपने पती से बहुत प्यार करते हैं, हम अपनी पतनी से बहुत प्यार करते हैं, तभी हमारा हरदे सीतल होगा, नहीं तो प्राया यह सब जो गंधी बाते आ रहे हैं, हमारे धर्म का कलंख है, यह कलंख है, यह अच्छी बाते नहीं हैं
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