00:00नाम है जादूई आम
00:03एक गाओं के बगीचे में
00:05एक केशव नाम का लड़का घूम रहा था
00:08उसकी वहाँ पर अचानक भोलू से मुलाकात हो गई
00:12भोलू अनपड तो था पर उसे जादू आती थी
00:16हर रोज भोलू बगीचे में जाता था
00:21और आम के पेड़ के नीचे खड़ा रहकर
00:24एक जादूई मंत्र पढ़ता था
00:28जैसे ही मंत्र खतम हो जाता था
00:31तो तुरंद पूरा पेड़ आम से भर जाता था
00:35अगले ही खशन वे सारे आम पक्कर
00:38अपने आम पेड़ से तूट कर नीचे गिर जाते थे
00:44भोलू कुछ रसीले आम खुद खाता
00:48और बचे हुए आम गरीब गाव वालों में बाढ देता था
00:54इस बात का केशव को बहुत आश्चर्य होता था
00:58एक बार उसने भोलू के पाओ पकड़े और वो बोला
01:03भोलू दादा, भोलू दादा मुझे भी जादूई मन्त्र सिखाओ ना
01:08भोलू केशव को सिखाने के लिए तो तयार हो गया
01:11पर उसने केशव को आगह किया की
01:15केशव तुम इस जादू का प्रियोग नीजी लालच के लिए कभी नहीं कर सकते
01:21और ये मन्त्र तबी तक चलेगा जब तक तुम एक भी जूप नहीं बोलोगे।
01:27ऐसा कहकर भोलू ने केशव को वो मन्त्र सिखाया।
01:31केशव अपने गाव वापस आया और सीधा आम के पेड के नीचे जाके खडा रहा।
01:36और दिन में कई बार उसने वह जादूई मन्त्र पढ़ा जिसकी वज़से उसके पास बहुत सारे आम इकठा हो गये।
01:44फिर उसने वह सारे आम बजार में बेज़ दिये।
01:48और ऐसे करते करते कुछ ही महनों में केशव अमीर आदमी बन गया।
01:53केशव के इस जादूई आमों के बारे में उस राज्य के राजा को खबर मिल गई।
01:58उसने केशव को बुलाया और कहा, केशव तुमने ये जादू कहा से सीखी है।
02:04ये सवाल सुनने के बाद केशव गर्व से फूल गया।
02:07पर वह भोलू के बारे में नहीं बताना चाहता था, तो उसने राजा को जवाब दिया,
02:13राजा मैंने इस जादू को पाने के लिए बहुत दूर एक विश्व विध्यालय में बहुत द्ञानी लोगों के साथ रहकर ये विध्या हासिल की है।
02:24राजा ने केशव से कहा, ठीक है ठीक है, अब हमारे सामने तुम्हारा जादू का मंत्र पढ़ो और चमतकार दिखाओ।
02:34और इसके लिए राजा, राणी और दरबार के प्रतिष्ठत मंत्री सब लोग राजा के खास बगीचे में आ गए।
02:42केशव ने एक बड़ा सा आम का पेड़ चुना और उसने जादूई मंत्र पढ़ा। पर कुछ नहीं हुआ, क्योंकि उसने राजा को जूद बोला था।
02:54केशव शर्मिंदा हो गया और उसने सब सच सच राजा को बता दिया। तो उसपर राजा बोला,
03:01केशव, तुमने लालच की वज़य से ऐसान फरामूश होकर अपने खुद के गुरू को धोका दिया है। तो जाओ और तुम्हारे गुरू से माफी मांगू। अगर उन्होंने तुम्हे माफ कर दिया, तो शायद वापस तुम्हे तुम्हारी जादूई शक्ति मिल जाए
03:31तो बच्चो, कहानी का तात पर यह है कि ना हमें कभी जूद बोलना चाहिए और ना ऐसान फरामूश होना चाहिए