00:00अरे गोरी सुनो आज के बाद तुम खाना लेने के लिए जंगल में नहीं जाओगी
00:06आज के बाद तुम घरी में अपने अंडो का ध्यान रखोगी
00:12इन मेंसे हमारे प्यारे प्यारे बच्चे बाहर आएंगे
00:16ठीक है जी आपकी जैसी मरची
00:18मगर आप अकेले कितना काम करेंगे
00:21मेनत करने में भला क्या दिक्कत है
00:24मैं जाया करूँगा जंगल और तुमारे लिए भी खाना लाया करूँगा
00:28कल को अपने बच्चे बड़े होंगे तो उनको भी खाना लाकर दिया करूँगा
00:33बच्चे बड़े होंगे तो हमारी सेवा करेंगे
00:36सही बात कह रहे हो जी आप ठीक है
00:39इतना कहकर कालू कववा वहाँ से चला जाता है
00:43वहीं जंगल में एक खतरनाक लोंबडी रहती थी
00:47जो जंगल के सभी पक्षियों को खा जाया करती थी
00:53और उनके अंडे भी खा लिया करती थी
00:56जिसके कारण वह बहुत ताकतवर और मोटी हो गई थी
01:00जब कालू कववा जंगल खाना लेने गया हुआ था
01:03उस समय मौसम खराब होने की बजए से
01:07बारिश होने लगी
01:09बारिश एक दम से भिना मौसम के होना शुरू हो गई
01:14जिसकारण अब गोरी कववी घरी में रहकर
01:18परिशान होने लगी कि अभी तक कालू कववा नहीं आया
01:23अभी तक वो नहीं आया अब मैं क्या करूँ
01:26हे बगवान वो ठीक तो होंगे ना
01:30सारी रात कालू कववी रोती रही
01:33सुबे कालू कववी को रोते हुए देख
01:36वहाँ पर एक तोता आया
01:38तोता बोला
01:39अरे क्या बात है गोरी कववी रो क्यूं रही हो
01:43क्या बताऊं तोते भिया
01:46कल से वह गई हुए हैं दाना लेने के लिए और अभी तक नहीं आए
01:51अरे गोरी कववी अचानक कल मौसम में बहुत बदलाव आया
01:56जिस कारण बहुत से जंगल में नुकसान हुआ
01:59कई पक्षी इस बारिश में मर गए
02:03भगवान न करे तुम्हारे घरवाले को कुछ हुआ हो
02:06क्या बता वो ठीक हो
02:08जी तोते भिया मैं जाती हूँ
02:11जाकर देखती हूँ कि वो कहां है
02:13गोरी कववी और तोता
02:16एक साथ कालू कववे को ढूंडने जाते हैं
02:20उन्हें वहाँ पर कुवे का एक पर मिलता है
02:24जिसे देखकर गोरी कववी
02:27झोर जोर से रोना शोबाद करती है
02:29इतने में वहाँ उल्लू आ जाता है
02:32अरे क्या बात है भई
02:34क्यों रोँ रहे हो
02:35गोरी कववी ैंलू को साडी बातें
02:40कल अचानक से आई बारिश और तेज तुफान के कारण
02:44मुझे एक क़ूआ दिखा तो था
02:47मगर वो नीचे गिरा और गिर कर कहा चला गया
02:51इसके बारे में मुझे नहीं पता है
02:54मुझे लगता है कि कहीं उसे उस खतरनाक लोमडी ने उठा ना लिया हो
03:00यह बास सुणकर गोरी कवुई परिशान हो जाती है
03:04वे मिलकर उस लोमडी के पास जाती है
03:08लोमडी की गुफा के बाहन छुक कर देखते हैं
03:11कि लोमडी की गुफा से जोरचोर से आवाचे आ रही होती हैं
03:15कालू कवुए की
03:16कालू कोई लोमडी के पास जाती है और कहती है
03:26लोमडी जी लोमडी जी मेरे पती आपके पास कैद है
03:31किरपा करके उन्हें छोड़ दीजीए हमारे छोट छोटे दो अंडे हैं
03:35अभी उनमें से बच्चे आने वाले हैं
03:38मैं उनके पिता को क्या जवाब दूँगी
03:41आओ आओ तुम भी आगी
03:43आज तो फि तुमें भी पकड़ कर खाओंगी मैं
03:46आज तो मेरे यहां दावत है दावत
03:49जिस कारण दावत में सबी मेरे रिस्तेदार आएंगे
03:54और उन रिस्तेदारों को मैं ताजे ताजे पंची खिलाओंगे
03:59उसी में तुमारे कालू क़वा भी है
04:02अव मैं तुमें भी कैद कर लूँगी
04:05और शाम के पार्टी का परबंध
04:09पार्टी में साथ में तुमें बनाओंगी
04:11यह बात सुनकर गोरी क़वी तर जाती है
04:15जैसे ही लोंबडी उसे पकड़ने की कोशिश करती है
04:19सभी बकशी आ जाते हैं
04:21और लोंबडी कोवे है सब मारना सुरु कर देते हैं
04:24जिससे लोंबडी घारिल होके वहां से भाग जाती है
04:28वह सभी कालू क़वे को वहां से अजाद कर लेते हैं
04:32तो ब्यारे बच्चों आपको हमारी ये स्टोरी कैसी लगी
04:37साथी ऐसी और मज़ेदार स्टोरी देखने के लिए
04:39हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल न बोले
04:42ठांक यू फौर वाचिंग