00:00भारतिये रिजब बैंक यानि की RBI अगर ब्याज तरों में बढ़ुतरी करता है तो इसका असर सिर्फ भारत में रहने
00:06वाले लोगों पर ही नहीं परता बलकि विदेश में रहने वाले भारतिये यानि NRI पर भी देखने को मिलता है
00:13खास कर उन NRI के लिए इसका असर महत्पून हो जाता है जिनका पैसा भारत में NRI, NRO या FCNR
00:21खाते में हैं जो भारत में FD कराते हैं या फिर यहाँ प्रोपर्टी और दूसरे निवेश करते हैं लेकिन सवाल
00:28यह है कि अगर RBI रेपो रेट पढ़ाता है तो NRI को फायदा होगा
00:32या फिर नुकसार क्या NRI की FD पर ब्याज बढ़ सकता है क्या डॉलर कमाकर भारत भेजने वालों को फायदा
00:40होगा या फिर रुपए की मजबूती उनके लिए परिशानी बन सकती है और अगर भारत में होम लोन या दूसरे
00:46कर्ज की ब्याज तर बढ़ती है तो इसका NRI की �
00:49पर कितना असर पड़ेगा तो चलिए इस वीडियो में सब कुछ समझने की कोशिश करते हैं इसलिए वीडियो में अंतक
00:55जरूर बने रहिएगा सबसे पहले समझते हैं कि RBI की रेपो रेट पढ़ाने की प्रक्रिया का मतलब क्या होता है
01:01तो रेपो रेट वह दर है जिस पर R
01:04RBI बैंकों को पैसा देता है जब RBI स्थर को बढ़ाता है तो बैंकों के लिए पैसा उधार लेना महंगा
01:10हो सकता है इसका असर आगे चलकर बैंक की जमा और कर्च की ब्याजदरों पर दिखाई दे सकता है यानि
01:16रेपो रेट में बढ़ोतरी होने पर एक तरफ लोन महंगे ह
01:19की संभावना रहती है तो वहीं दूसरी तरफ बैंक चमा यानि की FD पर ब्याजदरे बढ़ाने की दिशा में भी
01:26कदम उठा सकते हैं यहीं से NRI के लिए मामला दिल्चस्प हो जाता है अगर RBI ब्याजदर बढ़ाता है और
01:33बैंक अपनी FD की दरों में भी बढ़ोतरी करते
01:36हैं तो भारत में FD रखने वाले NRI को इसका फायदा मिल सकता है माल लिजिए किसी NRI ने भारत
01:42में 10 लाख रुपए की FD कर रखी है अगर बैंक की ब्याजदर 7% से बढ़कर 7.5%
01:49हो जाती है तो नई दर पर निवेश करने वाले NRI को ज़्यादा ब्याजदर मिल सकता है हाला
02:05कंपनी फंडिंग जरूरत लिक्विडिटी और वाजार की इस्थिती को ध्यान में रखते हुए दरों में बदलाव करते हैं NRI के
02:12लिए NRI और NRO FD की इस्थिती भी अलग हो सकती है इसलिए सिर्फ RVI की दर देखकर निवेश का
02:19फैसलान नहीं करना चाहिए अब सबसे बड�
02:22रुपए पर पढ़ने वाले असर का है NRI के लिए सिर्फ ब्याजतर ही मायने नहीं रखती बलकि डॉलर रुपए की
02:28चाल भी उतनी ही महत्पूर्ण है मान लिजिए कोई NRI अमेरिका में कमाई करता है और हर महीने 1000 डॉलर
02:35भारत भेजता है अगर डॉलर के मुकाबले रुप
02:52यानि FD के ब्याज में फायदा हो सकता है लेकिन रुपए की मजबूती से भारत भेजी जाने वाली रकम का
02:59रुपया मुल्य कम हो सकता है इसलिए NRI के लिए ब्याजदर और मुद्रादर दोनों को साथ देखना जरूरी है अगर
03:06भारत में ब्याजदरें उची रहती है तो �
03:08भारत में रुपए बाले निवीश पर मिलने वाला रिटर्ण आकरशक हो सकता है खास कर उन NRI के लिए जिनके
03:14पास पहले से भारत में रुपए है और जिन्हें उन्हें तुरंत बिदेशी मुद्रा में बदलनी की जरूरत नहीं है इनराई
03:21ने डॉलर को रुपए में बदल
03:35ही है बलकि यह भी देखना होगा कि निवीश की ओधी के दवरान रुपए और उस बिदेशी मुद्रा के पीच
03:41क्या बदला हो सकता है अब बात उन NRI की जिन्होंने भारत में होम लोन ले रखा है या भारत
03:47में प्रोपर्टी खरीदने के लिए लोन लेने की योजना बना र
04:03लिया है और ब्यासदर में बढ़ोतरी होती है तो या तो उसकी EMI बढ़ सकती है या फिर लोन की
04:09ओधी लंबी हो सकती है इसका मतलब या है कि EFT रखने वाले NRI के लिए उची ब्यासदर सकरात्मक हो
04:15सकती है लेकिन लोन लेने वाले NRI के लिए यही बढ़ोतरी लागत बढ�
04:21ARO-KHAATE में भारत में होने वाली AI रखी जाती है।
04:24इसमें किराये की AI, PENSION या भारत में मिलने वाली दूसरी AI शामिल हो सकती है।
04:29अगर BANK जमा पर व्याजदरें बढ़ाते हैं तो ARO-KHAATE में रखी रकम पर व्याजद से फायदा मिल सकता है।
04:36लेकिन ARO-KHAATE की व्याज आए पर टेक्स का पहलू भी महतपूर्ण है।
04:41यानि यहाँ सिर्फ व्याजदर देखना परियापत नहीं है।
04:43ARO-KHAATE को यह भी देखना होगा कि टेक्स कटने के बाद बास्टविक रिटर्न कितना बचता है।
04:49अब बात करते हैं FCNRB डिपोजिट वाले NRI के।
05:19को भी समझना चाहिए।
05:20कई बार भारत में ब्याज जादा दिख सकता है लेकिन अगर निवेश की यौधी में रुपया कमजोर होता है तो
05:26बिदेशी मुद्रा में बास्टविक रिटर्न का हिसाब बदल सकता है।
05:30अब बात भारत की शियर वाजार में निवेश करने वाले NRI की।
05:34ब्याज दर बढ़ने से कमपनियों के लिए कर्च की लागत बढ़ सकती है।
05:37इससे खास कर उन कमपनियों पर दबाव आ सकता है जिन पर जादा कर्च है।
05:42The banking sector is the biggest impact of the company and the customer value of the banking sector.
05:49If the RBI is the risk of the customer value, then the company can be affected by the company and
05:55the company.
05:59This means that the share of the customer value of the NRI should only be affected by the company's business
06:08and the customer value of the company.
06:11So, this question is, is it this question of NRI would be in an event?
06:15So, this question should be two of them.
06:18If NRI would be in FTE or Bank Deposit,
06:22then it would be a good cost to find FTE.
06:25If they would be in a new investment to buy for it,
06:27then the market would be in the future.
06:31If NRI would be in a home loan,
06:33then it would be EMI or pool of cash.
06:37लागत बढ़ सकती है वहीं डॉलर कमाकर भारत भेचने वाले इनराई के लिए रुपए की मजबूती चुनौती बन सकती है
06:43क्योंकि समान डॉलर के बदले कम रुपए मिल सकते हैं इसलिए इनराई के लिए RBI की दर बढ़ोतरी का असर
06:50एक तरफा नहीं है जिसके पास FD है उ
06:55इसके पास होम लोन है उसके लिए अलग और जो हर महीने डॉलर भारत भेजता है उसके लिए तस्वीर अलग
07:01दिखाई देती है सबसे महत्मून बात यह है कि एनराई को ब्याजदर के साथ साथ डॉलर रुपया टैक्स निवेश की
07:08ओधी और पैसे की चरूरत को भी ध्यान म
07:10रखना चाहिए आखिर में आरबी आई की दर बढ़ने से मिलने वाला फायदा सिर्फ जादा ब्याज तक सीमित नहीं है
07:16और नुकसान सिर्फ महंगे लून तक सीमित नहीं है बलकि एनराई के मामले में असली गणीत ब्याजदर मुद्रादर टैक्स और
07:24निवेश की ओधी से
07:25तै होता है तो अब आपसे सवाल है कि अगर आप एनराई है तो आपको क्या लगता है आरबी आई
07:31अगर ब्याज तरे बढ़ाती है तो आपको फायदा होगा या फिर नुकसान अपनी राय कमेंट सक्षन में जरूर बताएं और
07:36ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्के�