00:00अगर आपके उपर होम लोन है, कार लोन है या आप जल्दी अपना ड्रीम हाउस करीदने की प्लानिंग कर रहे
00:05हैं तो RBI की रेट हाइक आपकी जेपर सीधा असर डालने वाली है जया साथ अक्टूबर 2026 आखिरकार RBI ने
00:15वही किया जिसकी पूरी देश उम्मीद कर रहा था
00:30ने क्या कुछ कहा और केस तरीके से RBI का स्टांस इस पॉलिसी में निकल करके सामने आया है देगे
00:37रिजर्फ बैंक ओफ इंडिया ने रेपूरेट में 25 बिस्स पॉइंट यानि 0.25 परसंट की बढ़ोतरी कर दी है इसके
00:43साथ ही रेपूरेट अब बढ़कर हो गया है पाच �
00:55अब तक जो स्टांस निउट्रिल पर था उसे बदल कर कालिबरेटेट टाइटनिंग कर दिया गया है यानि RBI का फोकस
01:02अब इंफलेशनरी प्रेशोर्स को लेकर ज्यादा सतर कॉशिस रहने और जरूरत के मताबक
01:07मॉनेटरी कंडिशन को टाइटन करने पर है इसके अलावा SDF रेट को 5.25% पर अज़स किया जबकि मार्जिनल
01:14स्टांडिंग फिसलिटी यानि MSF रेंज और बैंक रेट को 5.75% किया गया
01:19RBI Governor सिंजे मलहोत्रा ने ये कहा है कि Global Inflation के तेज बढ़ने का अनुमान है और दुनिया के
01:26कई बड़े Central Banks monetary policy को टाइट कर रहे है
01:29लेकिन सबसे बड़ा सवाल इस समय ये खड़ा होता है कि RBI के इस फैसले का आपके उपर असर क्या
01:34होने वाला है क्या आपके होमलोन की EMI बढ़नी की
01:36क्या Card Loan मेहगा हो जाएगा क्या आपके Loan Tenure में बढ़ोत्री हो जाएगी और दूसरी तरफ अगर देखा जाए
01:42तो क्या FB पर आपको ज्यादा इंट्रेस मिलने वाला है
01:45चलिए के करके सब कुछ आपको यहाँ पर समझाने की कोशिश करते हैं आपके उपर आपके जिंदगी के उपर आपके
01:51बजट के उपर इसका क्या असर होने वाला है
01:53सबसे पहले बात करेंगे RBI के रेपो रेट को लेकर के कि आखिर ये क्यों बढ़ाया गया है
01:58देगे रेपो रेट वो रेट होता है जिस पर कमर्शिल बैंक्स RBI से शॉर्ट तर्म फंड्स बॉरो करते हैं
02:03अब RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंक्स के लिए बॉरोइंग कोस्ट बढ़ेगी और इसका असर आगे चलकर लोन्स के
02:09इंट्रेस रेट पर बढ़ेगा
02:10खास कर फ्लोटिंग रेट लोन्स लेने वाले बॉरोर्स के लिए ये फैसला बहुत इंपोर्टिंट है
02:15अब RBI की सबसे बड़ी चिंता इंफलेशन को लेकर है गवर्नस अंजय मलहुत्रा ने ये कहा है कि ग्लोबल इंफलेशन
02:21के बढ़ने का अनुमान है
02:22ऐसे माहौल में दुनिया के कई बड़े सेंट्रल बैंक्स मॉनेटरी पॉलिसी को टाइट कर रहे है
02:27RBI के मुताबिक, मॉनेटरी पॉलिसी का एक और एहम काम इंफलेशन के सेकंड राउंड एफिक्ट्स को रोपना है
02:32मतलब अगर किसी एक वज़े से प्राइसेस बढ़ जाते हैं और उसके बाद बिजनसेस अपनी बढ़ी हुई लागत को कंज्यूमर्स
02:38तक पहुचाने लगते हैं
02:39तो इंफलेशन पर असर्फ ज्यादा बड़े तरीके से हो सकता है
02:42इसलिए RBI सिर्फ हेडलाइन इंफलेशन को नहीं देख रहा
02:46इंफलेशन एक्सपेक्टेशन का प्राइसिंग बिहेवियर को और इंफलेशन और डिफूजन इंडिसेस जैसे इंडिकेटर्स को भी मॉनिटर किया जा रहा है
02:54RBI ने ये भी कह दिया है कि इंफलेशन कुछ हद तक एलिवेटेड जरूर है लेकिन फिलहाल सप्लाइस साइड प्रेशन
03:01के इंफलेशन पर व्यापक असर के लिमिटेड एविदेंस है
03:04हाला कि energy और दूसरे inputs के production cost में बढ़ोतरी के indirect effects और second round effects को पूरी
03:11तरह अलग करना असान नहीं होगा
03:12क्यानि RBI को ये देखना पढ़ रहा है कि price pressure temporary है या economy में ज्यादा व्यापक तरीके से
03:18फैल सकते हैं
03:19और इसी background में policy stance को neutral से calibrated tightening की तरफ लेकर के जाया गया
03:24लेकिन आपर एक important बात ये कि global uncertainties और inflationary pressures के बावजूद Indian economy की growth मजबूट बनी
03:31हुई है
03:31RBI Governor Sanjay Malhotra ने ये बताया कि domestic economic activity ने global headwinds के बीच resilience दिखाया है
03:38और पहले तिमाही में real GDP growth 7.8% रही है
03:42यानि RBI के सामने एक तरफ growth को support करने की जरुवत है और दूसरी तरफ inflation को control में
03:47रखने की चुनौती
03:48आप आते हैं उस हिस्से पर जो सीध है आपकी जिप से जड़ा हुआ है
03:52मान लेजिए आपके पास 50 लाग रुपे का home loan है जिसका tenure और 25 साल का है और interest
03:57rate है 850
03:58इस rate पर आपकी EMI करीब 38,591 रुपे होती है अब अगर rate 25 basis point बढ़कर 8.25
04:06% हो जाता है तो इसी loan पर EMI करीब 49,417 रुपे हो सकती है
04:25तो मंतली EMI में करीब 1650 रुपे का difference आ सकता है हाला कि यहाँ पर एक बहुत important बात
04:31समिशना ज़रूरी है
04:32बैंक हमिशा interest rate बढ़ने पर EMI को तुरन नहीं बढ़ाता है कई मामलों में बैंक EMI को लगभग सेम
04:37रखकर loan का tenure बढ़ा सकता है
04:40यानि आपके मंतली EMI में बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा लेकिन आपका loan कुछ और महीनों तक चल सकता है
04:45और tenure बढ़ने का मतलब है कि आप ज्यादा समय तक interest पे कर सकते हैं
04:49इसलिए RBI rate high के बाद सिर्फ अपनी EMI चेक मत कीजिएगा
04:52अपनी remaining loan tenure को भी चेक करिएगा
04:55अब अगर आप borrower हैं तो आपको क्या करना चाहिए समझते जाईए
04:59सबसे पहले अपने bank से पूछिए कि आपके loan का अगला reset कब है
05:03और RBI rate high के बाद आपके interest rate कितना होगा
05:06ये भी पता कीजिए कि bank EMI बढ़ा रहा है या फिर tenure बढ़ा रहा है
05:10अगर आपकी financial situation अलाव करती है तो loan tenure बहुत लंबी हो रही है
05:14तो EMI को थोड़ा बढ़ाने का option consider किया जा सकता है
05:18दूसरा तरीका है principal prepayment
05:20आपको हर बर लाखो रुपे प्रीपे करने की जरूरत नहीं है
05:23अगर आपकी income और cash flow अलाव करते हैं
05:25तो साल में एक extra EMI देने जैसी strategy भी
05:29outstanding principal को कम करने में मदद कर सकती है
05:32principal कम होगा तो आगे लगने वाला interest भी कम हो सकता है
05:36और loan जल्दी खत्म हो सकता है
05:37लेकिन prepayment से पहले अपने bank की terms और applicable charges जरूर चेक करिएगा
05:43अब आते हैं इस rate high के दूसरे पहलू पर
05:46FD investors
05:47क्योंकि rate बढ़ने का असर सिर्फ borrowers पर नहीं होता
05:50banks को deposit अट्राक करने के लिए deposit rates में भी बदलाव करना पढ़ सकता है
05:54इसका मतलब है कि आने वाले समय में FD और RD rates में बढ़ूटरी दिखने को मिल सकती है
05:59अगर आपकी FD पहले से lock है तो रेपोरेट बढ़ने से उसका interest rate आम तोर पर तुरन नहीं बदलेगा
06:05लेकिन अगर आपकी FD maturity के करीब है या आपके पास नया पैसा invest करने के लिए है तो higher
06:10rates का फायदा आपको मिल सकता है
06:12खासकर senior citizens और conservative investors के लिए यह important हो सकता है
06:16लेकिन यहाँ भी पूरा पैसा एक ही जगा lock करने के जरूरत नहीं है
06:19अगर आपको लगता है कि आगे rates में और बदलाव हो सकता है तो FD laddering strategy इस्तेमाल की जा
06:25सकती है
06:25मान लेजिए आपके पास FD के लिए एक पैसा है तो पूरी रकम को एक ही 5-year FD में
06:30लगाने के बचाये उसे अलग-अलग हिस्सों में आप बाट सकते है
06:33एक हिस्सा 1-year FD में दूसरा 2-year में और 3-year FD में इसका अलग-अलग समय पर
06:39maturity आपको मिल जाएगी और उस समय के interest rate पर reinvest करने का मौका भी आपके पास रहेगा
06:45तो RBI का ये 25 basis points का rate हाई का आपके लिए सिर्फ एक economic headline नहीं है
06:50अगर आपके उपर floating rate home loan या car loan है तो EMI या tenure पर इसका असर पड़ेगा
06:55अगर आप FD investor हैं तो higher deposit rates आपके लिए opportunity बन सकते हैं
07:00और अगर आप नया home loan लेना जा रहे हैं तो सर्फ EMI देखकर फैसला मत कीचेगा
07:04interest rate, total tenure और पूरे loan में कितना interest देना पड़ेगा इन तीनों को साथ में देखिए
07:09क्योंकि 25 basis point शोटा नंबर जरूर है लेकिन लंबे loan में इसका असर बड़ा हो सकता है
07:14और RBI का policy stance neutral से calibrated tightening होना भी एक संकेत है
07:19कि inflation और global price pressure पर central bank की नजर काफी closely बनी हुई है
07:24अला कि दूसरी तरफ 7.8% की GDP growth ये दिखा रही है कि domestic economy फिलहाल resilience भी
07:29दिखा रही है
07:30इसलिए आने वाले समय में inflation, global central bank actions, energy prices और domestic growth इन सब भी factors पर
07:36नजर रखना बेहत जरूरी होगा
07:38अगर आपके उपर home loan है और आप जानना चाहते हैं कि 25 basis point high के बाद आपकी EMI
07:43कितनी बढ़ सकती है
07:44तो comment में अपना loan amount, current interest rate और remaining tenures दरूर लिखिएगा
07:49हम उसी साब से calculation करके ये समझा देंगे आपको कि आपके loan पर कितना असर बढ़ सकता है
07:54जल्दी से comment कर दीजे कि EMI को लेकर कि आपके मिन में क्या सवाल है