00:00तेवहारों का सीजन शुरू होने वाला है और इसी बीच आम लोगों की जेप पर ब्यास्तरों का बोज पढ़ने की
00:06आशंका है।
00:07रिजब बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी यानि की MPC की तीन दिन की बैठक आज 5 अक्टूबर से शुरू हो
00:14रही है।
00:14इस बैठक में RBI महगाई, आर्थिक विकास, कच्छे तेल की कीमत और बैश्विक ब्यास्तरों समीत कई एहम पहलूओ की समिक्षा
00:23करेगा।
00:23लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार RBI रेपो रेट बढ़ने वाला है।
00:28अगर रेपो रेट में 0.25 50 की बढ़ोतरी हुई तो क्या होम लोन, कार्ड लोन और तूसरे कर्च की
00:35EMI बढ़ जाएगी और अगर ऐसा हुआ तो तेवारों से पहले आम आदमी के बजट पर इसका कितना आसर पड़ेगा।
00:42तो दरसल RBI की 6 सदस्ये MPC की बैठक 5-7 अक्टूबर तक चलेगी और 7 अक्टूबर को गवर्नर संजय
00:49मलहुत्रा मौद्रिक निती का ऐलान करेंगे।
01:12कर तस्मीर बदल दी है। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर RBI इस बार 0.25% की बढ़ोत्री
01:18करता है तो रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो जाएगा या फेरवरी 2023 के बाद
01:27पहली बढ़ोत्री होगी।
01:28रोयटर्स के सर्वे में करीब 60% अर्थसास्त्रियों ने 25 बेसिस वाइंट की बढ़ोत्री का अनुमान जताया है।
01:35वहीं आज के एक अन्य सर्वे में भी जादातर अर्थसास्त्रियों ने रेपो रेट बढ़ाने की उमीद जताई है।
02:05महीने उपर रहे। महंगाई पर दबाव बढ़ने की एक वचा खाद्य और उच्जा कीमतों में तेजी है।
02:11इसके अलामा पश्ची मेशिया में जारी तनाव के कारण कंच्छी तेल की कीमतों में भी तेज उतार चढ़ाव देखने को
02:17मिल रहा है।
02:18भारतिये बास्केट का क्रूड 130 टॉलर प्रतिवेरल के उपर पहुंचने की चिंता भी RBI के सामने है।
02:25मेंगा कच्छा तेल भारत के लिए इसलिए बड़ी चिंता है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्ता आयात करता है।
02:32अगर लंबे समय तक तेल महंगा रहता है तो इसका असर पेट्रॉल डीजल से लेकर ट्रांसपोर्ट और दूसरी वस्तूओं की
02:39लागत पर पढ़ सकता है।
02:40इससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। यही वज़ा है कि RBI के सामने महंगाई को काबू में रखने
02:46की चुनोती और बढ़ गई है।
02:49दूसरी तरफ रुपय की कमजोरी भी केंद्रिय बैंक के लिए चिंता का विशय है।
02:53इस साल डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 6% कमजोर हुआ है। जब रुपया कमजोर होता है तो कच्छे तेल
02:59समेत कई आयातित समान महंगे हो जाते हैं।
03:02साथ ही अमेरिका में ब्यासदरों में बढ़ोत्री से भारत और अमेरिका के बीच ब्यासदरों का अंतर भी प्रभावित होता है।
03:08इससे विद्यसी निवेशकों के लिए भारतिये वाजारों में निवेशका आकर्शन कुछ कम हो सकता है और पूजी के बाहर जाने
03:15का दबाव बढ़ सकता है।
03:17अब आते हैं सबसे एहम सवाल पर कि अगर रेपो रेट बढ़ता है तो आपकी EMI कितनी बढ़ेगी।
03:22इसका सीधा जवाब यह है कि इसका असर आपके लोन की ब्याजदर, बकाया रकम और बची हुई ओधी पर निरभर
03:29करेगा।
03:30खासकर रेपो रेट से जुड़ी फ्लोटिंग रेट वाली ब्याजदर पर होम लोन लेने वाले उपर इसका सीधा असर बढ़ सकता
03:36है।
03:36बैंक रेपो रेट में बदलाव के बाद अपनी लेंडिंग दरों में बदलाव कर सकते हैं।
03:41इसका असर या तो EMI बढ़ने के रूप में दिख सकता है या फिर लोन की बढ़ सकती है।
03:46उधारन के लिए मान लीजिए कि किसी वेक्ती ने 50 लाख रुपए का 20 साल का होम लोन लिया है।
03:52और ब्याजदर 8.5% है। इस स्थिती में EMI करीब 49,391 रुपए बैठती है।
03:59अगर ब्याजदर 0.25% बढ़कर 8.75% हो जाती है तो लोन की ओधी वही रहती है।
04:06तो EMI करीब 44,188 रुपए और बढ़ सकती है।
04:10यानि करीब 800 रुपए महीने का अतरिक्त बोच बढ़ सकता है।
04:14हलाकि यह सिर्फ एक उधारन है।
04:16और बास्टवी कसर बैंक की व्याजदर, लोन की शर्तों और बकाया रकम के हिसाब से अलग होगा।
04:21लेकिन RBI के सामने सिर्फ महंगाई ही मुद्दा नहीं बलकि घरेलू अर्थ्वोस्ता की रफ्तार भी मजबूत बनी हुई है।
04:28ऐसे में केंद्रिये बैंक के पास महंगाई पर नियंतरन के लिए व्यासदरों में बदलाव करने की गुंचाइस बनती है।
04:34रोइटर्स के मुताविक अप्रेल जुन तिमाही में भारत की आर्थिक प्रिधी दर 7.8% रहें।
04:39जिससे ग्रोथ को लेकर तस्बीर फिलहाल कमचोर होती हुई दिख रही है।
04:43हाला कि हर एक्सपर्ट इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं है कि आर्वी आई को लगतार दरे बढ़ानी ही
04:49चाहिए।
04:50कुछ जानकारों का मानना है कि महंगाई अभी आर्वी आई के लक्ष के आसपास ही है और पोर महंगाई 3
04:55% के नीचे बनी हुई।
04:57ऐसे में आर्वी आई एक बार और रेपोरेट को 5.25% पर बनाये रख सकता है और आगे के
05:03फैसले के लिए महंगाई और तेल की कीमतों का रुख देख सकता है।
05:07इसलिए साथ अक्टूबर का फैसला सिर्फ रेपोरेट के आक्रों के लिहाज से नहीं बलकि आर्वी आई के आगे के संकीतों
05:13के लिहाज से भी बहत एहम होगा।
05:16वाजार की नजर अब इस बात पर रहेगी कि अगर आर्वी आई 0.25% की बढ़ोतरी करता है तो
05:21क्या यह सिर्फ एक बार का कदम होगा या फिर आने वाले महीनों में भी व्यासदरें बढ़ सकती है।
05:27कुछ अनुमानों में दिसंबर में भी 25 पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है नोमूरा ने अक्टूबर और
05:32दिसंबर दोनों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है जिससे रेपो रेट 5.75% तक पहुँच
05:39सकती है।
05:40हाला कि यह सिर्फ अभी एक अनुमान है अंतिम फैसला रवी आई की MPC की बैठक में ही होगा।
06:16हाला कि इस पूरे मामले पर आपको क्या लगता है क्या रवी आई इस पर रेट हाइक करेगा या फिर
06:21नहीं अपनी राय कमेंट सक्षन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्केट से जुड़ी तमाम चानकारी
06:27के लिए आप बने रहें गुड रि�