Skip to playerSkip to main content
Welcome to "Rahasyamai Talaab," a spellbinding Hindi story that invites children to unravel the secrets of a mysterious pond. This engaging narrative is crafted to captivate young minds, ensuring they remain enthralled from start to finish. With its blend of adventure and intrigue, this story is perfect for sparking curiosity and encouraging a love for storytelling. Tune in for an unforgettable journey!

#Storytime #KidsAdventure #HindiStories

Category

🎈
Fun
Transcript
00:00इस कहाणी का नाम है रहसस्यमय तालाब
00:04यह कई साल पहले की कहाणी है
00:07भारत के उत्री भाग में
00:09सिन्ग पुरम नाम का एक राज्जय था
00:12उस राज्ज्य के पास जंगल में एक रहस्यमय तालाब था
00:17और उस तालाब की दूसरी और घीरों की एक सुनरी ख़दान थी
00:23जो हमेंशा चमकती रहती थी
00:26वहाँ जाने के लिए इस रहस्यमे तालाब को पार करके जाना पड़ता था
00:33ऐसे कहते थे कि जो कोई उस तालाब से गुजरता था
00:38तब उस व्यक्ती को ललचाने के लिए
00:41तालाब मेंसे उस व्यक्ती के पसंद की सारी चीजे बाहर आने लगती थी
00:47और एक प्यारी हावास उस व्यक्ति को पुकार थी थी
00:52अरे देखो तुम्हारे पसंद के साथ चीज़े तुम्हें मिल जाएगी
01:00बस थोड़ा जुख जाओ और ले लो तुम्हें जो पसंद है
01:06जितना चाहे उतना ले लो सब तुम्हारा ही है
01:12जैसे ही लालच में आकर वह व्यक्ति झुक कर किसी भी चीस को लेने के लिए हाद पढ़ाता था
01:19तो वह तालाब उस व्यक्ति को खीच लेता था और अपने में निगल लेता था
01:27बहुत लोगों ने हीरो की लालच में बहुत प्रयास के
01:31पर हर व्यक्ती उन वस्तुओं के मोह में फ़स गया
01:35और किसी को भी तालाप के दूसरी और जाने में सफलता ही नहीं मिली थी
01:42उस राज्य के राजा को वह हीरो की ख़दान बहुत आकरशित करती थी
01:48उस ते पूरे राज्य में एलां कर दिया
01:51जो कोई तालाप के उस और जाकर खीरे लेकर आएगा
01:56उसे मन चाहाई राम मिलेगा
02:00लेकिन रहस्यमे तालाप की कुख्याती के वज़से
02:04वहां कोई जाने के लिए तैयार ही नहीं हो रहा था
02:10उस राज्य के गाउ में एक गरीब बूरी आउरत
02:13उसके चक्रधर नाम की ज़वान बेटे के साथ रहती थी
02:17चक्रधर एक स्भूर्दिला ज़वान था
02:20और बहुत खोशियार भी था
02:23उसने राजा की बात सुनकर अपना नसीब आस्माने की ठान ली
02:30अपना भविश्य उजवल करनी के लिए उसके पास ये सबसे बहतरीन मौका था
02:37तो चक्रधर मा का आशिरवात लेकर हीरो की तलाश में निकल गया
02:43जेसे ही वन नाम में बैटकर तालाब के बीच में पहुचा
02:47तो हमेशा की तरह अच्छानक तालाब से बहुत सुन्दर कपड़े, जेवरात सब बाहर आने लगे
02:55पर चक्रधर को पता था की अगर वह उन चीजों की तरह आकरशित हो गया
03:02तो वह फस जाएगा और उसका अंतिम लक्ष कभी साथ्य नहीं होगा
03:09तो उसने उन चीजों को अंदेखा कर दिया और सिर्फ आगे बढ़ता रहा
03:15उस तालाब से फिर बाद में पैसे बाहर आने लगे
03:19फिर उसके बाद उस तालाब से बहुत सारे सोने के सिक्के आने लगे
03:25पर फिर भी चक्रधर ने उसे अंदेखा कर दिया
03:30और अपने लक्ष की तरफ आगे ही बढ़ता रहा
03:34थोड़ी समय बाद उस तालाब से वही प्यारी आवाज उसे पुकारने लगी
03:40हरी, ले लो ना, ले लो साख चीजे तुम्हारी है
03:46तुम जिस हीरों की खोज में जा रहे हो ना
03:49इससे कई ही गुना ये चीजे ले कर तुम अमीर बन जाओगे
03:55तिर क्यों इतना कश्ट उठा रहे हो
03:57आगे गए तो बहुत संक्टथ है
04:01तो समझधारी से काम लो
04:03ये पूरा धन इस नाव में रथ कर वापस लोड़ जाओ
04:08इस में ही तुम्हारी भलाई है
04:11नहीं तो आगे बहुत खत्रा है
04:17चक्रधर वो न पैसे का लालज लुबाता है
04:20न कोई खत्रे का डर
04:22वह अपने लक्ष की और आगे ही बढ़ता रहता है
04:26और तालाब को पार कर लेता है
04:30तालाब के उस पार उसे हीरों की ख़दान मिलती है
04:34और चक्रधर वख़दान से बहुत सारे हीरे नाव में रख कर
04:40राज्य में वापस लौटाता है
04:43राजा उन हीरों को देखकर बहुत खुश हो जाता है
04:46और बोलता है
04:48मवाँ अध्भुत
04:50जो राज्य के शूरी ल्योध्धा नहीं कर पाए
04:53वह तुमने कैसे किया
05:05उस पर चक्रधर ने कहा
05:23चक्रधर की बात सुनकर राजा और भी प्रसंद हो गया
05:27और चक्रधर के साहस, सच्चाई, होशियारी
05:32और सेवा भाव को देख कर
05:35उसे उस राज्य का मंत्री नियुक्त कर लिया
05:39तो बच्चों, इस कहानी से
05:42हमें ये सीख मिलती है
05:44कि हमारे लक्ष से
05:46हमें कभी भी भटकना नहीं चाहिए
05:49और दूसरी बात
05:51दूसरों का जो करे भला
05:53उसका भी होता है भला
06:02प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
06:04प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
06:06प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
06:08प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
06:10प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
06:12प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
06:14प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
06:16प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र

Recommended